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जमशेदपुर: 14 दिनों के बाद कारोबारी पुत्र कैरव गांधी अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त, बरही के पास हुई रिहाई

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जमशेदपुर: लौहनगरी के पॉश इलाके बिष्टुपुर सीएच एरिया से अपहृत कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी आखिरकार सुरक्षित वापस लौट आए हैं। जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब 4 बजे अपहरणकर्ताओं ने उन्हें झारखंड के बरही (हजारीबाग) के पास परिजनों के हवाले कर दिया।

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घटनाक्रम की मुख्य बातें:

  • अपहरण की तिथि: 13 जनवरी को एसएसपी आवास के पास से ही कैरव का अपहरण हुआ था।
  • फिरौती की मांग: सूत्रों के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने पहले 5 करोड़ और फिर 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी थी।
  • रिहाई का स्थान: हजारीबाग जिले का बरही इलाका, जहाँ से परिजन उन्हें लेकर जमशेदपुर पहुंचे।
  • रहस्यमयी चुप्पी: फिलहाल इस मामले में पुलिस और परिजन दोनों ने ही मीडिया से दूरी बना रखी है।
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पुलिस की भूमिका या पारिवारिक समझौता?

​कैरव की सुरक्षित वापसी के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि पुलिस ने उनकी रिकवरी की पुष्टि की है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की गई है। जानकारों का मानना है कि अगर यह पुलिस का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन होता, तो विभाग अब तक इसका पूरा ब्यौरा साझा कर चुका होता।

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​चर्चा है कि परिवार के निरंतर प्रयासों और संभवतः किसी ‘समझौते’ के बाद ही 14 दिनों से चल रहा यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा खत्म हुआ है।

बड़ी बात: एसएसपी आवास के ठीक बगल से अपहरण होने के कारण पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। कैरव के घर लौटने के बाद अब सुरक्षा और जांच के पहलुओं पर पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार है।