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झारखंड में सियासी उबाल: बाबूलाल मरांडी के पोस्ट पर भड़का JMM, FIR दर्ज करने की मांग; ‘दावोस’ पर भी तकरार

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रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। ईडी (ED) कार्यालय में पुलिस की कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इसे भड़काऊ करार देते हुए मरांडी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

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​क्या है विवाद की जड़?

​दरअसल, एयरपोर्ट थाना में ईडी अधिकारियों के खिलाफ मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ था। इसी सिलसिले में गुरुवार को रांची पुलिस की टीम जांच के लिए ईडी दफ्तर पहुंची थी। इस कार्रवाई पर बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया (X) पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए।

​बाबूलाल मरांडी के आरोप: “झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे”

​मरांडी ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरते हुए कई दावे किए:

  • साक्ष्यों से छेड़छाड़: उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस जांच के बहाने ईडी दफ्तर में मौजूद हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार से जुड़े सबूतों को नष्ट किया जा सकता है।
  • सुरक्षा की मांग: उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को टैग करते हुए ईडी कार्यालय पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती की मांग की।
  • कड़ी चेतावनी: उन्होंने लिखा कि वे झारखंड को “बंगाल नहीं बनने देंगे।”

​झामुमो का पलटवार: “टकराव पैदा करना चाहती है भाजपा”

​झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने मरांडी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:

  • आपराधिक मामला: मरांडी का बयान राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच संघर्ष कराने की एक साजिश है। पुलिस को उनके खिलाफ FIR दर्ज करनी चाहिए।
  • भाजपा में गुटबाजी: सुप्रियो ने तंज कसा कि भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के दौरान ही पार्टी की आंतरिक कलह सामने आ गई है और मंच से ही एकजुटता की कमी साफ दिखी।

​मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा पर गर्व

​विवादों के बीच सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्विट्जरलैंड (दावोस) में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने की सराहना की। उन्होंने कहा:

  • ​यह राज्य और देश के लिए सम्मान की बात है।
  • ​मुख्यमंत्री की यूरोप यात्राओं के कारण ही झारखंड के लिए वैश्विक रास्ते खुल रहे हैं।
  • ​लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक झारखंड देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शुमार हो।