जमशेदपुर : विगत दिनों सम्पन्न हुए रामनवमी महापर्व जिस में लगभग 175 रामनवमी अखाड़ा ने हिस्सा लिया एवं लाखों भक्त इस पर्व में शामिल हुए।यह पर्व बड़े धूम-धाम एंव शान्ति पूर्ण संपन्न हुआ। इसके लिए आज जमशेदपुर केन्द्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन अधिकारियों से मुलाकत कर दिया धन्यवाद।
जमशेदपुर की जिला प्रसाशन उपायुक्त महोदय श्रीमान अनन्य मित्तल एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर के नेतृत्व में प्रशासन एवं पुलिस ने बेहतर काम किया।ज़िला प्रसाशन ने बेहतर घाट बनवाए,सड़कों की उत्तम साफ सफाई करवाई,पेड़ों की छटाई करवाई, प्रकाश का उत्तम वयवस्था करवाया एवं पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से रखा,सुरक्षा की पूर्ण वयवस्था की गई।
इसके लिए आज जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के सदस्यों ने अध्य्क्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में वरीय अधिकारी उपायुक्त महोदय,वरीय पुलिस अधीक्षक,पुलिस अधीक्षक नगर,ए डी एम लॉ एंड आर्डर महोदय एवं अनुमंडल पदाधिकारी से मिलकर उन्हें अंगवस्त्र एवं पौधा देकर उनके कार्यों के लिए बधाई दी।और विश्वास जताया कि जिला प्रसाशन इसी तरह जमशेदपुर के अन्य पर्वों में भी अपनी भूमिका निभाए।ताकि जमशेदपुर में सभी पर्व शांति एवं सुरक्षित तरीके से निष्पादन हो सके।
उपायुक्त महोदय ने कहा की सभी अखाड़ा समिति ने सकारात्मक पहल किया इसके लिए उन्होंने धन्यवाद दिया और जमशेदपुर केंद्रीय समिति का आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि जिला प्रसाशन,पुलिस प्रशाशन एवं जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति की सकारात्मक पहल का फलाफल है कि इस बार रामनवमी बड़े ही धूमधाम सुरक्षित एवं शांति पूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ।मैं उम्मीद करता हूँ कि आने वाली दुर्गा पूजा भी इसी तरीके से सम्पन्न होगी।
आज मुख्य रूप से समिति के संग्रक्षक प्रमोद तिवारी, कार्यकारी अध्य्क्ष नितिन त्रिवेदी (त्रिवेदी अखाड़ा), विजय तिवारी (उपाध्यक्ष), दिलजोय बोस (उपाध्यक्ष), ललन यादव (महामंत्री), शंकर रेड्डी (पुष्पांजलि अखाड़ा) एवं अन्य साथी उपस्थित थे।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की गई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर हाई कोर्ट फैसला नहीं सुना रहा है. सोरेन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ को बताया कि उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका पर 28 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं सुनाया गया है.
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, कपिल सिब्बल ने कहा कि सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ दो फरवरी को उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, लेकिन पीठ ने उनसे राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा. सिब्बल ने कहा कि हमने हेमंत सोरेन मामले में अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की है. इस पर पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय जाएं. हम चार फरवरी को उच्च न्यायालय गए और फिर 27-28 फरवरी को मामले की सुनवाई हुई, लेकिन याचिका पर अभी तक फैसला नहीं किया गया है.
कपिल सिब्बल ने कोर्ट में रखा पक्ष
वरिष्ठ वकील ने कहा, ”हम फिर से उच्च न्यायालय गए और कहा कि जब तक फैसला नहीं सुनाया जाता, हम कहीं नहीं जा सकते. न्यायाधीश ने कुछ नहीं कहा. फिलहाल वह अंदर हैं और चुनाव खत्म हो जाएगा, तब हम कहां जाएं? अगर हम कुछ कहते हैं, तो वे कहेंगे कि हम न्यायपालिका पर हमला कर रहे हैं.”
याचिका को सूचीबद्ध करने का किया अनुरोध
उन्होंने याचिका को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया. न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर कुछ नहीं कह सकते और प्रधान न्यायाधीश का सचिवालय याचिका को सूचीबद्ध करने की तारीख देगा. पीठ ने कहा, ”केवल विवरण दीजिए, यह हो जाएगा. आज या कल, आप को मामले को सूचीबद्ध करने की तारीख मिलेगी.”
सोरेन की वकील ने उठाए सवाल
सोरेन ने वकील प्रज्ञा बघेल के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा कि एक पैटर्न सामने आया है जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाइयों में मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर व्यक्तियों विशेषकर विपक्ष से जुड़े राजनीतिक नेताओं पर मुकदमा चलाने और उन्हें निशाना बनाने की कार्रवाइयों के रूप में परिलक्षित होता है.
31 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोरेन को 31 जनवरी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और पार्टी के वफादार एवं राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को राज्य की कमान सौंपी गई. ईडी ने इस मामले में सात घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था. ईडी जाली/फर्जी दस्तावेजों की आड़ में नकली विक्रेता और खरीददार दिखाकर करोड़ों रुपये की जमीन का बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर करके कथित तौर पर भारी मात्रा में अपराधिक आय अर्जित करने से जुड़े मामले की जांच कर रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के बैतूल में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आया है कि इंडी गठबंधन में चर्चा चल रही है कि इंडी अलायंस वाले वन ईयर वन पीएम फॉर्मूला बना रहे हैं। यानी एक साल एक पीएम, दूसरे साल दूसरा पीएम, तीसरे साल तीसरा पीएम, चौथे साल चौथा पीएम, पांचवें साल पांचवां पीएम… ये पीएम की कुर्सी का भी ऑक्शन करने में लगे हैं।
एक वोट से विदेशों में भारत का डंका
पीएम मोदी ने कहा कि आपका आशीर्वाद मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। जनता-जनार्दन, ईश्वर का रूप होती है और जब जनता-जनार्दन आशीर्वाद देती है, तो वह स्वयं ईश्वर का आशीर्वाद होता है। इन दिनों आशीर्वाद देने का एक ही तरीका है कि कमल का बटन दबाकर आप अपना आशीर्वाद मोदी तक पहुंचाइए। आपके एक वोट ने विदेशों में भारत का डंका बजा दिया।
कांग्रेस का खतरनाक गुप्त एजेंडा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके एक वोट ने सीमा पर से हमें आंख दिखाने वाले दुश्मन के होश ठिकाने लगा दिए। आपके एक वोट ने 500 साल के इंतजार के बाद रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान कराया। कांग्रेस का खतरनाक गुप्त एजेंडा अब खुलकर सामने आ चुका है। सेक्युलरिज्म के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने वाली कांग्रेस ने सामाजिक न्याय की मूलभूत भावना की भी हत्या कर दी है। अब ये खुलकर सामने आ गया है कि कांग्रेस पार्टी दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों से कितनी नफरत करती है।
कांग्रेस के कारनामे संविधान के भी खिलाफ
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस का सबसे बड़ा विरोध बाबा साहेब अंबेडकर ने किया था। बाबा साहेब दूर का देख सकते थे। कांग्रेस, देश को कैसे पतन की राह पर ले जा रही है, ये बाबा साहेब ने उस समय देख लिया था। हमारे संविधान निर्माताओं ने मिलकर धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दे सकते, ये निर्णय किया था। ये हमारे संविधान की मूल भावना थी, लेकिन कांग्रेस के कारनामे संविधान के मूल भावना के भी खिलाफ हैं।
धर्म आधारित आरक्षण की शुरुआत कांग्रेस ने की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा बाबा साहेब के संविधान को मिटाने और एससी/एसटी और ओबीसी से आरक्षण को छीनने की कोशिश करती रही है। कांग्रेस एससी/एसटी और ओबीसी से आरक्षण छीन कर अपने खास वोट बैंक को देना चाहती है। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब उन्होंने सबसे पहले आंध्र प्रदेश में धर्म आधारित आरक्षण की शुरुआत की थी। लेकिन तब कांग्रेस अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई थी। लेकिन कांग्रेस अब भी वह खेल खेलना चाहती है।
कांग्रेस ने आरक्षण से मुस्लिमों को ओबीसी बना दिया
पीएम मोदी ने कहा कि कर्नाटक में ओबीसी को जो आरक्षण मिलता है, उस ओबीसी के कोटे से आरक्षण का हिस्सा छीनने के लिए कांग्रेस ने प्रदेश के सभी मुस्लिमों को ओबीसी बना दिया। कांग्रेस की ये हरकत पूरे देश के ओबीसी समाज के लिए खतरे की घंटी है। अपने घोषणापत्र में कांग्रेस लगातार धर्म आधारित आरक्षण की बात करती है।
वोट बैंक को मजबूत करने की तैयारी शुरू
प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना के कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने अभी नाम लेकर कहा है कि वह मुस्लिमों को आरक्षण दिलवा कर रहेंगे। कांग्रेस अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। अब कांग्रेस ने देश के लोगों की संपत्ति छीन कर उसे भी अपने वोट बैंक को मजबूत करने की तैयारी शुरू की है। अगर किसी के पास एक से ज्यादा गाड़ी, मोटर साइकिल, घर होगा तो उसे कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाएगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एक यूनिट ने हाई लेवल के खतरे से सुरक्षा के लिए देश में सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है. यह जैकेट एक नए डिजाइन दृष्टिकोण पर आधारित है, जहां नई प्रक्रियाओं के साथ आधुनिक निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है. इस जैकेट का चंडीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) में सफल परीक्षण किया गया.
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इस जैकेट के बारे में जानकारी दी गई. डीआरडीओ ने इस नए विकसित जैकेट को देश में अब तक का सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट माना है. इस जैकेट में नई तकनीक के साथ-साथ कुछ ऐसी चीजें भी लगाई हैं जिससे इसका वजन पहले के मौजूद जैकेट की तुलना में कम है. वजन कम होने के बाद यह भी छह हाई लेवल के खतरे से बचाने में भी सक्षम है.
7.62 X 54 आर एपीआई वाला है यह जैकेट
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस जैकेट का निर्माण डीआरडीओ के रक्षा सामग्री और भंडार अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान, कानपुर द्वारा किया गया है. यह बुलेटप्रूफ जैकेट 7.62 X 54 आर एपीआई गोला बारूद के खिलाफ सुरक्षा मुहैया कराने में सक्षम है.
जानकारी के मुताबिक, इस नए बुलेट प्रूफ जैकेट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे पहनने में भी सुरक्षा बलों के जवानों को आसानी रहेगी. डीआरडीओ की ओर से नए बुलेट प्रूफ जैकेट की तस्वीर भी जारी की गई है. वर्तमान में सुरक्षाबलों के जवान जो जैकेट इस्तेमाल करते हैं वो वजन में काफी भारी रहता है. ऐसे में लगातार पहनकर ड्यूटी करने में कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ती है.
भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल का भी किया परीक्षण
एक तरफ डीआरडीओ ने देश में सबसे हल्का बुलेट प्रूफ जैकेट की तस्वीर जारी की तो दूसरी ओर भारत ने मंगलवार को ही मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के एक नए संस्करण का सफल परीक्षण किया. सामरिक बल कमान के तहत इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. सफल परीक्षण के साथ ही मिसाइल ने इस्तेमाल की गई नई तकनीक को भी मान्य बनाया. हालांकि, यह मिसाइल ‘अग्नि’ श्रेणी की हथियार प्रणालियों से संबंधित नहीं है.
इससे पहले डीआरडीओ ने हाल ही में एक क्रूज मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था. डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से देश में विकसित किए क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. परीक्षण के बाद डीआरडीओ ने एक बयान जारी किया था और परीक्षण को सफल बताया था.
एमजीएम थाना क्षेत्र की बेलाजुड़ी पंचायत स्थित काशीडीह, बाड़हाडीह और नारगा के कार्डधारियों को एक साल से राशन नहीं मिल रहा है. दो दिन पूर्व ग्रामीणों ने नारगा हाट मैदान में बैठक कर ‘राशन नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद किया.
इसके बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया. सूचना मिली थी कि डीसी के निर्देश पर मंगलवार जिला आपूर्ति और जिला सहकारिता पदाधिकारी के साथ एक टीम जांच करने गांव आयेगी. ऐसी सूचना पाकर अनेक ग्रामीण काशीडीह गांव के राशन डीलर जगदीश चंद्र मुर्मू की जनवितरण प्रणाली दुकान के बाहर तेज धूप में दिनभर इंतजार करते रहे. जांच टीम नहीं आयी. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गयी है.
डीलर को जमशेदपुर बुलाया था, एक-दो दिनों में राशन बांटेगा : पदाधिकारी
इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि डीलर को जमशेदपुर बुलाया गया था. बैठक कर राशन बांटने को कहा गया है. डीलर ने कहा कि एक-दो दिनों में राशन बांटेंगा.
सालभर राशन क्यों नहीं बंटा, नहीं बता सके जिला आपूर्ति पदाधिकारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि काशीडीह के राशन डीलर को पूर्व में सस्पेंड कर दिया गया है. उसकी दुकान के कार्ड को पास के गोलकाटा के डीलर त्रिलोचन महतो के जविप्र दुकान में शिफ्ट कर दिया गया है. वह एक-दो दिनों मे राशन का वितरण करेगा. क्यों साल भर राशन नहीं बंटा? इस पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने खुलकर कुछ नहीं बताया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी ही बेहतर बता पायेंगे. उनसे संपर्क नहीं हो सका.
तीन गांवों के करीब 650 कार्डधारियों में आक्रोश
नारगा, बाड़हाडीह और काशीडीह गांव के करीब 650 कार्डधारी एक साल से राशन से वंचित हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जगदीश चंद्र मुर्मू का डीलरशिप लाइसेंस रद्द करने के बाद ग्रामीणों को त्रिलोचन महतो के जनवितरण प्रणाली दुकान से राशन देने के लिए बुलाया गया था. वहां जगदीश चंद्र मुर्मू की आइडी से ही वितरण किया जा रहा था. ग्रामीणों ने 27 दिसबंर, 2023 को उपायुक्त कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर आवेदन भी दिया था. आज तक कुछ नहीं हुआ. ग्रामीणों ने कहा, अब वोट तभी देंगे जब राशन मिलेगा और विवाद का निपटारा होगा.
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने खूँटी लोकसभा सीट के लिये आज नामांकन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने बहुत ही दमदार उपस्थिति दिखाते हुए एक बड़े जन सैलाब के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. इस अवसर पर जमशेदपुर से सैंकड़ों कार्यकर्ता व वरिष्ठ नेता खूँटी पहुँचे थे. पार्टी के क़द्दावर नेता व पूर्व पार्टी प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले भी उपस्थित थे. काले ने कहा कि अर्जुन मुण्डा एक बेहतरीन राजनीतिज्ञ के अलावा एक बेहतरीन इंसान भी हैं. जिसके कारण जनता उन्हें देहद प्यार और स्नेह करती है.
प्रधानमंत्री मोदी पर देशवासियों को है अटूट विश्वास
पूर्ण विश्वास है कि खूँटी की बेहद संवेदनशील जनता इस बार भी पुनः उन्हें अपना प्यार और आशीर्वाद अवश्य प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देशवासियों का अटूट विश्वास और श्रद्धा बना हुआ है और उनका विश्वास है कि देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा जहां चारो और सुख, शांति और शमृद्धि रहेगी. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के नामांकन मे जमशेदपुर से कई भाजपा नेता शामिल हुए.
जमशेदपुर : आज ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन की एक आपात बैठक साकची के दयाल इंटरनेशनल में हुई.इस अवसर पर ऐसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया मुख्य रूप से उपस्थित थे.उन्होने गत् दिनों वरिष्ठ पत्रकार विनोद दास के देहांत को अपूर्णीय क्षति बताया है. श्री भाटिया ने कहा कि ऐसोसिएशन को यह जानकारी मिली है कि विनोद दास के देहांत के बाद उनके आश्रितों को मदद की जरूरत है.
इसके लिए शहरी जिला अध्यक्ष बिनोद सिंह, महासचिव आशीष गुप्ता और सचिव अरूप मजूमदार को पीड़ित परिवार से मिलकर सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होने कहा कि जो आया है वह जाएगा ही और यह तो सबके साथ होना है इसलिए सभी एकजुट होकर विनोद दास के परिवार को मदद करें.
श्री भाटिया ने कहा कि ऐसोसिएशन की ओर से सभी आवश्यक योजनाओं का लाभ एवं आर्थिक मदद हेतु सरकार को भी पत्र लिखा जाएगा. शहरी जिला अध्यक्ष बिनोद सिंह ने कहा कि दो-तीन दिन में विनोद दास के परिवार को एक वर्ष का सूखा राशन और 50 हजार रुपए सहयोग राशि उनके परिवार को सौंप दी जाएगी.
ऐसोसिएशन के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा.मौके पर ऐसोसिएशन के राज्य सदस्यता प्रभारी नागेंद्र कुमार, इंद्रजीत सिंह भुल्लर, चिंटू सिंह राजपूत, मनोज शर्मा, चंदन डे सहित अन्य पत्रकार भी उपस्थित थे।
टेल्को क्षेत्र के जम्को मैदान के गुरुद्वारा के सामने वाले गेट को बंद करने आई टाटा प्रबंधन की टीम बस्ती वासियों ने किया जमकर विरोध प्रदर्शन। बस्ती वासियों का कहना है की इस जेम्को मैदान में बहुत सारे सामाजिक वह सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ सुबह-शाम इसमें बस्ती वासी मॉर्निंग वॉक करते आ रहे हैं बच्चे इस मैदान में सुबह-शाम खेलते हैं और अगर मैदान टाटा प्रबंधन अपने अंदर ले लेगी तो छोटे-छोटे बच्चे कहां खेलने जाएंगे। इतनी बड़ी क्षेत्र की आबादी में सिर्फ एक ही खेल मैदान है – जम्को बस्ती, मिश्रा बागान, झगड़ु बागान, लक्ष्मी नगर ,प्रेम नगर , मछुआ बस्ती ,महानंद बस्ती, मनिफीट तो अगर कंपनी इसको भी अंदर ले लेगी तो बस्ती वासी फिर कहां जाएंगे। बता दे की मैदान के ऊपर स्टे आर्डर लगाया गया है उसके बावजूद भी या काम उचित नहीं है। इसलिए बस्ती वासियों ने आज विरोध किया और काम को बंद करवाया। बस्ती वासियों की मांग है की जेम्को खेल मैदान मिलना चाहिए सभी ने मिलकर नारा भी लगाया जेम्को मैदान मिलना चाहिए मिलना चाहिए और बता दे की इसके साथ-साथ वही में जेम्को मैदान में गुरुद्वारा की स्त्री संगत सभा की स्त्रियों ने कीर्तन करना चालू कर दिया।
जमशेदपुर : शहर के जाने माने चाइल्ड केयर और मैटरनिटी अस्पताल में मरीजों के परिजनों से वहाँ की महिला गार्ड के द्वारा बदतमीज़ी किये जाने की खबर सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि काशीडीह स्थित डॉ अभिषेक चाइल्ड केयर एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल के छट्ठे माले में मौजूद महिला गार्ड मरीज़ के सामान लेकर आ रहे या फिर उनसे मिलने आ रहे हैं तो वहाँ की महिला गार्ड द्वारा उनके साथ बदतमीज़ी से पेश आया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार एक मरीज़ के परिजन नवजात शिशु के कुछ सामान लेकर वहाँ देने पहुँचे तो उन्होंने उन्हें सामान अंदर देने नहीं दिया उल्टा उनके साथ बदतमीज़ी करते हुए उन्हें वार्ड के बाहर के एरिया से भी बाहर किया गया और खुद आराम से बैठ कर बाकी अस्पताल के कर्मचारी के साथ हंसी ठिठोली कर रही थी।
वहीं एक खबर यह भी मिली है कि एक मरीज के साथ रात को रुकने के लिए पहुंची महिला अटेंडर को तकरीबन 20 मिनट तक बाहर इसलिए खड़ा रखा गया क्योंकि अंदर मरीज के साथ एक अटेंडर थे और जब तक वह चले नहीं जाते तब तक दूसरे किसी को अंदर नहीं भेजेंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि मरीज को छोड़कर पहले आप जाइए फिर कोई अंदर जाएगा और इस तरह मरीज के साथ शुरू से रहे अटेंडर बाद में आये अटेंडर को कुछ नहीं उसके बारे में जानकारी दे सकते हैं।
जब तीसरी धारा न्यूज़ के द्वारा अस्पताल में फोन के माध्यम से उक्त महिला के हरकत के बारे में कहा गया और उनका नाम पूछा गया तो फोन में मौजूद शख्स ने कहा कि वह उनका नाम नहीं बताएंगे और जब यह कहा गया कि यह खबर प्रकाशित कर दी जाएगी तो उन्होंने यहाँ तक कहा कि आप धमकी दे रहें हैं और धमकी मत दीजिए। सच्चाई को बताना और उसे जनता तक पहुंचाना धमकी होता है इस बात का अद्भुत ज्ञान शायद उस महापुरुष को हो लेकिन तीसरी धारा न्यूज़ सच बताता आया है और आगे भी बताते रहेगा। अफसोस की बात यह है कि इस तरह के कर्मचारियों की वजह से एक प्रतिष्ठित अस्पताल का नाम आने वाले दिनों में कहीं खराब न हो जाये।
पतंजलि के खिलाफ भ्रामक विज्ञापन की शिकायत करने वाली इंडियन मेडिकल एसोशिएसन (आइएमए) को भी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को घेर लिया। कोर्ट ने आइएमए से कहा कि उन्हें भी अपना घर दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्हें अपने सदस्यों के अनैतिक आचरण पर ध्यान देना चाहिए, जो महंगी और गैरजरूरी दवाइयां लिखते हैं। इतना ही नहीं, कोर्ट ने सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए एफएमसीजी कंपनियों को भी शामिल कर लिया है।
बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी गई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफएमसीजी भी भ्रामक विज्ञापन दे रही हैं, जो जनता को भ्रमित कर रहे हैं। शिशुओं, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार से राज्यों को मेडिसिन एंड ड्रग्स एक्ट के नियम 170 के तहत कार्रवाई न करने के लिए अगस्त 2023 में लिखे गए पत्र पर जवाब मांगा है। उधर बाबा रामदेव और बालकृष्ण ने जब कोर्ट को बताया कि उनकी ओर से अखबारों में बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी गई है तो कोर्ट ने सवाल किया कि क्या आपकी माफी का आकार भी आपके विज्ञापन जितना बड़ा है।
लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा जनहित का मुद्दा
कोर्ट ने कहा कि माफी बड़ी छपनी चाहिए जो दिखाई दे। ये टिप्पणियां और आदेश न्यायमूर्ति हिमा कोहली और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन के मामले में दाखिल आइएमए की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। कोर्ट ने मंगलवार को यह भी साफ किया कि कोर्ट के निशाने पर कोई विशेष कंपनी या व्यक्ति नहीं है। पीठ ने कहा कि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा जनहित का मुद्दा है। उपभोक्ताओं के व्यापक हित का मुद्दा है। लोगों को पता होना चाहिए कि वे किस रास्ते पर जा रहे हैं। कैसे और क्यों उन्हें गुमराह किया जा सकता है। अधिकारी इसे रोकने के लिए कैसे काम कर रहे हैं।
कोर्ट ने आइएमए से पूछे तीखे सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट में आइएमए की पैरोकारी कर रहे वकील पीएस पटवालिया से कहा कि किसी की ओर उंगली उठाते वक्त ध्यान रखें कि चार उंगलियां आपकी ओर हैं। आइएमए के सदस्यों के अनैतिक आचरण की कई बार शिकायतें आपके पास आई होंगी, उन पर क्या कार्रवाई की गई। पीठ ने कहा कि हम आपकी तरफ भी निशाना कर सकते हैं। पटवालिया ने कहा कि वह इस पर ध्यान देंगे। पटवालिया के सुझाव पर कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को भी मामले में पक्षकार बनाया।
एमएमसीजी पर भी निगाह टेढ़ी
पीठ ने कहा ड्रग एंड मैजिक रेमिडी एक्ट को लागू करने पर बारीकी से विचार किये जाने की जरूरत है। यह मामला सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मौजूद प्रस्तावित अवमाननाकर्ता (बाबा रामदेव, बालकृष्ण और पतंजलि) तक ही सीमित नहीं बल्कि सभी फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनियों तक फैला हुआ है, जो कई बार भ्रामक विज्ञापन जारी करती हैं जिससे जनता भ्रमित होती है। विशेष तौर पर शिशु, बच्चे प्रभावित होते है और बुजुर्ग इन भ्रमित विज्ञापनों को देखकर दवाइयां लेते हैं। जनता को धोखे में नहीं रहने दिया जा सकता।
भ्रामक विज्ञापनों पर नजर जरूरी
कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य की लाइसेंसिंग ऑथोरिटी से कहा कि वे भ्रामक विज्ञापनों से निपटने के लिए खुद को सक्रिय करें। पीठ ने कहा कि प्रिन्ट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी होने वाले भ्रामक विज्ञापनों को देखते हुए जरूरी हो जाता है कि मामले में उपभोक्ता कल्याण मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय व सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पक्षकार बनाया जाए जो ड्रग एवं मैजिक रेमिडी एक्ट, ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट व कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन देखें।
इस मुद्दे पर कोर्ट में सात मई को सुनवाई होगी
कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लाइसेंसिंग ऑथोरिटी को भी पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने तीनों केंद्रीय मंत्रालयों को आदेश दिया है कि वे हलफनामा दाखिल कर बताएंगे कि 2018 से अब तक नियम कानूनों का दुरुपयोग करने व उनका दुरुपयोग रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई। इस मुद्दे पर कोर्ट में सात मई को सुनवाई होगी।
क्या माफी का आकार विज्ञापन जितना बड़ा है
मंगलवार को जैसे ही सुनवाई शुरू हुई। रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्होंने गलती के लिए अपनी ओर से देश भर के 67 अखबारों में सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांगी है। कोर्ट ने कहा कि वह रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है तो रोहतगी ने कहा कि सोमवार को ही प्रकाशित हुआ है। कोर्ट ने कहा कि आपने एक सप्ताह तक इंतजार क्यों किया। इसके बाद कोर्ट ने माफीनामे के आकार पर सवाल किया।
कोर्ट ने कहा कि माफी बड़ी छपनी चाहिए
कोर्ट ने पूछा कि क्या माफीनामा उसी आकार का है, जैसा कि विज्ञापन जारी करते हैं। रोहतगी ने कहा कि नहीं उसकी लागत लाखों रुपये में होती है। कोर्ट ने कहा कि माफी बड़ी छपनी चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने माफीनामे को रिकॉर्ड पर पेश करने के लिए समय देते हुए सुनवाई 30 अप्रैल तक टाल दी। कोर्ट ने साथ ही कहा कि अखबार में छपे माफीनामे की कतरन कोर्ट में दाखिल की जाए न कि उसकी फोटोकॉपी का बड़ा आकार।
कोर्ट ने कहा कि वह वास्तविक आकार देखना चाहेंगे। पीठ के न्यायाधीश अमानुल्लाह ने कहा कि यह विडंबना है कि एक चैनल पर एंकर समाचार पढ़ते वक्त बताती है कि सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा और उसी फ्रेम में किनारे विज्ञापन चल रहा होता है। हालांकि उन्होंने चैनल का नाम नहीं लिया।