हेमंत सरकार ने भव्य कार्यक्रम के जरिये राज्य की 56 लाख महिलाओं के खाते में मंईया सम्मान राशि भेज तो दी है, लेकिन कई महिलाओं के खाते में राशि पहुंची ही नहीं है। इधर पैसा नहीं मिलने से महिलाएं परेशान हैं। जमशेदपुर में कई महिलाओं ने शिकायत की है कि उनके खाते से पैसा नहीं निकल रहा है। इधर परेशान महिलाएं ब्लाक आफिस के चक्कर काट रही है।
झारखंड सरकार की ओर से छह जनवरी सोमवार को लाखों महिलाओं के बैंक खाते में मंइयां सम्मान योजना के तहत राशि भेजी गई है। लेकिन कई महिलाओं को पैसा नहीं मिल पाया है। इसकी वजह बतायी जा रही है कि मंइयां सम्मान योजना का बेवसाइट का चार जनवरी से ही बंद होना। लिहाजा पैसे का स्टेटस नहीं पता चल रहा है। इधर बेवसाइट को लेकर अधिकारियों को जानकारी नहीं है।
आपको बता दें कि हेमंत सोरेन ने झारखंड की मंईया से जो वादा किया था, उसे 6 जनवरी को पूरा कर दिया। 56 लाख से ज्यादा महिलाओं के खाते में 2500 रुपये की पहली किस्त डाली गयी। मंईया सम्मान योजना की इस पहली किस्त में राज्य सरकार ने महिलाओं के खाते में 1415.44 करोड़ रुपये वितरित किये गये। झारखंड के लिए ये अपने आप में रिकार्ड है, जब किसी एक योजना के तहत महिलाओं के सखाते में एक साथ इतनी बड़ी राशि एक ही दिन में डाली गयी हो।
मुख्यमंत्री ने तय वादों के तहत 18 से 50 साल की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया है। हर साल इस योजना के तहत झारखंड की महिलाओं के खाते में 30 हजार रुपये हेमंत सरकार देगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर बताया है कि सबसे ज्यादा उत्तरी छोटानागपुर की महिलाओं के खाते में 500.81 करोड़ रुपये दिये गये हैं। वहीं संताल परगना में 320.87 करोड़, दक्षिणी छोटानागपुर की महिलाओं को 230.35 करोड़, पलामू को 190.01 करोड़ और कोल्हान को 173.38 करोड़ वितरित किये गये हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व राज्यपाल रघुवर दास अपनी दूसरी राजनीतिक पारी शुरू कर रहे हैं। वो कल यानि 10 जनवरी को भाजपा की सदस्यता लेने वाले हैं। इससे पहले वो बुधवार को ही रांची पहुंच गये हैं। रांची में उनकी भाजपा के कुछ नेताओं से भी मुलाकात हुई है। माना जा रहा है कि भाजपा की सदस्यता लेने के बाद पार्टी की तरफ से उन्हें प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि पार्टी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन राज्यपाल पद से हटाने के पहले उन्हें पार्टी की तरफ से इसे लेकर पॉजेटिव संकेत मिल चुका है।
अपनी 45 साल की राजनीतिक पारी में रघुवर दास ने कई अहम जिम्मेदारी सत्ता और संगठन में संभाली है। ओड़िशा के राज्यपाल बनाये जाने के बाद उन्होंने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद अब दोबारा से वो 10 जनवरी को रांची में प्राथमिक सदस्यता लेंगे। जानकारी के मुताबिक सदस्यता हासिल करने के बाद वे बाबा वैद्यनाथ धाम, ईटखोरी मंदिर और राजरप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाएंगे।
15 जनवरी को सूर्य मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित पतंग उत्सव में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि 15 जनवरी के बाद पार्टी की तरफ से उन्हें अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड में नेता प्रतिपक्ष का भी चयन होना है। बजट सत्र भी शुरू होने वाला है, जाहिर है भाजपा इसी महीने नये प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के साथ ही नये नेता प्रतिपक्ष के नाम का भी ऐलान कर देगी। रघुवर दास पहले भी बता चुके हैं, कि पार्टी उन्हें जो जिम्मेदारी देगी, वो उसे निभायेंगे।
आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी को इसबार के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर भी नुकसान उठाना पड़ा है। देवघर, कांके, छतरपुर जैसी सीटों पार्टी हार गई, जबकि एससी समाज से आने वाले उस समय के नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी भी चंदनकियारी सुरक्षित सीट से चुनाव हार गए।अब केंद्रीय नेतृत्व से मिले निर्देश के बाद प्रदेश भाजपा ने राज्यभर में संविधान गौरव अभियान चलाने का निश्चय किया है।
जमशेदपुर : राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था साहित्य सागर का नवम् आयोजन श्री मुनि आश्रम, झुंझुनूं, राजस्थान में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में देश – विदेश के कवि एवं कवियत्री शामिल हुए। जिसमें जमशेदपुर झारखंड के युवा कवि गौरव “हिन्दुस्तानी” एवं युवा कवियत्री नयना सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। जहाँ दोनों युवा कवि – कवियत्री को “वीर शेखावटी साहित्य सम्मान” से सम्मानित किया गया। शायर गौरव “हिन्दुस्तानी” ने अपनी ग़ज़ल में छोटी जगह पर जन्म लेते शायर की बात कही, वहीं कवियत्री नयना सिंह ने स्त्री वेदना पर अपनी रचना की प्रस्तुति की।
इस साहित्यिक आयोजन में कुल 11 साहित्यिक पुस्तकों का लोकार्पण भी हुआ, जिसमें 7 एकल और 4 साझा संग्रह थी। कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे के आयोजन से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य सागर के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ऋषि अग्रवाल ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व उपनिर्देशक डॉ सम्पत बारूपाल जी, मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र शर्मा ‘राही’, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी लियाकत अली खान ‘भावुक’ एवं गीतकार बी.एल. सावन जी की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों को स्वागत माला, शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन में मंच संचालन स्वर्णलता छेनिया जी द्वारा किया गया। कवियों एवं कवियत्रियों ने अपनी मनोहर रचनाओं से श्रोताओं को वशीभूत करने का कार्य किया।
झारखंड में भले ही HMPV वायरस को लेकर कोई बड़ा खतरा नहीं बताया जा रहा हो, लेकिन देश के कई हिस्सों में इस वायरस की आहट से लोग डरे हुए हैं। कर्नाटक में तो फिर से कोरोना जैसे हालात लौट आये हैं। राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत अब फिर से मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। कर्नाटक सरकार ने इसे लेकर राज्य के लोगों को अलर्ट जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक भारत ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV ) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अबतक कुल 7 केस सामने आ चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मा सुब्रमण्यन ने कहा- संक्रमण ने भारत और खासकर राज्य में कोई बड़ा प्रभाव नहीं डाला है। सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित लोग एचएमपीवी की जांच करवा सकते हैं, लेकिन इसके लिए कोई विशेष उपचार नहीं है। उन्होंने कहा कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और हाथ साफ रखने जैसे उपायों को अपनाने के लिए लोगों, खासकर लक्षण वालों को प्रेरित किया जा रहा है।
सर्दी-जुकाम है तो बच्चे को स्कूल न भेजें पैरेंट्स
छोटे बच्चों पर HMPV का असर जल्दी होने की आशंका को देखते हुए मध्यप्रदेश के स्कूलों में सतर्कता बरती जाने लगी है. स्कूलों ने बच्चों को एहतियात बरतने की सलाह दी है. साथ ही कई स्कूलों ने पैरेंट्स से कहा है कि बच्चों को मास्क लगाकर स्कूल भेजें. चूंकि इस वायरस के लक्षण भी कोरोना से मिलते-जुलते हैं. इसलिए कहा गया है कि अगर किसी बच्चे को सर्दी-जुकाम है तो स्कूल नहीं आएं. घर पर ही आराम करें. क्योंकि सर्दी-जुकाम से पीड़ित रोगी से ये वायरस बहुत जल्दी फैलता है. हालांकि अभी तक राज्य सरकार या शिक्षा विभाग ने इस बारे में स्कूलों को कोई गाइडलाइन नहीं दी लेकिन स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर सावधानी बरत रहा है।
चीन के बाद मलेशिया, अमेरिका और भारत में भी पहुंच गया संक्रमण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के बाद अब ये वायरस कई अन्य देशों में भी फैल गया है। स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मलेशिया में 2024 में 327 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में 225 मामलों से 45% अधिक है। मलेशियाई स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से बार-बार हाथ धोने, मास्क पहनने और खांसते-छींकते समय मुंह और नाक को ढकने जैसे निवारक उपाय करने का आग्रह किया है।अमर उजाला से बातचीत में अमेरिका में एचएमपीवी संक्रमितों का इलाज कर रहे फिजिशियन डॉ रविंद्र गोडसे ने बताया कि अमेरिका में कुछ लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है हालांकि ज्यादातर लोग आसानी से ठीक हो रहे हैं इसलिए ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।
क्या है लक्षण
इसके लक्षणों में श्वसन संक्रमण शामिल है – जैसे नाक बंद होना, नाक बहना, आंखें लाल होना और गले में खराश होना. अगर यह गंभीर है, तो निमोनिया जैसे लक्षण होंगे, जब सांस लेने में तकलीफ होगी. नहीं तो सर्दी-खांसी जैसे सामान्य लक्षण होंगे. इसका असर 2-7 दिन तक रहता है और इस अवधि में यह अपने आप ठीक हो जाता है.
HMPV वायरस से बचाव के उपाय
डॉ पिनाकी आर देबनाथ ने बताया, “इसके लिए कोई एंटी-वायरल दवा नहीं है. तो, हम इसे कैसे रोक सकते हैं – मास्क लगाकर अगर आप भीड़भाड़ वाली जगह पर जा रहे हैं, अगर वहां कोई संक्रमित व्यक्ति है तो उससे दूरी बनाए रखें और उससे हाथ न मिलाएं, अपने हाथ धोएं और खांसते/छींकते समय शिष्टाचार का पालन करें. इससे संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी. अगर किसी में लक्षण हैं, जैसे कि अगर किसी को बुखार है, तो आप उसे एंटीपायरेटिक दे सकते हैं… लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि अगर आपके लक्षण बिगड़ते हैं, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.”
सरायकेला खरसावां : सरायकेला खरसावां जिला के मुखी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी नंदलाल मुखी उम्र 105 वर्ष का देहांत उनके निवास स्थान रामनगर होललयाडीह में हो गया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए मुखी समाज के केन्द्रीय प्रवक्ता सह अखिल भारतीय अनूसूचित जाति जनजाति एकता मंच के सरायकेला जिला संरक्षक श्री रंजन कारूवा ने कहा कि समाज एक वरिष्ठ समाज के प्रणेता खो दिया है, इसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं हो सकती।
इन्होंने अपने जमीन देकर विद्यालय की नींव रखी थी, झामुमो के केन्द्रीय सदस्य गुरूचरण मुखी, झारखंड अनुसूचित जाति मोर्चा महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री देवांग चन्द्र मुखी, मुलवासी कारुवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण कारूवा, आतंक मुखी, बिशु मुखी, शिवा मुखी, कृष्णा मुखी, निर्मल मुखी, कालीचरण मुखी, दुर्गा मुखी, शिवचरण मुखी, मेघनाथ मुखी,भगोतरण मुखी, जगदीश मुखी,रघु महतो, शिवशंकर मुखी,नकुल महतो, शापिंग मुखी, फणीश्वर मुखी इत्यादि उपस्थित थे।
दिल्ली-NCR से लेकर बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड तक भूकंप के झटके लगे हैं। सुबह करीब 6:38 के करीब भूकंप आया, जिसका केंद्र नेपाल में मिला। बिहार के पटना, भोजपुर, आरा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मोतिहारी, मुजफ़्फ़रपुर, सुपौल, पूर्णिया में लोगों ने करीब 30 सेकंड तक झटके महसूस किए।
लखनऊ से लेकर लखीमपुर खीरी तक, नोएडा और गाजियाबाद तक भूकंप का असर दिखा। भूकंप इतना जोरदार था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप से अभी तक किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बीते दिन मणिपुर और जम्मू कश्मीर के डोडा में भी भूकंप के झटके लगे थे।
बिहार में कितनी तीव्रता का भूकंप आया?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.3 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र तिब्बत और चीन के बीच बसा शिगतसे में 10 किलोमीटर की गहराई में बताया जा रहा है। नेपाल से सटे तिब्बत में 6.8 की तीव्रता वाले झटके लगे। इन दोनों देशों के अलावा बांग्लादेश, भारत, भूटान और चीन में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए।
खबरें हैं कि भूकंप के झटके लगने से लोग काफी डरे हुए हैं। जैसे ही उन्होंने पंखे-दरवाजे हिलते देखे, वे अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप तब आया, जब ज्यादातर लोग नींद के आगोश में थे। बिहार में जितनी तीव्रता का भूकंप आया है, इससे घरों की दीवारें दरक सकती थीं, लेकिन अभी तक इस भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
जमशेदपुर : सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सीआईआई-यंग इंडियंस ने रविवार को स्टील सिटी में बाइक रैली का आयोजन किया। बाइक रैली को भारी समर्थन मिला और इसे टाटा स्टील के चीफ सेफ्टी नीरज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रतिभागियों में जोड़ी राइडर्स क्लब, रोड मेल्टर्स, रॉयल किंग्स मोटरसाइकिल क्लब, सिविल डिफेंस, एसई रेलवे के सदस्य और एक्सआईटीई गहमरिया के छात्र शामिल थे।
इस अवसर पर वाईआई जमशेदपुर के चेयरमैन कौशिक मोदी, को-चेयर श्रुति झुनझुनवाला, रोड सेफ्टी चेयर साक्षी अग्रवाल, को-चेयर बवनीत और सिद्धार्थ अग्रवाल अन्य सदस्यों के साथ मौजूद थे। सुबह करीब 8 बजे सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल के सामने से हरी झंडी दिखाने के बाद 9 किलोमीटर लंबी बाइक रैली सर्किट हाउस एरिया गोल चक्कर के चक्कर लगाकर बिष्टुपुर गोल चक्कर की ओर बाएं मुड़ी और बाद में वोल्टास बिल्डिंग सर्किल में चली गई, जुबली पार्क गोल चक्कर से होते हुए सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल के पास समापन बिंदु पर पहुँचे। बाइक रैली एक बड़ी सफलता थी। उत्साही बाइकर्स ने रैली का आनंद लिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने और हमारी सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बनाने के लिए किया जा रहा था। मौके पर मौजूद वाईआई के एक अधिकारी ने कहा प्रतिभागी अपनी बाइक के साथ सभी आवश्यक सुरक्षा गियर – हेलमेट, घुटने के पैड आदि के साथ तैयार होकर आए थे। इस बाइक रैली के लिए पंजीकरण निःशुल्क था।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के युवा सिख नेता सतबीर सिंह सोमू का प्रयास रंग लाया और अब सोमवार को सरकारी कार्यालय, स्कूल और प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। झारखंड सरकार के कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सतबीर सिंह सोमू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं ख़ास कर अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सरदार ज्योति सिंह मठारू के प्रति आभार जताया है कि उन्होंने सिखों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया है और छूटी को ले कर लगे रहे और छूटी दिला कर ही दम लिया। देशी विक्रम और नानकशाही संवत कैलेंडर के कारण गुरु गोबिंद सिंह जयंती को लेकर झारखंड सरकार घोषित अवकाश को लेकर ऊहापोह की स्थिति में रहती है क्योंकि इसकी तिथि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार तय नहीं है। जबकि बिहार में ऐसी स्थिति नहीं है और गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व को लेकर बिहार सरकार द्वारा घोषित अवकाश को अंकित करने से समस्या नहीं रहेगी।
एक पखवाड़े पहले जैसे ही भाजपा नेता सरदार सोमू यह सूचना पहुंची कि इस साल सरकारी अवकाश घोषित नहीं है तो उन्होंने इस आशय का संदेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके एक्स ट्वीट पर दिया और छुट्टी घोषित करने का आग्रह किया। इतना ही नहीं गुरुवार को रांची जाकर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सरदार ज्योति सिंह मठारू से मिले और उनके संज्ञान में जानकारी दी। उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मठारू मुख्यमंत्री से मिले और पूर्व से मिलती रही छुट्टी से संबंधित जानकारी दी। संयुक्त बिहार के समय से ही गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर सरकारी अवकाश घोषित होता रहा है। इस भाजपा नेता ने निजी विद्यालय प्रबंधकों से भी आग्रह किया है कि वह छह जनवरी सोमवार को अवकाश घोषित करें और इसकी सूचना विद्यार्थियों को उनके व्हाट्सएप पर भेज दें।
इस बाबत भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी रविंदर सिंह रिंकू, भाजपा सिख नेता चंचल भाटिया, ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया, सरबजीत सिंह, राजू मारवाह, परमजीत सिंह काले, गुरचरण सिंह इत्यादि लोगों ने अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मठारू से मुलाकात किये।
दिल्ली:दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी पार्टी प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी करते हुए अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रवेश वर्मा को मैदान में उतारा है। कुल 29 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने करोल बाग से दुष्यंत गौतम को टिकट दिया है। जबकि अरविंद केजरीवाल के सामने प्रवेश वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।वहीं सीएम आतिशी के खिलाफ पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी को प्रत्याशी बनाया है। आप छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले कैलाश गहलोत को बिजवासन सीट से टिकट दिया है। पार्टी ने बादली से दीपक चौधरी, रिठाला से कुलवंत राणा, नांगलोई जाट से मनोज शौकीन, आदर्श नगर सीट से राजकुमार भाटिया को मैदान में उतारा है।बीजेपी ने मंगोलपुरी सीट से राजकुमार चौहान, रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता, शालीमार बाग से रेखा गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। रेखा गुप्ता को पार्टी ने पहली बार मैदान में उतारा है। वहीं माॅडल टाउन से अशोक गोयल, पटेल नगर से आप छोड़कर बीजेपी में आए पूर्व मंत्री राज कुमार आनंद, राजौरी गार्डन से दिल्ली गुरुद्वारा सिख प्रबंधन कमेटी के मनजिंदर सिंह सिरसा को टिकट दिया है।
बता दें कि बीजेपी ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सामने जंगपुरा से तरविंदर सिंह मारवाह को उतारा है। जबकि विश्वास नगर से पार्टी ने एक बार फिर लगातार जीत दर्ज कर रहे ओमप्रकाश शर्मा पर भरोसा जताया है। वहीं घोंडा से अजय महावर एक बार फिर मैदान में होंगे। यह सीट भी बीजेपी की परंपरागत सीट रही है। पटपड़गंज विधानसभा सीट से पार्टी ने आप के अवध ओझा के सामने रवींद्र सिंह नेगी को उतारा है। देख सूची
नये साल में हेमंत सोरेन का पुराना वादा अधूरा रह गया.नई सरकार ने रोजगार पर अपना सबसे बड़ा प्रॉमिस तोड़ दिया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से किया अपना पहला वादा पूरा नहीं किया. मुख्यमंत्री का वह कौन सा वादा है जो नये साल में टूट गया.
सीएम हेमंत ने शपथ लेते ही क्या कहा था जो कर नहीं पाये.
आखिर, हेमंत सोरेन का यह पहला वादा क्यों पूरा नहीं हो पाया. हेमंत सरकार की ऐसी भी क्या मजबूरी रही कि वह रोजगार को लेकर ये वादा पूरा नहीं कर पाये. क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यह भूल गये कि उन्होंने 28 नवंबर 2024 को क्या कहा था. बताते हैं सबकुछ सिलसिलेवार ढंग से.
1 जनवरी 2025 से पहले परीक्षा कैलेंडर का वादा था हेमंत सरकार ने वादा किया था कि 1 जनवरी 2025 से पहले रिक्त सरकारी पदों को भरने के लिए जेएसएससी, जेपीएससी और अन्य सक्षम प्राधिकार द्वारा ली जाने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं का कैलैंडर जारी किया जायेगा.
सरकार ने यह भी वादा किया था कि पहले से लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को भी 1 जनवरी 2025 से पहले पूरा कर लिया जायेगा.
खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सामने आकर यह घोषणा की थी.
यह 28 नवंबर 2024 था. हेमंत सोरेन ने दोपहर को ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में सीएम पद की शपथ ली और शाम को प्रोजेक्ट भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग की.
मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती के लिए जेएसएससी और जेपीएससी द्वारा परीक्षा कैलेंडर 1 जनवरी 2025 से पहले जारी किया जायेगा. लंबित नियुक्तियां भी पूरी की जायेंगी. इस बात को 34 दिन बीत गये.
नये साल में पुराना वादा अधूरा रह गया
पुरानी लंबित नियुक्तियां भी पूरी नहीं कर पाई सरकार अब नई परीक्षाओं का कैलेंडर तो छोड़िए, सरकार लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को पूरा करने की दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है. चाहे वह 11वीं-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा हो, जेएसएससी सीजीएल हो या फिर फूड सेफ्टी ऑफिसर.
दरअसल, झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग और झारखंड लोक सेवा आयोग के अंतर्गत दर्जनों नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है जिसमें हजारों पदो पर भर्तियां होने वाली है. अकेले जेपीएससी में ही 1700 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है वहीं, जेएसएससी में तो यह आंकड़ा हजारों में जाता है.
अकेले टीचर के ही 25001 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है.
जेपीएससी में 1700 पदों पर बहाली प्रक्रिया लंबित है
पहले बात जेपीएससी की करते हैं. 11वीं-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा में 357 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है. इसकी मुख्य परीक्षा जून 2024 में ही ली जा चुकी है लेकिन अब तक मॉडल ऑनर्स की तक जारी नहीं हुआ.
ये हाल तब है जबकि आयोग ने अगस्त 2024 के पहले सप्ताह में ही इंटरव्यू और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन का आश्वासन दिया था.
इसी प्रकार झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी के 170 और झारखंड सहायक वन संरक्षक के 78 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया लंबित है. इन विज्ञापन अप्रैल 2022 में ही जारी किया गया था.
परीक्षा ही नहीं ली जा सकी है. झारखंड के यूनिवर्सिटीज में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और पीएचडी में इनरॉलमेंट के लिए जेएटी की परीक्षा होने वाली थी जो नहीं हो सकी. सिविल जज (जूनियर डिविजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए जुलाई 2023 में ही आवेदन लिए गये. इसकी पीटी परीक्षा हो चुकी है लेकिन अभी तक मुख्य परीक्षा नहीं हुयी.
झारखंड मे चिकित्सा पदाधिकारी के 26 बैकलॉग पदों पर जून 2023 में ही इंटरव्यू लिया गया था लेकिन अभी तक रिजल्ट नहीं आया.
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के 10 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी लंबित है.
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के 64 पदों पर नियुक्ति के लिए पीटी और मुख्य परीक्षा ली जा चुकी है लेकिन अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया. फूड सेफ्टी ऑफिसर के 56 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी लंबित है.
इनमें से कई मामले जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति में विलंब की वजह से फंसे हैं तो कई मामले कोर्ट में लंबित हैं. सरकार की ओर से केवल और केवल आश्वासन मिल रहा है.
जेपीएससी में हजारों पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया लंबित झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग में तो हजारों पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है.
दरअसल, पिछली सरकार में सहायक अध्यापक के 25001 पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकला. इसकी परीक्षा भी ली जा चुकी है लेकिन सीटेट को मान्यता और जेटेट विसंगति सहित अन्य मसलों को लेकर मामला कोर्ट में है.
नगरपालिका सेवा संवर्ग के 921 पदों पर बहाली की प्रक्रिया लंबित है.
विभिन्न विभागों में जूनियर इंजीनियर के 1268 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है.
महिला सुपरवाइजर के 440 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा ली गयी थी लेकिन रिजल्ट नहीं आया. उत्पाद सिपाही के 583 पदों पर बहाली की प्रक्रिया भी लंबित है.
कोर्ट और आयोग के बीच फंस गयी हैं नौकरियां लाखों अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. जेएसएससी सीजीएल के रिजल्ट पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है.
*अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी*
11वीं-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा का रिजल्ट आयोग में चेयरमैन नहीं होने से लंबित है. हाल फिलहाल जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति के आसार भी नहीं दिख रहे.
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की कहती हैं कि ऐसे ही किसी को नहीं बिठा देंगे. सही बात है लेकिन यह पद 22 अगस्त 2024 से ही खाली है. 4 महीने हो गये.
कुल मिलाकर, अभ्यर्थियों का यह कहना है कि सरकार केवल नौकरी का आश्वासन ही दे रही है नौकरी नहीं. और यह आश्वासन भी अब प्रैंक सरीखा लगने लगा है.