एक नई सोच, एक नई धारा

नेशनल हेराल्ड केस में बढ़ी सोनिया और राहुल गांधी की मुश्किलें, दोनों के खिलाफ दर्ज की नई FIR

नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है। यह केस दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने दर्ज किया है।

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FIR में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा 6 और लोगों या बिजनेस कंपनियों का भी नाम है। मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को धोखे से खरीदने की क्रिमिनल साजिश से जुड़ा हुआ है। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड उस समय कांग्रेस की कंपनी थी और इसके पास 2,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी थी। यह खरीद यंग इंडियन के जरिए की गई थी, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी।

हमारे सहयोगी TOI ने दिल्ली पुलिस के FIR दर्ज करने के बारे में पार्टी से फिर संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। सोनिया और राहुल गांधी के अलावा, दिल्ली पुलिस की FIR में तीन और लोगों का नाम है, जिसमें इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोदा भी शामिल हैं। इसमें तीन कंपनियों, AJL, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का भी नाम है, जो कथित तौर पर कोलकाता की एक शेल कंपनी है, जिसने यंग इंडिया को 1 करोड़ रुपये दिए, जिससे गांधी परिवार ने कांग्रेस को 50 लाख रुपये देकर AJL को कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने के लिए कहा। कांग्रेस ने लगातार आरोपों को गलत बताया है और ED पर सरकार के कहने पर राजनीतिक चाल चलने का आरोप लगाया है।

शेयरहोल्डर्स को पूछताछ के लिए बुला सकती है पुलिस

सूत्रों के मुताबिक पुलिस AJL के शेयरहोल्डर्स को पूछताछ के लिए बुला सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कांग्रेस ने कंपनी को सोनिया और राहुल गांधी के मालिकाना हक वाली यंग इंडियन को ट्रांसफर करने से पहले उनसे सलाह ली थी और उनकी मंजूरी ली थी। दिल्ली पुलिस की 3 अक्टूबर की FIR, ED के हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेटिव यूनिट (HIU) की शिकायत पर आधारित है, जिसने 2008-2024 तक नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में अपनी जांच के डिटेल्ड नतीजे शेयर किए हैं। पीएमएलए के तहत सूचना साझा करने से ईडी को किसी दूसरी प्रवर्तन एजेंसी को अनुसूचित अपराध को पंजीकृत करने और जांच करने के लिए कहने की अनुमति मिलती है, जो तब ईडी के लिए पीएमएलए के तहत अपनी जांच करने के लिए जरूरी एक निर्धारक अपराध बन सकता है।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच भी है जारी, कोर्ट ने नहीं लिया संज्ञान

बता दें कि इस मामले में ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच, BJP के पूर्व MP सुब्रमण्यम स्वामी की एक प्राइवेट शिकायत और जून 2014 में पटियाला हाउस में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट द्वारा इस पर संज्ञान लेने पर आधारित है। इस मामले में सेंट्रल एजेंसी ने 9 अप्रैल को राउज एवेन्यू में एक स्पेशल MPs/MLAs कोर्ट में गांधी परिवार और दूसरे आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) फाइल की थी। कोर्ट ने अभी तक इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया है।

जिला प्रशासन द्वारा जनवरी 2026 में प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव का आयोजन प्रस्तावित

जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम की ओर से जनवरी माह 2026 में प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव प्रस्तावित है। आगामी 09, 10 और 11 जनवरी 2026 को गोपाल मैदान, जमशेदपुर में तीन दिवसीय साहित्य उत्सव के आयोजन को लेकर उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कार्यालय कक्ष में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा – निर्देश दिए । उत्सव की व्यापक तैयारी को लेकर उपायुक्त ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की तथा कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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उपायुक्त ने कहा कि यह उत्सव जिले के सांस्कृतिक और बौद्धिक वातावरण को समृद्ध करेगा। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक साहित्यप्रेमी नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश पदाधिकारियों को दिए, ताकि साहित्य उत्सव का लाभ सिर्फ शहर तक सीमित न रहकर पूरे जिले तक पहुँच सके।

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बैठक में स्टॉल व्यवस्था, साहित्यकारों की भागीदारी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पुस्तक प्रदर्शन, अतिथि समन्वय तथा अन्य व्यवस्थागत पहलुओं पर विस्तार से विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित समयसीमा में तैयारी पूर्ण करने तथा विभिन्न समितियों का गठन करते हुए सक्रिय रूप से समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि साहित्य उत्सव न केवल साहित्यकारों और पाठकों के बीच एक संवाद मंच प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं में साहित्यिक अभिरुचि विकसित करने का भी अवसर देगा।
इस अवसर पर यूसीआईएल के डीजीएम राकेश कुमार, एस के सेनगुप्ता, जितेश कुमार भी उपस्थित थे।

ग्राम पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में जमशेदपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन

राज्य सरकार एवं पंचायती राज विभाग, झारखंड के निर्देशानुसार पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन 28 एवं 29 नवम्बर 2025 को जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC) जमशेदपुर में किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्वयं के राजस्व स्रोत (Own Source Revenue – OSR) की जानकारी प्रदान करना तथा ग्राम स्तर पर राजस्व सृजन के माध्यम से वित्तीय आत्मनिर्भरता विकसित करना रहा । सभी 11 प्रखंडों के पंचायती राज से संबंधित अधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया।

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प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षक अजय कुमार मिश्र एवं सुशांत कुमार ढोके ने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी, व्यवहारिक एवं प्रबंधन संबंधी विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जिनमें ग्राम पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोतों (OSR) की पहचान, वर्गीकरण एवं उनकी महत्ता। OSR संवर्धन हेतु रणनीतियां एवं पंचायत स्तर पर व्यवहार्य कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया। कर भुगतान के प्रति ग्रामीणों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, ग्राम विकास योजनाओं में OSR के प्रभावी उपयोग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपाय। नवीन वित्तीय विकल्प जैसे PPP मॉडल, CSR फंड एवं स्थानीय निवेश के अवसर। सतत संसाधन सृजन हेतु राजस्व पूर्वानुमान, योजना निर्माण एवं कार्यान्वयन प्रक्रिया। SWOT विश्लेषण के माध्यम से पंचायतों की वित्तीय स्थिति का यथार्थ मूल्यांकन। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में परियोजना प्रबंधन कौशल का व्यावहारिक उपयोग।

प्रशिक्षण सत्रों में समूह कार्य, चर्चा सत्र एवं केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। प्रशिक्षकों ने पंचायतों की स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि किस प्रकार संपत्ति कर, बाजार शुल्क, जल उपयोग शुल्क, संपत्ति उपयोग शुल्क जैसे स्रोतों से स्थायी एवं पारदर्शी राजस्व सृजन किया जा सकता है। प्रतिभागियों को विभागीय नीतियों, ऑनलाइन उपकरणों एवं डेटा-आधारित योजना निर्माण के व्यावहारिक उपयोग से भी अवगत कराया गया।

समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन जिला पंचायत राज पदाधिकारी रिंकू कुमारी एवं डीपीएम राजू झा ने किया । उन्होंने सभी मुखिया एवं सचिवों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाकर अपने पंचायत क्षेत्र में राजस्व संग्रहण की एक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं सतत प्रणाली विकसित करें।

जिला प्रशासन की पहल पर तीन जेलों को यूसीआईएल ने सीएसआर मद से उपलब्ध कराया एंबुलेंस, हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जमशेदपुर के घाघीडीह मंडल कारा, साकची जेल और घाटशिला जेल में कैदियों की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने सीएसआर मद से तीन एंबुलेंस उपलब्ध कराए हैं। समाहरणालय में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने तीनों एंबुलेंसों की चाबियां संबंधित जेल काराध्यक्षों को सुपुर्द करते हुए कहा कि इन वाहनों का संचालन पूर्ण जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हो। किसी भी बीमार कैदी को समय पर उपचार प्रदान किया जाना आवश्यक है। कई बार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में कैदियों को एमजीएम अस्पताल या रांची रेफर करना पड़ता है, ऐसे में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होने से सहूलियत होगी।

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उपायुक्त ने यूसीआईएल प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहयोग जिला प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा कदम है। इन एंबुलेंसों के माध्यम से कैदियों को आपात स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इलाज में होने वाली अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा। सभी तीनों जेलों की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

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पीएम – सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में चुने गए 10 गांव, एक बनेगा “मॉडल सोलर विलेज”

जमशेदपुर के घाघीडीह मंडल कारा, साकची जेल और घाटशिला जेल में कैदियों की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने सीएसआर मद से तीन एंबुलेंस उपलब्ध कराए हैं। समाहरणालय में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने तीनों एंबुलेंसों की चाबियां संबंधित जेल काराध्यक्षों को सुपुर्द करते हुए कहा कि इन वाहनों का संचालन पूर्ण जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हो। किसी भी बीमार कैदी को समय पर उपचार प्रदान किया जाना आवश्यक है। कई बार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में कैदियों को एमजीएम अस्पताल या रांची रेफर करना पड़ता है, ऐसे में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होने से सहूलियत होगी।

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उपायुक्त ने यूसीआईएल प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहयोग जिला प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा कदम है। इन एंबुलेंसों के माध्यम से कैदियों को आपात स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इलाज में होने वाली अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा। सभी तीनों जेलों की स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

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RPF-GRP की संयुक्त कार्रवाई में टाटानगर स्टेशन से 17 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार

जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत आरपीएफ उड़नदस्ता दल चक्रधरपुर मंडल और जीआरपी टाटानगर की संयुक्त कार्रवाई में रविवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन से एक बड़े गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया गया. टीम ने आरोपी के पास से 17 किलो अवैध गांजा बरामद किया है. गिरफ्तार युवक की पहचान उदय कुमार उर्फ मंटू, निवासी हरिहरगंज, पलामू (झारखंड) के रूप में हुई है.

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जानकारी के अनुसार, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि उड़ीसा के जरपाड़ा रेलवे स्टेशन से अवैध गांजे की एक बड़ी खेप टाटानगर पहुंचने वाली है. इस सूचना के आधार पर आरपीएफ उड़नदस्ता दल और जीआरपी टाटानगर की टीम ने संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में विशेष निगरानी अभियान चलाया. इसी दौरान संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की गई. तलाशी में उसके बैग से 17 किलो गांजा बरामद हुआ. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यह गांजा उड़ीसा से लेकर आया था और यहां से बस के रास्ते डाल्टनगंज पहुंचाने वाला था.

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), रेल जमशेदपुर के नेतृत्व में की गई. टीम में आरपीएफ और जीआरपी के कई अधिकारी और जवान शामिल थे. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में है कि इस खेप को डाल्टनगंज में किसे सप्लाई किया जाना था तथा इसके पीछे और कौन-कौन से लोग शामिल हैं. पुलिस ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.

13 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, सदमे में परिवार, जांच में जुटी पुलिस

सिद्धू कानू मैदान के पास स्थित आवासीय इलाके में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 13 वर्षीय किशोर नवनीत कुमार ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नवनीत संजीवियर्स स्कूल में कक्षा 4 का छात्र था।

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जानकारी के अनुसार, नवनीत शनिवार दोपहर करीब 1 बजे स्कूल से घर लौटा। वह सामान्य दिनों की तरह सीधे अपने कमरे में चला गया। घर के सदस्य अपनी-अपनी दिनचर्या में व्यस्त थे, जबकि उसकी छोटी बहन घर के बाहर खेल रही थी। कुछ देर बाद जब वह अंदर आई, तो उसने धीरे-धीरे दरवाज़ा खोलकर देखा। भीतर का दृश्य देखकर वह घबरा गई—नवनीत रस्सी के सहारे पंखे से लटका हुआ था। उसने तुरंत बाहर जाकर पिता को जानकारी दी।

सूचना मिलते ही पिता घर पहुंचे और बेटे को फंदे से उतारकर आनन-फानन में टाटा मुख्य अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद नवनीत को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल बागबेड़ा थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस इस दर्दनाक घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि नवनीत पढ़ाई में सामान्य था और पिछले दिनों किसी तनाव या परेशानी का कोई संकेत घरवालों ने नहीं देखा था। पुलिस बच्चे की दिनचर्या, स्कूल, दोस्तों और हालिया गतिविधियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

कारूवा समाज ने मनाया ज्योतिबाफुले की पुण्यतिथि

सरायकेला खरसावां : कारूवा समाज ने पोस्तुनगर में महान् समाज सुधारक ज्योतिबाफुले जी की पुण्यतिथि, मूलनिवासी कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी की अध्यक्षता में मनाया गया।

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इस अवसर पर अखिल भारतीय अनूसूचित जाति जनजाति एकता मंच सरायकेला खरसावां के संरक्षक रंजन कारूवा ने कहा कि समाजिक क्रांति के प्रणेता, महान समाज सुधारक ज्योतिबाफुले जी दार्शनिक लेखक एवं महिलाओं के लिए पहला विद्यालय 1848 में पुणे में स्थापना किए और लड़कियों को शिक्षित करने के उद्देश्य से 1873 में सत्य शोधक समाज की स्थापना और गुलामगिरि, किसान की चाबुक पुस्तक से जातिगत व्यवस्था और ब्राह्मणों की शासन आलोचना की। इन्हें 1888 को विथलराव कृष्णजी वांदेकर ने महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया। इनकी मृत्यु 28 नवंबर 1890 को पुणे में हो गया।
इस मौके पर रंजन कारूवा, समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी, राजकुमार बेहरा, संतोष कारूवा, मनोज मुखी, कन्हाई मुखी,अजय मुखी, संतोष मुखी, रवि मुखी, संजय मुखी, सुरेश कारूवा मुख्य रूप से उपस्थित थे।

वादा 10 लाख नौकरियों का ओर 10 हजार नियुक्तियो को सरकार बता रही उपलब्धि- आदित्य साहू

झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि सरकार महज विज्ञापनों और बड़े आयोजनों पर करोड़ों रुपए खर्च कर अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने में लगी है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है.

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साहू ने आरोप लगाया कि सरकार जिन लगभग दस हजार नियुक्तियों का जिक्र कर रही है, उनमें अधिकतर रिक्तियां पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय निकाली गई थीं. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने इन नियुक्तियों को वर्षों तक कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाए रखा और अब इन्हें अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “महागठबंधन की सरकार योजनाओं को लटकाने, भटकाने और अटकाने में ही ज्यादा विश्वास रखती है. जनता के कल्याण से इसका कोई लेना-देना नहीं है.”

भाजपा नेता ने कहा कि जो सरकार चुनाव से पहले 10 लाख नौकरियों का वादा कर सत्ता में आई, वह अब 10 हजार से भी कम नियुक्ति पत्र वितरण को उपलब्धि के रूप में मना रही है. उन्होंने दावा किया कि सत्ता संभालने के बाद राज्य सरकार ने दो लाख से अधिक सरकारी पद समाप्त कर दिए. साहू ने कहा कि आज सरकार को नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि पद समाप्ति पत्र बांटना चाहिए था.

उन्होंने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवा हताश और निराश हैं. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताएं हुईं, लेकिन सरकार इस पर ठोस कार्रवाई और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते की चर्चा तक सरकार नहीं कर रही, जबकि यह उनकी चुनावी घोषणा का महत्वपूर्ण हिस्सा था.

साहू ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित परीक्षा कैलेंडर का कोई अता-पता नहीं है. उन्होंने कहा कि इस स्थिति में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह बेरोजगार युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को ठोस नीति, स्पष्ट रोडमैप और समयबद्ध नियुक्तियों की उम्मीद है, न कि ऐसे समारोहों और सरकारी विज्ञापनों की. भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार प्रचार-प्रसार से बाहर निकलकर रोजगार सृजन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीरता से काम करे, ताकि राज्य के युवाओं का भरोसा बहाल हो सके.

एक वर्ष पूर्ण होने पर सोरेन सरकार ने अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष शुक्रवार को पूरा हो गया. इस मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित 8,792 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. ये नियुक्तियां उपसमाहर्ता, पुलिस उपाधीक्षक, काराधीक्षक, झारखंड शिक्षा सेवा, जिला समादेष्टा, श्रम अधीक्षक, प्रोबेशन पदाधिकारी, निरीक्षक उत्पाद, दंत चिकित्सक, सहायक आचार्य और कीटपालक सहित अन्य पदों पर की गई हैं.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘अबुआ सरकार’ (अपनी सरकार) के प्रथम वर्ष के साथ ही झारखंड अपने निर्माण के 25 वर्ष पूरे कर गर्व का अनुभव कर रहा है. उन्होंने कहा कि आज राज्य के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में प्रवेश का अवसर मिला है.

सोरेन ने कहा कि सिर्फ इस वर्ष लगभग 9 हजार नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं, जबकि 2024 में कुल 16 हजार सरकारी नियुक्तियां पूरी की गईं. वहीं, निजी क्षेत्र में 8 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच राज्य में 24-25 हजार सरकारी नियुक्तियां और करीब 28 हजार निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराए गए.

उन्होंने कहा कि आज यहां जुटा युवा जनसमूह सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने कहा, “25 साल के हमारे युवा राज्य में शायद पहले कभी एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति नहीं दी गई होगी.” उन्होंने कहा कि यह अवसर भावुक करने वाला है, क्योंकि राज्य गठन के प्रेरणा स्रोत दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन आज हमारे बीच नहीं हैं.

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सरकार के कामकाज में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई स्तरों पर भ्रम फैलाने और नियुक्ति प्रक्रियाओं को रोकने की साजिश की गई, लेकिन सरकार ने सभी बाधाओं के बावजूद युवाओं को अवसर देने का काम जारी रखा. उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी प्रकार के ‘पैसे या पैरवी’ का इसमें कोई स्थान नहीं है.

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान नियुक्तियों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बेटियां शामिल हैं, जो राज्य में सामाजिक बदलाव का संकेत है. उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से राज्य के विकास में साझेदार बनने की अपील की और कहा कि सभी नवपदस्थ अधिकारी अपने-अपने जिलों में जाकर एक-एक युवक को अपने जैसा सक्षम बनाने का संकल्प लें. उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार से राज्य की आने वाली पीढ़ियां विकास की मुख्यधारा में तेजी से शामिल होंगी.

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, योगेंद्र प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की, संजय प्रसाद, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, हफीजुल अंसारी, चमरा लिंडा, दीपक बिरूआ, सांसद महुआ माजी और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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