जमशेदपुर: लौहनगरी के प्रतिष्ठित एवं प्राचीन बिष्टुपुर राम मंदिर के महासचिव दुर्गा प्रसाद (57 वर्ष) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर फैलते ही मंदिर समिति, श्रद्धालु और शहर के गणमान्य लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।

अस्वस्थता और अस्पताल में उपचार
पारिवारिक सूत्रों और उनके करीबी सहयोगी दीनू (कदमा निवासी) के अनुसार, दो दिन पूर्व दुर्गा प्रसाद जी से बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि उनका ब्लड प्रेशर (BP) अनियंत्रित होकर काफी बढ़ गया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत टीएमएच में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद मंगलवार सुबह करीब 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मिलनसार और सेवाभावी व्यक्तित्व
दुर्गा प्रसाद जी को उनके व्यवहार कुशल और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था।
- संगठनात्मक कुशलता: वे लगातार दो कार्यकाल से महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
- धार्मिक सक्रियता: राम मंदिर में होने वाले हर छोटे-बड़े आयोजन, विशेषकर रामनवमी और स्थापना दिवस कार्यक्रमों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती थी। वे समाज सेवा के कार्यों में भी अग्रणी रहते थे।
समाज में शोक और श्रद्धांजलि
उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता एआर कैलाश ने कहा, “दुर्गा प्रसाद जी का निधन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना जीवन मंदिर और सामाजिक सेवा को समर्पित कर दिया था।” शहर के विभिन्न संगठनों और मंदिर समितियों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
कल होगी अंतिम विदाई
दुर्गा प्रसाद जी का अंतिम संस्कार बुधवार (14 जनवरी) को किया जाएगा।
- अंतिम यात्रा: सुबह 10 बजे उनके बागबेड़ा गणेश नगर (रोड नंबर-3) स्थित आवास से निकलेगी।
- अंतिम संस्कार स्थल: बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर उनका दाह संस्कार संपन्न होगा।










