शहर के निजी स्कूल अब विद्यार्थियों के अनुपस्थित होने पर अभिभावपकों को रियल टाइम अलर्ट भेजेंगे। इससे अभिभावकों को बच्चों के स्कूल नहीं पहुंचने की तुरंत जानकारी मिल जाएगी। यह कदम बच्चों को घर में बताए बिना स्कूल बंक करने की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए उठाया गया है।

स्कूलों को यह शिकायत मिल रही थी कि बच्चे घर से स्कूल के लिए निकलते हैं, लेकिन स्कूल न पहुंचकर घूमने निकल जाते हैं और स्कूल की छुट्टी के समय घर चले जाते हैं। इससे अक्सर माता-पिता को पता नहीं चल पाता था कि बच्चा स्कूल गया ही नहीं। अब ऐसे बच्चों को स्कूल बंक करने से रोका जा सकेगा।
अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने इसको लेकर सभी निजी स्कूलों को कदम उठाने को कहा है, ताकि रियल टाइम पर अभिभावकों से बच्चों के परफॉर्मेंस से लेकर उनके अनुशासन को लेकर संवाद किया जा सके। लिटिल फ्लावर स्कूल (एलएफएस) टेल्को समेत शहर के एक-दो स्कूलों ने इसकी शुरुआत कर दी है।

जल्द ही सभी स्कूलों में इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे स्कूल शुरू होने के बाद पहली घंटी में क्लास टीचर के अटेंडेंस लेने के तुरंत बाद कंप्यूटर में प्रेजेंट-अबसेंट का डेटा फीड होते ही कंप्यूटर से ऑटोमेटेड (स्वत:) एक एसएमएस स्कूल में पंजीकृत अभिभावक के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा। उसपर बच्चे के अनुपस्थित रहने की सूचना उपलब्ध होगी। अभिभावकों ने भी स्कूलों के इस कदम का स्वागत किया है। हाल ही में 9वीं व 11वीं में बड़ी संख्या में बच्चों के फेल होने के बाद स्कूल व अभिभावकों के बीच संवादहीनता का मुद्दा उठा था, जिसपर स्कूलों का कहना था कि अभिभावक बच्चों की डायरी तक चेक नहीं करते। इसलिए अब स्कूलों ने एसएमएस पर सूचनाएं भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।












