जमशेदपुर। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डा. अजय कुमार ने गुरुवार को चौथी बार झारखंड के मुख्यमंत्री की शपथ लेने पर हेमंत सोरेन को बधाई एवं शुभकामनाएं दी. मौके पर डा. अजय ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली इंडिया गठबंधन की सरकार झारखंड की साढ़े तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं एवं उम्मीदों को पूरा करने का साथ ही राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जाएगी. यह सरकार राज्य की गरीब, महिला एवं युवाओं के सर्वागीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है. आने वाले दिनों में सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कार्य किया जाएगा. डा. अजय ने कहा कि जल्द ही मंत्रीमंडल का विस्तार किया जाएगा. प्रदेश की जनता ने इंडिया गठबंधन सरकार को ना सिर्फ अपना समर्थन दिया बल्कि सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से दूर रखने का भी काम किया. इसके लिए राज्य की जनता की जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है. चुनाव के दौरान भाजपा के नेताओं ने समाज को तोड़ने के लिए एवं आपस में विद्वेष फैलाने के उद्देश्य से जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया वो शर्मानाक एवं निंदनीय है. बावजूद इसके चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएं मूकदर्शक बनी रही. यह जनता ही है जिसने ऐसी ताकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया.
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मीटिंग में फैसला हुआ है कि टीम इंडिया को पाकिस्तान ना भेजा जाए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार बीसीसीआई ने एक बयान जारी किया है कि उन्हें सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं. जिसका मतलब है कि उनके पाकिस्तान जाने की संभावना नहीं है. चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन अगले साल पाकिस्तान में होना है.
भारत सरकार ने कहा है कि अगर पाकिस्तान हाइब्रिड मॉडल के लिए तैयार नहीं होता है तो भारत इसकी मेजबानी की जिम्मेदारी लेगा. भारत आने के लिए विदेशी खिलाड़ियों को कोई दिक्कत नहीं आएगी. बीसीसीआई ने इसी बात को मीटिंग में रखी है. इसकी उम्मीद अब काफी है कि भारतीय टीम पाकिस्तान जाएगी. भारत सरकार ने साफ कह दिया है कि वह टीम नहीं भेजेगा.
टूर्नामेंट से हट सकता है पाकिस्तान
वहीं, पीसीबी हाइब्रिड मॉडल के लिए तैयार नहीं है. पीसीबी के एक सूत्र ने कहा है कि अगर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी के अधिकार खो देता है तो वह इस आयोजन से पीछे हट जाएगा. एक सूत्र ने बताया कि “ऐसे मामले में, सरकार जिन विकल्पों पर विचार कर रही है, उनमें से एक विकल्प यह है कि पीसीबी से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा जाए कि पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी में भाग न ले.”
2013 में जीता था भारत
पिछली बार भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में जीती थी. उस समय एमएस धोनी की अगुआई वाली टीम बारिश से प्रभावित वनडे मैच में इंग्लैंड को हराने में सफल रही थी. 50 ओवर के मैच को 20 ओवर का कर दिया गया था. मेन इन ब्लू ने इस मैच में इंग्लैंड को पांच रन से हराया था.
झारखंड राज्य के गठन के बाद लगभग 2 दशक तक भाजपा का गढ़ माना जाने वाला पूर्वी विधानसभा पर 2019 से संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इस मिथक को टिकट न मिलने से नाराज को निर्दलीय विधायक सरयू राय ने 2019 के विधानसभा चुनाव में उस वक्त के मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए. और रघुवर दास को हराकर सरयू राय जीत गए. तभी से इस विधानसभा सीट पर जो भाजपा का गढ़ माना जाता है. उसपर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ठीक उसकी तरह इस बार विधानसभा चुनाव में पूर्वी विधानसभा सीट से भाजपा के कई उम्मीदवार मैदान में थे. लेकिन किसी को टिकट हाथ नहीं लगा और अंततः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में ओड़िशा के राज्यपाल रघुवर दास की बहु पूर्णिमा साहू को पूर्वी विधानसभा सीट से भाजपा का उम्मीदवार बना दिया गया. जिसके बाद टिकट के दावेदार माने जा रहे शिव शंकर सिंह ने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में कूद गए और परिवारवाद का आरोप लगाने लगे।
क्या डॉक्टर अजय कुमार पूर्वी विधानसभा में कर पायेंगे उलटफेर…
दूसरी तरफ पूर्व आईपीएस और जमशेदपुर के पूर्व सांसद रह चुके डॉक्टर अजय कुमार भी कांग्रेस के बैनर तले पूर्वी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में है. डॉक्टर अजय कुमार एक तो जमशेदपुर के चर्चित आईपीएस रह चुके हैं. और एक बार जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र की जनता ने उन्हें सांसद बनने का भी अवसर प्रदान किया था. लेकिन उसके बाद वह मोदी लहर में विद्युत वरण महतो से हार गए. और इस बार वह पूर्वी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं।
क्या बन रहा है फिर निर्दलीय संयोग…
निर्दलीय प्रत्याशी शिव शंकर सिंह को मैदान में उतरने से आप माने या न माने मामला पूरा त्रिकोणीय हो गया है. साल 2019 के विधानसभा चुनाव में जहां लड़ाई भाजपा और निर्दलीय में थी. लेकिन इस बार मुकाबला शिव शंकर सिंह के वजह से त्रिकोणीय हो गया है. खैर अब पिटारा खुलने में महज कुछ ही घंटों का समय बच गया है. वही प्रत्याशियों की धुकधुकी भी बढ़ गई है।
झामुमो ने गुरुवार को अपना एग्जिट पोल जारी किया है. इसके अनुसार, 59 सीटों पर झामुमो व सहयोगी दलों की जीत होगी. झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे जारी किया और इसका नाम एग्जैक्ट पोल रखा है.
एग्जिट पोल जारी करने के बाद बीजेपी ने चुटकी ली है. बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि 23 नवंबर की शाम जब तक परिणाम नहीं आते, तब तक झामुमो ख्वाबों की दुनिया में रह सकता है. झामुमो कुछ भी दावा कर ले, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद वह हार का ठीकरा इवीएम पर फोड़ने की तैयारी में है.
झामुमो महासचिव का दाव- 11 जिलों में खुलेगा बीजेपी का खाता
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का दावा है कि इंडिया गठबंधन 11 जिलों में बीजेपी का खाता नहीं खुलेगा. बाकी जिलों में भी जिसमें 22 सीटें हैं, वहां भी कड़ा संघर्ष और अनिर्णय की स्थिति है. उन्होंने कहा कि यह दावा मतदाताओं के रुझान के आधार पर किया गया है. उन्होंने कहा कि जितने भी एग्जिट पोल जारी हुए हैं, उनमें एक-दो को छोड़ कर सारे प्रायोजित हैं.
वोट देने नहीं निकलते हैं शहर के लोग
सुप्रियो ने कहा कि अब साल के अंत में नयी सरकार बन कर आयेगी. उन्होंने कहा कि गांव के मुकाबले शहर में वोटिंग कम हुई है. गांव के मुकाबले शहर के लोगों की अपेक्षाएं ज्यादा रहती हैं, लेकिन जब वोट करने का समय आता है, तब वे गायब हो जाते हैं. यह चिंता का विषय है. जो बुद्धिजीवी वर्ग सबसे ज्यादा चुनाव व सरकार को लेकर चर्चा करते हैं, वे खुद ही वोट देने नहीं निकलते.
इन जगहों पर भाजपा का खाता नहीं खुलेगा : झामुमो
झामुमो ने कहा कि राजमहल, बोरियो, बरहेट, लिट्टीपाड़ा, पाकुड़, महेशपुर, शिकारीपाड़ा, नाला, जामताड़ा, दुमका, जामा, मधुपुर, सारठ, देवघर, पोड़ैयाहाट, बरकट्ठा, बरही, मांडू,सिमरिया, बगोदर, गांडेय, गिरिडीह, डुमरी, गोमिया, बेरमो, बोकारो, चंदनकियारी, सिंदरी, निरसा, टुंडी, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पश्चिमी, ईचागढ़, सरायकेला, चाईबासा, मंझगांव, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, तमाड़, तोरपा, खिजरी, रांची, हटिया, मांडर, सिसई, गुमला, बिशुनपुर, सिमडेगा, कोलेबिरा, लातेहार, मनिका, डालटेनगंज, छतरपुर, हुसैनाबाद, गढ़वा व भवनाथपुर में भाजपा का खाता नहीं खुलेगा.
यहां है कड़ा संघर्ष
झामुमो की ओर से बताया गया कि जरमुंडी, गोड्डा, महागामा, कोडरमा, बड़कागांव, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, धनवार, जमुआ, धनबाद, झरिया, बाघमारा, बहरागोड़ा, जमशेदपुर पूर्वी, जगन्नाथपुर, खरसावां, खूंटी, सिल्ली, कांके, लोहरदगा, पांकी व विश्रामपुर सीट पर कड़ा संघर्ष है.
क्या कहा है भाजपा ने
झारखंड प्रदेश भाजपा ने झामुमो की प्रेसवार्ता पर पलटवार किया है. प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि 23 नवंबर की शाम जब तक परिणाम नहीं आते, तब तक झामुमो ख्वाबों की दुनिया में रह सकता है. झामुमो कुछ भी दावा कर ले, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद वह हार का ठीकरा इवीएम पर फोड़ने की तैयारी में है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि कोई दल दस्तावेज जारी कर यह बता रहा है कि कितनी सीटों पर वह जीत दर्ज करेगा और प्रतिद्वंद्वी कितनी सीटों पर हारने वाले हैं. प्रतुल शाहदेव का कहना है कि हास्यास्पद बात यह है कि इस दस्तावेज में भी जहां भी झामुमो कड़ा मुकाबला दिखा रहा है, वह सभी कांग्रेस के हिस्से वाली सीटें हैं. यानी उन्हें अपने गठबंधन पर ही विश्वास नहीं है. प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो की जात का दावा सिर्फ कागज पर ही है. हकीकत में झारखंड की जनता ने झारखंड की सबसे भ्रष्ट हेमंत सरकार को पूरी तरह खारिज कर दिया है. हेमंत सरकार ने पिछले पांच वर्षों में सिर्फ लूट, खसोट और भ्रष्टाचार किया है. जनता इनकी वादा खिलाफी से ऊब चुकी थी. जनता 23 नवंबर को इनको बाहर का रास्ता दिखाने जा रही है. एनडीए गठबंधन दो तिहाई बहुमत से जीतेगा. झामुमो के नेतृत्व वाला गठबंधन अपने इतिहास की सबसे कम सीटों पर सिमट जायेगा.
जमशेदपुर : कांग्रेस प्रत्याशी डॉ अजय कुमार ने बुधवार को प्रेस बयान जारी कर भोजपुरी लोक संगीत क्षेत्र की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे लोक संगीत के लिए बड़ा नुकसान बताया। उन्होंने कहा कि शारदा सिन्हा ने लोक संगीत को अंतर्राष्ट्रीय फलक पर पहुंचाया था. उनके द्वारा गाये भोजपुरी लोक गीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है।
भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर की ठेट भोजपुरी लोक गीत को आगे बढ़ाने का श्रेय शारदा सिन्हा को जाता है। उनके द्वारा गाये भोजपुरी के पारंपरिक गीत आज भी लोगों द्वारा विभिन्न समारोह में बजाया जाता है। लोक आस्था का महापर्व छठ की गीत ने शारदा सिन्हा को अमर कर दिया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। दुख के इस घड़ी में उनके परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें, यही ईश्वर के प्रार्थना करता हूं.
दिल्ली हाईकोर्ट को बुधवार को जानकारी दी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही एक जनहित याचिका पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता की सीबीआई जांच शुरू की गई है.
याचिकाकर्ता कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा कि उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है तो मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि वह नहीं चाहता कि कोई विरोधाभासी आदेश पारित किया जाए.
पीठ ने एस विग्नेश शिशिर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में उनकी जनहित याचिका के बाद प्रासंगिक घटनाक्रम पर एक हलफनामा दायर करने की अनुमति देते हुए कहा, कार्रवाई के एक ही कारण पर दो समानांतर याचिकाएं नहीं हो सकतीं.
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष मामला भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर था, जिन्होंने राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग करने वाले उनके प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) को निर्देश देने की मांग की थी.
बीजेपी नेता ने अपनी याचिका में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल के खिलाफ उनके द्वारा दायर अभ्यावेदन पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश देने की भी मांग की. जबकि स्वामी ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष मामले का उनके मामले से कोई लेना-देना नहीं है और दोनों अदालतों में दाखिल अर्जियां पूरी तरह से अलग हैं. एस. विग्नेश शिशिर ने दावा किया कि स्वामी की याचिका के कारण बहुलता और समानांतर कार्यवाही हुई.
6 दिसंबर को होगी सुनवाई
अदालत ने शिशिर को उसके समक्ष याचिका में पक्षकार बनने के लिए आवेदन दायर करने को कहा और मामले को 6 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया.
सुनवाई के दौरान, शिशिर ने कहा कि उनकी याचिका पर आखिरी बार 24 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई की थी और मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है. चूंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष मामला “बहुत उन्नत चरण” पर था.
उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में सीबीआई के सामने भी पेश हुआ और इस मामले के संबंध में अपने बेहद गोपनीय सबूत पेश किए. फिलहाल मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है.”
HC को मेल पर भेजे डॉक्टूमेंट्स
शिशिर ने कहा, “देश की विभिन्न जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं. मैंने अपनी आपत्तियां दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को एक ईमेल के जरिए भेज दी हैं.”
पीठ ने बाद में टिप्पणी की कि डॉक्यूमेंट्स को अदालत की रजिस्ट्री के जरिए से दाखिल किया जाना आवश्यक है, न कि ईमेल के जरिए से.
स्वामी ने दोनों याचिकाओं के बीच अंतर करते हुए कहा कि शिशिर की याचिका में आपराधिक मुकदमा शुरू करने की मांग की गई थी, जबकि उनकी याचिका में केवल यह कहा गया था कि राहुल गांधी भारत के नागरिक नहीं बल्कि “ब्रिटेन के नागरिक” थे.
बीजेपी नेता ने तर्क किया कि पक्षपाती मत बनो और कहो कि प्रार्थनाएं समान हैं और हम पर टिके रहें. यह स्पष्ट है कि वह दो देशों का नागरिक नहीं हो सकता है. हमने इसे दस्तावेजों के माध्यम से साबित कर दिया है जहां वह ब्रिटेन के साथ-साथ भारत का भी नागरिक होने का दावा करता है. हालांकि, पीठ ने कहा कि उस याचिका में प्रार्थनाएं बहुत व्यापक हैं. इसलिए उन्हें (शिशिर को) वे दस्तावेज़ दाखिल करने दें जो वह चाहते हैं.”
दिल्ली हाईकोर्ट के पिछले आदेश के बाद स्वामी ने राहुल गांधी की नागरिकता के मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित याचिका की एक प्रति दायर की थी.
6 अगस्त 2019 को भेजा मंत्रालय को पत्र
अधिवक्ता सत्य सभरवाल द्वारा दायर स्वामी की याचिका में कहा गया है कि 6 अगस्त, 2019 को मंत्रालय को एक पत्र भेजा गया था. जिसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश सरकार को “स्वेच्छा से खुलासा” किया था कि वह ब्रिटिश राष्ट्रीयता के नागरिक थे जो ब्रिटिश पासपोर्ट रखने के बराबर था.
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्र से पूछा था कि क्या उसने नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत दायर शिशिर के अभ्यावेदन पर कोई निर्णय लिया है. जिसमें आरोपों की जांच करने के लिए कहा गया था.
शिशिर ने दावा किया कि उन्होंने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने के बारे में “विस्तृत पूछताछ” की थी और कई नए इनपुट प्राप्त किए थे. दूसरी ओर स्वामी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता ने एक भारतीय नागरिक होने के नाते, भारतीय नागरिकता अधिनियम के साथ पढ़े जाने वाले संविधान के अनुच्छेद 9 का उल्लंघन किया है और वह भारतीय नागरिक नहीं रहेंगे.
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत की स्थिति के बारे में जानने के लिए मंत्रालय को कई अभ्यावेदन भेजे थे, लेकिन न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही उन्हें कोई सूचना मिली.
रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी इतिहास में सबसे अविश्वसनीय राजनीतिक वापसी में से एक में सभी स्विंग राज्यों में जीत हासिल करते हुए दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस में वापसी करने के लिए तैयार हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प की जीत से रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।
ग्रोवर क्लीवलैंड के बाद ट्रम्प गैर-लगातार कार्यकाल पूरा करने वाले केवल दूसरे राष्ट्रपति होंगे, यह उपलब्धि आखिरी बार 132 साल पहले हासिल की गई थी। ग्रोवर क्लीवलैंड अमेरिका के 22वें और 24वें राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 1885 से 1889 और 1893 से 1897 तक सेवा की। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रम्प का पहला कार्यकाल 2016 और 2020 के बीच था। हालांकि, 2020 के चुनावी दौड़ में जो बिडेन से हारने के बाद वह लगातार दूसरा कार्यकाल जीतने में असफल रहे।
78 साल की उम्र में वे अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति चुने जाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति होंगे। जो बिडेन, जो 20 नवंबर को 82 साल के हो जाएंगे, सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति हैं। इसके अलावा, न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रम्प 20 वर्षों में लोकप्रिय वोट जीतने वाले पहले रिपब्लिकन बनेंगे।
दो बार महाभियोग का सामना कर चुके राष्ट्रपति
अगर वे व्हाइट हाउस की दौड़ जीत जाते हैं, तो ट्रंप अमेरिकी इतिहास में अपने कार्यकाल के दौरान दो बार महाभियोग की कार्यवाही का सामना करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति बन जाएंगे। हालांकि, दोनों मामलों में सीनेट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था। पहला महाभियोग 2019 में उन आरोपों पर लगाया गया था कि ट्रम्प ने फिर से चुनाव जीतने की अपनी संभावनाओं को बढ़ाने के लिए यूक्रेन से गुप्त रूप से मदद मांगी थी।
यह आरोप लगाया गया था कि ट्रम्प ने अपने यूक्रेनी समकक्ष ज़ेलेंस्की से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सबसे आगे के उम्मीदवारों में से एक की जांच करने का आग्रह किया था। यह बताया गया कि ट्रम्प ने यूक्रेन को दी जाने वाली 400 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता रोक दी थी, जो रूस के साथ युद्ध में शामिल है।
ट्रम्प पर दूसरी बार 13 जनवरी, 2021 को, उनके कार्यकाल की समाप्ति से एक सप्ताह पहले, यूएस कैपिटल पर 6 जनवरी के हमले को कथित रूप से भड़काने के लिए महाभियोग लगाया गया था।
पद संभालने वाले पहले दोषी अपराधी
ट्रम्प, जिन्हें इस साल की शुरुआत में 34 गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था, कानूनी अभियोग का सामना करते हुए पद संभालने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भी होंगे। ट्रम्प को मई में न्यूयॉर्क में दोषी ठहराया गया था, लेकिन अभी तक उन्हें सज़ा नहीं सुनाई गई है, और 26 नवंबर को सुनवाई होनी है।
ट्रम्प पर 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले वयस्क फिल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को पैसे देने से जुड़े व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का आरोप है। हालाँकि, ट्रम्प ने आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है।
झारखंड के चुनाव में बागियों ने एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों की नाक में दम कर रखा है. बीजेपी के बड़े नेता ऑपरेशन बागी क्लीन के जरिए नाराज नेताओं को मनाने मैदान में उतरे, लेकिन हिमंता सहित शिवराज सिंह चौहान और बीएल संतोष सरीखे नेता भी सबको समझाने में कामयाब नहीं हो सके.
यही वजह है कि नॉमिनेशन से नाम वापस करने की तारीख बीत जाने के बाद बीजेपी को तकरीबन तीस नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने को लेकर पार्टी से बाहर करना पड़ा है. यही हाल इंडिया ब्लॉक का भी है 12 सीटों पर बागियों ने अपने गठबंधन के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि बागी किसको ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगे ये सोचकर झारखंड की मुख्य राजनीतिक पार्टियों के हौसले पस्त हो रहे हैं.
एनडीए को बागी से कितना बड़ा खतरा ?
झारखंड जीतना एनडीए के लिए बेहद अहम है. इसलिए पार्टी ने विनेबलिटी को प्रमुख आधार बनाकर सबकुझ झोंक दिया है. बीजेपी में ही इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि बीजेपी के तरफ से 68 उम्मीदवार मैदान में उतारे गए हैं जिनमें 35 आयातित उम्मीदवार हैं. ज़ाहिर है ऐसे में बीजेपी के लिए सालों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं में निराशा का भाव है. इसलिए कई सीटों पर कार्यकर्ता और नेता अपनी ही पार्टी के खिलाफ मैदान में उतरकर बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने मैदान में उतर गए हैं.
इन नाराज नेताओं में रविन्दर राय का नाम भी आ रहा था जो गिरिडिड जिले के एक विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी बनने की चाहत में बगावत करने की तैयारी में थे. रविन्दर राय पूर्व सांसद हैं और बीजेपी के बड़े नेताओं ने उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर समझा बुझा लिया है, लेकिन लुईस मरांडी,केदार हाजरा सरीखे कई नेता जेएमएम से टिकट पाकर अब बीजेपी का खेल खराब करने में जुट गए हैं. ये कहानी यहीं खत्म नहीं होती है.
नॉमिनेशन वापस करने का अंतिम दिन बीत जाने के बाद बीजेपी के कार्यकर्ता और उम्मीदवारों को 30 की संख्या में बाहर कर बीजेपी सीधा पैगाम देने के प्रयास में है. जमशेदपुर पूर्वी का सीट हो या फिर रांची ग्रामीण, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, खूंटी, हजारीबाग, गढ़वा, चतरा, जमशेदपुर महानगर, पलामू सहित तीस सीटे हैं जहां से बीजेपी के ही कार्यकर्ता निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर गए थे. इन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
पार्टी के लिए चुनौती बने ये नेता
कई सीटों पर परिवारवाद के खिलाफ बीजेपी से ताल्लुक रखने वाले नेता ही मैदान में उतरे हैं जो कह रहे हैं कि उनकी लड़ाई पार्टी से नहीं बल्कि उस व्यक्ति से है जो परिवारवाद के नाम पर टिकट पाने में कामयाब हुई हैं. ऐसे नेताओं में नाम शिवशंकर सिंह का आ रहा है जो जमशेदपुर पुर्वी से रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास के खिलाफ मैदान में उतरकर पार्टी के लिए चुनौती बन गए हैं.
इसी तरह पोटका सीट से अर्जुन मुंडा की पत्नी मैदान में हैं लेकिन वो बीजेपी से निर्दलीय उम्मीदवार बनने वाले कैंडिडेट को मनाने में सफल रही हैं. लेकिन बीजेपी शिमोन मालतो का समझाने में विफल रही है जो अब जेएमएम के पाले में जा चुके हैं. शिमोन मालतो बरहेट से टिकट चाहते थे लेकिन नहीं मिलने पर वो अपने समर्थकों के साथ जेएमएम में शामिल हो गए हैं. परिवारवाद और वंशवाद का विरोध करने वाली पार्टी परिवारवाद और वंशवाद की चपेट में पूरी तरह फंसती दिख रही है. यही वजह है कि बीजेपी में अंसतुष्टों की संख्या दूसरे दलों से कहीं ज्यादा है.
राजनीतिक विश्लेषक डॉ संजय कुमार कहते हैं कि परिवारवाद झारखंड में हावी हर दल में है. इसलिए ये मुद्दा बीजेपी के लिए कारगर रहेगा इसकी उम्मीद दूर दूर तक नहीं दिख रही है. दरअसल बीजेपी हर हाल में झारखंड जीतकर केन्द्र सरकार की मजबूती को बरकरार रखना चाह रही है. इसलिए टिकट बांटने के पीछे विनेबलिटी को देखते हुए पार्टी ने अपने उसूलों के साथ जोरदार समझौता किया है.
बीजेपी के घटक दल आजसू में भी बगावत है चरम पर
गठबंधन के तहत आजसू को दस टिकट एनडीए में मिली हैं. लेकिन आजसू के विरोध में 16 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं ऐसा दावा राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि सुदेश महतो की पार्टी में बगावत सबसे ज्यादा है जो घटक दल के तौर पर एनडीए के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. जाहिर है साल 2019 में आजसू के साथ बीजेपी का तालमेल नहीं हो सका था. इसलिए बीजेपी अकेले चुनाव में उतरकर सरकार बनाने में नाकामयाब रही थी. इसबार आजसू गठबंधन की हिस्सा है. लेकिन पार्टी के भीतर भयानक बगावत एनडीए के लिए सिरदर्द बनता दिख रहा है.
इंडिया ब्लॉक में भी है भयानक बिखराव, कैसे सामना करेगी हेमंत सरकार ?
इंडिया ब्लॉक में सपा झारखंड में इंडिया अलायंस की हिस्सा नहीं है. गौरतलब है कि हरियाणा में दर्जन भर से ज्यादा सीटों पर सपा और आप ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया था. इसलिए कांग्रेस वहां सरकार बना पाने में असफल रही थी. झारखंड में भी सपा इंडिया से अलग चुनाव लड़ रही है. वहीं तीन सीटों पर आरजेडी,जेएमएम और सीपीआई एम के साथ फ्रेंडली फाइट हो रही है. कहा जा रहा है कि इंडिया ब्लॉक भी तकरीबन 20सीटों पर निर्दलीय और घटक दल के बगावती तेवर से परेशान है. इसलिए ऊंट किस करवट बैठेगा इसको लेकर राजनीतिक पंडित सहित सियासी पार्टियां साफ साफ दावा करने से बचने लगी है.
कांग्रेस को भी निकालने पड़े हैं अपने तीन नेता
कांग्रेस पार्टी ने तीन नेताओं को पार्टी विरोधी कार्रवाई के लिए बाहर का रास्ता दिखाया है. इनमें देवेंद्र सिंह पांकी से, मुनेश्वर उरांव लातेहार से और इसराफिल अंसारी को गोमियां से बाहर किया गया है. कांग्रेस पहले से ही चुनाव प्रचार में शिथिलता बरतती दिख रही है. वैसे में बाबू लाल मरांडी सरीखे नेताओं के खिलाफ जेएमएम और सीपीआई एमएल ने अपने अपने कैंडिडेट उतारकर इंडिया ब्लॉक के भीतर की कड़वाहट को जाहिर कर दिया है.
बिहार स्वर कोकिला शारदा सिन्हा का 72 साल की उम्र में मंगलवार रात दिल्ली एम्स में निधन हो गया. उनका कई दिनों से इलाज चल रहा था. उनकी सलामती के लिए पूरे देश में दुआओं का दौर भी जारी था लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गईं.
उन्होंने रात 09:20 पर अंतिम सांस ली.
छठ गीत की पर्याय शारदा सिन्हा की को सोमवार रात वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. उनका ऑक्सीजन लेवल गिर रहा था. लोक गायिक के बेटे अंशुमन सिन्हा ने अपने एक वीडियो संदेश में बताया था. उनका कहना था कि ‘मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन की हालत के चलते मां बहुत बड़ी लड़ाई में जा चुकी है. अब काफी मुश्किल है. आप सब प्रार्थना कीजिए, कि वो लड़ कर बाहर आ सकें. छठी मां कृपा करें.’
मंगलवार को बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह लोकगायिका शारदा सिन्हा का हालचाल जानने एम्स पहुंचे थे.
शारदा सिन्हा को संगीत में योगदान के लिए 1991 में पद्मश्री और 2018 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. ‘विवाह गीत’ और ‘छठ गीत’ उनके चर्चित गानों में शुमार हैं.
जमशेदपुर : कांग्रेस पार्टी के जमशेदपुर पूर्वी के प्रत्याशी डॉ.अजय कुमार ने शनिवार को गोलमुरी, बजरंग नगर, भुईंयाडीह एवं तारकंपनी क्षेत्र में जनसम्पर्क अभियान चलाया. क्षेत्र के लोगों ने डॉ. अजय को अपना समर्थन देने का वादा किया. मौके पर अजय कुमार ने कहा कि जनता बदलाव चाहती है. वह 25 वर्षों की शासन से परेशान है. जमशेदपुर को विकसित बनाना मेरी प्रतिबद्धता है. लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करुंगा. जमशेदपुर को अपराध मुक्त बनाना है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश कि इंडिया गठबंधन सरकार लगातार गरीब एवं आम लोगों के कल्याण के लिए कार्य किया है. जिसमें मईंया सम्मान योजना का लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है. वहीं सर्वजन पेंशन का लाभ भी सभी वर्ग के लोगों के मिल रहा है. डॉ. अजय ने कहा कि यदि जनता ने समर्थन किया तो विश्वास दिलाता हूं कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराऊंगा ताकि लोगों को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल सके वहीं लोगों को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के लिए नियमित रुप से मेडिकल कैंप का आयोजन एवं रोजगार के लिए बंद कंपनियों को चालू करने के लिए बड़े कॉर्पोरेट कंपनियों से संपर्क किया जाएगा. महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न प्रकार के रोजगार के प्रशिक्षण दिया जाएगा. ताकि महिलाएं अपना व्यवसाय शुरु कर अपने पैरों पर खड़ा हो सके. उन्होंने कहा कि जनता को निर्णय लेना होगा कि उन्हें कैसा जमशेदपुर चाहिए.
सीटू तालाब का जीर्णोद्धार कराएंगे डॉ. अजय
आज जनसम्पर्क अभियान के दौरान लोगों ने तारकंपनी क्षेत्र के सीटू तालाब छठ घाट की बदहाली के बारे में डा. अजय के संबंध बताया तब डा. अजय ने त्वरित अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि मिलजुल कर सीटू तालाब की सफाई कराएं ताकि छठ वर्तियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो. अजय ने आज बिलिचिंग पाउडर का छिड़काव कर छट घाट की सफाई की शुरुआत की.