चलती ट्रेन में होने वाले अपराध को रोकने के लिए आरपीएफ (रेल सुरक्षा बल) क्राइम मैपिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगी। क्राइम मैपिंग सिस्टम से आरपीएफ को ऐसे अपराधियों को पकड़ने में सहूलियत होगी, जो स्टेशन और ट्रेनों में अपराध करने के बाद से फरार चल रहे हैं।

अपराधियों की फोटो, केस का रिकॉर्ड, उंगलियों के निशान व अन्य जानकारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। इससे फरार अपराधी के वेश भूषा बदलने पर भी स्क्रैच के माध्यम से पहचान करने, उसके ठिकाने का पता लगाने और पकड़ने में आरपीएफ को सहूलियत होगी। रेलवे बोर्ड से आरपीएफ महानिदेशक ने दक्षिण पूर्व जोन के आरपीएफ अफसरों को क्राइम मैपिंग सिस्टम में काम करने की ट्रेनिंग देने का आदेश दिया है।
इससे खड़गपुर में इंस्पेक्टरों को ट्रेनिंग दी गई है, जबकि सब इंस्पेक्टर को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) पोर्टल संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि जांच अधिकारी अपराधियों को तकनीक के माध्यम से पकड़कर अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता का पता लगा सकें। वहीं, एनसीआरबी से अपराधी की प्रवृत्ति या उसके अन्य कांडों को जानने-समझने में जांच अधिकारियों को सहायता मिलेगी। दूसरी ओर, दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के बड़े स्टेशनों पर फेस डिटेक्टर कैमरा लगाने की योजना है। इससे भी क्राइम मैपिंग सिस्टम पर अपलोड जानकारी से अपराधियों की पहचान करने में सुरक्षा जवानों व जांच अधिकारियों को सहूलियत होगी।










