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पूर्व विधायक ने कोर्ट से मांगी इच्छा मृत्यु, कहा मरना मेरा मौलिक अधिकार है

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धनबाद : झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह अब जीना नहीं चाहते हैं। नीरज सिंह हत्याकांड में जेल में बंद झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने अदालत से इच्छा मृत्यु की अपील की है। संजीव सिंह ने अदालत को बताया है कि सरकार हमें चैन से जीने नहीं दे सकती है, मरना मेरा मौलिक अधिकार है। इसलिए मुझे इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए। इसके साथ ही पूर्व विधायक ने इच्छा मृत्यु के बाद अपने अंगों को दान करने की भी अपील की है। मृत्यु के बाद शरीर के अंगों को दान करने की कागजी प्रक्रिया पूरी करने को लेकर भी संजीव सिंह ने अदालत में फरियाद लगाई है।

पूर्व विधायक संजीव सिंह के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 अखिलेश कुमार की अदालत में उनकी तरफ से एक अपील की गई है। जिसमें उन्होंने इच्छा मृत्यु के लिए अदालत से मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मृत शरीर के अंगों को दान करने की स्वीकृति अदालत से मांगी है। उनका तर्क है कि सरकार उन्हें जीने नहीं दे रही है। इसलिए वह मरना चाहते हैं। (जारी…)

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दरअसल, झारिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह अप्रैल 2017 से धनबाद जेल में बंद हैं। 11 जुलाई 2023 को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें धनबाद मंडल कारा से एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया था। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने भी उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर राहत देने से इंकार कर दिया था। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद संजीव सिंह की याचिका खारिज कर दी थी। अस्पताल में दाखिला कराते वक्त बताया गया था कि संजीव जेल में कुर्सी से गिर कर घायल हो गये हैं।

बता दें कि 1 जुलाई से पूर्व मेडिकल बोर्ड ने जांच में संजीव सिंह की स्थिति सामान्य पायी थी। रिपोर्ट में उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं होने की बात बतायी गयी थी। वहीं, जेल प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि प्रार्थी संजीव सिंह को मेडिकली फिट हैं। जिसके बाद अदालत ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट को देखते हुए संजीव सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया।