नोएडा/गौतमबुद्ध नगर: दिल्ली से सटे नोएडा में 13 अप्रैल को हुई भीषण हिंसा के मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद है, जो NIT जमशेदपुर का पूर्व छात्र है और मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
डिजिटल साजिश: QR कोड और व्हाट्सएप से जुटाया ‘हुजूम’
पुलिस जांच के अनुसार, यह हिंसा कोई तात्कालिक घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। आदित्य आनंद ने नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में 31 मार्च और 1 अप्रैल को रेकी की थी। इसके बाद मजदूरों को संगठित करने के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। इन ग्रुप्स में शामिल होने के लिए QR कोड का इस्तेमाल किया गया, ताकि तेजी से और गुप्त तरीके से भीड़ जुटाई जा सके। इन्ही ग्रुप्स के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाकर भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया गया।
खुला ‘पाकिस्तान कनेक्शन’
इस मामले में सबसे गंभीर खुलासा अंतरराष्ट्रीय साजिश को लेकर हुआ है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वाले कई अकाउंट्स के IP एड्रेस और VPN (Virtual Private Network) पाकिस्तान से जुड़े थे। इन अकाउंट्स के जरिए फर्जी खबरें फैलाई गईं कि हिंसा में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं, ताकि तनाव और बढ़ाया जा सके।
कड़ी कार्रवाई: NSA और बैंक खाते होंगे फ्रीज
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- दो गिरफ्तार: पुलिस ने अब तक ऑटो चालक रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।
- NSA की तैयारी: मुख्य आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- वित्तीय चोट: साजिश में शामिल आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच के मुख्य बिंदु: एक नजर में
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विवरण |
जानकारी |
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मुख्य आरोपी |
आदित्य आनंद (पूर्व छात्र, NIT जमशेदपुर) |
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निवासी |
हजारीबाग, झारखंड |
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साजिश का तरीका |
रेकी, व्हाट्सएप ग्रुप और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट |
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विदेशी लिंक |
पाकिस्तान से जुड़े आईपी एड्रेस मिले |
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वर्तमान स्थिति |
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें गठित |
पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के आंदोलनों को हिंसक मोड़ देने में सक्रिय रहा है। अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से की जा रही है ताकि विदेशी ताकतों और स्थानीय साजिशकर्ताओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट










