रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एक यूनिट ने हाई लेवल के खतरे से सुरक्षा के लिए देश में सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है. यह जैकेट एक नए डिजाइन दृष्टिकोण पर आधारित है, जहां नई प्रक्रियाओं के साथ आधुनिक निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है. इस जैकेट का चंडीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) में सफल परीक्षण किया गया.
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इस जैकेट के बारे में जानकारी दी गई. डीआरडीओ ने इस नए विकसित जैकेट को देश में अब तक का सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट माना है. इस जैकेट में नई तकनीक के साथ-साथ कुछ ऐसी चीजें भी लगाई हैं जिससे इसका वजन पहले के मौजूद जैकेट की तुलना में कम है. वजन कम होने के बाद यह भी छह हाई लेवल के खतरे से बचाने में भी सक्षम है.
7.62 X 54 आर एपीआई वाला है यह जैकेट
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस जैकेट का निर्माण डीआरडीओ के रक्षा सामग्री और भंडार अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान, कानपुर द्वारा किया गया है. यह बुलेटप्रूफ जैकेट 7.62 X 54 आर एपीआई गोला बारूद के खिलाफ सुरक्षा मुहैया कराने में सक्षम है.
जानकारी के मुताबिक, इस नए बुलेट प्रूफ जैकेट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे पहनने में भी सुरक्षा बलों के जवानों को आसानी रहेगी. डीआरडीओ की ओर से नए बुलेट प्रूफ जैकेट की तस्वीर भी जारी की गई है. वर्तमान में सुरक्षाबलों के जवान जो जैकेट इस्तेमाल करते हैं वो वजन में काफी भारी रहता है. ऐसे में लगातार पहनकर ड्यूटी करने में कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ती है.
भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल का भी किया परीक्षण
एक तरफ डीआरडीओ ने देश में सबसे हल्का बुलेट प्रूफ जैकेट की तस्वीर जारी की तो दूसरी ओर भारत ने मंगलवार को ही मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के एक नए संस्करण का सफल परीक्षण किया. सामरिक बल कमान के तहत इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. सफल परीक्षण के साथ ही मिसाइल ने इस्तेमाल की गई नई तकनीक को भी मान्य बनाया. हालांकि, यह मिसाइल ‘अग्नि’ श्रेणी की हथियार प्रणालियों से संबंधित नहीं है.
इससे पहले डीआरडीओ ने हाल ही में एक क्रूज मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था. डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से देश में विकसित किए क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. परीक्षण के बाद डीआरडीओ ने एक बयान जारी किया था और परीक्षण को सफल बताया था.
एमजीएम थाना क्षेत्र की बेलाजुड़ी पंचायत स्थित काशीडीह, बाड़हाडीह और नारगा के कार्डधारियों को एक साल से राशन नहीं मिल रहा है. दो दिन पूर्व ग्रामीणों ने नारगा हाट मैदान में बैठक कर ‘राशन नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद किया.
इसके बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया. सूचना मिली थी कि डीसी के निर्देश पर मंगलवार जिला आपूर्ति और जिला सहकारिता पदाधिकारी के साथ एक टीम जांच करने गांव आयेगी. ऐसी सूचना पाकर अनेक ग्रामीण काशीडीह गांव के राशन डीलर जगदीश चंद्र मुर्मू की जनवितरण प्रणाली दुकान के बाहर तेज धूप में दिनभर इंतजार करते रहे. जांच टीम नहीं आयी. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गयी है.
डीलर को जमशेदपुर बुलाया था, एक-दो दिनों में राशन बांटेगा : पदाधिकारी
इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि डीलर को जमशेदपुर बुलाया गया था. बैठक कर राशन बांटने को कहा गया है. डीलर ने कहा कि एक-दो दिनों में राशन बांटेंगा.
सालभर राशन क्यों नहीं बंटा, नहीं बता सके जिला आपूर्ति पदाधिकारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि काशीडीह के राशन डीलर को पूर्व में सस्पेंड कर दिया गया है. उसकी दुकान के कार्ड को पास के गोलकाटा के डीलर त्रिलोचन महतो के जविप्र दुकान में शिफ्ट कर दिया गया है. वह एक-दो दिनों मे राशन का वितरण करेगा. क्यों साल भर राशन नहीं बंटा? इस पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने खुलकर कुछ नहीं बताया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी ही बेहतर बता पायेंगे. उनसे संपर्क नहीं हो सका.
तीन गांवों के करीब 650 कार्डधारियों में आक्रोश
नारगा, बाड़हाडीह और काशीडीह गांव के करीब 650 कार्डधारी एक साल से राशन से वंचित हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जगदीश चंद्र मुर्मू का डीलरशिप लाइसेंस रद्द करने के बाद ग्रामीणों को त्रिलोचन महतो के जनवितरण प्रणाली दुकान से राशन देने के लिए बुलाया गया था. वहां जगदीश चंद्र मुर्मू की आइडी से ही वितरण किया जा रहा था. ग्रामीणों ने 27 दिसबंर, 2023 को उपायुक्त कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर आवेदन भी दिया था. आज तक कुछ नहीं हुआ. ग्रामीणों ने कहा, अब वोट तभी देंगे जब राशन मिलेगा और विवाद का निपटारा होगा.
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुण्डा ने खूँटी लोकसभा सीट के लिये आज नामांकन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने बहुत ही दमदार उपस्थिति दिखाते हुए एक बड़े जन सैलाब के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. इस अवसर पर जमशेदपुर से सैंकड़ों कार्यकर्ता व वरिष्ठ नेता खूँटी पहुँचे थे. पार्टी के क़द्दावर नेता व पूर्व पार्टी प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले भी उपस्थित थे. काले ने कहा कि अर्जुन मुण्डा एक बेहतरीन राजनीतिज्ञ के अलावा एक बेहतरीन इंसान भी हैं. जिसके कारण जनता उन्हें देहद प्यार और स्नेह करती है.
प्रधानमंत्री मोदी पर देशवासियों को है अटूट विश्वास
पूर्ण विश्वास है कि खूँटी की बेहद संवेदनशील जनता इस बार भी पुनः उन्हें अपना प्यार और आशीर्वाद अवश्य प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देशवासियों का अटूट विश्वास और श्रद्धा बना हुआ है और उनका विश्वास है कि देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा जहां चारो और सुख, शांति और शमृद्धि रहेगी. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के नामांकन मे जमशेदपुर से कई भाजपा नेता शामिल हुए.
जमशेदपुर : आज ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन की एक आपात बैठक साकची के दयाल इंटरनेशनल में हुई.इस अवसर पर ऐसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया मुख्य रूप से उपस्थित थे.उन्होने गत् दिनों वरिष्ठ पत्रकार विनोद दास के देहांत को अपूर्णीय क्षति बताया है. श्री भाटिया ने कहा कि ऐसोसिएशन को यह जानकारी मिली है कि विनोद दास के देहांत के बाद उनके आश्रितों को मदद की जरूरत है.
इसके लिए शहरी जिला अध्यक्ष बिनोद सिंह, महासचिव आशीष गुप्ता और सचिव अरूप मजूमदार को पीड़ित परिवार से मिलकर सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होने कहा कि जो आया है वह जाएगा ही और यह तो सबके साथ होना है इसलिए सभी एकजुट होकर विनोद दास के परिवार को मदद करें.
श्री भाटिया ने कहा कि ऐसोसिएशन की ओर से सभी आवश्यक योजनाओं का लाभ एवं आर्थिक मदद हेतु सरकार को भी पत्र लिखा जाएगा. शहरी जिला अध्यक्ष बिनोद सिंह ने कहा कि दो-तीन दिन में विनोद दास के परिवार को एक वर्ष का सूखा राशन और 50 हजार रुपए सहयोग राशि उनके परिवार को सौंप दी जाएगी.
ऐसोसिएशन के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा.मौके पर ऐसोसिएशन के राज्य सदस्यता प्रभारी नागेंद्र कुमार, इंद्रजीत सिंह भुल्लर, चिंटू सिंह राजपूत, मनोज शर्मा, चंदन डे सहित अन्य पत्रकार भी उपस्थित थे।
टेल्को क्षेत्र के जम्को मैदान के गुरुद्वारा के सामने वाले गेट को बंद करने आई टाटा प्रबंधन की टीम बस्ती वासियों ने किया जमकर विरोध प्रदर्शन। बस्ती वासियों का कहना है की इस जेम्को मैदान में बहुत सारे सामाजिक वह सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ सुबह-शाम इसमें बस्ती वासी मॉर्निंग वॉक करते आ रहे हैं बच्चे इस मैदान में सुबह-शाम खेलते हैं और अगर मैदान टाटा प्रबंधन अपने अंदर ले लेगी तो छोटे-छोटे बच्चे कहां खेलने जाएंगे। इतनी बड़ी क्षेत्र की आबादी में सिर्फ एक ही खेल मैदान है – जम्को बस्ती, मिश्रा बागान, झगड़ु बागान, लक्ष्मी नगर ,प्रेम नगर , मछुआ बस्ती ,महानंद बस्ती, मनिफीट तो अगर कंपनी इसको भी अंदर ले लेगी तो बस्ती वासी फिर कहां जाएंगे। बता दे की मैदान के ऊपर स्टे आर्डर लगाया गया है उसके बावजूद भी या काम उचित नहीं है। इसलिए बस्ती वासियों ने आज विरोध किया और काम को बंद करवाया। बस्ती वासियों की मांग है की जेम्को खेल मैदान मिलना चाहिए सभी ने मिलकर नारा भी लगाया जेम्को मैदान मिलना चाहिए मिलना चाहिए और बता दे की इसके साथ-साथ वही में जेम्को मैदान में गुरुद्वारा की स्त्री संगत सभा की स्त्रियों ने कीर्तन करना चालू कर दिया।
पतंजलि के खिलाफ भ्रामक विज्ञापन की शिकायत करने वाली इंडियन मेडिकल एसोशिएसन (आइएमए) को भी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को घेर लिया। कोर्ट ने आइएमए से कहा कि उन्हें भी अपना घर दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्हें अपने सदस्यों के अनैतिक आचरण पर ध्यान देना चाहिए, जो महंगी और गैरजरूरी दवाइयां लिखते हैं। इतना ही नहीं, कोर्ट ने सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए एफएमसीजी कंपनियों को भी शामिल कर लिया है।
बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी गई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफएमसीजी भी भ्रामक विज्ञापन दे रही हैं, जो जनता को भ्रमित कर रहे हैं। शिशुओं, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार से राज्यों को मेडिसिन एंड ड्रग्स एक्ट के नियम 170 के तहत कार्रवाई न करने के लिए अगस्त 2023 में लिखे गए पत्र पर जवाब मांगा है। उधर बाबा रामदेव और बालकृष्ण ने जब कोर्ट को बताया कि उनकी ओर से अखबारों में बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी गई है तो कोर्ट ने सवाल किया कि क्या आपकी माफी का आकार भी आपके विज्ञापन जितना बड़ा है।
लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा जनहित का मुद्दा
कोर्ट ने कहा कि माफी बड़ी छपनी चाहिए जो दिखाई दे। ये टिप्पणियां और आदेश न्यायमूर्ति हिमा कोहली और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन के मामले में दाखिल आइएमए की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। कोर्ट ने मंगलवार को यह भी साफ किया कि कोर्ट के निशाने पर कोई विशेष कंपनी या व्यक्ति नहीं है। पीठ ने कहा कि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा जनहित का मुद्दा है। उपभोक्ताओं के व्यापक हित का मुद्दा है। लोगों को पता होना चाहिए कि वे किस रास्ते पर जा रहे हैं। कैसे और क्यों उन्हें गुमराह किया जा सकता है। अधिकारी इसे रोकने के लिए कैसे काम कर रहे हैं।
कोर्ट ने आइएमए से पूछे तीखे सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट में आइएमए की पैरोकारी कर रहे वकील पीएस पटवालिया से कहा कि किसी की ओर उंगली उठाते वक्त ध्यान रखें कि चार उंगलियां आपकी ओर हैं। आइएमए के सदस्यों के अनैतिक आचरण की कई बार शिकायतें आपके पास आई होंगी, उन पर क्या कार्रवाई की गई। पीठ ने कहा कि हम आपकी तरफ भी निशाना कर सकते हैं। पटवालिया ने कहा कि वह इस पर ध्यान देंगे। पटवालिया के सुझाव पर कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को भी मामले में पक्षकार बनाया।
एमएमसीजी पर भी निगाह टेढ़ी
पीठ ने कहा ड्रग एंड मैजिक रेमिडी एक्ट को लागू करने पर बारीकी से विचार किये जाने की जरूरत है। यह मामला सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मौजूद प्रस्तावित अवमाननाकर्ता (बाबा रामदेव, बालकृष्ण और पतंजलि) तक ही सीमित नहीं बल्कि सभी फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनियों तक फैला हुआ है, जो कई बार भ्रामक विज्ञापन जारी करती हैं जिससे जनता भ्रमित होती है। विशेष तौर पर शिशु, बच्चे प्रभावित होते है और बुजुर्ग इन भ्रमित विज्ञापनों को देखकर दवाइयां लेते हैं। जनता को धोखे में नहीं रहने दिया जा सकता।
भ्रामक विज्ञापनों पर नजर जरूरी
कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य की लाइसेंसिंग ऑथोरिटी से कहा कि वे भ्रामक विज्ञापनों से निपटने के लिए खुद को सक्रिय करें। पीठ ने कहा कि प्रिन्ट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी होने वाले भ्रामक विज्ञापनों को देखते हुए जरूरी हो जाता है कि मामले में उपभोक्ता कल्याण मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय व सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पक्षकार बनाया जाए जो ड्रग एवं मैजिक रेमिडी एक्ट, ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट व कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन देखें।
इस मुद्दे पर कोर्ट में सात मई को सुनवाई होगी
कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लाइसेंसिंग ऑथोरिटी को भी पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने तीनों केंद्रीय मंत्रालयों को आदेश दिया है कि वे हलफनामा दाखिल कर बताएंगे कि 2018 से अब तक नियम कानूनों का दुरुपयोग करने व उनका दुरुपयोग रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई। इस मुद्दे पर कोर्ट में सात मई को सुनवाई होगी।
क्या माफी का आकार विज्ञापन जितना बड़ा है
मंगलवार को जैसे ही सुनवाई शुरू हुई। रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्होंने गलती के लिए अपनी ओर से देश भर के 67 अखबारों में सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांगी है। कोर्ट ने कहा कि वह रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं है तो रोहतगी ने कहा कि सोमवार को ही प्रकाशित हुआ है। कोर्ट ने कहा कि आपने एक सप्ताह तक इंतजार क्यों किया। इसके बाद कोर्ट ने माफीनामे के आकार पर सवाल किया।
कोर्ट ने कहा कि माफी बड़ी छपनी चाहिए
कोर्ट ने पूछा कि क्या माफीनामा उसी आकार का है, जैसा कि विज्ञापन जारी करते हैं। रोहतगी ने कहा कि नहीं उसकी लागत लाखों रुपये में होती है। कोर्ट ने कहा कि माफी बड़ी छपनी चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने माफीनामे को रिकॉर्ड पर पेश करने के लिए समय देते हुए सुनवाई 30 अप्रैल तक टाल दी। कोर्ट ने साथ ही कहा कि अखबार में छपे माफीनामे की कतरन कोर्ट में दाखिल की जाए न कि उसकी फोटोकॉपी का बड़ा आकार।
कोर्ट ने कहा कि वह वास्तविक आकार देखना चाहेंगे। पीठ के न्यायाधीश अमानुल्लाह ने कहा कि यह विडंबना है कि एक चैनल पर एंकर समाचार पढ़ते वक्त बताती है कि सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा और उसी फ्रेम में किनारे विज्ञापन चल रहा होता है। हालांकि उन्होंने चैनल का नाम नहीं लिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भाजपा ने संसद में अपने बहुमत का इस्तेमाल अनुच्छेद-370 को रद करने, तत्काल तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने और नया नागरिकता कानून लाने के लिए किया। भाजपा ने इसका उपयोग ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठी कहानी गढ़ रहा है कि मोदी सरकार संविधान बदल देगी। मोदी सरकार संविधान को कभी भी नहीं बदलेगी।
पूर्वी महाराष्ट्र के अकोला में भाजपा उम्मीदवार अनूप धोत्रे के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस पर अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में बाधा डालने का आरोप लगाया। कहा कि यह मोदी ही थे, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि अयोध्या में भगवान राम को समर्पित एक भव्य और शानदार मंदिर बनाया जाए।
शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता में लौटने पर मोदी सरकार 70 साल से अधिक उम्र के नागरिकों को पांच लाख रुपये के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को सीधे रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएगी। विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए की आलोचना करते हुए कहा कि वे नहीं चाहते थे कि अयोध्या में राम मंदिर बने। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठी कहानी गढ़ रहा है कि मोदी सरकार संविधान बदल देगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 70 वर्षों तक कांग्रेस ने संविधान के अनुच्छेद-370 को ”नाजायज संतान” की तरह पाले रखा। मोदी सरकार कभी भी संविधान नहीं बदलेगी। वह एससी-एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण भी समाप्त नहीं करेगी। शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपने बेटे के अलावा कुछ नजर नहीं आता।
राकांपा संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार से पूछा कि सोनिया गांधी और मनमोहन सरकार ने अपने 10 साल के शासन के दौरान महाराष्ट्र को क्या दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 10 वर्षों में महाराष्ट्र को 7.14 लाख करोड़ रुपये दिए, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने 2004 से 2014 तक अपने शासन के दौरान राज्य को केवल 1.91 लाख करोड़ रुपये दिए।
रेल से यात्रा करने वाले कई लोगों को कंफर्म टिकट मिलने में परेशानी होती है। इसकी शिकायत अक्सर लोग सोशल मीडिया पर भी करते रहते हैं। कई बार ऐसा होता है कि काफी समय पहले बुकिंग करने के बाद भी उनका टिकट वेटिंग में ही रह जाता है। हालांकि, अब सरकार इस समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम रही है। रेल मंत्री और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि अगले पांच वर्षों में लगभग सभी यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि रेल यात्रा करने वाले सभी लोगों को कंफर्म टिकट मिले।
तेजी से बन रहे नए रेलवे ट्रैक
केंद्रीय मंत्री ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘अगले पांच साल में रेलवे की क्षमता इतनी बढ़ा दी जाएगी कि जो भी रेलवे से सफर करना चाहेगा, उसे आसानी से कंफर्म टिकट मिल सकेगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक के दौरान रेलवे में डेवलपमेंट की रफ्तार काफी तेज हुई है।
इसका उदाहरण देते हुए वैष्णव ने बताया कि 2004 से 2014 के बीच केवल 17,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बनाए गए थे। वहीं, 2014 से 2024 तक 31,000 किलोमीटर नए ट्रैक बनाए गए। 2004 से 2014 के दौरान लगभग 5,000 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण किया गया, जबकि पिछले 10 वर्षों में 44,000 किलोमीटर रेलवे का विद्युतीकरण हुआ है। 2004-2014 तक केवल 32,000 कोच बनाए गए। पिछले 10 वर्षों में 54,000 कोच बन गए हैं।
2026 में चलेगी पहली बुलेट ट्रेन!
रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि देश की पहली बुलेट ट्रेन के लिए विभिन्न स्टेशनों के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 2026 में एक सेक्शन में पहली बुलेट ट्रेन चलने लगेगी। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई रूट पर बुलेट ट्रेन का काम बहुत अच्छे से चल रहा है।
इसके लिए 290 किलोमीटर से अधिक का काम पहले ही किया जा चुका है। इसके लिए आठ नदियों पर पुल बनाए गए हैं। 12 स्टेशनों पर काम चल रहा है। कई स्टेशन ऐसे हैं, जिनका काम पूरा होने वाला है। 2026 में बुलेट ट्रेन के परिचालन के लिए काम बहुत तेज गति से चल रहा है।
रांची प्रेस क्लब में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष काशिफ रज़ा के द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. इस दौरान पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव में अपने दो प्रत्याशियों को उतारने की घोषणा की जिसमें लोहरदगा से पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं एक दशक से आदिवासी मूलवासी के हक़ और अधिकार के लिए लड़ रहे अर्जुन टोप्पो को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है, और धनबाद लोकसभा से डॉ परवेज़ नय्यर को प्रत्याशी बनाया गया है, डॉ परवेज़ नय्यर एक दशक से स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में समाज में मेहनत कर रहे हैं और बदलाव की राजनीति पर विश्वास करते हैं.
मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष काशिफ़ रज़ा ने बताया कि आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) झारखंड में एक दलित, पिछड़े, मुसलमान, सिख ईसाई, शोषित वंचित समाज को राजनीतिक विकल्प देने के लिए और उनको हक और अधिकार दिलाने के लिए से संघर्षरत है. पिछले एक दशक से भीम और 1 साल से आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने झारखंड के उन मुद्दों पर उठाया है जिन मिद्दो को राजनैतिक पार्टियां उठाने से डरती हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड में मुसलमानो की जनसंख्या 16% और दलितों की जनसंख्या 12.5% है, पर किसी भी मुसलमानो को पिछले 3 लोकसभा चुनाव में केंद्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों ने प्रत्याशी नहीं बनाया, और केवल एक आरक्षित सीट पर दलित को प्रत्याशी बनाया जाता है.
काशिफ ने कहा कि झारखंड निर्माण के 23 सालों के बाद भी आज भी आदिवासी अपने जल और जंगल बचाने की लड़ाई लड़ रहा है, ना यहाँ रोजगार है ना आदिवासियों, दलित, पिछड़े, मुसलमानो, सिख और ईसाई के लिए पक्के मकान, अच्छे स्कूल, अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था, पीने का साफ पानी भी अब तक यहाँ के सांसद मुहैय्या नहीं कर पाए. आज़ाद समाज पार्टी जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी की विचारधारा पर विश्वास करती है. सामाजिक न्याय, भुख और ख़ौफ़ से आज़ादी, मोब लीनचिग को लेकर सख्त कानून, रोजगार, सामाजिक, आर्थित और राजनीतिक भागीदारी दिलाने जैसे मुद्दों पर पार्टी काम करेगी.
मौके पर मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश अध्यक्ष काशिफ रज़ा, भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष संजय रविराज, आसपा प्रदेश मुख्य महासचिव मदुसुदन कुमार, प्रदेश सचिव नसीम साज़, प्रदेश महासचिव शरीफ खान, आसपा लोहरदगा ज़िला अध्य्क्ष सरफराज अंसारी, जमशेदपुर युवा अध्यक्ष मज़हर खान, युवा महासचिव जिब्रान सिद्दीकी, जमशेदपुर कोषाध्यक्ष दिलशाद खान, सराईकेला ज़िला प्रभारी इम्तियाजुद्दीन और कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र के एएसजी आई हॉस्पिटल के पास बारीडीह के रहने वाले शिखा जयसवाल से पर्स की छिनतई की गयी है. बदमाशों ने पहले शिखा की स्कूटी में बाइक से धक्का मारकर पहले उसे सड़क पर गिरा दिया और फिर पर्स छीनकर फरार हो गए. घटना के बाद इसकी सूचना साकची पुलिस को दी गयी. सूचना पाकर पुलिस ने आस-पास लगे सीसीटीवी की जांच की और आरोपियों की पहचान में जुट गयी है. शिखा ने बताया कि वह साकची के एक फाइनेनशियल कंपनी में काम करती है.
वह अपने काम से जा रही थी. बाइक सवार दोनों युवक बंगाल कल्ब के पास से ही पीछा कर रहे थे. एएसजी आई हास्पिटल के पास दोनों ने बाइक से धक्का मारकर गिरा दिया और पर्स छीनकर फरार हो गए. पर्स में 25 सौ नगद और दो मोबाइल फोन थे. सीसीटीवी फूटेज जांच में यह बात सामने आई है कि एक ही गैंग द्वारा छिनतई की घटना को अंजाम दिया जा रहा है. सीसीटीवी में जो युवक दिखाई दे रहे है. उन्हीं युवकों ने रविवार को भी साकची में महिला के साथ पर्स की छिनतई की थी. यह गैंग सिर्फ महिलाओं को निशाना बना रहा है पुलिस मामले की जांच कर रही है.