गालूडीह (पूर्वी सिंहभूम): क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही बिजली संकट की समस्या अब जल्द ही समाप्त होने वाली है। पूर्वी सिंहभूम के गालूडीह अंतर्गत उल्दा में एक नए बिजली सब स्टेशन के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना से गालूडीह, घाटशिला और बड़ाबांकी क्षेत्र के 3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचेगा।

क्यों पड़ी नए सब स्टेशन की जरूरत?
पिछले कुछ वर्षों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन बिजली का बुनियादी ढांचा पुराना ही रहा। इसके परिणामस्वरूप:
- मौजूदा सब स्टेशनों पर क्षमता से अधिक भार (Overloading) बढ़ गया।
- बार-बार ट्रिपिंग और घंटों बिजली गुल रहने की समस्या आम हो गई।
- गर्मी के दिनों में लो-वोल्टेज के कारण घरेलू उपकरण और मोटर चलना मुश्किल हो जाता था।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
उल्दा सब स्टेशन के निर्माण से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। स्थिर बिजली आपूर्ति से छोटे उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और कृषि कार्यों में सुधार होगा। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों ने इस फैसले को क्षेत्र के विकास के लिए एक ‘मील का पत्थर’ बताया है।
अधिकारी का कथन
”उल्दा पावर सब स्टेशन के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। निर्माण कार्य को गति दी जाएगी और हमारा लक्ष्य है कि अगले वित्तीय वर्ष तक यह सब स्टेशन बनकर तैयार हो जाए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।”
— सुधीर कुमार, अधीक्षण अभियंता, जेबीवीएनएल
प्रमुख लाभ एक नजर में:
- स्थिर आपूर्ति: बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से निजात।
- क्वालिटी पावर: लो-वोल्टेज की समस्या का स्थाई समाधान।
- क्षमता वृद्धि: भविष्य की बढ़ती आबादी और औद्योगिक मांग को पूरा करने में सक्षम।











