एक नई सोच, एक नई धारा

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तीसरी धारा न्यूज: बजट 2026-27 का विशेष रोडमैप

झारखंड की ‘विभूतियों’ को अब आर्थिक सुरक्षा: पद्म पुरस्कार विजेताओं को मिलेगी सम्मान राशि; खिलाड़ियों के लिए पेंशन और इको-टूरिज्म पर हेमंत सरकार का बड़ा दांव

रांची | विशेष संवाददाता

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार राज्य के मान-सम्मान को बढ़ाने वाले विशिष्ट नागरिकों और खिलाड़ियों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। आगामी बजट में पद्म पुरस्कार विजेताओं के लिए सम्मान राशि का प्रावधान किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाली हस्तियों को आर्थिक चुनौतियों का सामना न करना पड़े।

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सम्मान राशि: कला, खेल और समाज सेवा का कद्रदान

​पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार ने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानव संसाधन को सशक्त बनाने के लिए बजटीय उपबंध किए जाएं। इस पहल का सीधा लाभ झारखंड के उन रत्नों को मिलेगा जिन्होंने सीमित संसाधनों में शिखर तक का सफर तय किया है।

राज्य की प्रमुख हस्तियां जो इस दायरे में आएंगी:

  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन (पद्म भूषण)
  • महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका कुमारी (खेल जगत)
  • प्रेमलता अग्रवाल (पर्वतारोहण)
  • छुटनी महतो, जमुना टुडू और साइमन उरांव (समाज सेवा एवं पर्यावरण)
  • शशधर आचार्य और डॉ. रामदयाल मुंडा (कला एवं संस्कृति)

खिलाड़ियों के लिए ‘पेंशन कवच’ का विस्तार

​सरकार ने केवल पद्म विजेताओं ही नहीं, बल्कि ओलंपियन और राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं के लिए भी पेंशन योजना के विस्तार का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों में भविष्य के प्रति सुरक्षा का भाव पैदा करना है ताकि वे बिना किसी आर्थिक चिंता के केवल अपने प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

इको-टूरिज्म: प्रकृति की गोद में बसेंगे ‘बैम्बू हाउस’

​बजट 2026-27 में पर्यटन को उद्योग की तरह विकसित करने पर फोकस रहेगा। झारखंड की प्राकृतिक संपदा को विश्व पटल पर लाने के लिए इको-टूरिज्म की तर्ज पर विकास होगा:

  • प्रमुख स्थल: दलमा, पलामू टाइगर रिजर्व और नेतरहाट में सुविधाओं का विस्तार।
  • बैम्बू हाउस: पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने के लिए दलमा की तर्ज पर अन्य स्थलों पर भी बांस के घरों (Bamboo Houses) का निर्माण होगा।
  • वाटरफॉल टूरिज्म: राज्य के प्रपातों (Falls) के पास बुनियादी ढांचा सुधारा जाएगा।
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तीसरी धारा न्यूज: स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

RIMS की बदहाली: अल्ट्रासाउंड की फिल्म खत्म, जूनियर डॉक्टर हाथ से लिख रहे रिपोर्ट; मरीजों की जान और जेब दोनों पर संकट

रांची | विशेष संवाददाता

झारखंड के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान रिम्स (RIMS) में इन दिनों मरीजों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीनें तो चल रही हैं, लेकिन जांच फिल्म (प्रिंट शीट) खत्म होने के कारण मरीजों को रिपोर्ट का प्रिंट नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि जूनियर डॉक्टर सादे कागज पर हाथ से लिखकर रिपोर्ट दे रहे हैं, जिसकी विश्वसनीयता और स्पष्टता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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हाथ से लिखी रिपोर्ट: न डॉक्टर समझ पा रहे, न मरीज

​अस्पताल सूत्रों के अनुसार, फिल्म की अनुपलब्धता के कारण रिम्स और सदर अस्पताल में प्रतिदिन होने वाली 200 से अधिक जांचों का कोई विजुअल रिकॉर्ड मरीजों को नहीं मिल रहा है।

  • सेकेंड ओपिनियन में बाधा: जब मरीज किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के पास हाथ से लिखी रिपोर्ट लेकर जाते हैं, तो तस्वीर (फिल्म) न होने के कारण डॉक्टर बीमारी की गंभीरता को सही से समझ नहीं पाते।
  • गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को कष्ट: पेट, किडनी और आंत की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को भी इस अव्यवस्था के कारण बार-बार दौड़ना पड़ रहा है।

गरीबों की जेब पर भारी पड़ रही सरकारी ‘मुफ्त’ जांच

​रिम्स में मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब मरीजों को अब मजबूरी में निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।

  • निजी केंद्रों की चांदी: निजी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड के लिए 800 से 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
  • आर्थिक बोझ: जो मरीज रिम्स इसलिए आए थे कि पैसे बचेंगे, उन्हें अब अपनी जमा-पूंजी बाहर खर्च करनी पड़ रही है।

अव्यवस्था पर फूटा मरीजों का गुस्सा

​मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि यह समस्या काफी दिनों से बनी हुई है। जांच सेंटर पर रोज बहस और हंगामा होता है, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द फिल्म की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि गरीबों का इलाज सुलभ हो सके।

तीसरी धारा कड़ा सवाल: क्या यही है हाई-टेक रिम्स?

​एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और हाई-टेक बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में एक अदद ‘प्रिंट शीट’ न होना प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करता है। क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं?

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तीसरी धारा न्यूज: चुनावी दंगल

रांची नगर निगम चुनाव: एक तरफ शादी और बीमारी के बहाने ‘ड्यूटी’ से दूरी, दूसरी तरफ वार्डों में ‘आधी आबादी’ की बुलंद आवाज

रांची | मुख्य संवाददाता

रांची नगर निगम चुनाव की रणभेरी बजते ही शहर में दो अलग-अलग तस्वीरें उभर रही हैं। एक ओर जिला प्रशासन चुनावी ड्यूटी के लिए 5500 कर्मियों को साधने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर शहर की गलियों में विकास और बदलाव की बयार बह रही है।

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कार्मिक कोषांग में आवेदनों की बाढ़: “साहब! शादी है, पैर में दर्द है”

​प्रशासनिक गलियारों में चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए कर्मियों ने अजीबो-गरीब दलीलें दी हैं। कार्मिक कोषांग के पास आए आवेदनों में स्वास्थ्य और निजी कारणों की भरमार है:

  • मेडिकल बहाने: सबसे ज्यादा आवेदन ऑर्थोपेडिक (हड्डी) समस्याओं के हैं। गठिया और जोड़ों के दर्द का हवाला देकर ड्यूटी से छूट मांगी गई है। इसके अलावा न्यूरो और हार्ट पेशेंट होने के दावे भी किए गए हैं।
  • शादी का सीजन: कई कर्मियों ने अपनी स्वयं की शादी का कार्ड संलग्न कर चुनावी जिम्मेदारी से मुक्ति मांगी है।
  • परीक्षा ड्यूटी: लगभग 1000 कर्मियों को परीक्षा ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर छूट दे दी है।

​प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त बैकअप बल मौजूद है और गंभीर मामलों की जांच के बाद ही राहत दी जा रही है।

वार्डों में ‘विमर्श’ और ‘भितरघात’ का डर

​शहर के सभी 53 वार्डों में माहौल गरमा गया है। महापौर (मेयर) पद के प्रत्याशी हर वार्ड में अपना मजबूत आधार तलाश रहे हैं।

  • गुप्त बैठकें: प्रत्याशी अब रणनीतिक हो गए हैं। दिनभर जनसंपर्क के बाद रातों को ‘भितरघातियों’ से बचने के लिए गुप्त बैठकें की जा रही हैं। विश्वसनीय साथियों के साथ वोटों के समीकरणों और आंकड़ों पर चर्चा हो रही है।
  • रणनीति: कई उम्मीदवारों ने संदिग्ध समर्थकों से दूरी बना ली है ताकि उनकी गोपनीय कार्ययोजना लीक न हो।

महिलाओं का संकल्प: “पिछलग्गू नहीं, लीडर बनें”

​इस बार वार्ड पार्षदों की रेस में महिला प्रत्याशियों का दबदबा दिख रहा है। वार्ड की युवतियों और महिलाओं के बीच एक स्पष्ट संदेश है:

“नई पार्षद सिर्फ पुरुषों के पीछे चलने वाली (पिछलग्गू) न हों। वे खुद निर्णय लें, मोहल्ले की समस्याओं पर स्टैंड लें और महिलाओं की आवाज बनकर मिसाल कायम करें।”

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तीसरी धारा न्यूज: अभेद्य होगी कोर्ट की सुरक्षा

जमशेदपुर कोर्ट अब ‘नो पास, नो एंट्री’: हाईकोर्ट के आदेश पर लागू हुआ डिजिटल सुरक्षा कवच; उपेंद्र सिंह हत्याकांड जैसी घटनाओं पर लगेगा अंकुश

जमशेदपुर | विधि संवाददाता

झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब राज्य के न्यायालय परिसरों को छावनी में बदलने और तकनीक से लैस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जमशेदपुर कोर्ट अब आम लोगों के लिए ‘अभेद्य’ होगा। अब बिना डिजिटल पास के परिसर में परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम (VMS) को धरातल पर उतारा जा रहा है।

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जैक-आईटी का ‘आरएफआईडी’ कवच

​यह आधुनिक प्रणाली जैप-आईटी (JAP-IT) की टीम द्वारा विकसित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को दो स्तरों पर बांटा गया है:

  1. अधिवक्ता एवं कर्मचारी: कोर्ट आने वाले वकीलों, न्यायिक कर्मियों और स्टाफ के लिए आरएफआईडी (RFID) कार्ड जारी किए जाएंगे। इस कार्ड को स्कैन करते ही गेट स्वतः खुल जाएगा।
  2. आम नागरिक: मुवक्किलों और आम लोगों के लिए ई-पास अनिवार्य होगा। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा रहा है, जहाँ केस की जानकारी देकर पास लिया जा सकेगा।

प्रथम चरण में जमशेदपुर समेत 5 जिले शामिल

​हाईकोर्ट ने पहले चरण में राज्य के पांच संवेदनशील और बड़े जिलों का चयन किया है:

  • ​रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग और देवघर। इन जिलों में सफलता मिलने के बाद इसे पूरे झारखंड में लागू किया जाएगा।

क्यों पड़ी इस कड़े सिस्टम की जरूरत?

​जमशेदपुर कोर्ट परिसर पूर्व में कई रक्तरंजित और डरावनी घटनाओं का गवाह रहा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे:

  • 30 नवंबर 2016: गैंगस्टर उपेंद्र सिंह की बार एसोसिएशन भवन में 14 राउंड फायरिंग कर सरेआम हत्या कर दी गई थी।
  • 28 जनवरी 2023: कुख्यात अखिलेश सिंह गिरोह का गुर्गा अंशु चौहान लोडेड पिस्तौल के साथ परिसर के भीतर पकड़ा गया था।

VMS से क्या बदलेगा?

  • डिजिटल रिकॉर्ड: हर व्यक्ति का प्रवेश और निकास समय सर्वर पर दर्ज होगा।
  • भीड़ पर नियंत्रण: अनावश्यक घूमने वाले और संदिग्ध तत्वों की पहचान आसान होगी।
  • त्वरित निगरानी: सुरक्षा एजेंसियां एक क्लिक पर जान सकेंगी कि वर्तमान में कोर्ट के अंदर कितने और कौन लोग मौजूद हैं।
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तीसरी धारा न्यूज: भक्ति और शौर्य का संगम

शहीद बाबा दीप सिंह जी के जयकारों से गूंजा एग्रिको: शहीदी दिहाड़े पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अमृतसर से आए रागी जत्थों ने किया निहाल

जमशेदपुर | धार्मिक ब्यूरो

‘धन-धन बाबा दीप सिंह जी’ के शहीदी दिहाड़े के अवसर पर एग्रिको स्थित ट्रांसपोर्ट मैदान में दो दिवसीय भव्य कीर्तन दरबार का शुभारंभ सोमवार को हुआ। जमशेदपुर की सिख संगत ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पहले दीवान में अपनी हाजिरी भरी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

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कीर्तन और कथा से महका दरबार

​सजे हुए दीवान में अमृतसर के दरबार साहिब और अन्य पवित्र स्थलों से आए महान रागी जत्थों और विद्वानों ने संगत को गुरुबाणी और इतिहास से जोड़ा:

  • भाई अमनदीप जी (माता कौलां जी, अमृतसर): इनके मधुर कीर्तन ने संगत को भाव-विभोर कर दिया।
  • भाई बनता सिंह जी (कथा वाचक): उन्होंने बाबा दीप सिंह जी के अदम्य साहस और शहादत की गाथा सुनाते हुए बताया कि कैसे बाबा जी ने शीश हथेली पर रखकर धर्म की रक्षा की।
  • बीबी अमनदीप कौर (पटना साहिब): उनकी व्याख्या और स्थानीय रागियों के कीर्तन ने दरबार में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी।

बाबा दीप सिंह जी की जीवनी: प्रेरणा का स्रोत

​कथा के दौरान बाबा दीप सिंह जी के जीवन पर प्रकाश डाला गया कि कैसे 75 वर्ष की आयु में उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब को आजाद कराने का संकल्प लिया और अपनी अद्वितीय वीरता से मुगल सेना के छक्के छुड़ा दिए।

सितारामडेरा गुरुद्वारा कमेटी का आभार

​आयोजन की कमान संभाल रही सितारामडेरा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पहले दिन के सफल आयोजन पर खुशी जाहिर की। कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा:

​”जमशेदपुर की संगत का उत्साह सराहनीय है। हम सभी का दिल से शुकराना (धन्यवाद) करते हैं और अपील करते हैं कि बाकी के तीनों दीवानों में भी इसी तरह बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें।”

आगामी कार्यक्रम की जानकारी

  • स्थान: ट्रांसपोर्ट मैदान, एग्रिको।
  • विशेष: लंगर की अटूट व्यवस्था और गुरुबाणी का निरंतर प्रवाह।
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तीसरी धारा न्यूज: नारी शक्ति का सम्मान

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘सम्मानित’ होंगी समाज की बेटियां: मानवाधिकार संगठन ने कसी कमर, आदित्य एशियाना में हुई अहम बैठक

आदित्यपुर | ब्यूरो रिपोर्ट

आगामी 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के भव्य आयोजन को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अपराध रोधी संगठन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंगलवार को आदित्यपुर स्थित ‘आदित्य एशियाना’ परिसर में संगठन की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़े फैसले लिए गए।

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समाज की ‘प्रेरणापुंज’ महिलाओं को मिलेगा सम्मान

​संगठन की झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अर्चना सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस बार महिला दिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि समाज की उन महिलाओं को मंच देने का जरिया बनेगा जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य किए हैं।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • सम्मान समारोह: शिक्षा, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में नाम रोशन करने वाली महिलाओं को मेमेंटो एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा।
  • जागरूकता अभियान: कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके विधिक और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
  • चयन प्रक्रिया: योग्य महिलाओं की पहचान के लिए संगठन के सदस्यों की एक विशेष टीम बनाई गई है जो जल्द ही सूची फाइनल करेगी।

सौंपी गई जिम्मेदारियाँ, मिले बहुमूल्य सुझाव

​कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए पदाधिकारियों के बीच कार्य विभाजन किया गया। बैठक में पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​संगठन की सक्रिय सदस्य गीता सिंह, फातिमा शाहीन, बी. लक्ष्मी, पुष्पराज और रवि ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। प्रदेश अध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहा कि महिलाओं को प्रोत्साहित करना ही समाज को सशक्त बनाने की पहली सीढ़ी है।

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तीसरी धारा न्यूज: खेल के मैदान से महा-अपडेट

IND vs PAK: पाकिस्तान सरकार का यू-टर्न! 15 फरवरी को कोलंबो में होगा ‘महामुकाबला’, शहबाज सरकार ने वापस लिया मैच न खेलने का आदेश

कोलंबो/इस्लामाबाद | स्पोर्ट्स डेस्क

क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी राहत की खबर है! भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी 2026 को होने वाले टी20 विश्व कप के मुकाबले पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने अपना पिछला फैसला बदलते हुए टीम को भारत के खिलाफ मैदान पर उतरने की हरी झंडी दे दी है।

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बैठक के बाद बदला फैसला

​रविवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC), पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। इस चर्चा के बाद पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया कि उनकी टीम तय शेड्यूल के अनुसार ही खेलेगी।

सरकार ने फैसले के पीछे दिए ये तर्क:

  • दोस्ताना देशों का दबाव: पाकिस्तान सरकार के अनुसार, श्रीलंका, यूएई और अन्य सदस्य देशों ने उनसे अपना फैसला बदलने का आग्रह किया था।
  • लीडरशिप की मांग: पाकिस्तान ने दावा किया कि अन्य देशों ने क्रिकेट की हालिया चुनौतियों के समाधान के लिए पाकिस्तान से नेतृत्व (Leadership) दिखाने की अपील की थी।
  • औपचारिक अनुरोध: बीसीबी (BCB) द्वारा भेजे गए औपचारिक अनुरोधों के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मैच खेलने का आदेश जारी किया।

15 फरवरी: कोलंबो में थमेगी दुनिया की रफ्तार

​टी20 विश्व कप 2026 का यह सबसे हाई-वोल्टेज मुकाबला श्रीलंका की धरती पर खेला जाएगा। पाकिस्तान की टीम हाइब्रिड मॉडल के तहत अपने मैच श्रीलंका में खेल रही है।

मैच की पूरी जानकारी:

  • तारीख: 15 फरवरी 2026
  • स्थान: आर. प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो
  • समय: शाम 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार)
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तीसरी धारा न्यूज: चुनावी सरगर्मी के बीच न्यायिक विवाद

फरार होकर भी मैदान में! वार्ड 32 की प्रत्याशी ममता देवी पर गैर-जमानती वारंट और कुर्की का आदेश, फिर भी कर रहीं चुनाव प्रचार

जमशेदपुर | मुख्य संवाददाता

जमशेदपुर के वार्ड नंबर 32 में पार्षद चुनाव के बीच एक बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव लड़ रही प्रत्याशी ममता देवी और उनके पति विनय सिंह के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट और कुर्की (धारा 82/83) का आदेश प्रभावी होने के बावजूद, उनकी गिरफ्तारी न होना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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क्या है मामला? (मुकदमा संख्या: C1 539/15)

​यह पूरा मामला ₹3,00,000 के चेक बाउंस से जुड़ा है, जो सेवानिवृत्त डीएसपी अशोक कुमार सिंह द्वारा दर्ज कराया गया था। पिछले 10 वर्षों से यह मामला जमशेदपुर न्यायालय में लंबित है, जिसमें आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने कई कड़े आदेश जारी किए हैं:

तिथिअदालती कार्रवाई / आदेश
19 जून 2015गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी
01 अगस्त 2016धारा 82 (फरारी की उद्घोषणा)
30 अगस्त 2017धारा 83 (संपत्ति की कुर्की का आदेश)
14 फरवरी 2023एसपी (SP) को आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पत्र
13 नवंबर 2025थाना प्रभारी को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause)

पुलिस की भूमिका पर कोर्ट सख्त

​हैरानी की बात यह है कि जिस प्रत्याशी के खिलाफ कुर्की जब्ती तक के आदेश जारी हैं, वह न केवल क्षेत्र में घूम रही हैं बल्कि वार्ड 32 से पार्षद पद के लिए नामांकन भी दाखिल कर चुकी हैं। इस लापरवाही पर माननीय न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है कि आखिर अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

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25 फरवरी 2026: अगली सुनवाई पर टिकी नजरें

​माननीय न्यायालय रिचेस कुमार (प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी, जमशेदपुर) की अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी 2026 को होनी है। कोर्ट ने आरोपियों को उपस्थिति हेतु अंतिम निर्देश दिए हैं।

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तीसरी धारा का सवाल: कानून से ऊपर कौन?

​एक तरफ प्रशासन निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर ‘फरार’ घोषित प्रत्याशी का खुलेआम चुनाव लड़ना चुनावी प्रक्रिया और पुलिस की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्या 25 फरवरी से पहले पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पाएगी?

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तीसरी धारा न्यूज: कानून का शिकंजा

30 लाख के गबन का मामला: मुजफ्फरपुर की महिला समेत दो की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने फर्जी हस्ताक्षर को माना गंभीर

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जमशेदपुर | विधि संवाददाता

जमशेदपुर की जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) नीति कुमारी की अदालत ने धोखाधड़ी और गबन के एक बड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने बिहार के मुजफ्फरपुर (बरियारपुर) निवासी आरोपी सुषमा पांडे और रंजीत कुमार की अग्रिम जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है। वहीं, इसी मामले के दो अन्य आरोपियों को सशर्त राहत दी गई है।

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क्या है पूरा मामला?

​सोनारी स्थित ‘केयर ट्रेडर्स’ के मालिक संजय कुमार ने साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार:

  • लुभावना ऑफर: आरोपी आयुष और शत्रुंजय सिंह ने उन्हें रंजीत और सुषमा से मिलवाया। उन्होंने मंगलौर (MRPL) में 50 लाख के फायर सेफ्टी वर्क और 2 करोड़ के स्क्रैप शिफ्टिंग काम का झांसा दिया।
  • बकाया राशि: नवंबर 2023 में काम शुरू हुआ, लेकिन 6 महीने बाद आरोपियों ने रॉयल्टी दर बढ़ा दी और टीडीएस (TDS) व जीएसटी (GST) का पैसा हड़प लिया। कुल 30,87,586 रुपए का भुगतान बकाया रह गया।
  • फर्जीवाड़े का खेल: जब पैसे मांगे गए, तो आरोपियों ने एक रसीद दिखाई जिसमें सूचक (संजय कुमार) के फर्जी हस्ताक्षर बने हुए थे।
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अदालत का फैसला और शर्तें

​अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद दो अलग-अलग आदेश पारित किए:

  1. जमानत खारिज: मुख्य भूमिका में नजर आ रहे सुषमा पांडे और रंजीत कुमार की जमानत याचिका रद्द कर दी गई।
  2. सशर्त जमानत मंजूर: आरोपी निशांत कुमार और आयुष कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई है।
    • शर्त: उन्हें 3 सप्ताह के भीतर अदालत में आत्मसमर्पण (Surrender) करना होगा और जांच अधिकारी (अनुसंधानक) को सहयोग देना होगा।
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पक्ष और विपक्ष की दलीलें

​सूचक (संजय कुमार) की ओर से अदालत में अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू, पूर्व लोक अभियोजक सुशील कुमार जायसवाल और अधिवक्ता बबीता जैन ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि फर्जी हस्ताक्षर के जरिए करोड़ों के टर्नओवर वाले काम में लाखों का गबन करना एक सुनियोजित साजिश है।

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तीसरी धारा न्यूज: अपराध का आतंक

खूंटी में बेखौफ लुटेरों का तांडव: लूट के विरोध पर युवक को मारी गोली, जांघ के पार हुई बुलेट; बाल-बाल बची जान

खूंटी/मुरहू | ब्यूरो रिपोर्ट

झारखंड के खूंटी जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। रविवार, 08 फरवरी 2026 की रात मुरहू थाना क्षेत्र में हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से सड़क घेराबंदी की और विरोध करने पर एक युवक को गोली मार दी। घायल युवक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए लहूलुहान हालत में भी बाइक चलाकर अपनी जान बचाई।

मेले से लौटते वक्त घात लगाकर बैठे थे अपराधी

​घटना मुरहू थाना क्षेत्र के पोसेया गांव (गंडू सिरमली) के पास की है।

  • शिकार: घायल युवक की पहचान गुरमी गांव निवासी विश्वनाथ महतो (उर्फ विष्णु महतो) के रूप में हुई है।
  • घटनाक्रम: रविवार रात करीब 8 बजे विश्वनाथ महतो गंडू सिरमली में लगे मेले से घूमकर अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे।
  • हमला: रास्ते में चार से पांच नकाबपोश अपराधियों ने टॉर्च जलाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। अपराधी सड़क पर राहगीरों को रोककर लूटपाट कर रहे थे।

साहस ने बचाई जान: भागने पर पीछे से दागी गोली

​विश्वनाथ ने जैसे ही संदिग्ध गतिविधियां देखीं, उन्होंने रुकने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। अपराधियों ने खुद को विफल होता देख पीछे से उन पर फायरिंग कर दी।

  1. गंभीर चोट: एक गोली विश्वनाथ की जांघ में लगी और मांस को चीरते हुए आर-पार निकल गई।
  2. सकुशल वापसी: गोली लगने के बावजूद वे रुके नहीं और किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचे, जहाँ से परिजनों ने उन्हें खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस की कार्रवाई और इलाके में दहशत

​अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, विश्वनाथ महतो की स्थिति फिलहाल स्थिर है। घटना की जानकारी मिलते ही मुरहू पुलिस सक्रिय हो गई है।

  • SDPO का बयान: एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी अनुसंधान और छापेमारी शुरू कर दी गई है।
  • इलाके में तनाव: इस वारदात के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। लोगों ने पुलिस से रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है।

तीसरी धारा अलर्ट: सुरक्षित रहें

​खूंटी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रात के समय सुनसान रास्तों पर अकेले यात्रा करने से बचें। संदिग्ध हलचल दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

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