राउरकेला | 22 जनवरी, 2026
ओडिशा और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों को माओवाद से पूरी तरह मुक्त करने के लिए सुरक्षा बलों ने अपनी कमर कस ली है। राउरकेला स्थित पश्चिमांचल डीआईजी कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में माओवाद के खात्मे के लिए एक ठोस ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। यह बैठक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के आईजी अमितेंद्रनाथ सिन्हा की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न हुई।

बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस रणनीतिक चर्चा में सुरक्षा एजेंसियों के कई बड़े चेहरे शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
- दीपक कुमार, आईजी (ऑपरेशन)
- तृप्तिकांत हाथी, डीआईजी
- राजेश सुवर्णो, एडीजी (केंद्रीय गुप्तचर विभाग)
- हरपाल सिंह, डीआईजी (भुवनेश्वर रेंज)
- बृजेश कुमार राय, डीआईजी (पश्चिमी क्षेत्र)
- नितेश वाधवानी, एसपी (राउरकेला)
- अमित रेणु, एसपी (चाईबासा)
इसके अलावा, सीआरपीएफ के कमांडेंट और राज्य खुफिया विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
रणनीतिक ब्लूप्रिंट की मुख्य बातें
करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में कोल्हान और सारंडा क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों और माओवादी गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
- व्यापक सर्च ऑपरेशन: आने वाले कुछ दिनों में सुरक्षा बल इन दुर्गम क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करेंगे।
- ठिकानों का ध्वस्तीकरण: विशेष रूप से सारंडा और पोड़ाहाट जैसे संवेदनशील इलाकों में माओवादियों के छिपने के ठिकानों (Hideouts) को लक्षित कर उन्हें नष्ट किया जाएगा।
- इनामी माओवादी रडार पर: खुफिया जानकारी के अनुसार, इन घने जंगलों में 32 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ 20 लाख रुपये तक के इनामी माओवादी सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियां विशेष रणनीति के तहत इनकी पहचान सुनिश्चित कर रही हैं।
”जल्द होगा माओवाद का अंत”
चाईबासा के एसपी अमित रेणु ने विश्वास जताते हुए कहा कि इन इलाकों को बहुत जल्द माओवाद-मुक्त कर लिया जाएगा। राउरकेला पुलिस भी इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होकर सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों को कड़ा जवाब देगी।
बैठक में स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से बिसरा, के. बलांग, चांदीपोष और लाठीकटा के थाना प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया और जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने पर सहमति जताई।











