एक नई सोच, एक नई धारा

डबल डाउन बार हत्याकांड: प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद परिजनों का गतिरोध समाप्त, शव लेने पर हुए सहमत

AddText 07 01 05.22.33

जमशेदपुर:

जमशेदपुर के चर्चित डबल डाउन बार हत्याकांड में मंगलवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मृतक हिमांशु सिंह के परिजनों और जिला प्रशासन के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद आखिरकार गतिरोध समाप्त हो गया। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितीश कुमार तथा कोल्हान डीआईजी अनूपरंजन किस्पोट्टा के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में परिजनों की प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने शव लेने पर अपनी सहमति जताई। इसके तुरंत बाद परिजन टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के लिए रवाना हुए, जहां देर शाम तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।AddText 07 01 05.22.33

​प्रशासन द्वारा दिए गए प्रमुख लिखित आश्वासन:

  • सरकारी नौकरी की अनुशंसा: मृतक की पत्नी ऋचा सिंह को उनकी योग्यता के अनुरूप सरकारी नौकरी देने के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी।
  • दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज: घटना के समय मौके पर मौजूद लापरवाह पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निलंबन के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई: मामले की त्वरित सुनवाई के लिए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि सभी आरोपियों को शीघ्र और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

​क्या था पूरा मामला?

​गौरतलब है कि बीते शनिवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन बार’ में हिमांशु सिंह और प्रत्यूष नामक युवकों की कुछ स्थानीय लड़कों से कहासुनी हो गई थी। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों युवक अपनी जान बचाने के लिए पास ही खड़ी पुलिस की पीसीआर (PCR) वाहन में जाकर बैठ गए। आरोप है कि हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ही वाहन के अंदर घुसकर दोनों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस पूरी खूनी वारदात के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही।b 1

​इलाज के दौरान मौत और भड़का जन-आक्रोश

​चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां इलाज के दौरान सोमवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में हिमांशु सिंह ने दम तोड़ दिया। हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही पूरे शहर में आक्रोश भड़क उठा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। इस हंगामे के दौरान आक्रोशित भीड़ ने सिटी एसपी के वाहन में भी तोड़फोड़ की।a 2

​मुख्यमंत्री की बड़ी कार्रवाई

​मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सूबे के मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) तथा सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (SP) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वयं मृतक के परिजनों से फोन पर बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया, न्याय का पूरा भरोसा दिया और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

error: Content is protected !!