जमशेदपुर: अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के जिला अध्यक्ष राकेश साहू के नेतृत्व में साकची स्वर्णरेखा नदी घाट पर लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा में व्रतधारियो के लिये लगाये गये सेवा शिविर का उद्घाटन जिलाध्यक्ष राकेश साहू ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
संध्या बेला में छठ वतधारियो के बीच अगरबत्ती, रुई, सिंदूर, धी, माचिस, कपूर ,आम का दातुन समेत अन्य पूजा सामग्री वितरण किया गया। दूसरेे दिन मंगलवार की सुबह अर्ध्य के समय पूजा सामग्री सहित छठ व्रत धारी के लिए चाय, बिस्कुट, खीर का वितरण किया गया।
दोनों दिन शिविर में मुख्य रूप से महामंत्री पप्पू साहू, बागबेड़ा थाना क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष गुप्ता, जिला सचिव अशोक साहू, चंद्रिका प्रसाद, आलोक, गौतम साव, श्री राम साहू, सागर साव, गोलू साहू, प्रवीण साहू आदि मौजूद थे।
जमशेदपुर : आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ के शुभ अवसर पर, भारतीय जनता युवा मोर्चा, जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में निःशुल्क सूप, फल एवं पूजन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष नीतीश कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में कीताडीह दुर्गा पूजा मैदान, जमशेदपुर में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान 1001 व्रतधारियों के बीच पूजन सामग्री का वितरण किया गया। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर के माननीय सांसद श्री विद्युत वरण महतो जी एवं श्रीमती मीरा मुंडा जी उपस्थित रहीं।
साथ ही कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुधांशु ओझा जी, जिला मंत्री श्री जितेंद्र राय, जिला कोषाध्यक्ष श्री काली शर्मा, भाजपा जिला मुख्यालय प्रभारी श्री सुबोध झा, प्रदेश के धर्मेंद्र प्रसाद, मंडल अध्यक्ष श्री आनंद कुमार जी, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष दिवाकर सिंह,उप मुखिया रमेश प्रसाद,श्री मनोज सिंह, राजकमल यादव, सोनू कुमार, विकास यादव, बंटी सिंह, संदीप सिंह, अवधेश कुशवाहा,विकाश यादव,पवन सिंह,विकास कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं श्रद्धालु व्रतधारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष नीतीश कुमार कुशवाहा ने कहा कि – “छठ महापर्व भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और पर्यावरण के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है। इस पर्व में सेवा के माध्यम से समाज से जुड़ना हमारा कर्तव्य है।” अंत में सूर्य देव से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।
पोटका : पोटका प्रखंड के अंतर्गत रोलाडीह गांव के इमली पेड़ के नीचे प्रति वर्ष के भांति इस बस भी गरु खुटिया स्पॉट खेलकूद में खाला अलपीना रेस, जूता रेस, सुई में धागा, म्यूजिक चेयर एवं शंख बजाना कार्यक्रम रखा गया था। इस आयोजन में सभी प्रतिभागियों को प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पोटका विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक के अनुपस्थित के कारण उनके भाई भरत सरदार तथा पोटका पंचायत के पंचायत समिति सदस्य श्रीमती छवि दास, उप मुखिया मानिक सरदार, समाजसेवी आनंद दास, गरु कुटिया का फीता काट कर उद्घाटन किए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रंजीत सरदार, समीर सरदार, मिहिर सरदार, रयना सरदार, गुरबा सरदार, मजेश सरदार, सुभाष सरदार, धीरेंन सरदार, सरस्वती सरदार, शारदा सरदार, शेफाली सरदार, सुजाता सरदार, किरण सरदार, मीणा सरदार, शिवानी सरदार, सलोनी सरदार, बेबी सरदार का मुख्य रूप से भूमिका में थे।
सरायकेला : छठ महापर्व को लेकर जिला प्रशासन हुआ सक्रिय, उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक सरायकेला ने संयुक्त रूप से छठ घाटों का निरिक्षण किए। लोक आस्था का छठ महापर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित, श्रद्धापूर्वक संपन्न कराने के लिए सरायकेला खरसावां जिला प्रशासन हुआ सक्रिय। स्वयं पुलिस कप्तान मुकेश कुमार लुणायत एवं उपायुक्त नितिश कुमार ने संयुक्त रूप से सभी जिला मुख्यालय सरायकेला अंतर्गत खरकाई नदी के जगन्नाथ घाट, कुदरसाई छठ घाट, माजना छठ घाटों का निरिक्षण किये।
इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी निवेदिता नियति ने भी छठ घाटों का निरिक्षण किये। नगर पंचायत प्रशासक समीर बोदरा, थाना प्रभारी विनय कुमार, सहित सभी विभागों के संबंधित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। आरक्षी अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत एवं उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से सभी संबंधित पदाधिकारियों आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इधर आदित्यपुर नगर निगम, आर आई टी क्षेत्र अंतर्गत एवं गमहरिया के सभी छठ घाटों का निरिक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त रवि प्रकाश, उपनगर आयुक्त पारूल सिंह की उपस्थिति रही। 27 – 28 अक्टूबर को सुर्य भगवान को अर्ध्य डूबते एवं उगते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया जायेगा।
जमशेदपुर : बाबा बैद्यनाथ सेवा संघ की ओर से प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्यारह सौ छठ व्रतधारीयों के बीच मानगो डिमना रोड में फल,सुप और पूजन सामग्री का निशुल्क वितरण किया गया । संघ के संस्थापक सदस्य विकास सिंह ने कहा की उनका परम सौभाग्य है कि छठ मां उन्हें सेवा करने का मौका दिया है विकास सिंह ने कहा सभी तीर्थों से बढ़कर है छठ व्रतधारीयों की सेवा करना । मानगो डिमना मेन रोड़ स्थित हीरा होटल के सामने स्थित दुर्गा पूजा मैदान में बाबा बैद्यनाथ सेवा संघ की ओर से आयोजित नि:शुल्क प्रसाद वितरण के सेवा शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन भी किए गए थे प्रातः10:00 बजे से ही फल और सुप लेने हेतु श्रद्धालुओं का तांता लगना आरंभ हो गया था ।
पुरे मानगो क्षेत्र में एक सप्ताह पहले कूपन का वितरण किया गया था साथ ही लोगों से स्वस्थ पर्यावरण हेतु प्रसाद लेने हेतु कपड़े का झोला लाने की बात कही गई थी । मौके में मौजूद छठ व्रतधारीयों ने स्वर्गीय शारदा सिन्हा के द्वारा गाए गीतों में जमकर आनंद लिया ।
विकास सिंह ने कहा आए हुए लोगों को इतना प्रसाद देने का प्रयास किया गया जिससे वें आसानी से अपना पर्व मना सकते हैं । प्रत्येक ग्यारह सौ छठ व्रतधारीयों के बीच सुप,नारियल,ग़ागल,सेव, नासपती,संतरा, गन्ना एवं पुजन सामग्री देकर प्रणाम किया गया । कार्यक्रम में सेवा करने हेतु मुख्य रूप से विकास सिंह (समाजसेवी), योगेश्वर ठाकुर, बिपिन झा, पूर्व कमिश्नर सीताराम प्रसाद ,राम अवधेश चौबे, शंभू नाथ प्रसाद, नितिन चंद्र द्विवेदी, अर्जुन शर्मा, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह, सूरज नारायण, छोटे लाल सिंह,जयराम मिश्रा, किशोर बर्मन, संदीप शर्मा,दुर्गा चरण दत्ता, शिव साहू, दीपक मेहता,पंकज गुप्ता, कमलेश सिंह, राहुल गुप्ता, अजय मंडल, अतनु हजारे, प्यारेलाल शाह, शुभम रजक, राकेश शाह,मृत्युंजय प्रसाद,नवीन मिश्रा, पूनम सिंह, प्रतिभा मिश्रा, विद्या शरण, सोना सिंह, सीता देवी, सिद्धेश्वरी देवी मुख्य रूप से शामिल हुए।
लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ शनिवार से पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव से आरंभ हुआ. जादूगोड़ा के आसपास क्षेत्रों में व्रती महिलाओं ने नदी-तालाबों में स्नान कर नहाय-खाय की विधि पूरी की.
इसी के साथ छठ पर्व की शुरुआत हो गयी. सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक रीति रिवाज से नदी में स्नान कर लौकी-चावल और दाल का सेवन किया. नहाय-खाय के बाद रविवार को खरना की तैयारी में व्रतियों की चहल-पहल देखी गयी. पारंपरिक प्रसाद के लिए महिलाओं ने गेहूं धोकर धूप में सुखाया. खरना के दिन व्रती महिलाएं खीर-रोटी का प्रसाद बनाकर पूजा करेंगी. इसके बाद निर्जला उपवास की शुरुआत होगी.
बाजारों में छठ सामग्री की रौनकबाजारों में छठ पूजा से जुड़ी सामग्री फल, गन्ना, सूप-डाला, सुपारी, गेहूं, चावल आदि की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ी रही. दुकानदारों ने बताया कि व्रतियों के लिए विशेष रूप से पूजा सामग्री के पैकेट उपलब्ध कराये जा रहे हैं. लोकआस्था और पवित्रता के इस पर्व की शुरुआत के साथ ही पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास के माहौल में डूब गया है.
झारखंड में छठ महापर्व को लेकर राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है. सोमवार शाम होने वाली मुख्य अर्घ्य की पूजा-अर्चना को देखते हुए सभी प्रमुख जलाशयों और घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं.
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, रांची और जमशेदपुर समेत सभी बड़े शहरों में अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. संवेदनशील घाटों पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी तैनात की गई हैं.
रांची के 62 जलाशयों को तीन कैटेगिरी में बांटा गया है
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि राजधानी के कुल 62 जलाशयों को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों- ए, बी और सी- में बांटा गया है. ए श्रेणी के घाटों को उच्च जोखिम वाला, बी को संवेदनशील और सी को सामान्य श्रेणी में रखा गया है. उन्होंने बताया कि सबसे अधिक जोखिम वाले घाटों पर कम से कम 20 सुरक्षाकर्मी, संवेदनशील घाटों पर 10 और सामान्य घाटों पर पांच सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. वहीं, पिछले वर्ष जिन 19 स्थानों पर चोरी की घटनाएं हुई थीं, वहां इस बार बाइक सवार पुलिस कर्मी गश्त करेंगे. इसके अलावा सात त्वरित कार्रवाई दल (क्विक रिस्पॉन्स टीम) भी अलर्ट पर रहेंगे.
रांची के प्रमुख जलाशय पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम तैनात
रांची शहर के प्रमुख जलाशयों- बड़ा तालाब, कांके बांध, धुर्वा बांध, हतनिया तालाब और लेन टैंक तालाब पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं. सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि इन घाटों पर लगभग 1,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
करीब 1 हजार यातायात पुलिस कर्मी संभालेंगे ट्रैफिक व्यवस्था
वहीं, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह ने बताया कि करीब 1,000 यातायात पुलिसकर्मी त्योहार के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालेंगे. इनमें 450 महिला और 550 पुरुष पुलिसकर्मी शामिल हैं. इसी तरह, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो सहित अन्य जिलों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. जमशेदपुर में प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी किनारे स्थित घाटों का निरीक्षण किया, जबकि धनबाद में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घाटों पर सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें.
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव एक बार फिर सियासी अटकलों का अखाड़ा बन गया है। पूर्वी सिंहभूम जिले की इस एसटी आरक्षित सीट पर 11 नवंबर को होने वाले मतदान ने न केवल स्थानीय स्तर पर हलचल मचा दी है, बल्कि राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की प्रतिष्ठा का भी सवाल है।
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर झामुमो ने उनके पुत्र सोमेश सोरेन को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को, लेकिन असली ट्विस्ट तीसरे खेमे से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की उम्मीदवारी से आया है। फायरब्रांड नेता टाइगर जयराम कुमार महतो की पार्टी की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
दरअसल उपचुनाव की सरगर्मी शुरू होते ही सियासी दलों ने हर संभव नुस्खा आजमाना शुरू कर दिया। शुरुआत रामदास सोरेन के परिवार को लेकर फैलाई गई अफवाहों से हुई। रामदास सोरेन के पुत्र, पत्नी या अन्य परिजनों को टिकट मिलने की कयास लगाई गईं, जबकि ऐसी कोई बात नहीं थी।
सोमेश सोरेन के नाम पर आरंभ से ही सहमति थी। झामुमो की केंद्रीय समिति ने भी अंतत: इसपर सहमति जताई। 15 अक्टूबर को औपचारिक घोषणा होते ही नाम को लेकर अफवाहें थम गईं।
अब नया मोड़ जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो को लेकर आया है। कयास लगाया जा रहा है कि जयराम को हेमंत सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। जिसे उपचुनाव में जेएलकेएम की मौजूदगी के असर को कम करने की चाल बताया रहा है।
उल्लेखनीय है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में जयराम ने कुड़मी युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता से भाजपा-आजसू गठबंधन को भारी नुकसान पहुंचाया था। आजसू प्रमुख सुदेश महतो सिल्ली से चुनाव हार गए थे।
जेएलकेएम महासचिव और घाटशिला चुनाव के मुख्य संयोजक देवेंद्रनाथ महतो ने इसे भाजपा-आजसू की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह अफवाहें भ्रम फैलाने के लिए हैं। जयराम सरकार में शामिल नहीं होंगे। हम पूरे दमखम से उपचुनाव लड़ रहे हैं। हमारी पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिशें विफल होगी।
जमशेदपुरः शहर में बढ़ते अपराध और अवैध हथियारों के जाल पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। जुगसलाई थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर तीन युवकों को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये तीनों किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को देर रात सूचना मिली कि खरकई नदी रेलवे ब्रिज के पास तीन संदिग्ध युवक हथियारों के साथ घूम रहे हैं और किसी घटना की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही घरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और मौके पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने तीनों युवकों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक टी स्वचालित पिस्टल, एक मैगजीन का स्प्रिंग और कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गईं।
गिरफ्तार युवकों की पहचान कटमा थाना क्षेत्र के निवासी इयात अहमद, मोइनुद्दीन और शाकिब हुसैन के रूप में हुई है। तीनों की उम्र 18 से 19 वर्ष के बीच बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली। तीनों ने स्वीकार किया कि हाल ही में जुगसलाई क्षेत्र में हुए जफर अली उर्फ मुर्गा राजू फायरिंग कांड में वे शामिल थे। इस स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।
इस छापेमारी अभियान का नेतृत्व तौकिर आलम ने किया। टीम में शनि बर्धन, बैजनाथ कुमार, निरीक्षक गौतम कुमार, आलोक कुमार, मनोज कुमार गौराई, दुर्गा तिर्की, जगतपाल मांझी, हवलदार वासुदेव महतो, गौधन राम और कृष्ण कुमार रजय शामिल थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों युवकों को हथियार कहां से मिले और उनके संपर्क किन लोगों से हैं। अधिकारियों का कहना है कि शहर में हाल के दिनों में बढ़ती हथियारबंदी और युवाओं की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता चिंता का विषय बन चुकी है।
आगामी छठ महापर्व को लेकर जुगसलाई शिव छठ घाट में तैयारियां ज़ोरों पर हैं। घाट परिसर में सफाई अभियान लगातार जारी है, वहीं टेंट और लाइटिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने और कपड़े बदलने की अलग व्यवस्था भी की जा रही है।
सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीम मुस्तैद है। घाट क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, साथ ही महिला पुलिस बल भी तैनात की जाएगी। शाम के समय भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग और डाइविंग टीम की भी व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
नगर परिषद और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन मिलकर घाट को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में जुटे हुए हैं।