जमशेदपुर: शहर के बहुचर्चित लोको पायलट जीके गौतम (ज्ञानेंद्र कुमार गौतम) हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले के मुख्य आरोपी राजकिशोर और उसके बड़े बेटे अनिकेत ने मंगलवार को जमशेदपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस पिछले 15 दिनों से दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी, लेकिन आरोपियों ने बेहद नाटकीय तरीके से पुलिस को चकमा देकर सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस को चकमा देकर गेट नंबर-3 से घुसे आरोपी
आरोपियों ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। जब पुलिस शहर और बाहर के ठिकानों पर दबिश दे रही थी, तब दोनों आरोपी चुपके से अदालत के गेट नंबर-3 से परिसर के भीतर दाखिल हो गए। जब तक पुलिस को इसकी भनक लगती, तब तक उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना मिश्रा की अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने दोनों को तत्काल न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
4 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर, खुलेंगे कई राज
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने आरोपियों की 6 दिनों की रिमांड मांगी थी। अदालत ने सुनवाई के बाद बुधवार (आज) से 4 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर की है। इस दौरान पुलिस आरोपियों से निम्नलिखित बिंदुओं पर पूछताछ करेगी:
- हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड कौन है?
- वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की पहचान और ठिकाने।
- हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी।
जमीन विवाद ने ली लोको पायलट की जान
बता दें कि बीते 26 अप्रैल की रात टाटा स्टेशन के रनिंग रूम के ठीक सामने लोको पायलट जीके गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में अब तक यह स्पष्ट हुआ है कि इस खूनी खेल के पीछे जमीन का विवाद मुख्य कारण था। इस मामले में पुलिस अब तक 8 संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है।
अब शूटरों पर पुलिस की नजर
मुख्य आरोपियों के सरेंडर और रिमांड पर मिलने के बाद अब पुलिस की टीमें शूटरों की तलाश में छापेमारी तेज कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से कई अहम साक्ष्य मिलेंगे, जिससे इस सनसनीखेज हत्याकांड के सभी पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़











