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महंगाई की मार: मिडिल ईस्ट संकट से दहकी रसोई, खाने के तेल की कीमतों में भारी उछाल!

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नई दिल्ली/बेंगलुरु | तीसरी धारा न्यूज

​भारत में आम आदमी की रसोई पर अब वैश्विक युद्ध के बादलों का साया मंडराने लगा है। मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची उथल-पुथल ने सीधे तौर पर खाने के तेल की कीमतों में आग लगा दी है। पिछले कुछ ही दिनों में सूरजमुखी (Sunflower), सोयाबीन और पाम तेल के दामों में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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क्यों बढ़ रहे हैं दाम? (प्रमुख कारण)

​बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस अचानक आई तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. वैश्विक सप्लाई चेन में रुकावट: युद्ध जैसे हालातों के कारण माल ढुलाई (Freight) का खर्च बढ़ गया है।
  2. रुपये की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत से आयात महंगा हो रहा है।
  3. कच्चे तेल में तेजी: कच्चे तेल के दाम बढ़ने से लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग की लागत में भी इजाफा हुआ है।

आयात पर निर्भरता बनी मजबूरी

​भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों के लिए एक बड़े हिस्से का आयात करता है। हालांकि कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य सूरजमुखी तेल के प्रमुख उत्पादक हैं, लेकिन घरेलू उत्पादन मांग के मुकाबले काफी कम है।

  • इन देशों से आता है तेल: भारत मुख्य रूप से यूक्रेन, रूस, अर्जेंटीना और बुल्गारिया से खाद्य तेल मंगवाता है। इन क्षेत्रों में अस्थिरता का मतलब है भारतीय बाजार में सीधा दबाव।

खुदरा बाजार का हाल: बेंगलुरु में बढ़ी कीमतें

​खुदरा बाजार में असर दिखना शुरू हो चुका है। उदाहरण के तौर पर:

  • सूरजमुखी तेल: बेंगलुरु में जो तेल एक हफ्ते पहले 161 रुपये प्रति लीटर था, वह अब 165 रुपये के पार पहुंच गया है।
  • ब्लेंडेड ऑयल: सूरजमुखी और राइस ब्रान के मिश्रण वाले तेलों की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।

आगे क्या? विशेषज्ञों की चेतावनी

​व्यापारियों और जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले हफ्तों में सूरजमुखी और ब्लेंडेड ऑयल की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की और बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

तीसरी धारा न्यूज का विश्लेषण: खाद्य तेल की कीमतों में यह उछाल केवल रसोई का बजट ही नहीं बिगाड़ेगा, बल्कि इससे बाहर मिलने वाले खाने-पीने के सामान (FMCG) की कीमतों में भी तेजी आने की पूरी संभावना है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज