जमशेदपुर (साकची) | तीसरी धारा न्यूज
लौहनगरी के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र साकची में शनिवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सेंट्रल गुरुद्वारा के ठीक पीछे अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में वहां खड़ी पांच मोटरसाइकिलें और एक साइकिल जलकर पूरी तरह खाक हो गई हैं। आग इतनी भयावह थी कि चंद मिनटों में ही गाड़ियां लोहे के ढांचे में तब्दील हो गईं।

कचरे के ढेर से उठी चिंगारी और मच गई तबाही
मिली जानकारी के अनुसार, सेंट्रल गुरुद्वारा के पीछे खाली पड़ी जमीन पर कचरे और कबाड़ का ढेर लगा हुआ था। शनिवार दोपहर अचानक इस कचरे में आग लग गई। गर्मी और सूखी हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पास में ही पार्क की गई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में धुएं का काला गुबार उठता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाया और दमकल विभाग को सूचित किया।
ड्यूटी पर गए कर्मचारियों की गाड़ियां खाक
दुखद पहलू यह है कि जली हुई अधिकांश बाइकें टाटा स्टील के कर्मचारियों की थीं। कर्मचारी अपनी बाइक पार्क कर रोजाना की तरह ड्यूटी के लिए कंपनी गए हुए थे, उन्हें भनक भी नहीं थी कि पीछे उनकी गाड़ियां राख हो रही हैं। आग की चपेट में आने वाले कर्मचारियों में राजेश शर्मा, सतीश कुमार और अन्य शामिल हैं।

दमकल की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर समय रहते दमकल की टीम नहीं पहुंचती, तो आग पास की अन्य इमारतों या गुरुद्वारा परिसर के अन्य हिस्सों तक भी पहुंच सकती थी।

पुलिस जांच में जुटी: साजिश या लापरवाही?
घटना के बाद साकची पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या किसी ने जलती हुई बीड़ी/सिगरेट कचरे में फेंकी थी या इसके पीछे कोई और कारण है।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











