एक नई सोच, एक नई धारा

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झांसी: एलपीजी संकट के बीच 524 सिलेंडरों से लदा ट्रक चोरी, ₹18 लाख की चपत से हड़कंप

झांसी: एक ओर जहां पश्चिम एशिया और ईरान में बढ़ते तनाव के कारण भारत में ईंधन की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के झांसी से एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। होली के त्योहार और वैश्विक गैस संकट के बीच बेखौफ बदमाशों ने 524 एलपीजी सिलेंडरों से लदा एक पूरा ट्रक पार कर दिया।

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कैसे हुई इतनी बड़ी चोरी?

​यह घटना 2 मार्च की है। जानकारी के अनुसार, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के करारी प्लांट से कानपुर देहात के गजनेर इलाके के लिए 524 सिलेंडरों की डिलीवरी के लिए ट्रक रवाना किया गया था। ट्रक चालक राजकुमार ने होली के कारण ट्रक को प्लांट के बाहर ही खड़ा कर दिया और घर चला गया। इसी का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने पूरा ट्रक गायब कर दिया।

साजिश के तहत वारदात: जीपीएस डिवाइस तोड़ा

​बदमाशों ने इस चोरी को बड़ी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि ट्रक की लोकेशन ट्रेस न हो सके, इसके लिए बदमाशों ने वाहन में लगे जीपीएस (GPS) डिवाइस को तोड़ दिया था। बाद में चोरी हुआ ट्रक झांसी के परीछा थर्मल पावर प्लांट के पास हाईवे किनारे लावारिस हालत में मिला, लेकिन उसमें रखे सभी 524 सिलेंडर गायब थे।

लाखों का नुकसान और बढ़ती चिंताएं

​ट्रक मालिक नीरज अग्रवाल ने सीपरी बाजार पुलिस स्टेशन में मामले की एफआईआर दर्ज कराई है। चोरी हुए सिलेंडरों की अनुमानित कीमत करीब ₹18 लाख बताई जा रही है।

  • अंतरराष्ट्रीय संदर्भ: यह चोरी ऐसे समय में हुई है जब ईरान-इजरायल तनाव के कारण गैस आपूर्ति पर दबाव है।
  • स्थानीय असर: इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों की चोरी ने स्थानीय प्रशासन और गैस एजेंसियों की रातों की नींद उड़ा दी है।

पुलिस की कार्रवाई

​झांसी पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हो गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश कर सिलेंडरों की बरामदगी कर ली जाएगी।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज (झांसी)

ईंधन संकट पर सरकार का बड़ा भरोसा: पीयूष गोयल बोले- ‘देश में तेल और गैस की कोई किल्लत नहीं’

तिरुचिरापल्ली/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत में ईंधन (Fuel) की कोई कमी नहीं है और सरकार आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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‘घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति पर हमारी नजर’

​मीडिया को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर गंभीर संघर्ष चल रहा है, जिससे सप्लाई चेन में बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन भारत सरकार हर बदलाव की बारीकी से समीक्षा कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश भर में ईंधन की उपलब्धता बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग और अधिकारी लगातार घरेलू सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहे हैं।

सरकार ने लागू किया ‘एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट’

​बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) लागू कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को विशेष निर्देश जारी किए हैं:

  • LPG उत्पादन पर जोर: रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे घरेलू रसोई गैस (LPG) का उत्पादन अधिकतम करें।
  • हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम का डायवर्जन: मुख्य हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को LPG पूल में बदलने को कहा गया है ताकि कुकिंग गैस की सप्लाई बनी रहे।

100% सप्लाई का रोडमैप: किसे क्या मिलेगा?

​नए फ्रेमवर्क के तहत सरकार ने प्राथमिकताएं तय कर दी हैं ताकि आम जनता को परेशानी न हो:

  1. घरेलू उपभोक्ता: घरों में इस्तेमाल होने वाली पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की 100% सप्लाई का भरोसा दिया गया है।
  2. इंडस्ट्री सेक्टर: चाय प्रोसेसिंग और गैस ग्रिड से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को उनकी औसत खपत का 80% हिस्सा मिलता रहेगा।
  3. कमर्शियल और फर्टिलाइजर: औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए 80% की सीमा तय की गई है, जबकि फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी औसत खपत का 70% हिस्सा आवंटित किया गया है।
ताइक्वांडो में चमके विष्णु कुमार साहू: स्वर्ण पदक जीतकर जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज का बढ़ाया मान

जमशेदपुर: लौहनगरी के उभरते हुए खिलाड़ी विष्णु कुमार साहू ने मार्शल आर्ट्स की दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में आयोजित ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में विष्णु ने अंडर 74 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज और पूरे शहर को गौरवान्वित किया है।

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मैदान पर दिखा दमदार प्रदर्शन

​प्रतियोगिता के दौरान विष्णु कुमार साहू ने अपनी फुर्ती और सटीक प्रहारों से प्रतिद्वंद्वियों को पस्त कर दिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने तकनीकी श्रेष्ठता दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की। स्वर्ण पदक जीतने के बाद विष्णु की इस उपलब्धि से कॉलेज परिसर और खेल विभाग में जश्न का माहौल है।

सफलता के पीछे का मार्गदर्शन

​विष्णु ने अपनी इस बड़ी जीत का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और अपने गुरुओं को दिया है। इस सफर में उन्हें:

  • कोच महेंद्र मुर्मू: जिनके तकनीकी मार्गदर्शन ने विष्णु के खेल को निखारा।
  • मैनेजर डॉ. पास्कल बेक: जिनका निरंतर सहयोग और प्रबंधन विष्णु के मनोबल को बढ़ाने में सहायक रहा।

कॉलेज प्रबंधन ने दी बधाई

​जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्रबंधन और खेल विभाग ने विष्णु की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है। कॉलेज के शिक्षकों और खेल प्रेमियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विष्णु की यह जीत शहर के अन्य उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

रिपोर्ट: अंकित सिन्हा, जमशेदपुर

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

खाद्य सुरक्षा अलर्ट: एवरेस्ट मसालों में मिला खतरनाक बैक्टीरिया, कई देशों में जांच शुरू

नई दिल्ली: भारत के प्रतिष्ठित मसाला ब्रांड ‘एवरेस्ट’ (Everest Spices) को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए खाद्य गुणवत्ता परीक्षणों में कंपनी के कुछ उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। रिपोर्टों के अनुसार, मसालों के नमूनों में एंटरोबैक्टीरियासी (Enterobacteriaceae) नामक बैक्टीरिया पाया गया है।

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क्या है पूरा मामला?

​विदेशी खाद्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई रैंडम सैंपलिंग में एवरेस्ट के कुछ मसाला पैकेटों में तय सीमा से अधिक बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली है। इस खुलासे के बाद उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। एंटरोबैक्टीरियासी बैक्टीरिया का एक ऐसा समूह है जिसमें ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे हानिकारक तत्व शामिल हो सकते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

संक्रमण का खतरा और लक्षण

​विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ये बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाएं तो निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

  • फूड पॉइजनिंग: पेट में तेज दर्द और मरोड़।
  • पाचन तंत्र पर हमला: लगातार उल्टी, दस्त और तेज बुखार।
  • गंभीर जोखिम: बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह संक्रमण जानलेवा भी हो सकता है।
  • भरोसेमंद स्रोत: हमेशा प्रमाणित और सीलबंद पैकेट ही खरीदें।
  • सही भंडारण: मसालों को हमेशा नमी से दूर, सूखी और ठंडी जगह पर एयरटाइट डिब्बों में रखें।
  • तापमान का ध्यान: खाना बनाते समय मसालों को अच्छी तरह पकाएं ताकि बैक्टीरिया का खतरा कम हो सके।

यह घटना बड़े ब्रांडों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाती है। अब देखना यह होगा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) इस पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि: MGM मेडिकल कॉलेज और ICMR के बीच समझौता, अब AI से होगी बीमारियों की सटीक पहचान

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के नाम आज एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस (NIRDHDS) ने MGM के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

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​गर्व की बात यह है कि झारखंड का यह पहला मेडिकल कॉलेज है, जिसके साथ ICMR ने मेडिकल रिसर्च के लिए ऐसा करार किया है।

डिजिटल हेल्थ और AI से बदलेगी जांच की तस्वीर

​इस समझौते के बाद MGM मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा अनुसंधान के एक नए युग की शुरुआत होगी। अब बीमारियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा।

समझौते की मुख्य बातें:

  • डिजिटल पैथोलॉजी: हिस्टोपैथोलॉजी, साइटोपैथोलॉजी और हेमेटोपैथोलॉजी स्लाइड्स का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
  • सटीक डायग्नोसिस: AI आधारित सपोर्ट सिस्टम के जरिए मेडिकल इमेजेस का विश्लेषण होगा, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर और अधिक सटीकता से हो सकेगी।
  • डेटा साइंस: मरीजों की जांच से जुड़े डेटा का उपयोग भविष्य की रिसर्च और जटिल रोगों के विश्लेषण के लिए किया जाएगा।

डॉक्टरों और छात्रों के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर

​यह समझौता केवल रिसर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अकादमिक क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

  1. संयुक्त रिसर्च प्रोग्राम: कॉलेज के छात्रों और डॉक्टरों को संयुक्त रूप से MD, PhD और पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च करने का मौका मिलेगा।
  2. स्किल डेवलपमेंट: मेडिकल इमेज एनालिसिस और डिजिटल हेल्थ पर विशेष वर्कशॉप, सेमिनार और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
  3. विशेषज्ञों की निगरानी: इस 5 साल के करार के दौरान होने वाले प्रोजेक्ट्स की देखरेख दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों वाली एक संचालन समिति करेगी।

एक्सपर्ट व्यू: झारखंड के लिए मील का पत्थर

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस करार से झारखंड में ‘डिजिटल हेल्थ’ के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यहाँ के मरीजों को बेहतर और तेज डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे इलाज की प्रक्रिया सुगम हो जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

आदित्यपुर: बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में उपभोक्ताओं का हल्लाबोल, JBVNL कार्यपालक अभियंता को सौंपा ज्ञापन

आदित्यपुर: प्रस्तावित Electricity (Amendment) Bill 2025 के खिलाफ अब जन-आंदोलन तेज होने लगा है। मंगलवार, 10 मार्च 2026 को Jharkhand Electricity Consumers Association के एक प्रतिनिधिमंडल ने आदित्यपुर स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के कार्यपालक अभियंता से मुलाकात की और केंद्र सरकार के इस विधेयक के विरोध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।

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आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बोझ: उपभोक्ता संघ

​ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन ने विधेयक के संभावित दुष्परिणामों पर गहरी चिंता व्यक्त की। संघ का मानना है कि:

  • निजीकरण का खतरा: इस विधेयक से बिजली क्षेत्र में अत्यधिक व्यवसायीकरण और निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
  • बढ़ेगी बिजली की दरें: निजी कंपनियों के प्रभुत्व से आम उपभोक्ताओं, मध्यम वर्ग और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
  • हितधारकों की अनदेखी: संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को लाने से पहले उपभोक्ताओं या किसानों से कोई व्यापक परामर्श नहीं किया है।

उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखने की मांग

​संगठन के महासचिव K. Venugopal Bhatt ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “बिजली कोई विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि एक आवश्यक सेवा है। सरकार को इसे लाभ कमाने का जरिया बनाने के बजाय उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।” उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए और सभी पक्षों के साथ चर्चा की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

​इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान लगभग दो दर्जन लोग उपस्थित थे। मुख्य रूप से आशीष धर, लिली दास, मौसुमी मित्रा, विष्णु देव गिरी, बिपिन मंडल, संतोष कुमार और भास्कर गुप्ता सहित कई सक्रिय सदस्य शामिल हुए।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: प्रतिष्ठित XLRI को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक बिष्टुपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान XLRI – Xavier School of Management को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। एक अज्ञात ई-मेल के जरिए मिली इस धमकी के बाद संस्थान और पूरे शहर में हड़कंप मच गया है।

एसएसपी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई

​संस्थान प्रबंधन को जैसे ही धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, इसकी सूचना तुरंत वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे को दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर बिष्टुपुर पुलिस के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।

कैंपस खाली कराया गया, सघन तलाशी जारी

​सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे एक्सएलआरआई कैंपस को अपने घेरे में ले लिया है। एहतियातन उठाए गए कदम:

  • निकासी: कैंपस के अंदर मौजूद छात्रों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
  • घेराबंदी: पूरे परिसर को सील कर दिया गया है और जांच पूरी होने तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
  • सर्च ऑपरेशन: बम निरोधक दस्ता एक-एक ब्लॉक, क्लासरूम और हॉस्टल की सघन जांच कर रहा है।

साइबर सेल खंगाल रही है ई-मेल का सोर्स

​पुलिस की साइबर सेल सक्रिय हो गई है और धमकी भरे ई-मेल के आईपी (IP) एड्रेस और ओरिजिन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

​देश के कोने-कोने से छात्र यहाँ पढ़ने आते हैं, ऐसे में इस खबर के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। हालांकि, जिला प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

बहरागोड़ा में बड़ी बैंक डकैती: केनरा बैंक से दिनदहाड़े 15 लाख की लूट, ग्राहकों को बंधक बना बाहर से जड़ा ताला

बहरागोड़ा: झारखंड के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत साकरा स्थित केनरा बैंक में मंगलवार को अपराधियों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। दोपहर लगभग 1:45 बजे आधा दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में धावा बोलकर करीब 15 लाख रुपये लूट लिए। अपराधियों ने न केवल नकदी पर हाथ साफ किया, बल्कि बैंक कर्मियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर उनसे मोबाइल और गहने भी छीन लिए।

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फिल्मी अंदाज में दी वारदात को अंजाम

​जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:40 बजे 5 से 6 लुटेरे बैंक पहुंचे। उनके पास देसी कट्टा और कटारी जैसे घातक हथियार थे।

  • बंधक बनाया: बैंक के अंदर घुसते ही लुटेरों ने स्टाफ और वहां मौजूद 6-7 ग्राहकों को गनपॉइंट पर ले लिया और सबके मोबाइल फोन छीन लिए।
  • लूटपाट: लुटेरों ने कैश काउंटर से लगभग 7 लाख और तिजोरी से 8 लाख रुपये निकाल लिए।
  • गहनों की लूट: लुटेरों ने सहायक प्रबंधक सौरभ वर्मा के गले की सोने की चेन और अंगूठी भी लूट ली। जब उन्होंने गोल्ड लॉकर के बारे में पूछा, तो प्रबंधक ने बताया कि ग्रामीण बैंक होने के कारण यहाँ लॉकर की सुविधा नहीं है।

मैनेजर की सूझबूझ: बच गई सीसीटीवी की हार्ड डिस्क

​लूट के दौरान एक अपराधी ने शाखा प्रबंधक नानाजी राव के सिर पर बंदूक सटाकर सीसीटीवी की हार्ड डिस्क मांगी। प्रबंधक ने चालाकी दिखाते हुए इंटरनेट राउटर (इंटरनेट बॉक्स) की ओर इशारा कर दिया। लुटेरे झांसे में आ गए और इंटरनेट बॉक्स का तार काटकर उसे ही हार्ड डिस्क समझकर साथ ले गए। इस चतुराई की वजह से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित बच गया है, जो अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग है।

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बाहर से ताला लगाकर फरार हुए अपराधी

​वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने सभी बंधकों को अंदर ही छोड़ दिया और बाहर से मेन गेट पर ताला जड़कर साकरा चौक (चित्रेश्वर रोड) होते हुए बाइक से फरार हो गए। अपराधियों ने जाते समय लूटे हुए मोबाइल फोन साकरा चौक के पास खेतों में फेंक दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी आपस में बांग्ला में बात कर रहे थे, जिससे उनके बंगाल की ओर भागने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई: कटर से काटा गया ताला

​सूचना मिलने पर बहरागोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और गैस कटर से गेट का ताला काटकर अंदर फंसे कर्मियों और ग्राहकों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की गंभीरता को देखते हुए घाटशिला डीएसपी अजीत कुमार कुजूर ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

“हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। अपराधियों के भागने के रूट पर नाकेबंदी कर दी गई है। जल्द ही गिरोह को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

अजीत कुमार कुजूर, डीएसपी, घाटशिला

सुरक्षा पर बड़ा सवाल

​ग्रामीण क्षेत्र के इस बैंक में प्रतिदिन 60 से 100 ग्राहक आते हैं, इसके बावजूद यहाँ सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती नहीं थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बहरागोड़ा में दिनदहाड़े इस तरह की लूट की यह पहली घटना है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

इंडिगो में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: CEO पीटर एल्बर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया संभालेंगे कमान

नई दिल्ली: भारतीय विमानन क्षेत्र की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने मंगलवार को हुई एक संक्षिप्त बैठक में उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

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इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण: ‘ऑपरेशनल फेलियर’ और भारी जुर्माना

​एविएशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि पीटर एल्बर्स का यह अचानक लिया गया फैसला हाल के महीनों में इंडिगो द्वारा झेले गए संकटों का नतीजा है।

  • 3 लाख यात्री हुए थे परेशान: लगभग तीन महीने पहले इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान आया था, जिससे देशभर में करीब 3 लाख यात्री अधर में फंस गए थे।
  • DGCA की कड़ी कार्रवाई: इस परिचालन संबंधी विफलता के बाद विमानन नियामक DGCA ने सख्त रुख अपनाते हुए इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया था। माना जा रहा है कि इस विनियामक और प्रशासनिक दबाव के कारण ही एल्बर्स को पद छोड़ना पड़ा।

मैनेजमेंट में बदलाव की मुख्य बातें:

  1. औपचारिक विदाई: पीटर एल्बर्स आज, 10 मार्च 2026 को कार्य समय समाप्त होने के बाद आधिकारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे।
  2. अंतरिम कमान: उनके जाने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल भाटिया अंतरिम रूप से इंडिगो के संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे।
  3. बोर्ड मीटिंग का विवरण: कंपनी के अनुसार, बोर्ड की बैठक शाम 5:30 बजे शुरू हुई और मात्र 15 मिनट के भीतर (5:45 बजे) इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।

सेबी (SEBI) के नियमों का पालन

​कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव सेबी (SEBI) के मास्टर सर्कुलर के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी और आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।

​पीटर एल्बर्स के इस अचानक इस्तीफे ने भारतीय एविएशन सेक्टर में हलचल मचा दी है, क्योंकि इंडिगो वर्तमान में भारतीय आकाश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है। अब देखना यह होगा कि राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी इस चुनौतीपूर्ण दौर से कैसे बाहर निकलती है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: रामनवमी अखाड़ा समिति ने प्रशासन से की मांग— विसर्जन घाट हों दुरुस्त, सड़कों से हटे बिजली और ऑप्टिकल तारों का जाल

जमशेदपुर: शहर में आगामी रामनवमी, चैती छठ और गणगौर विसर्जन के सफल आयोजन को लेकर जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति ने कमर कस ली है। मंगलवार को समिति का एक मुख्य प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से मिला और उत्सव के दौरान होने वाली समस्याओं के समाधान हेतु एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।

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190 स्थानों पर होगा महोत्सव, 12 घाटों पर विसर्जन

​बैठक के बाद जानकारी साझा करते हुए अरुण सिंह ने बताया कि इस वर्ष जमशेदपुर के लगभग 190 स्थानों पर रामनवमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाना है। इसके अतिरिक्त:

  • 16 स्थानों पर वासंती दुर्गा पूजा आयोजित होगी।
  • दोमुहानी घाट (सोनारी) और स्वर्णरेखा घाट (साकची) में चैती छठ महापर्व संपन्न होगा।
  • 21 मार्च को मारवाड़ी समाज की महिलाओं द्वारा ईसर-गौरी की प्रतिमाओं का विसर्जन (गणगौर पूजन समापन) किया जाएगा।
  • 28 मार्च को शहर के 12 प्रमुख विसर्जन घाटों पर रामनवमी अखाड़ों का विसर्जन होगा।

प्रशासन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:

1. तारों का जाल और अतिक्रमण:

कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी ने मांग की कि सडकों के ऊपर बिछे ऑप्टिकल फाइबर और बिजली के तारों के जाल को व्यवस्थित किया जाए, क्योंकि बड़े झंडे ले जाते समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। साथ ही, श्रमिक एकता बजरंग अखाड़ा (पाडी) के पूजन स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की अपील की गई।

2. घाटों की सफाई और पानी का स्तर:

समिति ने मांग की है कि चैती छठ और विसर्जन को देखते हुए घाटों की बेहतर सफाई कराई जाए। साथ ही, विसर्जन के दिन चांडिल डैम से पानी छोड़कर नदी का जल स्तर बढ़ाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

3. सरल लाइसेंस प्रक्रिया:

विहिप के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने प्रशासन से आग्रह किया कि रामनवमी अखाड़ा विसर्जन हेतु लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि समितियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

4. पार्किंग और निर्माण सामग्री पर रोक:

विसर्जन मार्ग पर अवैध कार पार्किंग और सड़क पर रखी निर्माण सामग्री (बालू, गिट्टी आदि) को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि विसर्जन जुलूस निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

​SDO के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी, महासचिव प्रवीण सेठी, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष दिलजय बोस और बजरंग दल संयोजक चंदन दास उपस्थित थे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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