जमशेदपुर : भाजपा नेता हरप्रीत सिंह को पितृ शोक हुआ है। उनके पिता एवं टायर डिस्ट्रीब्यूटर जसबीर सिंह का निधन इलाज के क्रम में हो गया है। अंतिम संस्कार शुक्रवार को बिष्टुपुर पार्वती घाट में होगा।
रामदास भट्टा निवासी जसबीर सिंह के निधन पर उड़ीसा के राज्यपाल एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो, तख्त श्री हरमंदिर साहिब जी पटना कमेटी के महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा, पूर्व अध्यक्ष गुंजन यादव, झारखंड सिख विकास सभा अध्यक्ष गुरदीप सिंह पप्पू, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष जसबीर सिंह छीरे, सिख नेता सतबीर सिंह सोमू कुलवंत सिंह बंटी, चंचल भाटिया, बिष्टुपुर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान एवं अन्य ने शोक जताते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जसबीर सिंह अपने पीछे दो बेटे हरप्रीत सिंह एवं मनमीत सिंह तथा बेटी दिया सैनी टीका और भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं बेटी दिल्ली से आ रही है और उसी का इंतजार है।
जमशेदपुर : ईद-उल-फितर नेकी, प्रेम व भाईचारे के संदेश व सेवइयों की मिठास को साझा करने वाला त्यौहार में सोनारी के दो मस्जिद कुम्हारपारा और खुटाडीह मे सुबह से ही सोनारी थाना के पदाधिकारी और सोनारी शांति समिति के अध्यक्ष डॉ अमल पात्रो और सचिव सुधीर कुमार पप्पू के मार्गदर्शन पर सभी सदस्य अपने-अपने गंतव्य स्थल पर उपस्थित होकर शांतिपूर्ण तरीके से नमाज को संपन्न करवाये और सभी को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां दिये।
सभी सोनारी शांति समिति के सदस्य और नमाजियों का देख रेख करने के लिए जमशेदपुर डीएसपी निरंजन तिवारी और सोनारी थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद दोनों जगह बारी-बारी से उपस्थित होकर स्थिति का जायजा लिए और हम सभी के साथ बैठकर हम सभी का हौसला अफजाई किये। ईद के नमाज संपूर्ण होने के पश्चात सभी लोगों ने मिलकर सेवई का लुफ्त उठाएं। सोनारी शांति समिति के सचिव सुधीर कुमार पप्पू ने सभी प्रशासनिक पदाधिकारी और शांति समिति के सदस्यों को त्यौहार शांतिपूर्ण संपन्न करवाने के लिए बधाई और अपना आभार प्रकट किया।
लगातार सोलह दिनों तक चलने वाला गणगौर उत्सव गुरूवार की शाम गणगौर और जवारा विसर्जन के साथ हर्षोल्लास संपन्न हुआ. खरकाई एंव स्वर्णरेखा नदी के संगम सोनारी दोमुहानी नदी तट पर विधि-विधान के साथ सामूहिक गणगौर विसर्जन किया गया. इसमें सोनारी और कदमा सहित आसपास क्षेत्र से मारवाड़ी समाज की लगभग 400 महिलाएं एवं युवतियां अपनी-अपनी गणगौरों एवं जवारों का विसर्जित करने के लिए पहुंचीं. महिलाएं नृत्य-गीत, पूजा-पाठ कर गणगौरों एवं जवारों का हर्षाेल्लास विसर्जन किया. साथ ही एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी मनायी. भायली महिला मंडल जमशेदपुर की अध्यक्ष कविता अग्रवाल और सचिव मंजू अग्रवाल के संयुक्त नेतृत्व में महिलाओं के लिए लगाये गये सेवा शिविर में नयी नवेली गणगौर पूजने वाली 21 बहू-बेटियों का बैंड बाजा एंव अंग वस्त्र के साथ स्वागत और उपहार देकर मनुहार किया गया.
साथ ही सभी के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गयी थी. इससे पहले सुबह सात बजे से मंडल की ओर से सोनारी स्थित महिला सत्संग भवन में समाज की महिलाओं के लिए सामूहिक गणगौर पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. पूरे कार्यक्रम में सुमन अग्रवाल, मैना अग्रवाल, काव्या शर्मा आदित्यपुर, बिमला वर्मा, नीलम नागेंलिया, उमा डांगा, संजना अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, कविता अग्रवाल कदमा, सीमा डंगबाजिया, लता अग्रवाल, झुमकी अग्रवाल, राधा अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल, काजू अग्रवाल, प्रीति झाझरिया, रीमा अग्रवाल, रीना अग्रवाल, शिवानी अग्रवाल, कविता अग्रवाल, कंचन अग्रवाल, गुरप्रीत अग्रवाल, खुश्बू शर्मा, रेखा अग्रवाल, बबिता पुरिया, संतोष अग्रवाल, डोली अग्रवाल, राजश्री हरुपका, स्वाति अग्रवाल, भारती अग्रवाल समेत अन्य की सराहनीय भूमिका रही.
जमशेदपुर के गोलमुरी थाना अंतर्गत स्लैग रोड में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने सात माह की बच्ची और उसके 10 वर्षीय भाई को रौंद दिया. धक्के से बच्चा कार की विंडशील्ड पर जा गिरा. भागने के क्रम में कार बच्चे को कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई. कार को रोक चालक मौके से फरार हो गया, जबकि कार सवार तीन युवकों को स्थानीय लोगों ने दबोच लिया और पिटाई करते हुए बंधक बना लिया. लोगों ने कार में तोड़फोड़ की. घायल बच्ची को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
इधर सूचना पाकर गोलमुरी पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए युवकों को अपने साथ जीप में बिठाने के ले जाने लगी पर गुस्साए स्थानीय लोगों ने पुलिस के समक्ष ही युवकों को पीटना शुरू कर दिया. पुलिस ने किसी तरह तीनों युवकों को जीप में बिठाया पर भीड़ ने जीप पर भी हमला शुरू कर दिया और जीप को घेर लिया. फिलहाल स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया है.
मतदान करनेवाले मतदाताओं को शॉपिंग में छूट मिलेगी. शहर के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के तहत डिस्काउंट ऑफर की घोषणा करने पर सहमति जतायी है.
जिला समाहरणालय सभागार में गुरुवार को स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरुकता कार्यक्रम के संचालन को लेकर होटल, रेस्टोरेंट, मॉल व कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ बैठक हुई. उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सह वरीय पदाधिकारी स्वीप कोषांग मनीष कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की. इसमें सभी व्यासायिक संस्थानों को अपने स्तर पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाते हुए शहरी मतदाताओं में मतदान के प्रति उदासीनता दूर करने को लेकर विशेष जिम्मेदारी दी गई. विशेष बात यह रही कि शहरी क्षेत्र के मतदाताओं को मतदान के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शॉपिंग पर छूट की घोषणा करने का प्रस्ताव डीडीसी ने रखा. ताकि मतदान के दौरान उंगली पर लगाई गई स्याही दिखाकर लोग शॉपिंग में छूट प्राप्त कर सकें. इस पर सभी व्यवसायिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति जताई तथा मतदाता जागरूकता अभियान में परस्पर सहयोग को लेकर आश्वस्त किया.
इस अवसर पर सभी को मतदाता शपथ दिलाते हुए अपने साथ कम से कम 10 अन्य लोगों को बूथ तक लाने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई. डीडीसी ने कहा कि जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत 25 मई को मतदान दिवस है. इसके लिए अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित करें. होटल व रेस्टोरेंट संचालक मिठाई के डब्बों या खाने के पार्सल में मतदाता जागरुकता स्टीकर लगाकर घर-घर तक मतदान दिवस के संदेश को पहुंचाएं. साथ ही मॉल, कोंचिग, होटल रेस्टोरेंट में सेल्फी प्वाइंट, पोस्टर, बैनर लगाकर भी मतदान के प्रति जागरूक करें. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मतदातओं को जागरूक करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाएं या अन्य कोई भी गतिविधि संचालित करें जिसमें बड़ी सहभागिता हो.
कोचिंग सेंटर संचालकों से वैसे सभी 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवा मतदाता, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है उन्हें 15 अप्रैल तक फॉर्म 6 भरवाते हुए सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया. सभी उपस्थित सदस्यों से भी मतदाता सूची में अपना नाम सत्यापन किए जाने की अपील की गयी, ताकि मतदान दिवस को वे आश्वस्त होकर बूथ तक पहुंचें और मतदान करें. बैठक में जेएनएसी के उप नगर आयुक्त, जिल खेल पदाधिकारी समेत 50 से ज्यादा संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
पाकिस्तान से लगातार आतंकवाद पर लगाम लगाने की कह रहे भारत ने अब मदद की पेशकश भी कर दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि अगर पाकिस्तान आतंकियों को रोकने में सक्षम नहीं है, तो भारत मदद के लिए तैयार है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान भी सिंह ने कह दिया था कि अगर कोई भारत में शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसे घर में घुसकर मारेंगे।
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में सिंह ने कहा, ‘अगर पाकिस्तान को लगता है कि वह आतंकवाद पर काबू पाने में असमर्थ है या नहीं कर सकते हैं, तो पड़ोसी देश भारत है उसका सहयोग प्राप्त करना चाहते हैं, तो उसका सहयोग प्राप्त करें। भारत सहयोग करने के लिए तैयार हैं।’ उन्होंने चेतावनी दी, ‘आतंकवाद का सहारा लेकर अगर वह भारत को अस्थिर करने की कोशिश करेगा, तो उसे इसका खामियाजा भुगतना होगा।’
भारत का बढ़ा कद: सिंह रक्षा मंत्री सिंह ने बुधवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद दुनिया भर में भारत का कद ऊंचा हुआ है। सहारनपुर में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद पूरी दुनिया में भारत का कद बढ़ा हैं। पहले जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत बोलता था तो उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था। लेकिन आज दुनिया कान खोल कर सुनती हैं कि आखिर भारत बोल क्या रहा हैं। इससे पता चलता हैं कि दुनिया भर में भारत की हैसियत बढ़ी हैं, दुनिया भर में भारत का कद ऊंचा हुआ है।’
उन्होंने कहा ‘देश का रक्षा मंत्री होने की हैसियत से मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम भारत का मस्तक कभी झुकने नहीं देंगे। भारत अब कमजोर भारत नहीं रहा बल्कि ताकतवर बन गया है।’ सिंह ने कहा कि कुछ साल पहले लोगों के बीच यह धारणा थी कि नेता वोट लेने के लिए झूठ बोलते हैं और चले जाते हैं। उन्हें जनता या जनता की परवाह नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश में राजनेताओं और राजनीतिक दलों के प्रति यही आम धारणा थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस धारणा को बदला है और दिखाया है कि राजनीति कैसे की जाती है। उन्होंने कहा ‘यह हमारा चरित्र है कि हम जो कहते हैं वह करते हैं।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि अक्सर राजनीतिक दल अपने घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन सत्ता में आने के बाद सब भूल जाते हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीति केवल सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश बनाने के लिए की जानी चाहिए, और भारतीय जनता पार्टी यही काम कर रही है। सिंह ने कहा कि हमने राजनीति में विश्वास के संकट पर काबू पा लिया है। उन्होंने कहा ‘हमने अनुच्छेद 370 हटाने का वादा किया था और सत्ता में आने के बाद हमने यह किया। हमने तीन तलाक खत्म करने का वादा किया था और संसद में बहुमत मिलने के बाद हमने इसे हटा दिया। हम जो कहते हैं, वह करते हैं।’
संसदीय सीट पर झामुमो ने अभी प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है. हालांकि, कई सीटों पर झामुमो प्रत्याशी का ऐलान हो जाने से उम्मीद बढ़ गई है कि एक-दो दिन के अंदर जमशेदपुर संसदीय सीट पर भी झामुमो का उम्मीदवार आ जाएगा.
संगठन का कद्दावर हो या फिर बाहरी दमदार उम्मीदवार
झामुमो का शीर्ष नेतृत्व अभी भी पशोपेश में है कि उनका कौन सा जिताऊ उम्मीदवार मैदान में उतरे जो भाजपा के दो बार सांसद बन चुके विद्युत वरण महतो को मात दे सके. पार्टी इस बात को लेकर पशोपेश में है कि उसका जिताऊ उम्मीदवार संगठन का कद्दावर नेता हो या फिर किसी बाहरी दमदार उम्मीदवार पर दांव लगाया जाए. माना जा रहा है कि अगर पार्टी किसी बाहरी को उम्मीदवार बनाती है तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. क्योंकि, पार्टी के पदाधिकारी पहले ही इस बात से नाराज़गी जता चुके हैं कि किसी बाहरी को टिकट न दिया जाए. पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि उम्मीदवार पार्टी के भीतर का ही होना चाहिए.
भाजपा के एक दिग्गज नेता को झामुमो में ला कर उन्हें टिकट देने की कवायद चल रही थी. लेकिन, जिले के विधायकों और संगठन के लोगों ने इसका पुरजोर विरोध कर दिया और मामला खटाई में पड़ गया. हालांकि, ये दिग्गज नेता लगातार हाथ पैर मार रहे हैं कि उन्हें पार्टी का टिकट मिल जाए. सूत्रों की मानें तो इन्हीं सब कारणों के चलते जमशेदपुर संसदीय सीट पर अभी तक उम्मीदवारी का ऐलान नहीं हो पाया है. इसके अलावा, जिला परिषद के एक पूर्व सदस्य भी टिकट के लिए जोर आजमाइश में लगे हैं. लेकिन, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर पार्टी ऐसे किसी बाहरी नेता को टिकट देती है तो पार्टी के कार्यकर्ता निष्क्रिय हो सकते हैं और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसा करना चुनावी जंग लड़ने से पहले ही हथियार डाल देने जैसा होगा. वैसे संगठन में कई लोगों की उम्मीदवारी पर चर्चा चल रही है. इसमें आस्तिक महतो के साथ ही सुनील महतो का भी नाम आ रहा है. माना जा रहा है कि सुनील महतो उम्मीदवारी में अन्य दावेदारों पर भारी पड़ सकते हैं. सियासी जानकारों का मानना है कि सुनील महतो की पार्टी के कार्यकर्ताओं तक पहुंच उनके राजनीतिक कद को ऊंचा बनाती है. इसके अलावा, पूर्व सांसद सुमन महतो भी उम्मीदवारी की लाइन में हैं. ईचागढ़ की विधायक सविता महतो भी अपनी बेटी को टिकट दिलाने की कोशिश में लगी हैं.
किसी विधायक को लड़ाना चाहती है पार्टी
महीनाभर पहले लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करने को दिल्ली में कांग्रेस और झामुमो की संयुक्त बैठक हुई थी. कहा जा रहा है कि इस बैठक में तय हुआ था की लोकसभा चुनाव में अगर सीटें निकालनी हैं तो मंत्रियों और विधायकों को टिकट देना होगा. अभी इसी रणनीति पर अमल चल रहा है और कई विधायकों को टिकट थमा दिया गया है. सिंहभूम लोकसभा सीट से जोबा मांझी को मैदान में उतारा गया है. वह भाजपा की गीता कोड़ा का मुकाबला करेंगी. पार्टी जमशेदपुर संसदीय सीट पर भी किसी विधायक को लड़ाना चाहती है. पार्टी के सूत्रों की मानें तो इसके लिए संजीव सरदार से संपर्क साधा गया था. संजीव सरदार के लोकसभा का चुनाव लड़ने से इंकार कर दिए जाने के बाद झामुमो को यहां से चुनाव लड़ाने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल पा रहा है. समीर कुमार मोहंती भी हाथ खड़ा कर चुके हैं. इसी को लेकर पार्टी पशोपेश में है कि जमशेदपुर संसदीय सीट पर लड़ाने के लिए विधायक कहां से लाया जाए. कहा जा रहा है कि अगर यह सीट कांग्रेस के पाले में जाती तो स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता यहां से उम्मीदवार हो सकते थे. मगर , झामुमो इसी बात को लेकर दुविधा में है कि किसे चुनाव मैदान में उतारा जाए. पार्टी सूत्रों की मानें तो जमशेदपुर संसदीय सीट से कोई नया चेहरा अचानक सामने आ जाए जिसके बारे में अभी तक कहीं कोई चर्चा नहीं हुई हो.
महतो फैक्टर का भी है दबाव
झामुमो महतो फैक्टर को लेकर भी दबाव में है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को मालूम है कि जमशेदपुर संसदीय सीट पर महतो वोट अकेले परिणाम बदलने की कूवत रखते हैं. इसीलिए, पार्टी लोहे से लोहा काटना चाहती है. यही वजह है कि अभी तक टिकट के दावेदारों के जो नाम आए हैं, उनमें ज्यादातर महतो बिरादरी के हैं.
जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के निर्वाचन साक्षरता क्लब की ओर से बुधवार को मतदान जागरूकता रैली निकाली गयी. रैली को कॉलेज के प्राचार्य डॉ अमर सिंह ने झंडा दिखाकर रवाना किया.
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ अमर सिंह ने कहा कि प्रत्येक लोगों की यह सामाजिक जिम्मेदारी है कि वे मतदान हर हाल में करें. इसके माघ्यम से ही हम एक बेहतर सरकार चुन सकते हैं, जिससे देश का विकास संभव है. रैली में कॉलेज के 300 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए और लोगों को वोट का महत्व समझाया. रैली का आयोजन ईएलसी नोडल ऑफिसर डॉ अशोक कुमार रवानी, ईएलसी को-ऑर्डिनेटर डॉ स्वाति सोरेन एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ अंतरा कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया.
रैली के आयोजन में डॉ संजय यादव, डॉ मंगला श्रीवास्तव, डॉ दुर्गा तमसोई, डॉ शालिनी शर्मा, डॉ किरण दुबे, डॉ भूषण कुमार सिंह, डॉ प्रभात कुमार सिंह, डॉ कृष्णा प्रसाद, डॉ बीडी सिन्हा, स्वरूप कुमार मिश्रा, भीम कुमार राम, अमित जाना, गणेश चंद्र महतो, राजीव दुबे, सुभाष महतो, अरुण महतो, मधसरा बानो, इशरत रसूल, प्रीति कुमारी, चंदन कुमार, संजय यादव समेत सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं तथा ईएलसी एंबेसडर राकेश, रितम, रीका के अलावा श्वेता, जगजीत, सूरज, शिवम, गीतिका, बिकास, रमेश, मुकेश, दीपक, निर्जला समेत अन्य वोलेंटियर की सराहनीय भूमिका रही.
पांच हजार करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले के दो आरोपियों अमित गुप्ता और सुमित गुप्ता को जमशेदपुर जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है। उन्हें लेकर टीम मंगलवार को जमशेदपुर पहुंची। उन्हें एमजीएम अस्पताल में जांच के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। दोनों सगे भाई हैं। इससे पहले भी पुलिस ने जीएसटी घोटाले में दो और लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसी कड़ी में दोनों की गिरफ्तारी की गई है।
पांच हजार करोड़ का घोटाला इन दोनों भाइयों की गिरफ्तारी कोलकाता के साल्ट लेक से की गई, जहां दोनों रहते हैं। सीबीडीटी के अधीन काम करने वाली जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने उनको आवास से पकड़ा। बताया जाता है कि कुल घोटाला पांच हजार करोड़ का है, जिसमें से तीन हजार का घोटाला इनलोगों ने किया है और करीब 522 करोड़ के घोटाले की बात इन लोगों ने स्वीकार की है।
चीन भागने की थी तैयारी जीएसटी इंटेलिजेंस विभाग के अधिकारी ने बताया कि दोनों जुड़वां भाई चीन भागने की तैयारी में थे। इसकी सूचना मिलने के बाद जमशेदपुर से एक टीम कोलकाता पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ दोनों को पकड़ लिया। इससे पहले इसी तरह के घोटाले में शिव कुमार देवड़ा और विक्की भालोटिया को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ के दौरान इन दोनों जुड़वां भाइयों का नाम सामने आया। ये दोनों भाई एक ही फ्लैट में रहते थे और अलग-अलग फ्लोर पर रहकर अपना सिंडिकेट चलाते थे।
शहर में100 से ज्यादा फर्जी कंपनी बनाई जमशेदपुर जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने जब विभिन्न कंपनियों के जीएसटी की जांच की तो पाया कि कुछ स्रोतों से एक ही कंपनी से माल का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो उसके बाद जांच की गई तो पता चला कि वह सभी फर्जी कंपनियां हैं, जिन्हें जीएसटी घोटाला के लिए ही सृजित किया गया। जांच में पाया कि जमशेदपुर में कई ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें फर्जी तरीके से लेन-देन किया जा रहा है। जांच में पाया गया कि 100 से ज्यादा कंपनियां ऐसी हैं, जिसमें फर्जी तरीके से लेनदेन हो रहा है। अबतक तीन हजार करोड़ से ज्यादा के लेन-देन सामने आए हैं।
150 करोड़ का घोटाला बढ़ता गया जांच टीम के अनुसार, पहले 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का जीएसटी घोटाला सामने आया। इसके बाद एक टीम का गठन किया गया, जिसमें सीनियर इंटेलिजेंस ऑफिसर रोशन कुमार मिश्रा, इंटेलिजेंस ऑफिसर दिनेश कुमार, राजीव रंजन और राजेश कुमार शामिल थे। इसी टीम ने अमित गुप्ता और सुमित गुप्ता को कोलकाता से गिरफ्तार किया और दावा किया कि जीएसटी घोटाले का यह आंकड़ा 5000 करोड़ तक जा सकता है।
शिव कुमार देवड़ा से 26 फरवरी को मिला था सुराग जीएसटी घोटाले में इंटेलिजेंस ऑफिसर दिनेश कुमार ने मंगलवार को जमशेदपुर के फाइनेंशियल अदालत में एक नया केस दर्ज किया है। कोलकाता से गिरफ्तार अमित और सुमित के खिलाफ सूचना 26 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किए गए शिव कुमार देवड़ा से मिली थी। फर्जी कंपनियों के विरुद्ध चल रही जांच के तहत जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) जमशेदपुर ने पूरे भारत में सक्रिय सिंडिकेट को उजागर किया। इससे सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व क नुकसान हो रहा था।
वास्तविक आपूर्ति के बिना बनाते थे नकली चालान नई एफआईआर के बारे में विभागीय अधिवक्ता संजय रंजन बरियार ने बताया कि कुछ महीने पहले डीजीजीआई ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था, जो फर्जी फर्म व कंपनियां स्थापित करने, विभिन्न विनिर्माण कंपनियों और व्यापारियों को कमीशन के आधार पर किसी भी सामान या सेवाओं की वास्तविक आपूर्ति के बिना नकली चालान बनाने व जारी करने और प्रसारित करने में शामिल थे। परिणामस्वरूप 200 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी हुई। फर्जी कंपनियों की शृंखला के सत्यापन, निगरानी, प्रमुख व्यक्तियों पर नज़र रखने और खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए डेटा विश्लेषण से इस फर्जीवाड़े के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान और धरपकड़ हुई और यह सामने आया कि ऐसा सिंडिकेट कोलकाता से संचालित हो रहा है।
15 हजार में फंसाते थे लोगों को गिरफ्तार दोनों आरोपी गरीब पृष्ठभूमि के लोगों को महज दस से पंद्रह हजार रुपये वेतन वाली नौकरी की पेशकश कर फंसाते थे और फर्जी जीएसटीआईएन के बिना उनकी जानकारी के उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि का दुरुपयोग कर करते थे। जीएसटी के फर्जी चालान के माध्यम से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करते थे। इससे पहले जब शिव कुमार देवड़ा को गिरफ्तार किया तो उस समय अमित गुप्ता ने से बचने के लिए बैंकॉक (थाईलैंड) भाग गया था। अब तक की जांच से यह सामने आया है कि इनके द्वारा 90 से अधिक फर्जी कंपनियां स्थापित की गईं, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी मात्रा में करीब 3000 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी लेनदेन हुआ। इसमें लगभग 522.91 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है।
चार मास्टरमाइंड भेजे गए जेल अबतक जीएसटीआईएन की शृंखला में चार मास्टरमाइंड व प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। करीब 5000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी लेनदेन पाया गया है। इन फर्जी कंपनियों के माध्यम से करीब 725 करोड़ रुपये की कर चोरी का पर्दाफाश हुआ है। यह अबतक का देश का सबसे बड़ा सिंडिकेट है।
लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों का जायजा लेने के क्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार बुधवार को जमशेदपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिसदन में जिला निर्वाचन पदाधिकारी अनन्य मित्तल से लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम जिले में की जा रही तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने मतदान केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर बल देते हुए विशेषकर दिव्यांग जनों एवं बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधाओं का खास ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया। साथ ही सभी मतदाताओं के लिए गर्मी एवं धूप के मद्देनजर मतदान केन्द्रों पर शेड, पेयजल, शौचालय, बैठने के लिए कुर्सी आदि की पर्याप्त व्यवस्था रखने का निर्देश दिया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने क्षेत्र भ्रमण के क्रम में शहरी क्षेत्र के न्यू बाराद्वारी स्थित सामुदायिक भवन, गांधी आश्रम मतदान केन्द्र पर की गई तैयारियों का अवलोकन किया। एईआरओ एवं बीएलओ से अब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ वोटर की जानकारी ली। मतदान के दिन सिटिंग अरेंजमेंट, वोटिंग कम्पार्टमेंट, होम वोटिंग की तैयारी, नए मतदाताओं का नाम निबंधन सहित अन्य बिंदुओं के संदर्भ में विस्तार से जानकारी हासिल की। मौके पर उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदान केन्द्र में किसी भी मतदाता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो यह सुनिश्चित कराया जाए। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए मानक के अनुरूप रैम्प निर्माण, ब्लाइंड मतदाताओं के लिए वॉक फुट मार्क साइनेज आदि को लेकर निर्देशित किया ताकि उन्हें पेयजल एवं शौचालय आने-जाने में परेशानी न हो।
इस दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम अनन्य मित्तल, उप विकास आयुक्त मनीष कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सलमान जफर खिजरी, जिला योजना पदाधिकारी अरुण द्विवेदी, उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, नगर निकाय के अभियंता व अन्य उपस्थित थे।