एक नई सोच, एक नई धारा

n7098062981777043445331f1ef2446681589cfba9d24b15c845f6e516ac911dc25ac6d7a19aa9e00f35b1c
सियासी घमासान: “सम्राट चौधरी की याददाश्त में केमिकल लोचा,” रोहिणी आचार्य का मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला

पटना/रांची: बिहार विधानसभा में शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा विश्वासमत हासिल करने के बाद सूबे की सियासत और गरमा गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए मुख्यमंत्री पर तीखा प्रहार किया है। रोहिणी ने मुख्यमंत्री के भाषण को विरोधाभासी बताते हुए उनकी शैक्षणिक योग्यता और अवसरवादिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।n7098062981777043445331f1ef2446681589cfba9d24b15c845f6e516ac911dc25ac6d7a19aa9e00f35b1c

“पर्सनल अटैक पर तिलमिलाने वाले अपनी ओछी टिप्पणी भूल गए”

​सदन में सम्राट चौधरी ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर व्यक्तिगत आरोप लगाएंगे तो सुनना पड़ेगा। इस पर पलटवार करते हुए रोहिणी आचार्य ने लिखा कि मुख्यमंत्री खुद पर हुए व्यक्तिगत हमलों से तिलमिला रहे हैं, लेकिन वह भूल गए कि उन्होंने एक बेटी द्वारा अपने पिता को किडनी दिए जाने पर कितनी ओछी टिप्पणी की थी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​रोहिणी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में कुछ भी ‘पर्सनल’ नहीं होता। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के दाखिल हलफनामे (Affidavit) में विसंगतियां हैं और जब सवाल उठता है, तो उन्हें जवाब देना चाहिए।”

नाम और याददाश्त पर उठाए सवाल: “क्या कोई केमिकल लोचा है?”

​सम्राट चौधरी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें बिहार की 14 करोड़ जनता का आशीर्वाद प्राप्त है, रोहिणी ने चुटकी लेते हुए कहा:

​”मुख्यमंत्री श्री सम्राट कुमार चौधरी उर्फ राकेश कुमार चौधरी उर्फ राकेश कुमार मौर्या उर्फ सम्राट कुमार मौर्या किस थर्मामीटर से जनता का आशीर्वाद माप रहे हैं? क्या बिहार में 14 करोड़ मतदाता हैं? एनडीए ने चुनाव सम्राट चौधरी के चेहरे पर नहीं लड़ा था। जरूर मुख्यमंत्री की याददाश्त के साथ कोई केमिकल लोचा है!”

 

‘सेलेक्टेड’ मुख्यमंत्री और अवसरवादिता के आरोप

​रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि उन्हें जनता ने नहीं चुना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं थे, बल्कि असली चेहरे को साजिश के तहत हटाकर उन्हें इस कुर्सी पर बैठाया गया है।

​सम्राट चौधरी के ‘पाठशाला’ वाले बयान (कि वह किसी की पाठशाला से नहीं हैं) पर घेरेते हुए रोहिणी ने कहा, “बिल्कुल ठीक कहा, आपने घाट-घाट घूमकर अवसरवादिता की राजनीति पढ़ी है। आप किसी एक पाठशाला में कभी टिके ही नहीं और अभी जहां हैं, वहां कितने दिन टिकेंगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।”

विधानसभा से लेकर सोशल मीडिया तक वार-पलटवार

​बता दें कि शुक्रवार को सदन में विश्वासमत के दौरान भी सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हुई थी। अब रोहिणी आचार्य के इस जुबानी हमले ने बिहार की सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी आरजेडी के बीच के संघर्ष को और तेज कर दिया है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

paytm payments bank license
बड़ी खबर: RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस किया रद्द, बैंकिंग कारोबार पर तत्काल प्रभाव से रोक

मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह कड़ी कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के उल्लंघन और नियमों की लगातार अनदेखी के कारण की है। इस फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब किसी भी प्रकार का बैंकिंग परिचालन नहीं कर सकेगा।paytm payments bank license

क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

​RBI द्वारा जारी बयान के अनुसार, ऑडिट रिपोर्ट में पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा नियमों की गंभीर अनदेखी पाई गई थी। लाइसेंस रद्द करने के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • डेटा सुरक्षा उल्लंघन: बैंक के कामकाज में डेटा सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनमने ढंग से पालना।
  • ग्राहकों के हितों की अनदेखी: मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं और जनहित के प्रतिकूल पाया गया।
  • लगातार विफलता: गवर्नेंस, कंप्लायंस और ऑपरेशंस को लेकर बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद बैंक में सुधार नहीं देखा गया।

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

​RBI के इस आदेश के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक में किसी भी प्रकार का डिपॉजिट स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • ​ग्राहक अब अपने बैंक खाते या वॉलेट में नया पैसा जमा नहीं कर पाएंगे और न ही फंड जोड़ पाएंगे।
  • ​हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक के पास वाइंडिंग-अप (बंद होने की प्रक्रिया) के दौरान अपनी देनदारियों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है, जिससे ग्राहकों के मौजूदा बैलेंस पर सुरक्षा बनी रहेगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

2022 से चल रही थी निगरानी

​पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर RBI की कार्रवाई कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। यह प्रक्रिया साल 2022 में शुरू हुई थी, जब पहली बार बैंक पर कुछ पाबंदियां लगाई गई थीं। साल 2024 की शुरुआत में इन पाबंदियों को और सख्त कर दिया गया था। बार-बार सुपरवाइज़री चिंताएं सामने आने के बाद अब अंततः लाइसेंस रद्द करने का ‘आखिरी कदम’ उठाया गया है।

मैनेजमेंट के रवैये पर सख्त टिप्पणी

​रेगुलेटर ने अपनी टिप्पणी में बेहद सख्त लहजे में कहा कि बैंक के मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदेह था। नियमों की लगातार अनदेखी के कारण बैंक अब बैंकिंग कारोबार करने की योग्यता खो चुका है।

​इस फैसले ने फिनटेक सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है और यह उन सभी डिजिटल बैंकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो रेगुलेटरी नियमों को हल्के में लेते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

n70981585417770423511830968eb4fb146a86f54c143c6abf456f108eb5b2fbc98672fa516f3211d4bc5a6
गुमला: नवरतनगढ़ का ऐतिहासिक ‘कीर्ति स्तंभ’ अस्तित्व के संकट में, तालाब गहरीकरण से जमींदोज होने का खतरा

गुमला/सिसई: झारखंड के ऐतिहासिक गौरव और नागवंशी स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना, 17वीं शताब्दी का एकाश्मक प्रस्तर स्तंभ (Monolithic Stone Pillar) आज प्रशासनिक लापरवाही के कारण खतरे में है। गुमला जिले के सिसई-बसिया रोड पर नवरतनगढ़ के समीप स्थित एक प्राचीन तालाब में खड़ा यह कीर्ति स्तंभ कभी भी गिर सकता है।n7098158541777042340286e9b5b6a6788683782d665095a4714c239a4bd1891f26af71ddd7c2a24faeeaf7

तालाब गहरीकरण बना धरोहर के लिए काल

​विचित्र विरोधाभास यह है कि एक तरफ राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री धरोहरों के संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुमला जिले का भूजल संरक्षण विभाग इसी प्राचीन तालाब का गहरीकरण कर रहा है। गहरीकरण के दौरान स्तंभ के आसपास की मिट्टी पूरी तरह हटा दी गई है, जिससे करीब 20 फीट लंबा यह विशाल स्तंभ अब केवल हवा के झोंके या जरा सी हलचल से जमींदोज हो सकता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

झारखंड का इकलौता 20 फीट ऊंचा प्रस्तर स्तंभ

​पुरातत्वविदों के अनुसार, यह संभवतः झारखंड का इकलौता स्तंभ है जो एक ही पत्थर (एकाश्मक) को तराश कर बनाया गया है।

  • इतिहास: इसका निर्माण नागवंशी राजा रघुनाथ शाह (शासनकाल 1663 ई.) द्वारा कराए जाने के प्रमाण मिलते हैं।
  • विशेषता: ग्रेनाइट पत्थर से बने इस स्तंभ के शिखर पर कमल की आकृति है और इस पर कैथी लिपि में अभिलेख अंकित हैं।
  • महत्व: यह स्तंभ मौर्यकालीन और गुप्तकालीन स्तंभों की परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, जो नागवंशी शासन की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

​भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), रांची मंडल के सहायक अधीक्षण पुरातत्त्वविद डॉ. नीरज कुमार मिश्र ने बताया कि यह स्तंभ ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ है। इसके तीन ओर अभिलेख हैं और एक ओर खिला हुआ कमल है। इसे बचाने के लिए तुरंत इसके चारों ओर मिट्टी डालकर और ईंट-सीमेंट की दीवार बनाकर संरक्षित करने की आवश्यकता है।

प्रशासन की सफाई: “जानकारी नहीं थी, अब बचाएंगे”

​मामले के तूल पकड़ने पर संबंधित अधिकारियों का कहना है कि उन्हें तालाब के बीच में इस ऐतिहासिक स्तंभ की मौजूदगी की जानकारी नहीं थी। विभाग ने अब आश्वासन दिया है कि जानकारी संज्ञान में आने के बाद गहरीकरण के कार्य में सावधानी बरती जाएगी और स्तंभ को सुरक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।

तीसरी धारा न्यूज का सवाल: क्या विकास की अंधी दौड़ में हम अपनी उन जड़ों को ही काट देंगे जो हमारी पहचान हैं? अगर समय रहते इस स्तंभ को संरक्षित नहीं किया गया, तो नागवंशी इतिहास का यह महत्वपूर्ण पन्ना हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

Maa Chhinnamasta Temple
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश: रजरप्पा मंदिर के 254 दुकानदारों का होगा स्थायी पुनर्वास, भैरवी नदी में बनेगी बैरिकेडिंग

रांची/रामगढ़: रामगढ़ स्थित सुप्रसिद्ध माँ छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सरकार और जिला प्रशासन को दुकानदारों के पुनर्वास और नदी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।Maa Chhinnamasta Temple

254 दुकानदारों को मिलेगी स्थायी जगह

​सुनवाई के दौरान रामगढ़ उपायुक्त (DC) और पर्यटन सचिव व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर हुए। रामगढ़ डीसी ने अदालत को सूचित किया कि मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों के पुनर्वास के लिए मंदिर के पास ही स्थान चिन्हित कर लिया गया है। इस पर अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन दुकानदारों के लिए स्थायी दुकानें बनाई जाएं। कोर्ट ने सुझाव दिया कि इनसे उचित किराया लिया जाए, जिससे दुकानदारों को आजीविका मिले और सरकार को राजस्व प्राप्त हो।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भैरवी नदी के ‘डेंजर जोन’ में बैरिकेडिंग का आदेश

​श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, भैरवी नदी के खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग करने पर चर्चा हुई। जल संसाधन विभाग ने बताया कि इसके लिए 50 लाख रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। अदालत ने CCL को निर्देशित किया कि वह दो सप्ताह के भीतर अपने CSR फंड से इस कार्य पर निर्णय ले। साथ ही, कोर्ट ने चेतावनी दी कि बैरिकेडिंग का काम बरसात शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए।

अस्पताल निर्माण पर भी जोर

​अदालत ने मंदिर परिसर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक बेहतर अस्पताल निर्माण पर भी कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का उद्देश्य मंदिर परिसर को न केवल सुंदर बनाना है, बल्कि यहाँ आने वाले भक्तों के लिए सुरक्षा और चिकित्सा की बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना भी है।

​इस सुनवाई के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि रजरप्पा मंदिर क्षेत्र का कायाकल्प जल्द ही धरातल पर नजर आएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

jharkhand police logo img
झारखंड पुलिस में बंपर बहाली: जल्द नियुक्त होंगे 9362 सिपाही, मुख्यालय ने तैयार किया खाका

रांची/जमशेदपुर: झारखंड के युवाओं के लिए खुशखबरी है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने सिपाही स्तर के पुलिसकर्मियों की बड़े पैमाने पर बहाली की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस में जल्द ही 9362 सिपाहियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।jharkhand police logo img

आरक्षण रोस्टर और बैकलॉग का विवरण तैयार

​राज्य पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा ने रिक्त पदों का पूरा विवरण, बैकलॉग और आरक्षण का रोस्टर तैयार कर लिया है। अब इन रिक्तियों को भरने के लिए गृह विभाग को औपचारिक पत्र भेजा जाएगा। यह नियुक्तियां राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नई आरक्षी नियमावली के तहत की जाएंगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

क्यों हुई इतनी बड़ी रिक्ति?

​पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में खाली पदों के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

  1. ​लंबे समय से कार्यरत सिपाहियों (आरक्षियों) की जमादार (एएसआई) पद पर हुई प्रोन्नति (Promotion)।
  2. ​साल 2024 के बाद से बैकलॉग की रिक्तियों का बढ़ना।

पुरानी प्रक्रिया रुकी, अब नई नियमावली से होगी भर्ती

​इससे पहले, सिपाही के कुल 4919 पदों (3799 नियमित और 1120 बैकलॉग) के लिए जनवरी-फरवरी 2024 में आवेदन लिए गए थे। हजारों अभ्यर्थियों ने इसके लिए फॉर्म भरा था, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। उस समय पुरानी नियमावली के तहत बहाली मांगी गई थी, जिसे राज्य सरकार द्वारा नई नियमावली बनाने के कारण बीच में ही रोक दिया गया था। अब नई नियमावली के तहत इन सभी पदों और नई रिक्तियों को मिलाकर कुल 9362 पदों पर बहाली की जाएगी।

युवाओं को मिलेगा मौका

​राज्य में पुलिसकर्मियों की कमी को दूर करने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रक्रिया तेज होने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही गृह विभाग से मंजूरी मिलते ही इसके लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

n70977556417770405491622c094536d136cb8760d6d098ba0475604c673bfa1b25731817b0258efc9ae92c
कानपुर: गुरुकुल में मासूम की बेरहमी से हत्या, शरीर पर मिले चोट के 42 निशान; मामा ही निकला ‘कंस’

कानपुर/लखनऊ: रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है। लखनऊ के एक गुरुकुल में पढ़ने गए 11 साल के मासूम दिव्यांश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, उसने पुलिस और परिजनों के होश उड़ा दिए हैं। बच्चे के शरीर पर प्रताड़ना के 42 गंभीर निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि उसे मौत से पहले नर्क जैसी यातनाएं दी गईं।n70977556417770405491622c094536d136cb8760d6d098ba0475604c673bfa1b25731817b0258efc9ae92c

शरीर पर सिगरेट से जलाने के 11 निशान

​पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मासूम दिव्यांश की पीठ, हाथ, पैर और सीने पर गहरे जख्म थे। क्रूरता की हद तो तब पार हो गई जब उसके शरीर पर सिगरेट से जलाने के 11 निशान भी पाए गए। परिजनों ने बच्चे के साथ कुकर्म की भी आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेज दिए हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भरोसा पड़ा भारी: मामा ही बना काल

​कानपुर के महाराजपुर, गौरैया गांव निवासी नरेंद्र कुमार ने अपने इकलौते बेटे दिव्यांश को बेहतर शिक्षा के लिए 15 अप्रैल को लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में दाखिल कराया था। इस गुरुकुल का संचालन दिव्यांश का रिश्ते में मामा लगने वाला सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया कर रहा था। परिजनों को अंदेशा भी नहीं था कि जिस मामा पर उन्होंने भरोसा किया, वही उनके बेटे का हत्यारा निकलेगा।

रात भर दी तालिबानी सजा: थप्पड़, लात और डंडों से पीटा

​पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी सौरभ ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि दिव्यांश गुरुकुल के नियमों का पालन नहीं कर रहा था, जिससे नाराज होकर उसने बच्चे को घंटों धूप में खड़ा रखा। इसके बाद रात भर उसे लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से पीटा। एक जोरदार लात लगने से बच्चा दीवार से टकराकर बेहोश हो गया, जिसे आरोपी उसी हाल में छोड़कर चला गया। अगली सुबह मासूम मृत पाया गया।

साक्ष्य मिटाने की साजिश और प्रेमिका की भूमिका

​घटना को छिपाने के लिए आरोपी ने इसे बीमारी का रूप देने की कोशिश की और परिजनों को गलत सूचना दी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गुरुकुल के CCTV फुटेज को डिलीट करने में सौरभ की महिला मित्र प्रियंका ने मदद की। पुलिस ने प्रियंका को भी हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

पुलिस की कार्रवाई

​महाराजपुर और लखनऊ पुलिस के समन्वय से मुख्य आरोपी सौरभ मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक अत्यंत गंभीर और जघन्य अपराध है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी।

​अपने मां-बाप के इकलौते चिराग के इस तरह बुझ जाने से पूरे गौरैया गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

n7097588781777040129002b43dd3b18ec616731070b908769f0b595070f1856e35bd8f9a65f57b64c7c9da
कानपुर कचहरी में सनसनी: 23 वर्षीय वकील ने 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में पिता पर लगाए प्रताड़ना के गंभीर आरोप

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर कचहरी परिसर में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ। पिता के कथित मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर 23 वर्षीय युवा अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट की नई बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस आत्मघाती कदम से पहले प्रियांशु ने व्हाट्सएप स्टेटस पर दो पन्नों का भावुक सुसाइड नोट साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।n7097588781777040129002b43dd3b18ec616731070b908769f0b595070f1856e35bd8f9a65f57b64c7c9da

कचहरी परिसर में मचा हड़कंप

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे प्रियांशु नई बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज में वह फोन पर बात करते हुए दिखाई दिया और उसके तुरंत बाद उसने नीचे छलांग लगा दी। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

“मैं हार गया, पापा जीत गए” – सुसाइड नोट के झकझोर देने वाले बोल

​प्रियांशु ने अपने सुसाइड नोट में बचपन से लेकर अब तक के मानसिक टॉर्चर की दास्तां बयां की है। उसने लिखा:

“6 साल की उम्र में फ्रिज से जूस पीने पर मुझे निर्वस्त्र कर घर से बाहर निकाल दिया गया। हाईस्कूल के समय धमकी मिली कि नंबर कम आए तो फिर निर्वस्त्र कर भगा देंगे। हर मिनट शक की नजरों से देखना और हिसाब लेना… ऐसी बेगैरत जिंदगी जीने से बेहतर मर जाना है।”

 

​उसने अंत में भावुक अपील करते हुए लिखा, “सभी माता-पिता से निवेदन है कि बच्चों को उतना ही टॉर्चर करें जितना वे सह सकें। मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं। मैं हार गया, पापा जीत गए। लव यू मम्मी…”

पिता भी हैं वकील, पुलिस जांच में जुटी

​जांच में सामने आया है कि प्रियांशु के पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव भी कानपुर में वकील हैं और प्रियांशु उन्हीं के साथ वकालत करता था। पुलिस अब सुसाइड नोट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि सभी साक्ष्यों को कब्जे में ले लिया गया है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

कानूनी जगत में शोक की लहर

​इस घटना ने न केवल कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। एक उभरते हुए युवा वकील का इस तरह से अंत होना समाज और परिवार के भीतर बढ़ते मानसिक दबाव और संवादहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

n7097593691777039918917925b88dbac423f882a119ad9881693f9e398f4a878aff06442bd8363dd528163
टेक जगत में हड़कंप: मेटा और माइक्रोसॉफ्ट करेंगे 23,000 नौकरियों की कटौती, AI पर खर्च बना कारण

सिलिकॉन वैली/न्यूयॉर्क: दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक दिग्गज कंपनियां, मेटा (Meta) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी और वर्कफोर्स पुनर्गठन की तैयारी में हैं। दोनों कंपनियों के ताजा फैसलों से कुल मिलाकर लगभग 23,000 नौकरियों पर सीधा असर पड़ने वाला है। इस कदम का मुख्य कारण आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे अरबों डॉलर के निवेश को संतुलित करना और ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।n7097593691777039918917925b88dbac423f882a119ad9881693f9e398f4a878aff06442bd8363dd528163

मेटा: 8,000 कर्मचारियों की होगी छुट्टी, 6,000 पद रहेंगे खाली

​मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी) ने आंतरिक मेमो के जरिए सूचित किया है कि कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स में 10 फीसदी की कटौती करेगी।

  • छंटनी की तारीख: 20 मई 2026 से प्रभावी।
  • प्रभाव: लगभग 8,000 कर्मचारियों की नौकरी जाएगी।
  • नई भर्तियां रुकीं: कंपनी ने 6,000 खाली पदों को भी न भरने का फैसला किया है। मेटा की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने कहा कि कंपनी को एआई में हो रहे भारी निवेश को मैनेज करने के लिए यह कठिन फैसला लेना पड़ रहा है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

माइक्रोसॉफ्ट: 51 साल के इतिहास में पहली बार ‘वॉलेंटियर बायआउट’

​माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अमेरिकी कर्मचारियों के लिए एक अनोखा ऑफर पेश किया है, जिसे ‘वॉलेंटियर बायआउट’ कहा जा रहा है। कंपनी के 51 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है।

  • किसे मिलेगा लाभ: उन कर्मचारियों को जिनकी उम्र और कंपनी में सेवा का समय (Service Period) मिलकर 70 या उससे अधिक होता है।
  • आंकड़े: अमेरिका में कंपनी के 1.25 लाख कर्मचारियों में से करीब 8,750 (7%) कर्मचारियों को यह ऑफर दिया जाएगा।
  • क्या है ऑफर: इसके तहत कर्मचारी स्वेच्छा से कंपनी छोड़ सकते हैं, जिसके बदले उन्हें एकमुश्त वित्तीय भुगतान (Financial Payout) दिया जाएगा।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च का दबाव

​दोनों कंपनियां एआई सर्विसेज की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड तोड़ निवेश कर रही हैं। मेटा ने जहां एआई पार्टनर्स के साथ अरबों डॉलर की डील की है, वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने जापान और ऑस्ट्रेलिया में नए एआई इन्वेस्टमेंट का ऐलान किया है। इस बढ़ते खर्च को मैनेज करने के लिए कंपनियां अब ‘कॉस्ट कटिंग’ (लागत कटौती) का सहारा ले रही हैं।

कर्मचारियों में तनाव का माहौल

​पिछले कुछ वर्षों में कई बार हुई छंटनी के बाद अब इन नई घोषणाओं ने टेक प्रोफेशनल्स के बीच तनाव पैदा कर दिया है। मेटा के रियलिटी लैब्स डिवीजन के बाद अब पूरी कंपनी में डर का माहौल है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के पुराने कर्मचारियों को अब यह तय करना होगा कि वे बायआउट ऑफर स्वीकार कर सम्मानजनक विदाई लें या कंपनी में बने रहें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

n7097794771777039659877159270dee530093078ce65d7d22e3edb2367ea6f3c860adbe23b6d2dc8123888
बिहार: सम्राट चौधरी सरकार ने जीता विश्वास मत, विधानसभा में ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित

पटना: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। बहुमत परीक्षण की यह प्रक्रिया ध्वनि मत से संपन्न हुई, क्योंकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्ष ने मत विभाजन (वोटिंग) की मांग नहीं की।n7097794771777039659877159270dee530093078ce65d7d22e3edb2367ea6f3c860adbe23b6d2dc8123888

NDA के पास दो-तिहाई से अधिक का बहुमत

​243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी सरकार के पास प्रचंड बहुमत है। वर्तमान में सदन की प्रभावी संख्या 242 है (बांकीपुर से विधायक रहे नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद)। सरकार को बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कुल 201 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जो दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े से भी कहीं ज्यादा है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

सदन में ‘इलेक्टेड’ बनाम ‘सेलेक्टेड’ की जंग

​विश्वास मत के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ‘इलेक्टेड सीएम’ और ‘सेलेक्टेड सीएम’ का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने सम्राट चौधरी की पगड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपनी पगड़ी संभाल कर रखनी चाहिए। साथ ही तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार की राजनीतिक ताकत को खत्म कर दिया है।

विजय चौधरी का पलटवार: “नीतीश के मार्गदर्शन में चलेगी सरकार”

​विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 से 2030 तक की सरकार नीतीश कुमार के ही मार्गदर्शन में चलेगी। उन्होंने कहा कि 2020 में कम सीटें आने के बावजूद बीजेपी ने जेडीयू के प्रति उदारता दिखाई थी। उन्होंने सम्राट चौधरी को सत्ता के सहज हस्तांतरण को एक ‘ऐतिहासिक फैसला’ करार दिया।

औपचारिक मुहर के साथ सरकार स्थिर

​विपक्ष द्वारा वोटिंग की मांग न किए जाने से सरकार को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है। इस विश्वास मत के पारित होने के साथ ही बिहार में सम्राट चौधरी सरकार की स्थिरता पर कानूनी और संवैधानिक मुहर लग गई है। एनडीए के घटक दलों ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री और बिजेंद्र यादव व विजय चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

130205993
मुंबई: कॉरपोरेट कंपनी में महिला कर्मचारी से अश्लीलता, सहकर्मी अशरफ गिरफ्तार; ‘लव जिहाद’ के आरोपों से गरमाया माहौल

मुंबई: महाराष्ट्र में महिलाओं के विरुद्ध कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। नासिक स्थित टीसीएस (TCS) प्रकरण के बाद अब मुंबई की एक प्रतिष्ठित कॉरपोरेट कंपनी से शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक हिंदू महिला टेलीकॉलर को उसके मुस्लिम सहकर्मी द्वारा अश्लील मैसेज भेजने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की है।130205993

यौन संबंध की पेशकश और अश्लील तस्वीरें

​शिकायत के अनुसार, पीड़िता एक बड़ी कॉरपोरेट कंपनी में थर्ड-पार्टी टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत है। आरोपी सहकर्मी अशरफ पर आरोप है कि उसने पीड़िता को लगातार अश्लील मैसेज भेजे और यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, आरोपी ने अन्य महिला सहकर्मियों के बारे में भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और अश्लील तस्वीरें साझा कीं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

“हिंदू लड़कियां मुसलमानों को पसंद करती हैं” – आरोपी का विवादित बयान

​पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। महिला के मुताबिक, जब उसने आरोपी अशरफ को बताया कि वह हिंदू है, तो उसने कथित तौर पर उत्तर दिया कि “आजकल हिंदू लड़कियां मुसलमानों को ज्यादा पसंद करती हैं।” इस बयान के सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं

​पीड़िता की शिकायत पर अगरिपाड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 78(2) और 70, तथा IT एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

‘कॉरपोरेट जिहाद’ पर छिड़ी बहस

​यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में ‘कॉरपोरेट जिहाद’ को लेकर पहले से ही सियासत गर्म है। हाल ही में नासिक के टीसीएस बीपीओ यूनिट में भी हिंदू महिलाओं को टारगेट किए जाने के दावे किए गए थे, जिसकी जांच एसआईटी (SIT) कर रही है। अब मुंबई की इस घटना ने निजी क्षेत्र में महिला सुरक्षा और वैचारिक संघर्ष को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

error: Content is protected !!