आरपीएफ भागलपुर की टीम ने झारखंड के तीन बदमाशों को स्टेशन पर शनिवार की दोपहर दबोचा है। वे तीनों रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। आरपीएफ ने तीनों के विरुद्ध जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
उनके पास से तीन मोबाइल बरामद किया गया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान झारखंड के साहेबगंज जिला के रामपुर दियारा निवासी अभय कुमार, साहेबगंज जिला के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सकरीगली, पीहर टोला निवासी मुकेश कुमार चौधरी और सकरीगली गोपालपुर निवासी राजेश कुमार चौधरी उर्फ लड्डू सिंह के रूप में हुई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि दोपहर को एसआई पूर्णेंदू कुमार, एचसी उत्तम सरकार, राज कुमार गश्ती पर थे। स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर आरपीएफ दबोचा। सख्ती से पूछताछ में कबूल किया कि वे ट्रेन और प्लेटफार्म पर यात्रियों की मोबाइल चोरी करते हैं। इस लेकर ही वे लोग साहेबगंज से हर दिन ट्रेन से अलग-अलग स्टेशनों पर घटनाओं को अंजाम देते हैं। जीआरपी थानेदार ने बताया कि तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
में इंग्लिश स्पेलिंग में यू के स्थान पर छात्र की ओर से ब्लैकबोर्ड पर आई लिखे जाने के कारण शिक्षक ने छात्र के प्राइवेट पार्ट पर छड़ी से वार कर घायल कर दिया। इस पिटाई से उसे गहरी चोट लगी है।
घटना गुरुवार को पेटरवार स्थित पूज्य तपस्वी श्री जगजीवन जी महाराज ज्योति सरस्वती शिशु- विद्या मंदिर में घटी।
इस घटना से आक्रोशित छात्र के पिता मोहन रजवार, कोह मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप रजवार और भीखू मरांडी शुक्रवार को विद्यालय पहुंचे और प्रधानाध्यापक डॉ. अजय पाठक से मिलकर कार्रवाई की मांग की। प्रधानाध्यापक ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उक्त शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ ही देर बाद प्राधानाध्यापक डॉ. अजय पाठक ने कहा कि मामला सही है। आरोपी शिक्षक को विद्यालय से हटा दिया गया है। प्रधानाध्यापक की कार्रवाई के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ।
क्या है घटना
प्रखंड की कोह पंचायत के बुढ़न गोड़ा गांव निवासी मोहन रजवार का पुत्र हर्ष कुमार (15 वर्ष) गुरुवार को शिक्षा ग्रहण करने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पेटरवार आया था। तीसरी घंटी के दौरान शिक्षक की ओर से हर्ष को ब्लैकबोर्ड पर कंटिनिवस की स्पेलिंग लिखने के लिए बोला गया। स्पेलिंग लिखने के दौरान छात्र ने यू के स्थान पर आई लिख दिया। छात्र ने शुक्रवार को अपने गांव में आपबीती सुनाते हुए कहा कि इसी बात पर तीसरी घंटी के शिक्षक ने छड़ी से मेरे प्राइवेट पार्ट में तब तक मारते रहे जब तक छड़ी नहीं टूटी। छात्र के पिता ने बताया कि जब वह विद्यालय से लौट रहा था, तब रास्ते में गिरकर बेहोश हो गया।
पटना-गया रेलखंड पर शुक्रवार की दोपहर ट्रेन में यात्रियों के साथ एक शव भी सफर करता रहा। यात्री ट्रेन की बोगी में शव को देख दूसरी बोगी में जाते रहे।यात्री इसका वीडियो भी बनाते रहे।
लेकिन रेलवे के कर्मी शव को ट्रेन से बाहर निकालने की जहमत नहीं उठा सके। इस तरह शव जहानाबाद होते हुए पटना तक पहुंच गया।
जहानाबाद स्टेशन पहुंची थी स्पेशल सवारी ट्रेन
ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि सुबह 11:17 बजे गया से पटना की ओर जाने वाली स्पेशल सवारी गाड़ी जहानाबाद स्टेशन पहुंची थी।
उस ट्रेन की एक बोगी में सीट के नीचे आने-जाने के रास्ते पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ था। पहले तो बोगी को खाली देख लोग उसमें चढ़ गए।
परंतु बोगी में अंदर शव को देख लोगों को पूरा माजरा समझ में आ गया और लोग दूसरी बोगी की ओर चल पड़े। शव से काफी दुर्गंध भी आ रही थी।
गया से ही आ रहा था अज्ञात का शव
ट्रेन में सफर कर रहे अरवल जिले के किंजर निवासी सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति का शव गया से ही आ रहा था।
रेलवे कर्मी बीच में कहीं भी ट्रेन रोककर शव को उतर सकते थे। परंतु ऐसा नहीं किया गया। यही वजह रही कि ट्रेन के साथ शव 110 किमी सफर कर पटना जंक्शन तक पहुंच गया।
जहां यात्रियों की सूचना पर जीआरपी ने शव को ट्रेन से बाहर निकला। इस बारे में पूछने पर जहानाबाद जीआरपी थानाध्यक्ष मोनू राजा ने कहा कि ट्रेन में शव होने की कोई जानकारी उन्हें नहीं है। अगर ऐसी सूचना मिलती तो तुरंत कार्रवाई की जाती।
केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए भारतीय आपराधिक कानूनों में संपूर्ण बदलाव के लिए एक विधेयक पेश किया है। भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को भारतीय न्याय संहिता से बदल दिया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में आज भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए तीन विधेयक पेश किया। इसे पेश करते हुए उन्होंने कहा कि ये तीनों कानून अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए थे। हम इसे बदल रहे हैं। इसे बदलते हुए नए कानून ला रहे हैं। अमित शाह ने जिन तीन नए कानूनों की घोषणा की है उनमें भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 शामिल है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों के बनाए कानूनों के मुताबिक चलती थी। तीन कानूनों को बदल दिया जाएगा और देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा।”
भारतीय न्याय संहिता, 2023: अपराधों से संबंधित प्रावधानों को समेकित और संशोधित करने के लिए और उससे जुड़े या उसके आकस्मिक मामलों के लिए।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023: दंड प्रक्रिया से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करने और उससे जुड़े या उसके प्रासंगिक मामलों के लिए।
भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023: निष्पक्ष सुनवाई के लिए साक्ष्य के सामान्य नियमों और सिद्धांतों को समेकित करने और प्रदान करने के लिए।
पुख्ता होगी जांच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “किसी भी अपराध में जिसमें 7 साल से अधिक की सजा हो उसके लिए फोरेंसिक टीमें घटनास्थल पर होनी चाहिए, जिससे अपराध की जांच करने में सहूलियत हो। लेकिन विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि देश इसके लिए तैयार नहीं है, लेकिन हम 2027 तक देश की सभी अदालतों को कम्प्यूटरीकृत करना चाहते हैं। हमने जीरो-एफआईआर को एक विशेष स्थान दिया है और आजादी के 75 साल बाद ऐसा पहली बार हुआ है। दुष्कर्म के आरोप में वीडियो रिकार्डेड बयान अनिवार्य कर दिया गया है। पहली बार सामुदायिक सेवा शुरू की जा रही है, यह बहुत प्रासंगिक नहीं है लेकिन अब इसे अधिनियमित किया जाएगा।”
नहीं होगी कार्रवाई में देरी गृह मंत्री ने आगे कहा कि पुलिस अधिकारी भी अब जांच में देरी नहीं कर पाएंगे, उन्होंने आगे कहा, “हमने सुनिश्चित किया है कि 90 दिनों में आरोप पत्र दायर किया जाएगा और केवल अदालत उन्हें 90 दिन और बढ़ा सकती है, लेकिन 180 दिनों के भीतर पुलिस ने इन नए कानूनों के तहत जांच करने के लिए बाध्य होंगे। यहां तक कि न्यायाधीश भी किसी भी दोषी के लिए अपनी सुनवाई और आदेश में देरी नहीं कर सकते हैं।”
बर्दाश्त नहीं होगा महिलाओं के खिलाफ अपराध गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इन विधेयकों के तहत, आतंकवाद, मॉब-लिंचिंग और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्ती से निपटा जाएगा और आईपीसी पर नया विधेयक राजद्रोह के अपराध को पूरी तरह से निरस्त कर देगा। सामूहिक बलात्कार के लिए 20 साल की सजा की गारंटी है और 18 साल से कम उम्र की किसी भी महिला के साथ बलात्कार के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से मौत की सजा सुनिश्चित की जाएगी।”
अपनी जमा-पूंजी को निवेश करने के लिए हमारे पास कई ऑप्शन हैं। की ऑप्शन में काफी जोखिम भी है। कुछ स्कीम में निवेशकों को मार्केट रिस्क का सामना करना पड़ सकता है।
आज इस रिपोर्ट के जरिये जानते हैं कि आपके लिए कौन-सी स्कीम बेस्ट होती है।
देश में कई लोगों को पोस्ट ऑफिस और बैंक की स्कीम में निवेश करना काफी पसंद आता है। अगर आप भी पोस्ट ऑफिस स्कीम की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो आपको एक बार जरूर जान लेना चाहिए कि कहीं बैंक एफडी आपके लिए बेस्ट तो नहीं है।
इंटरेस्ट रेट
देश के सभी बैंक ग्राहक को अलग ब्याज दर ऑफर करते हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहक को 7 दिन से 10 साल तक की एफडी पर 3 फीसदी से लेकर 6.50 फीसदी तक का ब्याज ऑफर करता है। एसबीआई के स्पेशल एफडी पर ग्राहक को 7.10 फीसदी का इंटरेस्ट मिलता है। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ग्राहक को 3 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर इस तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच 7.7 फीसदी का ब्याज दर मिल रहा है। इस स्कीम में आपको कम से कम 1,000 रुपये निवेश करना चाहिए।
बैंक एफडी या एनएससी
आप अगर बैंक के एफडी में इन्वेस्ट करते हैं तो आपको 7 साल से 10 साल तक निवेश करना चाहिए। वहीं, एनएसई में आपको 5 साल के लिए निवेश करना चाहिए। बैंक एफडी में आपको मासिक या तिमाही पर ब्याज मिलता है। वहीं एनएसई में आपको मैच्योरिटी के बाद ही एकमुश्त ब्याज मिलता है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। ये बेनिफिट ब्याज दर पर लागू होता है। वहीं, एनएसई पर आयकर अधिनियम के 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट मिलता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया को हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है. हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती है.
वहीं कुवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना से हरियाली तीज व्रत और पूजा करती हैं. हरियाली तीज पर इसके नाम की तरह ही हरे रंग का विशेष महत्व होता है. तो चलिए आपको बताते हैं कि सावन में हरियाली तीज किस दिन पड़ रही है. सावन में हरियाली तीज पर पूजा के लिए सामग्री की लिस्ट भी यहां देख सकते हैं.
हरियाली तीज 2023 डेट हरियाली तीज सावन शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाएगी. इस बार सावन शुक्ल पक्ष तृतीया की शुरुआत 18 अगस्त 2023 को रात 8ः01 से हो रही है जो अगले दिन 19 अगस्त 2023 को रात 08ः19 तक रहेगी. उदयातिथि को महत्व देते हुए हरियाली तीज का व्रत 19 अगस्त को रखा जाएगा. हरियाली तीज पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07ः30 से को 09ः08 तक रहेगा. दोपहर का पूजा मुहूर्त 12ः25 से शाम को 05ः19 तक है.
हरियाली तीज की पूजा सावन का पूरा महीना भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए खास होता है. सावन में हरियाली तीज पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से महिलाओं की अखंड सौभाग्य की इच्छा पूरी होती है. सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए हरियाली तीज का व्रत रखती है और कुवारी कन्याएं भी यह व्रत अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं. इस दिन मां पार्वती का सोलह श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजा करने से शुभ फल मिलते हैं. तो चलिए आपको हरियाली तीज व्रत की पूजा सामग्री के बारे में बताते हैं.
हरियाली तीज 2023 पूजा सामग्री हरियाली तीज का व्रत भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा के लिए रखा जाता है. हरियाली तीज के दिन मां पार्वती और भगवान शिव की तस्वीर चौकी पर स्थापित करनी चाहिए. पूजा के लिए चौकी पर पीला कपड़ा, केले के पत्ते और कच्चा सूत भी रखें. इस दिन व्रत के लिए बेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते, भांग, नारियल, धतूरा, एक कलश, पांच सुपारी, साफ चावल, दूर्वा घास, गाय का दूध, देशी घी, श्रीफल, चंदन, दही, मिश्री, शहद और पंचामृत इन सभी सामग्री को अवश्य एकत्र कर लें. इसके साथ ही मां पार्वती का महावर, कुमकुम, मेहंदी, इत्र, चुनरी, सिंदूर, बिंदी, आदि के साथ सोलह श्रृंगार करें.
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल), धनबाद एरिया बोर्ड के एक हजार से ज्यादा नये उपभोक्ताओं को लगभग एक साल से बिजली का बिल नहीं मिल रहा है. सालभर पहले कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर विभाग ने कनेक्शन उपलब्ध कराकर मीटर भी लगा दिया है.
उपभोक्ता के घरों व प्रतिष्ठानों में बिजली का मीटर भी लग चुका है. इसके बाद से बिलिंग करने कोई नहीं पहुंचा. इतना ही नहीं कई उपभोक्ताओं काे कंज्यूमर नंबर तक नहीं मिला है. अब लोगों को एकमुश्त मोटी रकम के भुगतान की चिंता सताने लगी. इसे लेकर विभाग बेपरवाह है. उपभोक्ता अपने घर-प्रतिष्ठान में बिलिंग कराने को लेकर जेबीवीएनएल के कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कह कर लौटा दिया जाता है कि जल्द ऊर्जा मित्र उनके घर जाकर बिल निकालेंगे.
इस वजहों से नहीं हो रही बिलिंग
बिलिंग एजेंसी व ऊर्जा मित्र में मतभेद : बता दें कि पिछले छह से सात माह से बिलिंग एजेंसी व ऊर्जा मित्र के बीच अनियमित मासिक भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है. बकाया की मांग को लेकर ऊर्जा मित्र कुछ लोगों का ही बिजली बिल निकाल रहे थे. नये उपभोक्ताओं के यहां बिल निकालने नहीं पहुंच रहे है. इस समस्या को देखते हुए जेबीवीएनएल ने एजेंसी को कार्य से हटा दिया है. वर्तमान में विभाग अपनी देखरेख में ऊर्जा मित्र से बिलिंग कार्य करा रहा है.
विवाद के बीच कई ऊर्जा मित्रों ने छोड़ा काम
एजेंसी और ऊर्जा मित्रों के बीच बकाया को लेकर उत्पन्न विवाद को देखते हुए कई इलाकों के ऊर्जा मित्रों ने काम छोड़ दिया है. इसके बाद से कई इलाकों में अबतक ऊर्जा मित्र की बहाली नहीं हुई है. दूसरे इलाकों के ऊर्जा मित्र से किसी तरह पुराने उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों में बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है.
कतरास के तिलाटांड़ हॉस्पिटल के पास रहने वाले शंकर पांडेय ने एक वर्ष पहले बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया. कनेक्शन के साथ उनके घर में बिजली का मीटर लगा दिया गया. इसके करीब सात माह के बाद उन्हें कंज्यूमर नंबर मिला. अब एक साल से ज्यादा हो गया है, उनके घर की बिलिंग नहीं हुई है.
कोलाकुसमा के राजदीप धीवर ने 11 माह पूर्व कनेक्शन लिया है. उसके बाद उनके घर में मीटर लगा दिया गया. कंज्यूमर नंबर नहीं मिला है. ऐसे में अबतक उनकी घर की बिलिंग शुरू नहीं हो पायी है.
नया कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को जल्द बिजली बिल मुहैया कराया जायेगा. सर्वर में उनका डाटा देर से फीड होने के कारण समस्या है. सभी एरिया के कार्यपालक अभियंता को डाटा इंट्री के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. डाटा इंट्री होने के साथ सभी का कंज्यूमर नंबर अलॉट हो जाता है. लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. सभी को इंस्टॉलमेंट में बिल भुगतान करने की सहूलियत दी जायेगी.
आकाशवाणी के सामने स्थित मॉल ऑफ रांची की औपचारिक लांचिंग 13 अगस्त की शाम पांच बजे होगी. खास बात यह है कि इस लांचिंग में इंडियन आइडल स्टार पवनदीप राजन और अरुणिता शामिल होंगे. दोनों अपनी सुरीली आवाज का जादू चलायेंगे.
उक्त बातें मॉल ऑफ रांची के निदेशक नीतिश अग्रवाल और ऋषभ लोहिया ने गुरुवार को मॉल परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही.
मॉल में लोगों को अलग अनुभव होगा :
उन्होंने कहा कि मॉल में लोगों को अलग अनुभव होगा. पार्किंग व सुरक्षा से लेकर हर प्रकार की सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है. मॉल में देश-विदेश के नामी ब्रांड्स के शोरूम उपलब्ध हैं. मॉल में बड़े ब्रांड के शोरूम के अलावा मॉडर्न गेम जोन, फूड जोन, 4/4 सिनेमा स्क्रीन्स, लाइफस्टाइल, फैशन शॉप आदि उपलब्ध हैं.
यहां ईस्ट इंडिया का सबसे बड़ा और लेटेस्ट गेमिंग जोन है. प्रकाश झा के सिनेमा स्क्रीन्स पीजेपी सिनेमा दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे. डॉल्बी एटमॉस साउंड सिस्टम है. जबकि, फूड कोर्ट में 300 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. मॉल में 60 प्रतिशत एंटरटेनमेंट और फूड एवं बेवरेज है. जबकि, 40 प्रतिशत रिटेल और शॉपिंग की सुविधा है.
800 से 1000 लोगों को रोजगार :
निदेशक ने बताया कि इस मॉल के खुलने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 800 से 1000 लोगों को रोजगार मिला है. जबकि, लगभग 50 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिलेगा. उन्होंने बताया कि इस मॉल में हर चीजें अलग नजर आयेंगी. लाइटिंग से लेकर हर चीजें इस मॉल को यूनिक बनाती है.
भगवान सिंह-शैलेन्द्र सिंह का प्रयास रंग लाया, बैठक में बन गयी बात
सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह और झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह का प्रयास आख़िरकार रंग लाया वे तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना में दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र में झारखंड के सिखों की सदस्यता और मताधिकार को बरकरार कराने में कामयाब हो गए हैं। चार से पांच दौर की बातचीत और बैठकों के बाद झारखण्ड के सिखों का मान सम्मान बचाने दोनों धार्मिक नेता सफल हो ही गए। बुधवार को पटना साहिब से पुष्टि करते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान सरदार भगवान सिंह और झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा कमिटी (जेरजीसी) के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि तख्त श्री हरमंदिर साहिब पटना के संचालन समिति के सदस्यों विशेषकर अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही, महिंद्रपाल सिंह ढिल्लों और हरपाल सिंह जोहल के साथ काफी सौहाद्रपूर्ण माहौल में बैठक हुए और सदस्यों ने झारखण्ड के सिखों के साथ किसी भी तरह के भेद-भाव से इंकार करते हुए झारखण्ड की सदस्यता और मताधिकार बरकरार रखने की बात कही है।
सरदार शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी), झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा कमिटी (जेरजीसी) और झारखण्ड सिख प्रतिनिधि बोर्ड की ओर से एक-एक ज्ञापन बिहार उच्च न्यायालय एवं कस्टोडियन जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सिंह को भी सौंपा गया उन्होंने अपने कार्यालय कच्छ में बुलाकर प्रतिनिधिमंडल से बात की और उन्होंने राजीव रंजन सिंह ने आश्वस्त किया है झारखण्ड से सिखों के साथ किसी भी प्रकार भेद-भाव और नाइंसाफी नहीं होगी और जैसा चल रहा रहा है यथावत चलता रहेगा। भगवान सिंह का कहना है कि इसको तूल देना अब व्यर्थ होगा क्योंकि इस प्रकरण का अब पटाक्षेप हो गया है। सीजीपीसी प्रतिनिधिमंडल कल जमशेदपुर लौटेगा। जमशेदपुर से तख्त श्री हरमंदिर साहिब गए प्रतिनिधिमंडल में भगवान सिंह, शैलेन्द्र सिंह, गुरमीत सिंह तोते, अमरजीत सिंह, गुरचरण सिंह बिल्ला, चंचल सिंह, कुलदीप सिंह बुग्गे, रविंदर सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, सुरेंद्र सिंह छिंदे, रणजीत सिंह मथारू, जसविंदर सिंह जस्सी और राजू पांडे शामिल थे।
सावन सोमवारी पर बोल बम और हर हर महादेव से नारों से बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर गुंजायमान हो गया है. बाबा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के रंग से सराबोर हो गया है.सरकारी पूजा के बाद अहले सुबह 03 बजकर 48 मिनट से श्रद्धालु अर्घा के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण कर रहे हैं.
सावन की पांचवीं और पुरुषोत्तम मास व बांग्ला सावन की तीसरी सोमवारी पर भारी संख्या में कांवरिये बाबा मंदिर पहुंचे हैं. इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भगवा रंग से पटा है और चारों ओर बोल-बम के जयकारे लग रहे हैं, पूरा माहौल भक्तिमय है.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर उपायुक्त लगातार मंदिर प्रांगण व रुटलाइन का निरीक्षण कर रहे हैं. शिवगंगा में एनडीआरएफ की टीम उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रख रही है. सम्पूर्ण रूट लाइन के साथ-साथ सभी होल्डिंग पॉइंट व महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा बल एवं दंडाधिकारी उपस्थित हैं. इस बीच पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला. सूचना सहायता कर्मी अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित हैं और श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग कर रहे हैं.
बाबा मंदिर में रविवार से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी गयी. वहीं सोमवारी पर जलार्पण के लिए रविवार देर रात से ही कांवरिये रूटलाइन में कतार में लग गये थे. इस बार श्रावणी मेला दो माह का होने के बाद भी हर दिन भारी संख्या में कांवरियों का आगमन जारी है.
इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी विशाल सागर रुटलाइन के अलावा अहले सुबह से बाबा मंदिर प्रांगण में उपस्थित हैं. सोमवारी को जलार्पण को लेकर रात्रि पहर में ही श्रद्धालुओं की कतार बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी. कड़ी सुरक्षा के बीच कतारबद्ध होकर श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का सुलभ व सुरक्षित जलार्पण कर रहे हैं.
बाबा मंदिर आने वाले कांवरिये जलार्पण के बाद कांवर यात्रा की यादों में समेट कर ले जाने का मौका छोड़ना नहीं चाहते हैं. इस कारण बाबा मंदिर परिसर में कांवरियों को सेल्फी लेते देखा जा रहा है.
सावन के पावन महीने में हमेशा की तरह आज भी बाबा धाम का दृश्य काफी मनमोहक है.