जमशेदपुर :- टेल्को क्षेत्र के जम्को मिश्रा बागान के तरफ सड़क चौड़ीकरण टाटा स्टील यूआईएसएल के तरफ से की जा रही है। जो काम दो सप्ताह से रुका हुआ है। वहीं स्थान निवासी करनदीप सिंह ने बताया की बरसात होने के कारण जल जमाव हो गया है। जिसके कारण वहां डेंगू के मच्छर पनप रहे हैं। उन्होंने इसकी सूचना जिले के उपायुक्त को गुरुवार को ट्विटर के माध्यम से दी है आशा है की इस विषय पर जल्द संज्ञान लिया जाएगा।
अगस्त महीने की पहली तारीख आम लोगों के लिए महंगाई की नई खुराक लेकर आई है. सरकारी तेल व गैस विपणन कंपनियों ने आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव किया है. इस बदलाव के बाद 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर आज 1 अगस्त से महगे हो गए हैं. राहत की बात है कि घरेलू इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
इन ग्राहकों को लगा आज झटका
सरकारी तेल कंपनियों के द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, आज से देश के विभिन्न शहरों में एलपीजी सिलेंडरों के दाम में लगभग 8-9 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. हालांकि यह बढ़ोतरी सिर्फ 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के लिए है. घरेलू इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलेंडरों के दाम में इस बार भी कोई बदलाव नहीं हुआ है.
आपके शहर में आज से ये दाम
ताजी बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम 6.50 रुपये बढ़कर 1652.50 रुपये हो गए हैं. इससे पहले जुलाई महीने में दाम में 19 रुपये की कटौती की गई थी और वह कम होकर 1,646 रुपये पर आ गया था. इसी तरह कोलकाता में आज से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1,764.50 रुपये में मिलेंगे. कोलकाता में 8.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. मुंबई के लोगों को इस बड़े सिलेंडर के लिए अब 1,605 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि चेन्नई में इनकी कीमतें अब 1,817 रुपये होंगी.
लगातार 4 महीने हुई दाम में कटौती
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में इससे पहले लगातार चार महीने से कटौती हो रही थी. पिछले महीने यानी 1 जुलाई से 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में लगभग 30 रुपये की कटौती की गई थी. जून में 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों के दाम में 19 रुपये की कटौती की गई थी. वहीं 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के भाव में 19 रुपये की कमी आई थी. अप्रैल से पहले लगातार तीन महीनों से कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही थी.
इन ग्राहकों पर नहीं पड़ा कोई असर
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दाम में मार्च में आखिरी बार बदलाव हुआ था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला दिवस (8 मार्च 2024) के मौके पर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की कटौती का ऐलान किया था. उससे एक दिन पहले 7 मार्च को भी मोदी सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों के मामले में आम लोगों को राहत दी थी. तब कैबिनेट ने पीएम उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 31 मार्च 2025 तक 300 रुपये सब्सिडी देने का ऐलान किया था. उसके बाद से 14 किलो वाले सिलेंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी लगभग 5 महीने से घरेलू इस्तेमाल वाले सिलेंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण स्थल पर मजदूरों की कमी के कारण निर्माण कार्य धीमा हो गया है. मामले का संज्ञान लेते हुए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर का निर्माण कर रही कंपनी को निर्देश दिया है कि वह दिसंबर 2024 तक की समयसीमा में मंदिर निर्माण पूरा करने के लिए तुरंत मजदूर बढ़ाए.
पिछले तीन महीनों में निर्माण का काम धीरे-धीरे धीमा हो गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि निर्माण में शामिल 8000- 9000 मजदूरों में से आधे मजदूर काम छोड़ कर चले गए हैं. मंदिर में विभिन्न कार्यों के लिए ट्रस्ट ने लगभग 100 ‘वेंडर’ रखे हैं. वेंडरों ने मंदिर निर्माण में अपनी परियोजनाओं के लिए मजदूरों को काम पर रखा है. मिश्रा ने एलएंडटी और ‘वेंडर’ के साथ कई दौर की बैठकें कीं. सोमवार और मंगलवार को मजदूरों की कमी की समस्या को दूर करने के तरीकों पर चर्चा की.
बैठक में भाग लेने के बाद मिश्रा ने कहा, ‘सबसे बड़ी चुनौती शिखर का निर्माण है, जो दूसरी मंजिल का निर्माण पूरा होने और दूसरी मंजिल पर गुंबदों के निर्माण के बाद ही पूरा हो सकता है। मौजूदा गति से, इसमें दो महीने की देरी होगी.’ उन्होंने कहा, ‘एलएंडटी को मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. अगर 200 से 250 और श्रमिक नहीं जोड़े गए, तो दिसंबर तक काम पूरा करना मुश्किल होगा. मौजूदा प्रगति तय समय से दो महीने पीछे है.’
उन्होंने यह भी बताया कि मौसम की स्थिति के कारण, श्रमिक भी यहां से चले गए हैं. मिश्रा ने कहा, ‘एलएंडटी को उन्हें वापस लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन, यह असंभव नहीं है कि दिसंबर तक पूरा काम पूरा हो जाए.’
ऑडिटोरियम के निर्माण का कार्य सितंबर तक भवन निर्माण समिति के नृपेद्र मिश्रा अध्यक्ष ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में ऑडिटोरियम ट्रस्ट कार्यालय और साधु संतों के लिए विश्रामगृह के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है. उत्तर प्रदेश राज्य के निर्माण निगम ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. राम मंदिर परिषद में निर्माण निगम को भूमि भी उपलब्ध करा दी गई जिसमें कार्यालय का निर्माण पूर्ण हो चुका है. ऑडिटोरियम के निर्माण का कार्य सितंबर तक पूरा हो जाएगा. मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर परिसर में जो भी छोटे-बड़े काम पूरे होते जा रहे हैं, उनको ट्रस्ट को हस्तांतरण करने का भी सिलसिला शुरू हो गया है.
सुग्रीव किला से मंदिर तक की सड़क पर कैनोपी 4 द्वार और स्तंभ का निर्माण पूरा हो चुका है. अगस्त के प्रथम सप्ताह में राम मंदिर ट्रस्ट को स्थानांतरित कर दिया जाएगा. यात्री सुविधा केंद्र इलेक्ट्रॉनिक सब स्टेशन सीवेज प्लांट भी पूर्ण हो गया है. इसे भी अगस्त-सितंबर तक राम मंदिर ट्रस्ट को ट्रांसफर किया जाएगा. यात्री सुविधा केंद्र में लिफ्ट लगाई जा रही है. यह लिफ्ट तीन तरीके की होगी जिसमें सर्विस लिफ्ट इमरजेंसी लिफ्ट और दिव्यांग लिफ्ट लगाई जाएगी. गंभीर रूप से बीमार आकस्मिक चिकित्सा की जरूरत होने पर दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए लिफ्ट लगाई जाएगी. कुबेर टीला पर 1000 से श्रद्धालुओं के प्रतिदिन दर्शन की व्यवस्था की जा रही है. पास के जरिए दर्शन की व्यवस्था होगी .
कभी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की एकमात्र आवाज बन चुके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी अब उस जिम्मेदारी से मुक्त हो चुके हैं या कर दिए गए हैं। वे टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखी टिप्पणियों की वजह से कई बार पार्टी हाई कमान को भी परेशानी में डालते नजर आते थे।
प्रभारी कांग्रेस महासचिव गुलाम अहमद मीर ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा चुनावों के बाद ही पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन, खुद चौधरी के अनुसार उन्हें अचानक पता चला कि वह प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं। उई
वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक के अगले दिन हुई घोषणा
मीर ने अधीर के इस्तीफे वाला बयान पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक के एक दिन बाद दिया है। उस बैठक में अधीर रंजन भी मौजूद थे और वहां विभिन्न मसलों समेत बंगाल में टीएमसी के साथ गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई थी, जिसके चौधरी कट्टर विरोध रहे हैं।
चुनावों के बाद ही अधीर ने दिया था इस्तीफा- कांग्रेस महासचिव
मीर ने बताया है, ‘वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई। क्योंकि उस ब्रिफिंग में वे (अधीर रंजन चौधरी) भी बैठे हुए थे, मैंने सभी को सूचित किया कि ‘आपको पता होना चाहिए कि अधीर रंजन जी ने चुनावों के बाद अपना इस्तीफा दे दिया था और आप लोगों को 2026 के विधानसभा चुनावों के लेकर पार्टी को आगे ले जाने की रणनीति पर अपनी राय रखनी चाहिए।’
इस्तीफा स्वीकार होने की मीर नहीं कर पाए पुष्टि
उन्होंने कहा, ‘यह सही है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। मैंने कहा कि अधीर रंजन चौधरी ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इसलिए क्योंकि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, वे सिर्फ भूतपूर्व (प्रदेश अध्यक्ष) हैं।’ जब उनसे जोर देकर सवाल हुआ कि क्या उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है तो उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ही इसकी पुष्टि कर सकते हैं।
मुझे मीर ने अचानक ही पूर्व अध्यक्ष कहना शुरू कर दिया-अधीर रंजन
जबकि, लोकसभा में कांग्रेस के पूर्व नेता अधीर रंजन चौधरी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्हें पहले से कुछ भी पता नहीं था। उनका कहना है, गुलाम नबी मीर ने अचानक से उन्हें पूर्व अध्यक्ष कहना शुरू कर दिया। तब उनको इसकी जानकारी मिली।
खड़गे के बयान ने मुझे अपसेट कर दिया- अधीर रंजन चौधरी
इस बार बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले चौधरी ने बताया, ‘जिस दिन मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी अध्यक्ष बने,पार्टी के संविधान के अनुसार पूरे देश में पार्टी के सभी पद अस्थाई बन गए। यहां तक कि मेरा पद भी अस्थाई हो गया….जब चुनाव चल रहा था तब मल्लिकार्जुन खड़गे ने टेलीवजन पर कहा कि अगर जरूरी हुआ तो मुझे बाहर कर दिया जाएगा, जिससे मैं अपसेट हो गया।’
‘मुझसे ही पार्टी नेताओं की बैठक बुलाने को कहा गया था’
उन्होंने आगे कहा, ‘पश्चिम बंगाल का चुनाव परिणाम भी पार्टी के लिए अच्छा नहीं रहा। चाहे मैं अस्थायी अध्यक्ष ही था, यह मेरी जिम्मेदारी थी। इसके बाद मैंने खड़गेजी से कहा कि अगर संभव हो तो मेरे बदले किसी और को बना सकते हैं….इसी दौरान एआईसीसी से मुझे पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेताओं की एक बैठक बुलाने को कहा गया, क्योंकि पार्टी दो प्रस्ताव पारित करना चाहती थी…..’
मैं तो यही समझ रहा था कि अध्यक्ष हूं- अधीर
उनके मुताबिक, ‘मैं तो यही समझ रहा था कि मेरी ही अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी और मैं अभी भी पश्चिम बंगाल कांग्रेस का अध्यक्ष था, लेकिन इसी दौरान गुलाम नबी मीर ने (नेताओं के बीच) अचानक मुझे पूर्व अध्यक्ष कहना शुरू कर दिया। तब मुझे पता चला कि अब मैं (पश्चिम बंगाल कांग्रेस का) पूर्व अध्यक्ष बन चुका हूं।’
जमशेदपुर : हावड़ा से चलकर मुंबई जाने वाली 12810 मुंबई मेल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। घटना झारखंड के चक्रधरपुर मंडल के राजखरसवां-बडाबांबो स्टेशन के बीच हुई। घने जंगल, रात का सन्नाटा और अचानक ट्रेन में जोरदार झटका। झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में बड़ाबंबू के पास मंगलवार तड़के 3:43 बजे मालगाड़ी से टकराकर हावड़ा-मुंबई मेल (12810) के 20 डिब्बे पटरी से उतर गए। यह हादसा राजखरसावां और बड़ाबंबू स्टेशनों के बीच किलोमीटर संख्या 298/21 पर हुआ। इस भीषण हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं।
घटना की वजह से दक्षिण पूर्व रेलवे के टाटानगर – चक्रधरपुर खंड पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। इस हादसे के कारण कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। रेलवे अधिकारी पटरी की मरम्मत और ट्रेन परिचालन बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हावड़ा से चलकर मुंबई जाने वाली मुंबई मेल सोमवार रात 11 बजकर दो मिनट के बजाए दो बजकर 37 मिनट पर टाटानगर पहुंची और दो मिनट के ठहराव के बाद यह अगले स्टेशन चक्रधरपुर के लिए रवाना हो गई लेकिन यह ट्रेन अपने अगले स्टेशन तक पहुंचती उससे पहले यह तीन बजकर 45 मिनट पर बड़ाबांबो से आगे दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार डाउन लाइन से आ रही मालगाड़ी के साथ मेल एक्सप्रेस सट (साइड क्लोजन) गई जिससे ट्रेन के 20 डिब्बे बेपटरी हो गए, वहीं मालगाड़ी के कई डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना कितनी भयावाह है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेल एक्सप्रेस के कई डिब्बे आपस में चढ़ गए तो कई गति तेज होने के कारण बीच से मुड़ गए। कई डिब्बे आपस में बुरी तरह से सट चुके हैं। इस दुर्घटना में दर्जनों की संख्या में यात्री घायल होने की संभावना है। चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है।
इस दुर्घटना के बाद से हावड़ा-मुंबई मार्ग में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना के बाद मालगाडी और कोचिंग ट्रेन के डिब्बे काफी दूर से फैल गए हैं जिसके कारण थर्ड लाइन भी प्रभावित हुआ है। वहीं दुर्घटना के कारण ओवरहेड लाइन, खंभे और ट्रेन की पटरी भी बुरी से क्षतिग्रस्त हो गई है। हालांकि दुर्घटना किस कारण से हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
रात का सन्नाटा था। लगभग पौने चार बजे थे। अधिकांश यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। तभी अचानक एक तेज आवाज ने सपनों की इस दुनिया को हिला कर रख दिया। ट्रेन बुरी तरह हिलने लगी और देखते ही देखते कई डिब्बे एक के बाद एक पटरी से उतरते चले गए। ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी मच गई। चीख़ें गूंज उठी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ऊपर के बर्थ पर सो रहे कई यात्री नीचे गिर गए। सामान बिखर गया।
इस दर्दनाक हादसे में बच्चों और बुजुर्गों की हालत देखकर रूह कांप उठी। बच्चें अपने माता-पिता से लिपटकर रो रहे थे। बुजुर्ग दर्द से कराह रहे थे। ट्रेन के अंदर चीख-पुकार और चीत्कार से पूरा माहौल चीख उठा। हादसे के बाद ट्रेन में कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया था। लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि अचानक क्या हुआ।
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। राहत और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। घायलों को बड़ाबंबू और चक्रधरपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। राहत दल के लोग बोगियों में फंसे यात्रियों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। क्रेन और अन्य मशीनों की मदद से डिब्बों को हटाने और फंसे हुए यात्रियों को निकालने का काम जारी है। हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पूरी तरह से बाधित है और अन्य ट्रेनों को डायवर्ट किया जा रहा है।
ट्रेन के लोको पायलट केवीएसएस राव, सहायक लोको पायलट ए अंसारी और गार्ड मो. रेहान ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। हादसे की सूचना मिलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारी और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। केएसएस राव चक्रधरपुर रेल मंडल में तीन बार सर्वश्रेष्ठ ड्राइवर का पुरस्कार जीत चुके हैं।
ट्रेन संख्या 12810, जिसमें टाटानगर का इंजन संख्या 37077 लगा हुआ था, टाटानगर स्टेशन से सुबह 2:39 बजे अपने निर्धारित समय से साढ़े तीन घंटा मिनट देरी से रवाना हुई। ट्रेन का टाटानगर स्टेशन पहुंचने का समय 11.02 मिनट था। घटना के समय ट्रेन लगभग 44 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। घटना के बाद आनन-फानन में राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे।
दुर्घटना के बाद टाटानगर व चक्रधरपुर स्टेशन से रिलीफ ट्रेन को घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया है। साथ ही दुर्घटना की जांच के लिए इंजीनियरिंग विभाग की टीम को भी रवाना कर दिया गया है। मालूम हो कि अभी एक सप्ताह पहले ही दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा सेक्शन का दौरा कर कोलकाता लौटे हैं और रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक (पीडीई) केआरके रेड्डी भी इन दिनों चक्रधरपुर मंडल में ही हैं और मंडल में आने वाली नई रेललाइन की समीक्षा कर रहे हैं।
इस हादसे के बाद रेलवे की तरफ से हेल्पलाइन नंबर किए गए हैं। लोग टाटानगर में 06572290324, चक्रधरपुर में 06587 238072, राउरकेला में 06612501072, 06612500244 और हावड़ा 9433357920, 03326382217 पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं।
गम्हरिया : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष देवराज हेसा एवं कोल्हान अध्यक्ष जवाहर लाल माहली ने संयुक्त रूप से दिशा निर्देश जारी कर गम्हरिया थाना के समक्ष रामचन्द्र पुर कार्यालय में दिनांक 4/08/2024 को एक आवश्यक बैठक बुलाई है।
यह बैठक मानवाधिकार सहायता संघ ने जागरूकता एवं सामाजिक स्तर पर शोषितों, पीड़ितों को न्याय एवं उत्थान हेतु गम्हरिया कार्यालय में रखी है। जिसमें सरायकेला खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम के पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। उपस्थिति से नदारद रहने वाले पदाधिकारियों को स्पष्टीकरण देना होगा अन्यथा संघ आवश्यक कार्रवाई के लिए स्वतंत्र रूप से न्यायोचित निर्णय लेगा।
जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में नार्कोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की बैठक आहूत की गई । वरीय पुलिस अधीक्षक श्री किशोर कौशल, रूरल सह सिटी एसपी श्री ऋषभ गर्ग, सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी समेत अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे ।
बैठक में जिला में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, नशीले पदार्थों के उत्पादन, प्रसंस्करण, तस्करी रोकने तथा नगर क्षेत्र के युवा आबादी तक पेडलर के माध्यम से बिक्री व नशा निवारण से संबंधित अन्य प्रबंधों की समीक्षा की गई तथा नशा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर चर्चा की गई। जिले में नशीली दवाओं के खिलाफ पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य एवं औषधि विभाग को मिलकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया साथ ही लाईन होटल व ढाबों में शराब बेचने की शिकायतों पर उत्पाद एवं पुलिस विभाग को त्वरित रूप से कार्रवाई का निर्देश दिए गए। जिले भर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध व्यापार को खत्म करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।
बैठक में मादक पदार्थों की खेती के संभावित क्षेत्रों की पहचान कर कार्रवाई के लिए स्थानीय सूचना तंत्र विकसित करने का निदेश दिया गया । जिले से सटे अंतर्राज्यीय व अंतरजिला प्रवेश मार्ग में, तस्करी की प्रवृत्तियों के बारे में सूचना एकत्र कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने सभी संबंधित विभागों जिसमें पुलिस, उत्पाद, परिवहन आदि विभागों को निदेशित किया गया। नशा मुक्त समाज बनाने के लिए जिले के सभी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाकर छात्र एवं छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव से जागरूक किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया । विशेषकर मानगो, आजादनगर एवं सीतारमडेरा थाना क्षेत्रों के अलावे शैक्षणिक संस्थानों, ढाबा, स्लम बस्ती, सार्वजनिक स्थान जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि संभावित इलाकों में नियमित रूप से छापेमार कार्रवाई का निरोधात्मक कार्रवाई का निदेश दिया गया।
बैठक में ड्रग कंट्रोल हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक करने, नशा के आदि व्यक्ति एवं उसके परिवारजनों के काउंसिलिंग की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया। पुनर्वास केन्द्रों के माध्यम से नशापान से छुटकारा पा चुके लोगों को स्वरोजगार एवं सरकार की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में संवेदनशील पहल करने की बात कही गई।
बैठक में एडीएम (एसओआर), नगर निकाय के पदाधिकारी, एसडीओ, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
जमशेदपुर : जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में यातायात एवं सड़क सुरक्षा की बैठक आयोजित की गई । अपर उपायुक्त श्री योगेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में आहूत बैठक में हिट एंड रन में मुआवजा भुगतान, ब्लैक स्पॉट, सड़क दुर्घटनाएं, बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने, ओवर लोडिंग, ओवर स्पीड, बिना सीट बेल्ट के चालकों पर कार्रवाई की समीक्षा की गई। साथ ही सड़क हादसों को नियंत्रित करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से अमल में लाने पर चर्चा की गई।
जून माह में 31 सड़क दुर्घटनाएं हुई जिसमें 14 लोगों की मृत्यु व 20 लोग गम्भीर रुप से घायल हुए । सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर करते हुए गलती दिशा में ड्राइविंग करते पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई का निदेश दिया गया। कई सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में गलत दिशा में ड्राइविंग ही प्रमुख कारण पाया गया । जून माह में सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना पर 353 वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया गया। वाहन जांच अभियान में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालक और बिना सीटबेल्ट के चारपहिया वाहन चालकों समेत अन्य यातायात नियमों की अवहेलना करते पकड़े जाने पर दोषियों से 11 लाख रू. से ज्यादा जुर्माना वसूला गया।
हिट एंड रन मामले में लंबित आवेदनों पर तेज गति से कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा भुगतान का निर्देश दिया गया। ओवरस्पीडिंग व स्टंटबाजी करने वाले युवाओं को चिन्हित कर प्रभावी करने की बात कही गई। बैठक में डीटीओ श्री धनंजय, शिक्षा विभाग, एनएचएआई, ट्रैफिक डीएसपी समेत अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी शामिल हुए।
“भोले की निकली है पालकी, ये सवारी है बाबा महाकाल की” भजन पर देर रात तक झूमते रहे लोग
जमशेदपुर : सावन की दूसरी सोमवारी के पावन मौके पर जमशेदपुर पहुंची प्रख्यात भजन गायिका शहनाज अख्तर और लिटिल आर्यन बाबू ने भजन संध्या में टाटा के शिव भक्तों को खूब झुमाया। साकची के ओल्ड बाराद्वारी मैदान में बारिश की फुहार के साथ भक्तिरस की ऐसी बयार चली की देर रात तक भक्ति में झूमते रहे श्रद्धालु।
सोमवार को श्री नीलकंठ महादेव संघ द्वारा सावन माह की दूसरी सोमवारी पर आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालु देर रात तक भजनों की सुरीली किन्तु ऊर्जा से भरी धुन पर शिव भक्ति में लीन तथा भक्ति रस में डूबे नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत लिटिल स्टार आर्यन बाबू ने सरस्वती वंदना से की उपरांत “बम बम बोल रहा है काशी,” ”श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” तथा “जो राम का नहीं वो किसी काम का नही” सहित एक के बाद एक ऊर्जावान भजन गाकर श्रोताओं को बांधे रखा। गायिका शहनाज अख्तर ने बाबा महाकाल के भजनों की लड़ी लगा दी “भोले की निकली है पालकी, ये सवारी है बाबा महाकाल की”, “हमारे साथ श्री महाकाल तो किस बात की चिंता, शरण में रख दिया माथा तो किस बात की चिंता”, “अगड़ बम बम बम बम बम बम बम बम लहरी” के साथ ‘म्हारे अंगना पधारो महारानी, मैया के दिवानों ने दरबार सजाया है’…,’छुम छुम छननन बाजे मैया पाओ पैजनिया’…’ये भगवा रंग’ …आदि भजनों की सुमधुर प्रस्तुति देकर ऐसा समा बांधा की मौजूद हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं युवा झूम उठे। गायिका शहनाज अख्तर ने भजनों के दौरान सनातन धर्म की जय का उद्गोष भी समय समय पर करती रही। मंच पर आते ही गायिका शहनाज अख्तर ने जय भवानी, जय श्री राम, हर हर महादेव, जय श्री महाकाल का उद्घोष कर पूरा माहौल महाकालमय कर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित शहरवासी बाबा महाकाल के भजनों पर झूम उठे।
मुख्य अतिथि के रूप में शिव भक्त कृष्णा बम मौजूद रहीं उन्होंने शुरू के लेकर अंत तक भजन संध्या का आनंद लिया। भजन संध्या के आकर्षण का केंद्र 10 फिट के बाबा बर्फानी भी विराजमान थे। भजन संध्या के साथ ही पच्चीस हजार श्रद्धालुओं के लिए महाभंडारा का भी आयोजन किया गया था। राजीव रंजन सिंह, अमरप्रीत सिंह काले, पूर्व कोल्हान आयुक्त विजय कुमार सिंह, राकेश्वर पाण्डे, विक्रम शर्मा, रवीन्द्र झा, परविंदर सिंह, बिजय खान, राजकुमार सिंह, शिव शंकर सिंह, हरि सिंह राजपूत, राजेश शुक्ला सहित शहर कई गणमान्य लोगों ने भजन संध्या का आनंद लिया।
जमशेदपुर : सामाजिक संस्था कोशिश एक मुस्कान लाने की के संरक्षक सह सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह द्वारा खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से यूबीसी ग्राउंड, गोलमुरी में युवाओं के बीच फुटबॉल और जर्सी सेट का वितरण किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर ने कहा – युवा खेल क्षेत्र में आगे बढ़ें व क्षेत्र का नाम रोशन करें इसलिए खेल सामग्री का वितरण किया खिलाड़ी समाज से सिर्फ सहयोग व प्रोत्साहन की उम्मीद रखते है और अगर हम वो भी न दे सकें तो खेल क्षेत्र में उनसे अच्छे परिणाम की उम्मीद करना व्यर्थ है। मौके पर शाहरुख मल्लिक, स्थानीय युवा खिलाड़ी और नागरिक गण उपस्थित रहे।