जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर की बाबा बंदा सिंह बहादुर गतका अखाड़ा की टीम ने त्रिपुरा राज्य में अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान शौर्य और वीरता का ऐसा प्रदर्शन किया कि वहां के राजघराने से लेकर धार्मिक जत्थेबंदियों तक हर कोई उनका कायल हो गया। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित इस विशेष समागम में टीम को विशेष आमंत्रण मिला था।

त्रिपुरा राजघराने और पंथ अकाली तरना दल ने नवाजा
अखाड़े के हैरतअंगेज प्रदर्शन से प्रभावित होकर पंजाब के प्रतिष्ठित पंथ अकाली तरना दल ने इस टीम को अपनी सांस्थानिक मान्यता प्रदान की है। जत्थेदार प्रगट सिंह ने टीम को अपने दल का हिस्सा बताते हुए भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
वहीं, दूसरी ओर त्रिपुरा राजघराने के महाराजा और जनप्रिय नेता प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देब बर्मन ने व्यक्तिगत रूप से पूरी टीम से मुलाकात की। उन्होंने टीम के साहस और पारंपरिक युद्ध कला की जमकर सराहना की।
जमशेदपुर के लिए गर्व का क्षण
अखाड़े के प्रमुख और गुरुद्वारा सिंह सभा मानगो के महासचिव सरदार जसवंत सिंह जस्सू ने जमशेदपुर लौटने पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा:
”अगरतला के गांधीघाट गुरुद्वारा साहिब में टीम को मिली सराहना न केवल हमारे अखाड़े के लिए, बल्कि पूरे जमशेदपुर के लिए गौरव की बात है। महाराजा प्रद्योत बर्मन जैसे व्यक्तित्व का मिलना और हमारी कला को सराहने से बच्चों का मनोबल बढ़ा है।”

प्रदर्शन करने वाली 12 सदस्यीय टीम
इस ऐतिहासिक दौरे में जसवंत सिंह जस्सू के नेतृत्व में 12 सदस्यों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनमें शामिल थे:
- हरप्रीत सिंह, गगनदीप सिंह, मनप्रीत सिंह, तरणप्रीत कौर, सिमरप्रीत कौर।
- मनिंदर सिंह, लवप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, गुरविंदर सिंह और मनप्रीत सिंह (बारीडीह व न्यू बारीडीह)।
खास बात: यह जमशेदपुर का पहला ऐसा गतका ग्रुप है जो बंगाल, ओडिशा, बिहार, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में जाकर सिख परंपराओं का प्रचार-प्रसार कर रहा है और शहर का नाम रोशन कर रहा है।










