सरायकेला/खरसावां: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर श्रीनाथ विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। विश्वविद्यालय की टीम ने सरायकेला-खरसावां जिले के उदयपुर गांव में ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के लिए ‘वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता’ जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया।







आर्थिक सुरक्षा के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी
शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना था। एनएसएस के स्वयंसेवकों ने महिलाओं को केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, जैसे:
- बीमा शक्ति योजना * अटल पेंशन योजना के बारे में विस्तार से बताया। स्वयंसेवकों ने बेहद सरल भाषा में इन योजनाओं के लाभ, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया को साझा किया, ताकि महिलाएं अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित कर सकें।
डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा पर जोर






बदलते दौर के साथ कदम मिलाने के लिए ग्रामीणों को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने का प्रयास किया गया। छात्रों ने डिजिटल साक्षरता शिविर के माध्यम से निम्नलिखित विषयों पर जानकारी दी:
- UPI भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग: मोबाइल के जरिए सुरक्षित लेनदेन के तरीके।
- सरकारी सेवाएं: डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाना।
- साइबर सुरक्षा: ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से बचने के उपाय और सुरक्षा से जुड़ी सावधानियां।
रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण
कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘इको-फ्रेंडली बैग निर्माण’ गतिविधि का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से बच्चों को प्लास्टिक के विकल्प तलाशने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।






नेतृत्व और मार्गदर्शक
यह पूरा आयोजन एनएसएस प्रमुख सहायक प्रोफेसर श्रीमती शालिनी ओझा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक प्रोफेसर रूबी संत्रा (स्कूल ऑफ फार्मेसी) और श्री चंदन कुमार (स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग) के साथ-साथ एनएसएस छात्र स्वयंसेवकों की ऊर्जावान भूमिका रही।
“इस तरह के आयोजनों से न केवल ग्रामीणों का ज्ञानवर्धन होता है, बल्कि छात्रों में भी समाज सेवा की भावना प्रबल होती है।” – आयोजन समिति










