घाटशिला : घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। चुनाव की तारीख नज़दीक आते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, आजसू (AJSU) और झारखंड लोककल्याण मंच (JLKM) सभी दलों ने जनता के बीच अपना जनसंपर्क अभियान तेज़ कर दिया है।
हर पार्टी अपने उम्मीदवार के समर्थन में सभाएँ, पदयात्राएँ और नुक्कड़ सभा कर रही है। 🟩 JMM विकास और जनाधिकार के मुद्दे पर जनता से जुड़ने की कोशिश में है, 🟧 BJP सुशासन और स्थिर सरकार का नारा दे रही है, 🟦 कांग्रेस जनता के बीच बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा उठा रही है, 🟥 जबकि AJSU और JLKM स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय विकास पर फोकस कर रहे हैं।
जनता अब हर प्रत्याशी को नज़दीक से सुन रही है, और घाटशिला की गलियों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक राजनीतिक चर्चा चरम पर है। किसके पक्ष में जनता का रुख जाएगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा — लेकिन इतना तय है कि घाटशिला की जंग इस बार दिलचस्प होने वाली है।
महनार : बिहार के महनार विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल के बीच आज एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। निर्दलीय प्रत्याशी विपिन सर के समर्थन में पहुँचे झारखंड के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि जयराम महतो विधायक का स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया।
जयराम महतो ने कहा — “मैं अपने मित्र विपिन सर के स्वागत से अभिभूत हूँ। जब किसी ईमानदार व्यक्ति को जनता के लिए संघर्ष करते देखता हूँ, तो यह एक सुखद एहसास देता है। संघर्ष जारी रहेगा।”
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनता और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोगों ने “ईमानदार नेता जिंदाबाद” और “विपिन सर आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं” के नारे लगाए। जयराम महतो ने आगे कहा कि राजनीति में सच्चाई और पारदर्शिता ही सबसे बड़ी ताकत है और महनार की जनता अब बदलाव के मूड में है।
गिरिडीह : सऊदी अरब से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई क्रॉस फायरिंग में झारखंड के 26 वर्षीय युवक विजय कुमार महतो की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब पुलिस अपराधियों को पकड़ने पहुँची थी, और अचानक हुई गोलियों की बौछार में विजय कुमार महतो उसकी चपेट में आ गया।
मृतक विजय कुमार महतो गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड का रहने वाला था। वह पिछले कुछ वर्षों से सऊदी अरब में काम कर रहा था। परिजनों को जैसे ही खबर मिली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
इधर, झारखंड सरकार के श्रम विभाग ने सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर लिया है। विभाग की ओर से बताया गया है कि विजय का श*व भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उसे जल्द से जल्द अपने वतन में अंतिम विदाई दी जा सके। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि विजय के परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय दिया जाए।
🕯️ तीसरी धारा न्यूज़ दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता है और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।
📍गिरिडीह से — अंकित सिन्हा की रिपोर्ट | तीसरी धारा न्यूज़
मोकामा, बिहार : बिहार में चर्चित दुलारचंद हत्याकांड पर चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई की है। घटना की जांच में लापरवाही और निष्पक्षता पर उठे सवालों के बाद आयोग ने चार अधिकारियों का तबादला कर दिया है, जबकि एक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन अधिकारियों को हटाया गया है उनमें जिला एसपी, एसडीपीओ, थाना प्रभारी और एक अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सस्पेंड किए गए अधिकारी पर घटना की जांच में गंभीर चूक और पक्षपात के आरोप लगे हैं।
चुनाव आयोग ने कहा है — कानून-व्यवस्था से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे देर से उठाया गया कदम बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे “न्याय की जीत” बता रहा है। अब बड़ा सवाल — क्या इस कार्रवाई के बाद दुलारचंद हत्याकांड की सच्चाई सामने आएगी ?
सरायकेला : सड़कों पर दौड़ने वाली वाहनों पर लगे तेज हार्न और प्रेशर हार्न से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दो पहिया वाहन में कंपनी के द्वारा लगाया गया साइलेंसर को बदलकर माडिफाइड साइलेंसर लगा दिया जाता है, जिसके कारण सड़क पर आवागमन करने वालो के साथ अन्य लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि माडिफाइड साइलेंसर की आवाज इतनी तेज होती है, वहीं तेज हार्न के कारण भी लोगों के ऊपर इसका सीधा असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि तेज हार्न के कारण कान कुछ समय के लिए सुनापन लगने लगता है साथ ही तेज हार्न का असर दिमाग पर पड़ता है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों और बच्चों के बीच भी इसका सीधा असर पड़ता है।
वर्तमान समय में तेज हार्न और माडिफाइड साइलेंसर का प्रचलन बढ़ता जा रहा है जिसके कारण लोगों को इससे जूझना पड़ रहा है। मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने जिला परिवहन पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया है कि जनहित को देखते हुए अविलंब इस पर अंकुश लगाई जाए।
चाईबासा सदर अस्पताल में थैलिसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने की घटना पर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. ताजा जानकारी यह है कि राज्य के ड्रग कंट्रोलर ने चाईबासा ब्लड बैंक के खिलाफ की गई कार्रवाई की अनुशंसा को नजरअंदाज किया. बताया जा रहा है कि ब्लड बैंक में संक्रमण की जांच के लिए ELISA मशीनें थी, बावजूद इसके Rapid Kit का इस्तेमाल किया जा रहा है.
2021 में की गई थी कार्रवाई की अनुशंसा सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने संयुक्त निरीक्षण के बाद साल 2021 में इस ब्लड बैंक के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा की थी लेकिन, ब्लड बैंक के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह उसे नया लाइसेंस लेने के लिए पत्र लिखा जाता रहा.
गौरतलब है कि इसी ब्लड बैंक से थैलेसीमिया पीड़िता 5 बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाया गया. इसके बाद सरकार होश में आई और जिले के सिविल सर्जन सहित अन्य कुछ लोगों पर निलंबन की कार्रवाई की गई. हालांकि, अभी भी इस केस में लापरवाही बरतने वाले ड्रग कंट्रोलर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई.
दिसंबर 2020 में ब्लड बैंक का संयुक्त निरीक्षण गौरतलब है कि दिसंबर 2020 में सीडीएससीओ के निर्देश पर चाईबासा सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक का संयुक्त निरीक्षण किया गया था, जिसमें सीडीएससीओ के ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश प्रधान और झारखंड के ड्रग इंस्पेक्टर कुंज बिहारी शामिल थे. निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियां मिलीं. निरीक्षण के दौरान जगह बदलने की वजह से ब्लड बैंक का लाइसेंस खत्म होने का मामला सामने आया.
संयुक्त निरीक्षण की रिपोर्ट सीडीएससीओ और झारखंड सरकार को भेजी गयी थी. इसमें ड्रग एंड कॉस्मेटिक रूल 1945 के प्रावधानों के तहत ब्लड बैंक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. बिना लाइसेंस के ही ब्लड बैंक का संचालन किया जाता रहा. ड्रग कंट्रोलक के स्तर से केवल इतना ही कहा जाता रहा कि लाइसेंस बना लो.
टाटानगर रेल क्षेत्र में 300 से ज्यादा मकान तोड़े जाएंगे। रेलवे ने इन मकान मालिकों को नोटिस जारी किया है। मकान तोड़ने का काम नवंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है।
लोगों द्वारा खुद जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटाने पर कच्चे पक्के मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया जाएगा।
झारखंड के टाटानगर रेल क्षेत्र में सोलर प्लांट लगाने का काम जल्द शुरू होगा। इसके लिए लाइन किनारे 550 मीटर (आधा किमी) जमीन जरूरी है। सोलर प्लांट लगने से रेलवे को बिजली के खर्चे में बचत होगी। जानकार बताते हैं कि दक्षिण-पूर्व रेलवे जोन के चक्रधरपुर समेत अन्य मंडलों में 339 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करने की योजना है, लेकिन सोलर प्लांट के लिए चिह्नित जगह पर अवैध रूप से मकान बने हैं।
इससे रेलवे इंजीनियरिंग विभाग जमीन से अवैध कब्जा हटाने में जुटा है। लोको क्रॉसिंग से सलगाझुड़ी केबिन तक मछुआ पाड़ा व हरिजन बस्ती में ढाई-तीन सौ लोगों को नोटिस देकर जमीन खाली करने का आदेश दिया गया है, ताकि सोलर प्लांट का काम जल्द शुरू हो सके। उम्मीद है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में रेलवे जमीन खाली करने का अभियान शुरू करेगा।
लोगों द्वारा खुद जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटाने पर कच्चे पक्के मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया जाएगा। इधर, इंजीनियरिंग विभाग के नोटिस से वर्षों रेलवे की जमीन पर रहने वाले परिवारों में हड़कंप है।
स्टेशन पुनर्विकास योजना से भी हटेगा अतिक्रमण
दक्षिण पूर्व जोन के मॉडल स्टेशन टाटानगर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए भी रेलवे में अतिक्रमण हटाने की तैयारी है। बर्मामाइंस की ओर स्टेशन का विकास कार्य शुरू होने से पहले अवैध निर्माण हटाए जाएंगे, जबकि जुगसलाई से स्टेशन खासमहल और कीताडीह रोड में भी अवैध ढंग से दुकान बनाने वालों को रेलवे ने पहले ही नोटिस दिया गया है।
वहीं, लोको कॉलोनी में नई वॉशिंग लाइन बनाने और झारखंड नगर में ट्रेनों को रखने के लिए नई लाइन बेचने की योजना से भी अवैध कब्जा हटाने का नोटिस दिया गया है।
झारखंड के शहरी पारा शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी की है। उन्हें एरियर समेत मानदेय वृद्धि का लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में चुनाव नहीं होने से इन अध्यापकों को वर्ष 2023 से मानदेय वृद्धि का लाभ नहीं मिल रहा था।
झारखंड के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने राज्य के शहरी क्षेत्र में कार्यरत सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षक) के मानदेय में 4 फीसदी वृद्धि को सशर्त मंजूरी दे दी है। इस वृद्धि का लाभ लगभग 1500-2000 पारा शिक्षकों को मिलेगा। यह आदेश शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने निकाला है।
ग्रामीण क्षेत्र के सहायक अध्यापकों को मानदेय वृद्धि का यह लाभ वर्ष 2023 से मिल रहा है, पर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण शहरी क्षेत्र में समिति नहीं बन पाई थी, इस वजह से इन शिक्षकों को अब तक मानदेय वृद्धि का लाभ नहीं मिल रहा था। अब इन्हें एरियर समेत मानदेय वृद्धि का लाभ मिलेगा।
नगर निगम या नगर परिषद तथा नगर पंचायत क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों में कार्य कर रहे सहायक अध्यापकों के लिए प्रशासनिक सह अनुशासनिक प्राधिकार का गठन किया गया है। शहरी क्षेत्रों में चुनाव नहीं होने से सहायक अध्यापकों को वर्ष 2023 से चार प्रतिशत मानदेय वृद्धि का लाभ नहीं मिलने पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए परियोजना निदेशक ने वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव दिया था। इसकी समीक्षा के बाद सहायक अध्यापकों की चार प्रतिशत मानदेय वृद्धि के लिए तत्काल कुछ शर्तों के साथ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
वेतन वृद्धि से पूर्व, उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला कार्यकारिणी समिति का भी अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। राज्य के शहरी क्षेत्रों के चुनाव के बाद वृद्धि की घटनोत्तर स्वीकृति प्राप्त की जाएगी। यह व्यवस्था पूर्ण रूप से तात्कालिक है। मानदेय वृद्धि के इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री सह सीएम की ओर से अनुमोदित किया गया है।
झारखंड में दर्दनाक हादसा सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिले में रेलवे इंजीनियर समेत दो लोगों की वंदे भारत ट्रेन से कटकर मौत हो गयी। पहली घटना चाकुलिया और कानीमहुली स्टेशनों के बीच हुई।
गुरुवार रात हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के कमारीगोड़ा निवासी संतोष दास (34 वर्ष) नामक युवक की मौत हो गई। मृतक पेट्रोल पंप पर काम करता था और घर से काम के लिए निकला था। यह घटना कैसे हुई, पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार सुबह जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला भेजा।
दूसरी घटना सीनी-गम्हरिया रेलवे स्टेशनों के बीच बीरबांस में पोल संख्या 266 के समीप हुई। शुक्रवार दोपहर देवघर जिला निवासी इंजीनियर मनोज दास (45 वर्ष) की वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।
बताया जाता है कि डाउन लाइन पर कार्य चल रहा था। इस दौरान वंदे भारत की चपेट में आ गये। वह रेलवे पीडब्ल्यूआई में इंजीनियर थे। थाना प्रभारी सरायकेला विनय कुमार ने कहा कि परिजनों के आने के बाद शव सौंप दिया जाएगा।
छह वर्ष से आदित्यपुर में मनोज दास थे तैनात
मनोज दास छह वर्ष से आदित्यपुर रेलवे स्टेशन के पीडब्ल्यूआई में इंजीनियर थे। बताया जा रहा है कि जिस लाइन पर ड्यूटी पर लगायी गयी थी, वहां से दूसरी लाइन पर चले आये थे। वे बतौर टीएम टू के पद पर तैनात थे। परिवार गम्हरिया में रहता है।
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कदमा के भाटिया बस्ती निवासी श्यामल प्रमाणिक को विभाग की ओर से ऐसा बिजली बिल मिला है, जिसने उन्हें सकते में डाल दिया है।
श्यामल प्रमाणिक मोहन पथ स्थित अपने दो कमरों के छोटे से घर में पत्नी के साथ रहते हैं, जबकि उनके दो बेटे पढ़ाई के सिलसिले में बाहर हैं। घर में टीवी तक नहीं है। बिजली उपकरणों के नाम पर केवल एक पंखा, ट्यूब लाइट और एक फ्रिज है।
हर महीने 150 से 170 यूनिट के बीच रहता है बिल :
सरकार की ओर से 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त करने की घोषणा के बाद से श्यामल के घर का बिजली उपभोग हर महीने 150 से 170 यूनिट के बीच ही रहा है। इसलिए अब तक उनका बिल शून्य आता था।
मीटर जांच के बाद कोई बिल नहीं दिया :
लेकिन 21 अक्टूबर को बिजली विभाग का रीडिंग कर्मचारी उनके घर पहुंचा, मीटर जांच की, पर कोई बिल नहीं दिया। तीन दिन बाद मोबाइल पर बिल मैसेज आया, जिसमें 3,24,515 रुपये का बकाया दिखाया गया। जबकि यूनिट और केवीए दोनों शून्य दर्शा रहे थे। इस भारी-भरकम बिल को देखकर श्यामल के होश उड़ गए।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई : श्यामल प्रमाणिक ने तुरंत कदमा स्थित बिजली विभाग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने बिल देखकर लिखित शिकायत देने को कहा। श्यामल ने ऐसा किया भी, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विभाग ने बिल भुगतान का अल्टीमेटम दिया : अब विभाग की ओर से छह नवंबर तक बिल भुगतान का अल्टीमेटम दिया गया है। श्यामल परेशान हैं कि जब उनका उपभोग ही 200 यूनिट से कम है और बिजली फ्री है, तो इतने बड़े बिल की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। उन्होंने विभाग से त्वरित समाधान की मांग की है ताकि आम उपभोक्ताओं को ऐसी परेशानी से राहत मिल सके।
बिल भेजने में गलती हुुई है :
रीडर द्वारा प्वाइंट को अंक में जोड़ देने के कारण गलती हुई है। यह बात सही है कि अक्तूबर में श्यामल को 3,24,515 रुपये का बिल भेजा गया है। इसकी जांच के बाद शुक्रवार को समस्या का निदान करा दिया जाएगा।