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राहत की खबर: मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच भी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम! भारत की नई ‘ऑयल स्ट्रैटेजी’ ने हॉर्मुज के खतरे को किया नाकाम

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नई दिल्ली | तीसरी धारा न्यूज

​दुनियाभर में युद्ध के नगाड़ों के बीच जहां ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप मचा है, वहीं भारतीय उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी अस्थिरता के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी। सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में ईंधन का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है और कीमतों में बढ़ोतरी का कोई इरादा नहीं है।

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हॉर्मुज संकट: भारत ने कैसे पलटा पासा?

​आमतौर पर मिडिल ईस्ट में तनाव होते ही तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाले व्यापार पर निर्भर है। लेकिन भारत ने अपनी ‘ऑयल सिक्योरिटी’ को लेकर मास्टरस्ट्रोक खेला है:

  • निर्भरता में कमी: पहले भारत अपनी जरूरत का 60% कच्चा तेल हॉर्मुज के अलावा अन्य वैकल्पिक रास्तों से मंगवाता था।
  • नई रणनीति: सरकार ने अब इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 70% कर दिया है। यानी सप्लाई चेन को 10% और अधिक सुरक्षित कर लिया गया है।

विपक्ष को जवाब: LPG पर राजनीति बंद हो

​ईंधन की कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार ने तीखा पलटवार किया है। सरकार ने साफ किया कि:

  1. ​LPG की कीमतों को लेकर किए जा रहे दावे आधारहीन हैं।
  2. ​सरकार का मौजूदा भरोसा केवल पेट्रोल और डीजल की कीमतों की स्थिरता को लेकर है।
  3. ​जनता किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दे।

स्टॉक सुरक्षित, पैनिक की जरूरत नहीं

​सरकारी सूत्रों के अनुसार, देश के पास पर्याप्त तेल भंडार है और स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। भारत अब रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों जैसे वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ाकर खुद को खाड़ी संकट से सुरक्षित रखने में सफल रहा है।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह: पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने या पैनिक करने की कोई आवश्यकता नहीं है। सप्लाई चेन सुचारू है और सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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