एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड में 60 लाख क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य, कल से शुरू होगी खरीदारी

झारखंड सरकार ने लगभग 60 लाख क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा है. धान खरीद की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी. एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.

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अधिकारी ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के लिए राज्य में कुल 783 धान क्रय केंद्र स्थापित किये गये हैं.

मंत्री ने सांसदों-विधायों से की धान क्रय केंद्रों का दौरा करने की अपील

राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, सांसदों और विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में क्रय केंद्रों का दौरा करने और इस पहल की शुरुआत करने की अपील की.

60 लाख क्विंटल धान की खरीद का है लक्ष्य

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से धान 2,450 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी. राज्य के ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार, अधिकारियों ने लगभग 60 लाख क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है.

81 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी झारखंड सरकार

झारखंड मंत्रिमंडल ने 8 दिसंबर को फैसला किया था कि राज्य के किसानों को वित्त वर्ष 2025-26 में धान की फसल के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अलावा 81 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस मिलेगा.

Paddy Procurement in Jharkhand: 2450 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी धान की खरीद

राज्य मंत्रिपरिषद ने किसानों से धान की खरीद के बदले बोनस के रूप में 48.60 करोड़ रुपए की राशि को भी मंजूरी दी. अधिकारी ने बताया कि एमएसपी और बोनस मिलाकर 2,450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.

किसानों इस बार एकमुश्त मिलेगी धान की कीमत

उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली धान की राशि का एकमुश्त भुगतान मिलेगा, न कि पहले की तरह किश्तों में भुगतान किया जायेगा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हालांकि सरकार पर धान की खरीद में देरी करने और किसानों को अपनी उपज न्यूनतम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया.

1500-1600 रुपए की दर से धान बेच रहे किसान

विपक्ष के नेता और भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आरोप लगाया था कि सरकारी खरीद की प्रक्रिया अब तक तक शुरू नहीं हुई है. किसानों को अपना धान खुले बाजार में मात्र 1,500 रुपए और 1,600 रुपए प्रति क्विंटल के मामूली भाव पर बेचना पड़ रहा है.

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भाजपा में 14 को हो सकती है मंडलाध्यक्षों की नियुक्ति

जमशेदपुर भाजपा के संगठन प्रभारी सह प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह रविवार को साकची कार्यालय में करेंगे पदाधिकारियों संग बैठक

झारखंड में भाजपा ने एक बार फिर से अपने संगठन को दुरुस्त करने की योजना बनायी है. इसी क्रम में गुरुवार को जहां रांची जिला में मंडलाध्यक्षों की नियुक्ति की गयी, वहीं अब सभी की नजरें जमशेदपुर पर है. जमशेदपुर महानगर भाजपा के प्रभारी सह प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह 14 दिसंबर को जमशेदपुर पहुंच कर कार्यकर्ताओं संग बैठक करेंगे. संगठन से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान कुछ मंडलाध्यक्षों और प्रतिनिधियों के नाम घोषित किये जा सकते हैं.

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हालांकि जिलाध्यक्ष पर रायशुमारी की संभावना कम है, लेकिन हालात का व्यापक मूल्यांकन तय माना जा रहा है. माना जा रहा है कि शनिवार की देर रात तक वे पलामू से जमशेदपुर पहुंच जायेंगे. भाजपा के वरीय नेताओं ने उनके दौरे को गुप्त रखा है. इधर, भाजपा के भीतर यह चर्चा तेज है कि बिना किसी रायशुमारी के कई मंडलों में नये मंडलाध्यक्षों की घोषणा होनी तय है. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान मंडल अध्यक्षों और जिला पदाधिकारियों ने मिलकर अपने चहेतों के नाम “फिक्स” कर दिये हैं. नाम न बताने की शर्त पर कई कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र के लिए हानिकारक बताया. बूथों की कुल संख्या से भी कम सक्रिय सदस्य बने हैं और कई मंडलों में सिर्फ एक सक्रिय सदस्य की स्थिति पार्टी की कमजोरी को उजागर करती है. इस बार पहली बार मंडल अध्यक्षों के साथ मंडल प्रतिनिधि भी बनाये जायेंगे, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में उत्सुकता और बेचैनी दोनों है. रविवार की बैठक को संगठन की दिशा तय करने वाला दिन माना जा रहा है.

जिलाध्यक्ष पद को लेकर कई संभावित दावेदारों ने भी कर रखी है तैयारी

भाजपा महानगर के प्रभारी सह प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह के जमशेदपुर दौरे को लेकर पिछले 4-5 दिनों से पार्टी के वरीय नेताओं में काफी सक्रियता देखी जा रही है. मनोज सिंह के दौरे को लेकर स्पष्ट तो कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन मंडलाध्यक्षों की घोषणा का लोग पुख्ता अनुमान लगा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर जिलाध्यक्ष के संभावित दावेदारों ने भी अपने-अपने हित के मंडलाध्यक्षों की नियुक्ति कराने और फिर अपनी भी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बनायी है. संभावित जिलाध्यक्षों में मौजूदा अध्यक्ष सुधांशु ओझा, अमरजीत सिंह राजा, राकेश सिंह, अमित अग्रवाल, संजीव सिंह, मिथलेश सिंह यादव, संजीव सिन्हा, बबुआ सिंह समेत अन्य के नाम की सूची तैयार हो चुकी है.

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अज्ञात वाहन की चपेट में आकर स्कूटी सवार कपाली के युवक की मौत एक घायल

जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के टोल ब्रिज के पास शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. स्कूटी से जा रहे दो दोस्त अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी एमजीएम अस्पताल में भर्ती है. मिली जानकारी के अनुसार स्कूटी सवार फरीद और अनवारूल हक़ (25) कपाली के अली नगर के रहने वाले हैं. शनिवार रात करीब 9:30 बजे दोनों दोस्त स्कूटी से कहीं जा रहे थे. इसी दौरान टोल ब्रिज के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया.

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हादसे की सूचना मिलने पर कदमा थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अनवारूल हक़ को मृत घोषित कर दिया, जबकि फरीद की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. अनवारूल हक़ की बहन ने बताया कि वह पेशे से पुट्टी मिस्त्री था और परिवार का मुख्य सहारा था. शनिवार रात वह दोस्तों के साथ घूमने जाने की बात कहकर घर से निकला था. देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार को चिंता हुई और जब फोन मिलाया गया तो उसका मोबाइल बंद बताया.

इसके बाद रविवार सुबह कदमा पुलिस द्वारा उसके भाई की मौत की सूचना दी गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया. रविवार को एमजीएम अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और परिजन दोषी वाहन चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.

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झारखंड में बीएड कॉलेजों में कितनी सीटें हैं खाली? जानें यहां

झारखंड में बीएड कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया के चौथे राउंड की काउंसेलिंग पूरी हो चुकी है. इसके बाद भी करीब 15-20 प्रतिशत सीटें खाली हैं. कॉलेज प्रबंधन और अभ्यर्थी दोनों ही पांचवें राउंड की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जबकि जेसीइसीइबी अब तक तिथि जारी नहीं कर पाया है.

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कॉलेज प्रबंधकों का कहना है कि एडमिशन प्रक्रिया पहले ही चार माह देरी से चल रही है. ऐसे में पांचवें राउंड में और देर हुई, तो शैक्षणिक सत्र प्रभावित होगा.

कई संस्थानों में कक्षाएं शुरू

कई संस्थानों में कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन सीटें खाली रहने से शैक्षणिक गतिविधियों और संस्थागत संचालन पर असर पड़ रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं. कई उम्मीदवार बीएड में प्रवेश की उम्मीद में अन्य विकल्प छोड़ चुके हैं. उन्हें चिंता है कि देर होने पर उनका पूरा शिक्षा सत्र बर्बाद हो सकता है.

काउंसलिंग के लिए उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति मांगी गयी

जेसीइसीइबी का कहना है कि पांचवें राउंड की काउंसलिंग के लिए उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति मांगी गयी है. विभाग से स्वीकृति मिलते ही तिथि घोषित कर दी जायेगी. गौरतलब है कि चौथे राउंड की नामांकन प्रक्रिया 25 नवंबर को पूरी हुई थी. इसके बाद 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक अगले राउंड की घोषणा नहीं हो सकी है. अभ्यर्थियों और कॉलेजों की निगाहें अब उच्च शिक्षा विभाग के निर्णय पर टिकी है.

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झारखंड के 25 वर्षों के सफर पर निबंध लिखें और जीतें ₹11 हजार तक के आकर्षक पुरस्कार

झारखंड राज्य अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है और इस ऐतिहासिक अवसर को चिह्नित करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रांची कार्यालय ने राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया है।

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यह प्रतियोगिता राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए है। उद्देश्य झारखंड की स्थापना और उसके 25 वर्षों के सफर पर युवा पीढ़ी के विचारों को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करना है। आरबीआई ने इस संबंध में विस्तृत सूचना झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र के माध्यम से प्रेषित की है। प्रतियोगिता के लिए ‘राज्य के रूप में झारखंड के पच्चीस वर्ष’ विषय निर्धारित किया गया है।

प्रतिभागियों को इस विषय पर लगभग 2500 शब्दों में, केवल हिंदी भाषा में ही अपना निबंध प्रस्तुत करना होगा। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि इच्छुक प्रतिभागी अपना निबंध निर्धारित प्रारूप में तैयार कर, उसे एक पीडीएफ फाइल के रूप में finaware@rbi.org.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। निबंध जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम तिथि के उपरांत प्राप्त होने वाली किसी भी प्रविष्टि पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, आरबीआई ने यह भी निर्देश दिया है कि जमा किया गया निबंध प्रतिभागी का मौलिक कार्य होना चाहिए। किसी भी प्रकाशित स्रोत से नकल या सामग्री का संकलन पूर्णतः अस्वीकार्य होगा। आकर्षण पुरस्कारों की व्यवस्था प्रतियोगिता में चयनित मेधावी प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के अतिरिक्त, दो सांत्वना पुरस्कार भी शामिल हैं। प्रथम पुरस्कार विजेता को ₹11 हजार, द्वितीय पुरस्कार विजेता को ₹सात हजार और तृतीय पुरस्कार विजेता को चार हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं, दोनों सांत्वना पुरस्कार विजेताओं को प्रत्येक को ₹2,000 रुपये दिए जाएंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने राज्य के सभी जिलों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण पहल में छात्र-छात्राओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रेरित करें। इस प्रयास का लक्ष्य युवा छात्रों में झारखंड के सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक पहलुओं पर गहन अध्ययन, लेखन और रचनात्मक विमर्श को प्रोत्साहित करना है।

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डुमरी विधायक जयराम महतो को झारखंड आंदोलनकारियों ने किया आभार व्यक्त

रविवार को झारखंड आंदोलनकारियों ने डुमरी विधायक जयराम महतो के प्रति तोपचांची प्रखंड के मानटांड स्थित फुटबॉल मैदान में आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि जयराम महतो ने झारखंड विधानसभा के सदन में झारखंड आंदोलनकारियों को पेंशन देने का मुद्दा मजबूती से उठाया था।

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इसके बाद क्षेत्र के आंदोलनकारियों में खुशी देखी गई। झारखंड आंदोलनकारियों ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया, आंदोलन किए, जेल गए और कई तरह की कठिनाइयों का सामना किया। बावजूद इसके आज भी कई आंदोलनकारी आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में पेंशन की मांग पूरी तरह जायज है।

डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। जिन्होंने इस राज्य के निर्माण के लिए अपना जीवन लगा दिया, उनके सम्मान और सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी सरकार की है। मैं सदन में लगातार आंदोलनकारियों के हक की आवाज उठाता रहूंगा और उन्हें उचित पेंशन दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। मौके पर शिवशंकर शर्मा , किशोर किस्कू, बाल किशुन रजवार, संतोष महतो, शिव चरण मंडल , अशोक रवाणी, ठाकुर रजवार, सेवा राम महतो, नंदलाल महतो, देवी लाल महतो, द्वारिका प्रसाद महतो, शैलेंद्र कुमार चौधरी, बेणेश्वर महतो , सरयू महतो , भगिया देवी, साजो देवी , अंबिया देवी सहित अन्य उपस्थित थे।

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झारखंड पंचायतों के लिए खुशखबरी, केंद्र से भुगतान शुरू

झारखंड सरकार के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से रुके हुए 15वें वित्त आयोग के अनुदान पर केंद्र सरकार ने रोक हटा दी है। इसके तहत झारखंड को पहली किस्त के रूप में 275 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर जारी कर दी गई है।

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इससे राज्य की पंचायतों को भुगतान का रास्ता साफ हो गया है और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

पंचायतों को मिलेगी आर्थिक मजबूती

15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली यह राशि सीधे ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों में खर्च की जाएगी। पंचायतों को लंबे समय से इस अनुदान का इंतजार था। राशि जारी होने से गांवों में बुनियादी सुविधाओं, जैसे सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

केंद्र की रोक हटने से मिली राहत

गौरतलब है कि कुछ तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से झारखंड को मिलने वाला यह अनुदान रुका हुआ था। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक गाइडलाइंस और अहर्ताओं को पूरा किया। इसके बाद केंद्र ने झारखंड के लिए अनुदान जारी करने का निर्णय लिया।

ग्रामीण विकास मंत्री ने जताई खुशी

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए राज्यवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार लंबे समय से इस अनुदान को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत थी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब पहली किस्त मिल चुकी है।

जल्द मिलेंगी शेष किस्तें

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में शेष किस्तें भी जल्द जारी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस राशि से पंचायतों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण विकास के कार्यों को समय पर पूरा किया जा सकेगा।

विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

कुल मिलाकर 15वें वित्त आयोग के तहत अनुदान जारी होने से झारखंड की पंचायतों को नई ऊर्जा मिलेगी। राज्य सरकार के प्रयासों के बाद भुगतान का रास्ता साफ हुआ है।

इससे गांवों में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में आसानी होगी। यह कदम राज्य के समग्र ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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सारंडा में IED विस्फोट, कोबरा बटालियन का जवान हुआ घायल

माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में एक बार फिर हिंसा सामने आई है।रविवार को बीहड़ जंगल में स्थित बलिबा गांव के पास माओवादियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) में विस्फोट हो गया।

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इस घटना में कोबरा बटालियन 209 का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। देर शाम कोबरा 209 के अधिकारियों ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।

घटना के बाद घायल जवान को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची ले जाने की तैयारी की जा रही है।

वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। बताया जाता है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा, कोल्हान और आसपास के जंगली इलाकों में लंबे समय से सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के दौरान लगातार माओवादियों से जुड़े ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी भी मिल रही है, जिससे नक्सलियों पर दबाव बना हुआ है।

हालांकि, माओवादियों द्वारा पूर्व वर्षों में जंगलों और पगडंडियों में बिछाए गए आईईडी अब भी सुरक्षा बलों के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं। इन विस्फोटकों की चपेट में आने से अब तक कई जवानों और ग्रामीणों की जान जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहता है।

सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में लगातार आईईडी सर्च और डिफ्यूज अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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दो कारोबारियों से लोन के नाम पर ठग लिए 1.12 करोड़, झारखंड के दंपति तो नटवरलाल निकले

पुलिस ने रविवार को बताया कि एक दंपति को दो कारोबारियों से ₹1.12 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन पर बैंकों से कम दरों पर लोन दिलाने का झांसा देने का आरोप है।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवाजी पाटिल उर्फ अमित महतो (42) और उनकी पत्नी एंजेला कुजूर (42) के रूप में हुई है। यह दंपति कांके थाना क्षेत्र के सुकुरहुटू इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), प्रवीण पुष्कर ने बताया, “गिरफ्तार किए गए इस दंपति ने कारोबारियों और अन्य लोगों को छूट वाली दरों पर लोन दिलाने का वादा करके उनसे ठगी की।” उन्होंने कहा, “ऐसे ही एक मामले में उन्होंने झारखंड के रामगढ़ जिले के कारोबारी सरोजकांत झा से ₹70 लाख की धोखाधड़ी की।” उन्होंने आगे बताया कि इस दंपति ने ओडिशा के एक अन्य कारोबारी से भी 42 लाख की ठगी की। ये दोनों बड़े कारोबारियों को निशाना बनाते थे, जिन्हें वे कम ब्याज दरों और कम प्रोसेसिंग फीस पर बड़े लोन सुरक्षित करने का वादा करते थे, और फिर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे।

पुलिस अधीक्षक (SP) ने यह भी बताया कि इस मामले में गहन जांच चल रही है, और दंपति को जेल भेज दिया गया है। इस बीच, कांके पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी प्रकाश रजक ने कहा कि कारोबारी सरोजकांत झा ने इस संबंध में इस साल मई में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी।

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झारखंड में बढ़ेंगे बिजली के दाम, 59 प्रतिशत तक हो जाएगी महंगी; जेवीवीएनएल का प्रस्ताव

झारखंड बिजली वितरण निगम (जेबीवीएनएल) ने 2026-27 के लिए टैरिफ में 59 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। निगम को ट्रू-अप रेवेन्यू गैप वर्ष 2023-24 तक 4991.67 करोड़ था। वित्तीय लेखा -जोखा के अनुसार जेबीवीएनएल को 15584.46 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।

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निगम ने बढ़ोतरी के अपने प्रस्ताव पर कहा है कि अगस्त 2025 को जारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तीन वर्षों में रेवेन्यू गैप समाप्त करना है।

वर्तमान में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (जेएसईआरसी) द्वारा निर्धारित दर के अनुसार निगम की राजस्व की वसूली केवल 9794.76 करोड़ होगी। इसलिए वर्ष 2025-26 में 15584.46 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली के लिए 59 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव सौंपा गया है। झारखंड बिजली वितरण निगम ने झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत अपने टैरिफ पिटीशन में उल्लेख किया है कि विभिन्न राज्यों में घरेलू श्रेणी के अंतर्गत खपत के लिए अलग-अलग दर निर्धारित है। झारखंड की दर 200 यूनिट से अधिक खपत पर लागू होती है। 201 से 400 यूनट तक सरकार प्रति यूनिट अनुदान देती है। वर्तमान दरों के अनुसार राजस्थान और बिहार में बिजली की दर झारखंड की तुलना में अधिक है। उत्तर प्रदेश में बराबर है। फिक्स्ड चार्ज के लिए अधिकांश राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली प्रति किलोवोट के आधार पर फिक्स्ड चार्ज निर्धारित करते हैं। जबकि झारखंड में प्रति कनेक्शन के आधार पर फिक्स्ड चार्ज लिया जाता है। टैरिफ तय करते समय राज्य आयोग विभिन्न मद में हुई व्यय, बिजली खरीद, राजस्व अंतर और अन्य प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखकर जेबीवीएनएल के लिए लागत-परिलक्षित टैरिफ निर्धारित करती है।

पांच साल में तीन बार बढ़ी झारखंड में बिजली दर

जेबीवीएनएल के अनुसार पिछले पांच वर्षों में झारखंड की बिजली दर तीन बार बढ़ी है। आयोग द्वारा 2025-26 के लिए बिजली की दर में 6.34 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई। वहीं 2024-25 में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। 2023-24 में 7.66 फीसदी दर बढ़ाई गई। 2022-23 में वृद्धि नहीं की गई। 2021 – 2022 में 6.50 फीसदी दर बढ़ाई गई।

बैलेंस नहीं रहने पर प्री-पेड मीटर कनेक्शन खुद कटेगा

प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं का बकाया यानि बैलेंस नहीं रहने पर कनेक्शन स्वत: कट जाता है और भुगतान या रिचार्ज करने पर खुद जुड़ जाता है। तकनीकी त्रुटि के कारण रीचार्ज के बाद भी बिजली चालू नहीं हो पाती है तो उपभोक्ता संबंधित कार्यालय को तकनीकी त्रुटि की जांच और सुधार के लिए आवेदन दे सकते हैं।

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