चक्रधरपुर / रामगोपाल जेना: चक्रधरपुर के उलीडीह से चार मोड़ तक बन रही सड़क पर बीती रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। लावजोड़ा के समीप बन रही एक निर्माणाधीन पुलिया में गिरने से एक बाइक सवार युवक की जान चली गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और ठेका कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

रात के अंधेरे में हुआ हादसा
मृतक की पहचान खरसावां के पिताकलांग गांव निवासी शिवशंकर प्रधान के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शिवशंकर बीती रात अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी लावजोड़ा के पास सड़क निर्माण के तहत बन रही अधूरी पुलिया में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। रात का अंधेरा होने और पुलिया के पास कोई संकेत न होने के कारण उन्हें गड्ढे का अंदाजा नहीं मिल सका।
बैरिकेडिंग न होने से गई जान
स्थानीय ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि निर्माणाधीन स्थल पर ठेका कंपनी ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे।
- लापरवाही: पुलिया के चारों ओर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रात में चमकने वाले रेडियम संकेत लगाए गए थे।
- माहौल: घटना की सूचना मिलते ही टोकलो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठेका कंपनी के मैनेजर को पूछताछ के लिए तलब किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: मुआवजे की मांग
झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटनास्थल का संज्ञान लेते हुए सीधे तौर पर निर्माण कंपनी को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया।
”बिना बैरिकेडिंग और सुरक्षा मानकों के कार्य करना ठेका कंपनी की बड़ी लापरवाही है। इसी वजह से एक निर्दोष युवक की जान गई है। हमारी मांग है कि कंपनी मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा राशि तुरंत प्रदान करे।” — अर्जुन मुंडा, झामुमो नेता
जनता में आक्रोश
उलीडीह-चार मोड़ सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी से स्थानीय लोग डरे हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो यह सड़क ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) साबित हो सकती है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए चक्रधरपुर से रिपोर्ट।











