रांची | शनिवार, 17 जनवरी 2026
रांची: पड़हा राजा सोमा मुंडा की नृशंस हत्या के विरोध में आज विभिन्न आदिवासी संगठनों ने ‘झारखंड बंद’ का आह्वान किया है। इस बंद को लेकर पूरे राज्य में तनाव का माहौल है और पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। शुक्रवार शाम को रांची, खूंटी और चाईबासा समेत कई जिलों में आदिवासी संगठनों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया और जनता से बंद को सफल बनाने की अपील की।

क्यों बुलाया गया है बंद?
आदिवासी संगठनों का आरोप है कि पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए उठने वाली बुलंद आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश है। संगठनों का कहना है कि जब तक मुख्य साजिशकर्ता और शूटर गिरफ्तार नहीं होते, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
स्कूलों में छुट्टी, जनजीवन पर असर की संभावना
बंद के मद्देनजर एहतियात बरतते हुए रांची और खूंटी के कई निजी स्कूलों ने शनिवार को छुट्टी घोषित कर दी है। परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि बंद समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम
पुलिस प्रशासन ने बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
- अब तक की गिरफ्तारी: पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- फरार अपराधी: मुख्य साजिशकर्ता, शूटर और भू-माफिया अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिसे लेकर आदिवासियों में भारी आक्रोश है।
- अलर्ट मोड: संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
इन प्रमुख संगठनों का मिला समर्थन
बंद को राज्य के लगभग सभी बड़े आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें प्रमुख हैं:
- आदिवासी समन्वय समिति (खूंटी)
- केंद्रीय सरना समिति
- आदिवासी जनपरिषद और आदिवासी महासभा
- मानकी मुंडा संघ (चाईबासा)
- आदिवासी छात्रसंघ और राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा










