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सिख इतिहास के स्वर्णिम युग की बानगी है खालसा फ़तेह मार्च: भगवान सिंह

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साकची में होगा भव्य स्वागत, जगह-जगह लगाये गये तोरण द्वार

रविवार को निकलनेवाले खालसा फतेह मार्च को सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने सिख इतिहास के स्वर्णिम युग की बानगी करार दिया है। शनिवार को सदस्यों संग बैठक के दौरान उन्होंने एक-एक तैयारी का जायजा लिया।
बैठक में भगवान सिंह ने समूह साध संगत से अपील करते हुए कहा है कि फतेह मार्च के दौरान विशेष तौर पर पालकी साहिब के सम्मान में सर को ढक कर ही रखें। बैठक में सुखविंदर सिंह की अगुवाई में तीन सदस्यीय जज टीम का गठन किया गया जबकि जोगा सिंह के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम पालकी साहिब की निगरानी सेवा में रहेगी। संगत की सेवा में प्रसादरूपी अटूट लंगर की व्यवस्था सहयोग के लिए सरदार भगवान सिंह ने साकची गुरुद्वारा के प्रधान सरदार निशान सिंह का आभार जताया। लंगर की सेवा सीजीपीसी कार्यालय प्रांगण में रहेगी।

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भगवान सिंह ने कहा खालसा फतेह मार्च के साकची पहुंचने पर जोरदार तरीक़े से भव्य स्वागत किया जाएगा।
चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने कहा है कि पालकी साहिब के सम्मान में संगत विशेषकर युवा वर्ग शालीनता का परिचय देते हुए अनुशासन का पालन करे।
उपाध्यक्ष चंचल सिंह व सतबीर सिंह सोमू ने कहा फतेह मार्च रूट पर नियमानुसार संगत सर ढक कर ही रखे। बैठक में कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी ने भी अपने विचार साझा किए। सुखदेव सिंह बिट्टू, जगतार सिंह नागी, हरविंदर सिंह, तरणपरीत सिंह बन्नी एवं गुरपाल सिंह टिक्कू भी बैठक में शामिल रहे।
ज्ञात हो कि 7 मई को आयोजित होने वाले खालसा फतेह मार्च टिनप्लेट गुरुद्वारा शाम 4:00 बजे शुरू होने के बाद गोलमुरी चौक होते हुए आरडी टाटा गोलचक्कर, हावड़ा ब्रिज होते हुए शाम 7:00 बजे साकची गुरुद्वारा में समाप्त होगा। भगवान सिंह ने संगत से विशेष आग्रह किया है कि संगत प्रसादरूपी लंगर अवश्य छक कर जाये। अटूट लंगर की सेवा सीजीपीसी कार्यालय में किया गया है।

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