एक नई सोच, एक नई धारा

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पारिवारिक मिलन समारोह के बाद होगा जिला तैलिक साहू महासभा का चुनाव

जमशेदपुर: अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश साहू की अध्यक्षता में साकची आमबगान मैदान स्थित हॉल मैं हुई बैठक में मुख्य रूप से नये साल 2026 में साहू समाज का वन भोज सह पारिवारिक मिलन समारोह एवं जिला कमेटी का कार्यकाल 2 फरवरी को संपन्न होने के बाद जिला कमेटी का चुनाव सहित समाज को नई दिशा देने को लेकर महत्वपूर्ण मुददों पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से यह निर्णय लिया गया कि पहले जनवरी में पारिवारिक वन भोज मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा, उसके बाद फरवरी में जिला चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

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बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से शामिल समाज बंधुओं ने अपने-अपने मूल्यवान सुझाव रखे और सामूहिक रूप से निर्णय को समर्थन दिया। जिला अध्यक्ष राकेश साहू ने कहा कि 11 जनवरी 2026 का पारिवारिक मिलन समारोह होगा। स्थान की सूचना बाद में दी जाएगी।

उसके बाद जिला कमेटी का चुनाव भी संपन्न होगा। जिला समिति का चुनाव करने के लिए चुनाव संचालन समिति के प्रमोद गुप्ता के अलावा 11 सदस्यों की एक टीम का गठन किया गया, जो पारिवारिक मिलन समारोह कार्यक्रम के बाद चुनाव की जिम्मेदारी संभालेगी।

बैठक में मुख्य रूप से संचालन समिति के सदस्य प्रमोद गुप्ता, चंद्रिका प्रसाद साव, जिला कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार, वरीय उपाध्यक्ष शिव लोचन शाह, रंजीत कुमार साव, बागबेड़ा थाना क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष गुप्ता, सिदगोड़ा क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोज शाह, जिला सचिव अशोक साहू, युवा जिला अध्यक्ष आदित्य धनराज साह, महिला अध्यक्ष पूजा साहू जिला सलाहकार अवधेश कुमार प्रसाद, जितेंद्र प्रसाद, आनंद गुप्ता, जितेंद्र प्रसाद दिलीप कुमार, सत्यनारायण साहू, मानगो महिला अध्यक्ष कंचन देवी साव, रीता साहू, गौतम साहू, दिलीप साहू, आयुष गुप्ता, संतोष साहू, परमेश्वर साहू, राजेश्वर साहू, राजेश प्रसाद, शैलेंद्र कुमार, आशीष प्रसाद, उमा प्रसाद, आनंद गुप्ता, दरोगा साहू, राजेश्वर साहू के अलावा साहू समाज के सैकड़ो साथी मौजूद थे।

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सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर को कांग्रेस ने पार्टी से निकाला, 500 करोड़ वाले बयान पर मचा था बवाल

कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्दू पर बड़ी कार्रवाई की है. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है. नवजोत कौर पर यह कार्रवाई पार्टी नेताओं पर विवादित टिप्पणी को लेकर की गई है.

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कुछ दिनों पहले उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपए… वाला बयान दिया था. जिससे विवाद खड़ा हुआ था. अब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू पर कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी है. हालांकि बयान पर विवाद बढ़ने के बाद नवजोत कौर ने सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.

500 करोड़ का सूटकेस देने वाला बनता है सीएम… इसी बयान पर गिरी राज

मालूम हो कि नवजोत कौर कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी है. उन्होंने शनिवार को कथित तौर पर कहा था कि ” जो 500 करोड़ रुपये का ‘सूटकेस’ देता है, वही मुख्यमंत्री बन जाता है.” नवजोत कौर ने शनिवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा था कि अगर कांग्रेस उन्हें पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है, तो उनके पति सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे. पंजाब में 2027 में चुनाव होने हैं.

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टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर वीआईपी लेन बंद करने एवं यात्री गाड़ियों के बिलंब होने पर आजसू हुई आंदोलनरत, देखें – Video

आजसू पार्टी पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह के नेतृत्व में टाटानगर रेलवे स्टेशन डायरेक्टर को डीआरएम.के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर वीआईपी लेन को बैरिकेटिंग कर पूर्ण रूप से बंद होने पर नाराजगी व्यक्त की गई.

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आजसू ने ये की मांग
टाटानगर स्टेशन पार्किंग के वीआईपी लैन को स्टील बैरिकेट से पूरी तरह बंद कर दिया गया है जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. जैसे अगर किसी वीआईपी का आगमन टाटानगर रेलवे स्टेशन पर होता है तो उनके आने कि प्रतीक्षा में उनकी गाड़ी ड्रॉपिंग लेन में खड़ा रहेगी और आम जनता कि गाड़ी जो अपने परिजन को लेने या छोड़ने आएँगे उनकी गाड़ी पीछे खड़ी हो जाएगी. पार्किंग ठेकेदार के अनुबंध के अनुसार ड्रॉपिंग लेन में आने वाली गाड़ी अगर 10 मिनट से ज्यादा रूकती है, तो उसे 500 रु० जुर्माना देना पड़ेगा जो कि आम जनता को बिना जुर्म के जुर्माना देना पड़ेगा और अगर किसी दिव्यांग कि गाड़ी, एम्बुलेंस एवं फायर ब्रिगेड कि गाड़ियों कि जरुरत पड़ती है तो वह भी स्टेशन से दूर रखना पड़ेगा जिससे आम जनता एवं यात्री को इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

अन्य जगहों से टाटानगर स्टेशन को आने वाली गाड़ियां चांडिल स्टेशन, चक्रधरपुर स्टेशन एवं घाटशिला स्टेशन तक अपने सही समय पर पहुँचती है. परन्तु वहाँ से टाटानगर स्टेशन आने में 3 या 4 घंटा लग जाता है, जिससे यात्रियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इसमें सुधार किया जाये.

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डायरेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को ये दिया जवाब
सभी विषयों के बाद स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि हमलोग राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के बाद किसी को वी.आई.पी.की श्रेणी में नहीं आते है और इनके लिए निकास द्वार से आने और जाने की व्यवस्था रहेगी. आपातकालीन सेवाएं के लिए कोई व्यवस्था तत्काल नहीं है. उसपर बातचीत हो रही है जैसा आदेश आएगा वैसा होगा.

डीआरएम की कार्यशैली जनभावना के विरुद्ध आजसू करेगी जन आंदोलन : सहिस
पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि जमशेदपुर के लिए यह बहुत ही गंभीर विषय है और डी.आर.एम.की कार्यशैली जनभावना के विरुद्ध है. इसके लिए आजसू जरूर आंदोलन करेगी, लेकिन इससे पूर्व उन्हें अवगत कराया जा रहा है और यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि जमशेदपुर की जनभावना के साथ खिलवाड़ करने का हक किसी भी व्यक्ति को नहीं है.

बैरिकेटिंग बंद होने से वी.आई.पी के आलावे आपातकालीन सेवाएं भी होंगी प्रभावित, जल्द करें समाधान अन्यथा करेंगे अनशन : कन्हैया सिंह सिंह

आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि स्टील बैरिकेटिंग से आम जनता को भी परेशानी हो रही है. वी.आई.पी.के आगमन पर उनके आने की प्रतिक्षा में खड़ी गाड़िया ड्रॉपिंग लाइन में खड़ी हो जायेंगी, तो ड्रॉपिंग वाली गाड़िया क्या करेंगी. इसके अलावे आपातकालीन सेवाओं का भी आगमन बन्द हो जाएगा. दिव्यांग के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. कोई दुर्घटना होने पर अविलंब कोई भी सेवा बहाल नहीं हो सकता है. अगर इन सारे विषयो पर रेलवे प्रबंधन ध्यान नहीं देती है तो आजसू उग्र आंदोलन करेगी.

ज्ञापन देने ये पहुंचे
ज्ञापन देने में मुख्य रूप से आजसू पार्टी के कमलेश दुबे, संजय सिंह, अप्पू तिवारी, प्रकाश विश्वकर्मा, कृतिवास मंडल, धीरज यादव, बबलू करुआ, मनोज महतो, ललन झा, मृत्युंजय सिंह, ललित सिंह, सुधीर सिंह, अरूप मल्लिक, कमलेश सिंह, सौरभ, राहुल सिंह, मुन्ना यादव, संजय प्रसाद समेत अन्य मौजूद रहे.

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पवन सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, ‘सिद्धू मूसेवाला की तरह करेंगे हाल’

भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह को अज्ञात नंबर से फोन कॉल और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई है. धमकी देने वाले ने खुद को कुख्यात बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ‘बिग बॉस 19’ में सुपरस्टार सलमान खान के साथ स्टेज शेयर किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

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जान से मिली धमकी के बावजूद पवन सिंह रविवार रात ‘बिग बॉस 19’ के ग्रैंड फिनाले में पहुंचे और सलमान खान के साथ स्टेज शेयर किया. उन्होंने ‘बिग बॉस’ की एक्स कंटेस्टेंट नीलम गिरी के साथ डांस परफॉर्मेंस भी दी.

पवन सिंह के मैनेजर ने बताया कि धमकी भरा पहला कॉल 6 दिसंबर की रात लगभग 10 बजे आया. इस कॉल में अज्ञात व्यक्ति ने लगातार धमकियां देना शुरू कर दिया और पवन सिंह की टीम के सदस्य प्रियांशु को कॉल किया. कॉलर ने पवन सिंह के मैनेजर और टीम के अन्य सदस्यों को लगातार मैसेज भेजे. शुरुआत में कॉलर को यह समझाने की कोशिश की गई कि शायद यह गलत नंबर पर कॉल हो रही है, बावजूद इसके लगातार धमकियां मिलती रहीं.

इस धमकी में कॉलर ने पवन सिंह से मोटी रकम की भी मांग की.

पवन सिंह के मैनेजर के अनुसार, कॉलर ने 15 से 20 लाख रुपये की डिमांड की और कहा कि यह पैसा जल्द से जल्द जमा करना होगा. साथ ही, कॉलर ने धमकी दी कि अगर पवन सिंह ने सलमान खान के साथ मंच साझा किया, तो उनके साथ वही हाल होगा, जो उन्होंने सिद्धू मूसेवाला के साथ किया था.

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पवन सिंह की टीम ने तुरंत सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को जानकारी दी. मुंबई के एक पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कॉल करने वाला कौन था, वह कहां से था, और किस गिरोह से जुड़ा था.

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झारखंड विधानसभा में 7,721.25 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, जाने किन योजनाओं पर सरकार कितना पैसा करेगी खर्च

झारखंड के मौजूदा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन 7,721.25 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। विभिन्न विभागों द्वारा 13,000 करोड़ रुपए की मांग भेजी गई थी, जिसे वित्तीय प्राथमिकताओं के आधार पर कम करके मंजूर किया गया। इस बजट में मंईयां सम्मान योजना, अधूरी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय निकायों के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।

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कल यानि मंगलवार, 9 दिसंबर को इस अनुपूरक बजट पर विस्तृत बहस होगी। इससे पहले मानसून सत्र के दौरान 25 अगस्त को 4,296.62 करोड़ रुपए का पहला अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित किया जा चुका है।राज्य के विभिन्न विभागों ने कुल 13,000 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट की मांग भेजी थी।

इन प्रस्तावों की प्राथमिकता, महत्व और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का मूल्यांकन करते हुए वित्त विभाग ने इस राशि को घटाकर 7,721.25 करोड़ रुपए पर अंतिम रूप दिया। अनुपूरक बजट में सबसे अधिक जोर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पर दिया गया है। इस योजना के लिए सर्वाधिक वित्तीय प्रावधान किया गया है, जिससे राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहयोग और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

इसके अलावा, अधूरी विकास योजनाओं और चल रही परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त राशि आवंटित की गई है।अनुपूरक बजट में गरीबी उन्मूलन, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को भी विशेष महत्व दिया गया है। पंचायतों और शहरी निकायों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में गति आने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से संबंधित परियोजनाओं के लिए भी राशि का उल्लेखनीय आवंटन किया गया है। विधायकों की विकास योजनाओं से जुड़े मदों को भी बजट में शामिल किया गया है।मार्च 2025 में राज्य सरकार ने 1.45 लाख करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया था, जिसके बाद यह अनुपूरक बजट सरकार की विकास प्राथमिकताओं को और स्पष्ट करता है। झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू हुआ है और 11 दिसंबर तक चलेगा। कुल 5 कार्य दिवसों वाले इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

यह अनुपूरक बजट सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं, कल्याणकारी योजनाओं और विकास की प्रतिबद्धता को मजबूत आधार देता है और आगामी महीनों में राज्य के संसाधनों के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।

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टेल्को गुरु गोबिंद हाई स्कूल में विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता आयोजित, छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

जमशेदपुर: जमशेदपुर के टेल्को स्थित गुरु गोबिंद सिंह हाई स्कूल में सोमवार को एक विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों ने भाग लिया. इस प्रतियोगिता में छात्रों ने विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर अपने मॉडल प्रस्तुत किए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल के चेयरमैन सह टाटा मोटर्स रिटायर्ड एकाउंट्स हेड जीएस अहूजा उपस्थित थे.

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उन्होंने छात्रों के मॉडल्स को देखा और उनकी प्रशंसा की. स्कूल के सेक्रेटरी संतोष सिंह ने उन्हें गेस्ट ऑफ ऑनर का मेमोंटो देकर सम्मानित किया. स्कूल की प्रिंसिपल पुष्पा पांडे ने और स्कूल की विज्ञान शिक्षिका नूतन ने मिल के कार्यक्रम को सफल बनाया.

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प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन में कही बड़ी बात ‘लाखों लोगों ने वंदे मातरम का नारा लगाया, इसलिए हम यहां हैं’

वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर संसद में चर्चा की गई। पीएम मोदी के संबोधन से लोकसभा में चर्चा की शुरुआत की। इस दौरान पीएम मोदी ने आजादी से लेकर आपातकाल तक का जिक्र किया और वंदे मातरम की उपेक्षा के लिए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

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पीएम ने कहा कि देश को आजादी वंदे मातरम की वजह से मिली।

पीएम ने चर्चा के दौरान कहा, ‘जिस मंत्र ने, जिस जयघोष ने देश के आज़ादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी थी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था, उस वंदे मातरम् का पुण्य स्मरण करना इस सदन में हम सबका बहुत बड़ा सौभाग्य है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं।’ पढ़िए पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें…

वंदे मातरम् की 150 वर्ष की यात्रा अनेक पड़ावों से गुजरी है, लेकिन जब वंदे मातरम् के 50 वर्ष हुए, तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था। जब वंदे मातरम् के 100 वर्ष हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, और जब वंदे मातरम् का अत्यंत उत्तम पर्व होना चाहिए था, तब भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था।
जब वंदे मातरम् के 100 वर्ष हुए, तब देशभक्ति के लिए जीने-मरने वाले लोगों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। जिस वंदे मातरम् के गीत ने देश को आजादी की ऊर्जा दी थी, उसके 100 वर्ष पूरे होने पर हमारे इतिहास का एक काला कालखंड दुर्भाग्य से उजागर हो गया। 150 वर्ष उस महान अध्याय और उस गौरव को पुनः स्थापित करने का अवसर हैं। मेरा मानना है कि देश और सदन, दोनों को इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए। यही वंदे मातरम् है, जिसने 1947 में देश को आजादी दिलाई।
आज जब मैं वंदे मातरम् 150 निमित्त चर्चा आरंभ करने के लिए खड़ा हुआ हूं, यहां कोई पक्ष-प्रतिपक्ष नहीं है। क्योंकि हम सब जो यहां बैठे हैं, हमारे लिए यह ऋण स्वीकार करने का अवसर है, वह ऋण, जिसे निभाते हुए लाखों लोगों ने वंदे मातरम् के मंत्र के साथ आजादी का आंदोलन चलाया, और उसी का परिणाम है कि आज हम सब यहां बैठे हैं। इसलिए हम सभी सांसदों के लिए वंदे मातरम् का यह ऋण स्वीकार करने का अवसर है।
वंदे मातरम्, सिर्फ राजनीतिक लड़ाई का मंत्र नहीं था। सिर्फ अंग्रेज जाएं और हम अपनी राह पर खड़े हो जाएं, वंदे मातरम् सिर्फ यहां तक सीमित नहीं था। आजादी की लड़ाई, इस मातृभूमि को मुक्त कराने की जंग थी। मां भारती को उन बेड़ियों से मुक्त कराने की एक पवित्र जंग थी। बंकिम दा ने जब वंदे मातरम् की रचना की, तब स्वाभाविक ही वह स्वतंत्रता आंदोलन का पर्व बन गया। तब पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण, वंदे मातरम् हर भारतीय का संकल्प बन गया।
अंग्रेजों ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया, तो वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा। यह नारा गली-गली का स्वर बन गया। अंग्रेजों ने बंगाल विभाजन के माध्यम से भारत को कमजोर करने की दिशा पकड़ ली थी, लेकिन वंदे मातरम् अंग्रेजों के लिए चुनौती और देश के लिए शक्ति की चट्टान बनता गया। बंगाल की एकता के लिए वंदे मातरम् गली-गली का नारा बन गया था, और यही नारा बंगाल को प्रेरणा देता था।
अंग्रेज समझ चुके थे कि 1857 के बाद भारत में लंबे समय तक टिक पाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। जिस प्रकार के सपने लेकर वे आए थे, उन्हें यह साफ दिखने लगा कि जब तक भारत को बांटा नहीं जाएगा, लोगों को आपस में लड़ाया नहीं जाएगा, तब तक यहां राज करना कठिन है। तब अंग्रेज़ों ने ‘बांटो और राज करो’ का रास्ता चुना, और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया।
हमारे देश के आजादी के आंदोलन में सैकड़ों महिलाओं ने नेतृत्व किया और अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। बारिसाल में वंदे मातरम् गाने पर सबसे अधिक जुर्माने लगाए गए थे। बारिसाल, आज भारत का हिस्सा नहीं रहा है, लेकिन उस समय बारिसाल में भारत की वीरांगनाओं ने वंदे मातरम् पर लगे प्रतिबंध के विरोध में बड़ा और लंबा प्रदर्शन किया। बारिसाल की एक वीरांगना, श्रीमती सरोजिनी बोस ने उस दौर में यह संकल्प लिया था कि जब तक वंदे मातरम् पर लगा प्रतिबंध नहीं हटता, तब तक वे अपनी चूड़ियां नहीं पहनेंगी। हमारे देश के बच्चे भी पीछे नहीं थे, उन्हें कोड़े की सजा दी जाती थी। उन दिनों बंगाल में लगातार प्रभात फेरियां निकलती थीं, और उन्होंने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था।
अंग्रेजों ने अखबारों पर रोक लगा दी, तो मैडम भीकाजी कामा ने पेरिस में एक अखबार निकाला, और उसका नाम उन्होंने वंदे मातरम रखा। 1907 में जब वी.ओ. चिदंबरम पिल्लै ने स्वदेशी कंपनी का जहाज बनाया, तब उस पर भी ‘वंदे मातरम्’ लिखा था। राष्ट्रकवि सुब्रमण्यम भारती ने वंदे मातरम् का तमिल में अनुवाद किया। उनके अनेक तमिल देशभक्ति गीतों में वंदे मातरम् के प्रति गहरी श्रद्धा स्पष्ट दिखाई देती है।
हम लोगों पर वंदे मातरम् का कर्ज है। वही वंदे मातरम है जिसने वो रास्ता बनाया जिस रास्ते से हम यहां पहुंचे हैं और इसलिए हमारा कर्ज बनता है। भारत हर चुनौतियों को पार करने में सामर्थ्य है। वंदे मातरम् सिर्फ गीत या भावगीत नहीं, यह हमारे लिए प्रेरणा है…हम आत्मनिर्भर भारत के सपने को लेकर चल रहे हैं और इसको पूरा करने के लिए वंदे मातरम् हमारी प्रेरणा है। हम स्वदेशी आंदोलन को ताकत देना चाहते हैं। समय बदला होगा, रूप बदले होंगे लेकिन पूज्य गांधी ने जो भाव व्यक्त किया था उस भाव की ताकत आज भी मौजूद है और वंदे मातरम् हमें जोड़ता है।
वंदे मातरम् के प्रति मुस्लिम लीग की विरोध की राजनीति तेज होती जा रही थी, मोहम्मद अली जिन्नाह ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1937 को वंदे मातरम् के विरुद्ध नारा बुलंद किया। फिर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा, जवाहरलाल नेहरू ने मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों को करारा जवाब देने, निंदा करने की बजाय उल्टा वंदे मातरम् की पड़ताल शुरू कर दी। जिन्नाह के विरोध के 5 दिन बाद ही 20 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को चिट्ठी लिखी और जिन्नाह की भावना से सहमति जताते हुए लिखा कि वंदे मातरम् की आनंदमठ वाली पृष्ठभूमि मुसलमानों को भड़का सकती है… इसके बाद कांग्रेस का बयान आया कि 26 अक्टूबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक कोलकाता में होगी जिसमें वंदे मातरम् के उपयोग की समीक्षा की जाएगी… पूरे देश में इस प्रस्ताव के विरोध में लोगों ने प्रभात फेरियां निकाली लेकिन दुर्भाग्य से 26 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम् पर समझौता कर लिया, वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए। उस फैसले के पीछे नकाब यह पहना गया कि यह सामाजिक सद्भाव का काम है लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए।

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राजमार्ग में सड़क दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल

राष्ट्रीय राजमार्ग-49 के बाईपास रोड पर स्थित माटिहाना चौक के समीप सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक बाइक सवार तथा सड़क पार कर रहे युवक को स्थानीय लोगों की तत्परता से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

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घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कोकमरा गांव निवासी कृष्ण गोपाल राना अपनी निजी बाइक से गुजर रहे थे। इसी दौरान उसी गांव का प्रदीप नायक अचानक सड़क पार करने लगा। सामने पैदल यात्री को देखकर उसे बचाने के प्रयास में बाइक सवार का नियंत्रण बिगड़ गया और बाइक तेज रफ्तार में सीधे प्रदीप नायक से जा टकराई।

तेज टक्कर के चलते दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वहां मौजूद ग्रामीण तुरंत सक्रिय हो गए। लोगों ने बिना देर किए एक निजी वाहन की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहरागोड़ा पहुंचाया।

अस्पताल में दोनों का उपचार जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। इधर, दुर्घटना की सूचना मिलते ही बहरागोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर परसुडीह युवक से ठगी, एसएसपी से की शिकायत

जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह मकदुमपुर निवासी मो इरफान मलिक को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है, जहां पीड़ित ने सोमवार को एसएसपी से गुहार लगाते हुए न्याय दिलाने की मांग की है. इसे लेकर युवक ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञात हो कि 23 सितंबर को मो इरफान द्वारा एजेंट शकील उर्फ प्याजू के जरीये दुबई भेजने के लिए 70 हजार रुपये लिये गये थे. बाद में इरफान को पता चला कि वहां कंपनी दुबई भेजकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करती है. वहां उनसे सप्लायर का काम कराया जाता है, जिसके बाद इरफान वहां जाने से मना कर देता है और उस एजेंट को पैसा लौटाने की बात करता है.

परंतु वह पैसा नहीं लौटाता है और टालमोटल करता रहता है. अत्यधिक दबाव बनाने पर झुठे केस में फसा देने की धमकी देता है. उन्होंने बताया कि उनकी दफ्तर मकदुमपुर में स्थित है, जहां इरफान का इंटरव्यू भी लिया गया और एक माह बाद दुबई भेजने की बात की गयी. फिलहाल मकदुमपुर के युवक ने शिकायत की है और जांच कर उनके पैसे लौटाने की मांग की है.

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एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी, दिल्ली से 200 से अधिक उड़ानें रद्द, रेलवे की 89 विशेष ट्रेनें शुरू

दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन संकट के कारण देश भर में हज़ारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार, 8 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से 200 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं, जिसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस की ताज़ा जानकारी सीधे एयरलाइंस से प्राप्त करने की अपील की। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) पहले ही इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुका है।

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एयरपोर्ट का संचालन जारी, लेकिन कई उड़ानें प्रभावित
दिल्ली एयरपोर्ट ने एक्स पर बताया कि हवाई अड्डे का संचालन सुचारू है, लेकिन परिचालन संकट की वजह से कुछ उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की जा सकती हैं। एयरपोर्ट की ग्राउंड टीम यात्रियों की मदद के लिए लगातार कार्यरत है।

कई रूटों पर उड़ानें रद्द
सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट से कुल 234 उड़ानें रद्द की गईं। मुंबई से भी 9 उड़ानें कैंसिल हुईं। प्रभावित रूटों में दिल्ली से बनारस, इंदौर, हैदराबाद, विजयवाड़ा, जम्मू तथा मुंबई से चंडीगढ़, नागपुर, बैंगलुरु, हैदराबाद, गोवा, दरभंगा, भुवनेश्वर और कोलकाता शामिल हैं।

प्रमुख रद्द उड़ानें (चयनित)
दिल्ली से
– दिल्ली → बनारस
– दिल्ली → इंदौर
– दिल्ली → विजयवाड़ा
– दिल्ली → अहमदाबाद

मुंबई से
– मुंबई → चंडीगढ़
– मुंबई → नागपुर
– मुंबई → बैंगलुरु
– मुंबई → हैदराबाद
– मुंबई → गोवा
– मुंबई → दरभंगा
– मुंबई → कोलकाता
– मुंबई → भुवनेश्वर

DGCA ने बढ़ाया जवाब देने का समय
DGCA ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और जवाबदेही प्रबंधक इस्द्रो पोर्क्वेरास को जारी कारण बताओ नोटिस पर जवाब देने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया है। पिछले छह दिनों से इंडिगो की उड़ान सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित हैं, जिसके चलते यह नोटिस जारी किया गया था।

रेलवे की बड़ी राहत: 89 विशेष ट्रेनें
इंडिगो संकट के बीच यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अगले तीन दिनों में 89 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है।
– विभिन्न जोनों में 100 से अधिक फेरे संचालित किए जाएंगे।
– जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फेरे भी बढ़ाए जा सकते हैं।
– 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे, जिससे हजारों अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी।

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़
उड़ान सेवाओं के प्रभावित होने से दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई। इसके मद्देनजर रेलवे ने विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास तेज़ कर दिए हैं।

यह संकट फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है, और यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी उड़ान और ट्रेन से जुड़ी ताज़ा जानकारी सुनिश्चित करें।

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