जमशेदपुर : जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद विद्युत वरण महतो के निर्देश पर जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत एमजीएम नारगा बारदी ग्राम NH 33 गुरुद्वारा में यात्री निवास और शौचालय निर्माण के कार्य का सांसद प्रतिनिधि श्री संजीव कुमार ने नारियल फोड़ कर एवम गुरुद्वारा के ग्रंथि जी ने अरदास कर शिलान्यास किया।
इस मौके पर गुरुद्वारे के बाबा जोगा सिंह जी सीजीपीसी चेयरमैंन सरदार गुरमीत सिंह, सरदार रामकिशन सिंह जी, कुलदीप सिंह, रंजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, बलविंदर सिंह प्रधान, टेल्को चरणजीत सिंह, मंजीत सिंह घाटशिला, फतेह सिंह, रवि मनोहर सिंह, सोनू, कुलविंदर सिंह, जसपाल सिंह, कमलप्रीत सिंह, कमल, चरणजीत सिंह एवम भाजपा नेता अनिल कुमार सिंह, नवजोत सिंह सोहल, राजीव कुमार भी उपस्थित थे।
जमशेदपुर : राष्ट्रीय सिख सभा के संयोजक और अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने सीएए लागू कर सराहनीय कार्य किया है। किंतु इसकी आड़ में किसी धर्मावलंबी को नीचा दिखाना बुरा है। 1947 के विभाजन की भयावह त्रासदी में 10 लाख से ज्यादा हिंदू और सिख मारे गए थे।
1947 के बाद से बांग्लादेश और पाकिस्तान से हिंदू एवं सिखों का भारत में आने का सिलसिला जारी है। बांग्लादेशी हिंदुओं के भारत में आने के कारण ही असम में छात्र आंदोलन हुआ और आज भी इसका प्रभाव है और वहां के मुख्यमंत्री खुलेआम किसी को नहीं आने देने की धमकी देने को विवश हैं। जिस प्रकार भारत में रहने वाले सभी लोग चाहे बहुसंख्यक हो या अल्पसंख्यक, मातृभूमि के प्रति निष्ठा रखने का पाठ पढ़ते हैं और संकल्प दृढ़ करते हैं, वही बात पाकिस्तान, बांग्लादेश अफगानिस्तान में रहने वाले हिंदुओं सिखों, बौद्धों पर भी लागू होती है।
आज भारत विश्व में एक मजबूत देश के तौर पर उभर कर सामने आया है और हम ऐसी व्यवस्था करें कि हमारे पड़ोसी देश में किसी भी हिंदू, सिख, बौद्ध, परिवार का उत्पीड़न नहीं हो। यदि ऐसा हो तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर आवाज बुलंद कर बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान को घुटने टेकने पर भारत सरकार मजबूर कर दे।यहां के सत्ताधारी दल राजनीतिक फायदे के लिए सीएए का मनमाने तरीके से इस्तेमाल करेंगे, इससे कोई राजनीतिक समीक्षक इनकार नहीं कर सकता।
जमशेदपुर : मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन एक बार फिर अपने सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम जिले के दौरे पर आ रहे हैं। सीएम शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे हेलीकॉप्टर से जिलिंगगोड़ा फुटबॉल मैदान में बनाये गए अस्थायी हेलीपैड पर उतरेंगे। वहां से अपने आवास जाएंगे।
10.30 बजे घर से कुल्लूडीह जाहेर स्थान के लिए निकलेंगे। 15 मिनट बाद वहां से फिर हेलीपैड पहुंचेंगे और 11 बजे पोटका के लिए रवाना हो जाएंगे। 11.20 में वे पोटका के ब्लॉक मैदान के लिए निकल कर 11.40 में वहां पहुंच जाएंगे। वहां आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर वे 1 बजे वहां से निकल जाएंगे। फिर 1.15 में चाकुलिया के पुरनापानी मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरेंगे। वहां के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद सीएम 3.30 बजे जमशेदपुर के लिए रवाना होंगे।
3.50 में वे सोनारी एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। वहां से सर्किट हाउस पहुंचेंगे और पांच मिनट रुककर 4.35 में माइकल जॉन ऑडिटोरियम पहुंचेंगे। वहां पर झामुमो का कार्यकर्ता संवाद है जिसे वे संबोधित करेंगे। साढ़े तीन घंटे के इस कार्यक्रम के बाद सीएम सड़क मार्ग से अपने गांव जिलिंगगोड़ा रवाना होंगे। उनके अगले दिन के कार्यक्रम के बारे में कुछ नहीं बताया गया है।
जमशेदपुर : जुगसलाई पुलिस ने गुरुवार सुबह कंपनी गेट के सामने फुटपाथ से आधा दर्जन दुकानों को हटवा दिया। इससे सुबह में कुछ घंटे चाय, नाश्ता और पान-खैनी की दुकान लगाकर परिवार का भरण पोषण करने वाले लोगों में हड़कंप मचा है।
पुलिसकर्मियों ने लोगों को फुटपाथ पर दुकान नहीं लगाने की चेतावनी दी। इससे पूर्व 15 फरवरी को भी जुगसलाई थाना और ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत जुगसलाई कंपनी गेट के सामने की फुटपाथ से जूता, रूमाल, हेलमेट और चाय-नाश्ता बेचने वाली आधा दर्जन ठेला व गुमटी को हटाया था।
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर केंद्र की अधिसूचना के बाद से विपक्ष सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हैं। दूसरी तरफ सरकार का साफ कहना है कि कोई कुछ भी कर ले, ये कानून वापस नहीं होने वाला है।
मुसलमान भी कर सकते हैं आवेदन
वहीं गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah on CAA) ने सीएए में मुसलमानों को शामिल न करने की भी वजह बताई। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि वे अभी भी भारतीय नागरिकता चाहते हैं, तो वे संवैधानिक तरीकों से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
सीएए में शामिल न करने की बताई वजह
शाह ने कहा कि सीएए में मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश इस्लामी राज्य हैं। फिर वहां मुसलमान धार्मिक अल्पसंख्यक कैसे हो सकते हैं?
ममता पर साधा निशाना
सीएए को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर शाह ने पलटवार किया है। दरअसल, ममता ने कहा था कि वो अपने राज्य में सीएए लागू नहीं होने देंगी। इस पर शाह ने कहा कि विपक्ष को भी मालूम है कि INDI एलायंस सत्ता में नहीं आने वाला है। CAA के कानून को प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार लाई है, इसे रद्द करना असंभव है।
शाह ने कहा कि नागरिकता केंद्र का मुद्दा है और सीएए को कोई राज्य सरकार रद्द नहीं कर सकती। इसलिए ये सभी विपक्षी लोग सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं। शाह ने कहा कि मैं ममता बनर्जी को खुली चुनौती देता हूं कि इस कानून में किसी की नागरिकता छीनने वाली एक धारा भी हो तो वो बता दें। उन्होंने कहा कि ममता केवल खौफ पैदा कर रही हैं, हिंदू और मुसलमानों के बीच विवाद कराना चाहती हैं।
आदिवासी क्षेत्रों के अधिकार नहीं होंगे कमजोर
गृह मंत्री ने आगे कहा कि CAA आदिवासी क्षेत्रों की संरचना और अधिकारों को कमजोर नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हमने अधिनियम में ही प्रावधान किए हैं कि जहां भी Inner Line Permit है और जो भी क्षेत्र छठी अनुसूची क्षेत्रों में शामिल हैं, वहां CAA लागू नहीं होगा।
एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनावों का अध्ययन करने के लिए गठित राम नाथ कोविंद की अगुवाई वाली उच्च-स्तरीय समिति अपने गठन के पांच महीने बाद आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
रिपोर्ट में एक साथ चुनावों की आर्थिक व्यवहार्यता पर 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्राची मिश्रा का एक पेपर भी शामिल है। रिपोर्ट में एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी वित्तीय और प्रशासनिक संसाधनों का भी ब्यौरा होगा। इसने अपनी वेबसाइट के माध्यम से दिए गए फीडबैक और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों सहित विभिन्न हितधारकों से मिले फीडबैक पर विचार किया है।
समिति का सितंबर 2023 में हुआ था गठन
समिति का गठन पिछले साल सितंबर में किया गया था और इसके अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति कोविंद हैं। समिति राजनीतिक दलों, संवैधानिक विशेषज्ञों, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों और चुनाव आयोग और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ उनके विचार जानने और मामले पर जानकारी इकट्ठा करने के लिए परामर्श कर रही है। समिति के कार्यक्षेत्र में शासन, प्रशासन, राजनीतिक स्थिरता, खर्च, और मतदाता भागीदारी पर चुनावों के संभावित प्रभाव की जांच करना शामिल है। इसे सिफारिशें तैयार करने और इसके फायदे और नुकसान को बताते हुए एक व्यापक रिपोर्ट पेश करने का भी काम सौंपा गया है।
चुनाव कराने के बढ़ते खर्च पर चिंता
इससे पहले भी एक संसदीय स्थायी समिति, नीति आयोग और विधि आयोग ने एक साथ चुनाव के मुद्दे पर विचार किया है, जिसमें एक के बाद एक चुनाव कराने के बढ़ते खर्च पर चिंता जताई गई। साथ ही संभावित संवैधानिक और कानूनी समस्याओं का भी जिक्र किया गया है। कोविंद पहले ही संसदीय और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने के पक्ष में आ चुके हैं और सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हित में इस विचार का समर्थन करने की अपील कर चुके हैं। पिछले साल नवंबर में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा था कि केंद्र में सत्ता में रहने वाली किसी भी पार्टी को “एक राष्ट्र, एक चुनाव” से लाभ होगा और चुनाव खर्च में बचाए गए धन का इस्तेमाल विकास के लिए किया जा सकता है।
भाजपा के 2014 और 2019 घोषणापत्र में एक साथ चुनाव की वकालत
भारतीय जनता पार्टी के 2014 और 2019 के घोषणापत्र में पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की वकालत की गई थी, लेकिन इसे लागू करने के लिए संविधान में कम से कम पांच अनुच्छेद और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में बदलाव करना होगा। 20 फरवरी को भाजपा ने इस विचार का समर्थन करते हुए कोविंद के नेतृत्व वाले पैनल से कहा था कि भारत के चुनावों को नियंत्रित करने वाले कानून में बदलाव आम सहमति से लाया जाना चाहिए और आदर्श आचार संहिता का बार-बार लागू होना शासन को नुकसान पहुंचाता है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। भाजपा के अलावा, जनता दल (यू), शिवसेना और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया – अठावले ने एक साथ चुनाव के विचार का समर्थन किया है।
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद उठापटक शुरू हो गई है। क्रिकेटर यूसुफ पठान को बहरामपुर सीट से उतारने पर पार्टी के भीतर विवाद हो गया है।
मुर्शिदाबाद के भरतपुर से तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि अगर उम्मीदवार नहीं बदला गया तो वह बहरामपुर से निर्दलीय लड़ेंगे।
कबीर ने कहा, दूसरे राज्य से किसी को लाकर कांग्रेस के अधीररंजन चौधरी को नहीं हराया जा सकता। कबीर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कह रहे हैं कि पार्टी ने तृणमूल के जिला नेतृत्व से बिना बातचीत के ही यूसुफ पठान के नाम की घोषणा कर दी। मैं इसे स्वीकार नहीं करता। चुनाव की तारीखों की घोषणा होने दीजिए और आप मेरी अगली कार्रवाई देखेंगे। मैं उनके खिलाफ मतदान सुनिश्चित करूंगा।
ममता ने छोटे भाई ने भी उम्मीदवार चयन पर उठाए सवाल वहीं, हावड़ा सीट से प्रत्याशी प्रसून बनर्जी के चयन पर सवाल उठाने पर सीएम ममता बनर्जी ने छोटे भाई बाबुन बनर्जी से सारे संबंध खत्म करने की घोषणा कर दी। ममता ने कहा, हर चुनाव से पहले वह (बाबुन) समस्या पैदा करते हैं। मुझे लालची लोग पसंद नहीं हैं। मैं वंशवाद की राजनीति में विश्वास नहीं करती, जो उन्हें टिकट दे दूंगी। मैंने उनके साथ सभी रिश्ते खत्म करने का फैसला किया है।
बाबुन ने हावड़ा से दो बार सांसद रहे प्रसून बनर्जी को टिकट देने पर नाराजगी जताते हुए कहा, प्रसून सही विकल्प नहीं हैं। कई सक्षम उम्मीदवार थे, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। प्रसून ने मेरा जो अपमान किया, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह हावड़ा से निर्दलीय लड़ सकते हैं। हालांकि, ममता की नाराजगी सामने आने के बाद सुर बदल गए। चुनाव नहीं लड़ने की बात कहते हुए कहा, ममता दीदी मेरी अभिभावक हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह योजना के तहत दिल्ली के पांच हजार स्ट्रीट वेंडरों समेत एक लाख स्ट्रीट वेंडरों को ऋण वितरित करेंगे।
मेट्रो फेज 4, बनेंगे 45 नए मेट्रो स्टेशन
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के चरण-4 के दो अतिरिक्त कॉरिडोर लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक और इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ की की आधारशिला भी रखेंगे। ये गलियारे कुल मिलाकर 20 किमी से अधिक लंबे होंगे और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और यातायात की भीड़ को कम करने में मदद करेंगे।
लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक कॉरिडोर पर स्टेशनों में लाजपत नगर, एंड्रयूज गंज, ग्रेटर कैलाश-1, चिराग दिल्ली, पुष्पा भवन, साकेत जिला केंद्र, पुष्प विहार, साकेत जी-ब्लॉक शामिल होंगे। इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर के स्टेशनों में इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खान पार्क, नबी करीम, नई दिल्ली, एलएनजेपी अस्पताल, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय, इंद्रप्रस्थ शामिल होंगे।
62 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को मिला अब तक फायदा
पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक देश में 62 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को 10,978 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के 82 लाख से अधिक ऋण वितरित किया जा चुका है। अकेले दिल्ली में लगभग 2 लाख ऋण वितरित किए गए हैं, जिनकी राशि 232 करोड़ रुपये है। बयान में कहा गया है कि यह योजना उन लोगों के लिए वित्तीय समावेशन और समग्र कल्याण का प्रतीक बनी हुई है, जो ऐतिहासिक रूप से वंचित रहे हैं।
झारखण्ड में विदेशी महिला से गैंगरेप के बाद भी यहां दुष्कर्म के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे. ताजा मामला पश्चिम सिंहभूम जिले का है. यहां 13 साल की लड़की से पांच लोगों ने गैंगरेप किया.
वो भी तब जो वो पास की नदी में स्नान के लिए गई थी. पहले से वहां घात लगाए बैठे 5 हैवान उसका नदी से बाहर आने का इंतजार करने लगे. फिर उसे बहला फुसलाकर अपने साथ सुनसान जगह ले गए.
वहां ले जाकर पांचों ने लड़की के साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया. फिर उसे धमकाकर वहा से भेज दिया. कहा कि अगर वो इस बारे में किसी को भी बताएगी तो उसके परिवार के लिए अच्छा नहीं होगा. लेकिन घर आकर लड़की ने आपबीती अपने घर वालों को बताई. जिसके बाद परिवार के साथ जाकर थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया.
मामला जगन्नाथपुर थानाक्षेत्र का है. पुलिस अधिकारी राकेश नंदन मिंज ने बताया कि किशोरी जब स्नान करके घर के लिए जाने लगी तो आरोपियों ने उसे रोक लिया. बहला फुसलाकर अपने साथ सुनसान जगह ले गए. फिर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल, पांचों आरोपी फरार है. उनकी तलाश की जा रही है. लड़की की हालत भी सही नहीं है. इसलिए उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
गुमला में मानसिक रूप से कमजोर महिला से रेप
इससे पहले गुमला से भी रेप का मामला सामने आया था. यहां मानसिक रूप से कमजोर महिला के साथ गांव के मुखिया के पिता ने रेप किया. यही नहीं, कुछ युवकों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. जिसके बाद मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया. मामला बसिया थाना क्षेत्र का है. सभी आरोपियों को पूछताछ के उपरांत कोर्ट में पेश किया गया. फिर वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
जानकारी के मुताबिक, पंचायत के मुखिया विकास इंदवार के पिता रामू इंदवार ने मानसिक रूप से कमजोर महिला के साथ रेप किया. इस दौरान कुछ लड़कों ने महिला की मदद करने के बजाय उसका वीडियो बनाया. फिर उसे वायरल कर दिया. जैसे ही वीडियो वायरल हुआ तो आरोपियों को डर सताने लगा कि पुलिस उन्हें पकड़ लेगी. इसलिए पीड़िता को मौत के घाट उतारने की प्लानिंग बनाकर उन्होंने उसका किडनैप किया. गाड़ी में महिला को बैठाकर वे किसी सुनसान जंगल में ले गए. लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां गिरफ्तार कर लिया.
स्पेनिश महिला से गैंगरेप
वहीं, दुमका जिले से भी इसी महीने विदेशी महिला से गैंगरेप की घटना सामने आई थी. यहां भारत भ्रमण पर आई एक विदेशी महिला पर्यटक के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया. हालांकि, जल्द ही पुलिस ने मामले में आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. गैंगरेप की शर्मनाक घटना दुमका के हंसडीहा थाना क्षेत्र के कुरमहाट इलाके की थी. यहां भारत घूमने आई स्पेनिश महिला पति के साथ टैंट लगाकर वहीं रात गुजारने के लिए रुक गए. इसी बीच 8 दरिंदों ने पहले इस विदेशी जोड़े से मारपीट की. फिर महिला से गैंगरेप किया और उनका सामान लूटकर फरार हो गए. जैसे-तैसे विदेशी जोड़े ने पुलिस के पास जाकर मामला दर्ज करवाया.
रांची : लोसकभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने झारखंड के 14 आईपीएस को पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर्स) बनाया है. इसको लेकर 11 मार्च को शो मस्ट गो ऑन की तर्ज पर 2150 से ज्यादा ऑब्जर्वर्स की बैठक दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई थी. इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी ऑब्जर्वर्स को सख्त निर्देश दिये हैं.
झारखंड के इन 14 आईपीएस को बनाया गया पर्यवेक्षक
टी कांडासामी, ए विजया लक्ष्मी, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, सुरेन्द्र कुमार झा, कार्तिक एस, संध्या रानी मेहता, अनुरंजन किस्पोट्टा, अंबर लकड़ा, अंजनी कुमार झा, आनंद प्रकाश, अश्विनी सिन्हा, शैलेन्द्र प्रसाद वर्णवाल, चंदन झा, मो. अर्शी
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि निर्वाचन आयोग चुनाव से पहले पूरी प्रक्रिया यानी काला धन, नशीले पदार्थ, कीमती धातुओं या फिर नकदी की आवाजाही और वितरण को रोकने के लिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑब्जर्वर तैनात किये जायेंगे. ऑब्जर्वर अपने लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र की सीमा में अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे. साथ ही सभी ऑब्जर्वर हमेशा अपने फोन, ईमेल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सक्रियता से उपलब्ध रहेंगे.