नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठनात्मक इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में इस दौरान पार्टी के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगा रहा, जो पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

नामांकन प्रक्रिया और भव्य उपस्थिति
भाजपा के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई।
- प्रस्तावक: नितिन नबीन के नामांकन के लिए गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रस्तावक के रूप में मौजूद रहे।
- वरिष्ठ नेताओं का समर्थन: इस ऐतिहासिक मौके पर वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित विभिन्न राज्यों के भाजपा अध्यक्ष और सांसद उपस्थित थे।
“साधारण कार्यकर्ता से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर”
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह केवल एक पद का चुनाव नहीं, बल्कि भाजपा की उस कार्यशैली का प्रमाण है जहाँ एक साधारण कार्यकर्ता बूथ स्तर से उठकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद तक पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन का निर्वाचन देश के करोड़ों युवाओं को मेहनत और समर्पण के लिए प्रेरित करेगा।
चुनावी कार्यक्रम: कब होगी आधिकारिक घोषणा?
पार्टी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:
- नामांकन की जांच: आज शाम 4 से 5 बजे के बीच।
- नाम वापसी: शाम 5 से 6 बजे तक।
- ताजपोशी: चूंकि नितिन नबीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है, इसलिए 20 जनवरी को उनकी आधिकारिक ताजपोशी होगी। 46 वर्षीय नितिन नबीन भाजपा के इतिहास के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे।
अन्य प्रमुख मुद्दों पर प्रहार
प्रतुल शाह देव ने नामांकन के साथ-साथ कई ज्वलंत मुद्दों पर भी बेबाकी से राय रखी:
- ममता बनर्जी पर हमला: उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर तुष्टीकरण और घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार बॉर्डर फेंसिंग के काम में केंद्र का सहयोग नहीं कर रही है।
- माघ मेला विवाद: माघ मेले में शंकराचार्य के साथ हुई कहासुनी पर उन्होंने कहा कि अत्यधिक भीड़ के कारण प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से अनुरोध किया था, लेकिन कुछ गलतफहमी की वजह से विवाद हुआ।
- रक्षा चुनौतियां: राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने चीन-पाकिस्तान के गठजोड़ को भारत के लिए चुनौतीपूर्ण बताया और पीएम मोदी के नेतृत्व को इसका प्रभावी जवाब करार दिया।










