चक्रधरपुर: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की योजना के अंतर्गत, स्थानीय पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में नारी शक्ति की महत्ता को रेखांकित करना और भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण करना था।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूजा गुप्ता, विशिष्ट अतिथि प्रियंका महाजन, सुनीता दीघार, प्रिया शर्मा और विद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष दमयंती नाग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आचार्या मीना कुमारी ने सभी अतिथियों का परिचय कराया।
नारी में निहित हैं ‘सप्तशक्तियां’
प्रस्तावना रखते हुए प्रियंका महाजन ने भारतीय नारी को देवी की प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने नारी में निहित सात शक्तियों— कीर्ति, श्री, धन, वाणी, स्मृति, धैर्य और क्षमा की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इन शक्तियों के जागरण से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
संस्कारों की पाठशाला है ‘संयुक्त परिवार’
मुख्य अतिथि पूजा गुप्ता ने अपने संबोधन में संयुक्त परिवार की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार ही वह पाठशाला है जहाँ बच्चों को नैतिकता और जीवन कौशल की शिक्षा मिलती है। वहीं सुनीता दीघार ने महिलाओं को राष्ट्र की चेतना बताते हुए देश के विकास में उनकी भूमिका को सर्वोपरि बताया।

प्रतिभाशाली माताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उन माताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिनके बच्चों ने शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। आचार्या शांति देवी द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी और ‘सप्तशक्ति गीत’ की प्रस्तुति कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे।
निष्कर्ष: प्रधानाचार्य आनंद चन्द्र प्रधान के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं ने भाग लिया और अपने बच्चों को सुसंस्कृत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन मीना कुमारी ने और धन्यवाद ज्ञापन जय श्री दास ने किया।










