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ग्लोबल फ्यूल संकट: पश्चिम एशिया की जंग ने दुनिया में मचाया हाहाकार, पाकिस्तान में स्कूल बंद, भारत के कई शहरों में गैस किल्लत

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नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में जारी भीषण युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की रसोई और रफ़्तार पर दिखने लगा है। कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक ईंधन संकट खड़ा हो गया है। पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में जहां हालात बेकाबू हैं, वहीं भारत के महानगरों में भी कमर्शियल गैस की किल्लत ने होटल इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है।

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पड़ोसी देशों में ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात

  • पाकिस्तान: पंजाब प्रांत में सरकार ने ईंधन बचाने के लिए 31 मार्च तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू है और मंत्रियों के पेट्रोल भत्ते में 50% की कटौती कर दी गई है।
  • बांग्लादेश: कतर से एलएनजी सप्लाई रुकने के बाद बिजली और ईंधन का गंभीर संकट है। विश्वविद्यालयों को बंद कर ईद की अग्रिम छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
  • म्यांमार: ईंधन खत्म होने के कगार पर है। सरकार ने वाहनों के लिए ऑड-ईवन (Odd-Even) फॉर्मूला लागू कर दिया है।

दुनिया के अन्य देशों का रुख

​संकट को देखते हुए चीन ने पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। दक्षिण कोरिया ने 30 साल में पहली बार कीमतों पर ‘कैप’ (अधिकतम मूल्य सीमा) लगाया है, जबकि जापान ने अपने राष्ट्रीय तेल भंडार (Emergency Reserve) से तेल निकालना शुरू कर दिया है।

भारत पर असर: बेंगलुरु में होटल बंद, यूपी-महाराष्ट्र में हाहाकार

​भारत में भी इस वैश्विक संकट की तपिश महसूस की जा रही है:

  1. बेंगलुरु: होटल्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई न होने के कारण मंगलवार से शहर के होटल और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।
  2. उत्तर प्रदेश: गोरखपुर और वाराणसी में पेट्रोलियम कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी है। घरेलू सिलेंडरों के कोटे में भी 25% तक की कटौती के निर्देश दिए गए हैं।
  3. मुंबई और पुणे: मुंबई में सिलेंडर बुकिंग का बैकलॉग 8 दिन तक पहुंच गया है। वहीं, पुणे में गैस की कमी के कारण 18 शवदाह गृहों को अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा है।

क्या कहती हैं कंपनियां?

​नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि सरकार का कहना है कि आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर सप्लायरों ने डिलीवरी रोक दी है, जिससे कालाबाजारी का डर बढ़ गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज