एक नई सोच, एक नई धारा

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बिष्टुपुर में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ी कार, शहर की सड़कों पर ‘अंधेरा’ बना काल

जमशेदपुर: लौहनगरी के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गरमनाला मार्ग पर आज शाम एक जोरदार सड़क दुर्घटना हुई। गरमनाला से बिष्टुपुर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित ट्रैफिक सिग्नल के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर के ऊपर चढ़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

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हादसे का कारण: रोशनी का अभाव और ‘अदृश्य’ डिवाइडर

​प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दुर्घटना का मुख्य कारण सड़क पर पर्याप्त रोशनी की कमी है। गरमनाला मार्ग के इस विशेष हिस्से पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण रात के समय डिवाइडर साफ दिखाई नहीं देता।

  • अंधेरे का खतरा: चालक को समय रहते डिवाइडर का अनुमान नहीं मिल पाया, जिसके चलते वाहन सीधे कंक्रीट के ऊंचे डिवाइडर से जा टकराया।
  • क्षतिग्रस्त वाहन: दुर्घटना के बाद कार के एयरबैग खुल गए और वाहन का इंजन वाला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया है।

शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं पर उठे सवाल

​जमशेदपुर के कई इलाकों में ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:

  1. ​कई प्रमुख मार्गों पर डिवाइडर के पास रिफ्लेक्टर (Reflectors) नहीं लगे हैं।
  2. ​लाइट की कमी की वजह से रात के समय मोड़ और डिवाइडर ‘डेथ ट्रैप’ (Death Trap) साबित हो रहे हैं।
  3. ​पूर्व में भी बिष्टुपुर और आसपास के क्षेत्रों में इसी तरह की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से लाइटिंग व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है।

राहत की बात

​गनीमत रही कि कार में सवार लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं, हालांकि उन्हें मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद बिष्टुपुर पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को डिवाइडर से नीचे उतारकर किनारे किया गया ताकि यातायात बाधित न हो।

निष्कर्ष और मांग

​शहरवासियों ने जिला प्रशासन और टाटा स्टील यूआइएसएल (TSUISL) से मांग की है कि:

  • ​शहर के सभी मुख्य डिवाइडरों पर रेडियम रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाएं।
  • ​गरमनाला और बिष्टुपुर के अंधेरे वाले क्षेत्रों में हाई-मास्ट लाइट या नई स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए।
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रांची: वसीम हत्याकांड का खुलासा; प्रेम प्रसंग के विवाद में दोस्तों ने ही रेता था गला, निर्माणाधीन अपार्टमेंट में मिला था शव

रांची: पुंदाग ओपी क्षेत्र में 4 फरवरी को मिली 16 वर्षीय वसीम मंसूरी की लाश के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वसीम की हत्या किसी अनजान दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके साथ काम करने वाले दो साथियों ने मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों—साहिद अंसारी और मुसरफ अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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अपमान का बदला लेने के लिए रची साजिश

​पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग और उससे जुड़ा पुराना विवाद है।

  • विवाद की जड़: मुख्य आरोपी साहिद अंसारी का वसीम की एक रिश्तेदार युवती से प्रेम संबंध था।
  • पुरानी रंजिश: इसी बात को लेकर 15 जनवरी 2026 को लोहरदगा में वसीम और उसके परिजनों ने साहिद की पिटाई की थी और उसे धमकी दी थी। साहिद इसी अपमान का बदला लेना चाहता था।

काम के बहाने बुलाकर की निर्मम हत्या

​2 फरवरी को साहिद ने अपने साथी मुसरफ के साथ मिलकर वसीम को ठिकाने लगाने की योजना बनाई:

  1. बुलावा: वसीम को काम के बहाने पुंदाग के लाजपत नगर स्थित एक निर्माणाधीन ‘अनसूल अपार्टमेंट’ में बुलाया गया।
  2. हमला: बिल्डिंग की पहली मंजिल पर पहुंचते ही दोनों ने वसीम पर चाकू और लाठी से हमला कर दिया। वसीम की मौके पर ही मौत हो गई।
  3. सबूत मिटाने की कोशिश: आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए वसीम के शव को ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट के लिए बनाए गए पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया और फरार हो गए।

SIT की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य

​शव मिलने के बाद एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Location & Call Records) और स्थानीय पूछताछ के आधार पर साहिद और मुसरफ को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

बरामदगी:

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • ​हत्या में प्रयुक्त खून लगा चाकू और डंडा
  • ​साहिद का खून से सना हरा शर्ट और नीला जींस।
  • ​आरोपियों के स्मार्टफोन।
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जमशेदपुर: शराब दुकानों में चोरी करने वाले दो शातिर चोर गिरफ्तार, CCTV फुटेज से खुला राज

जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के विद्यापति नगर और सिदगोड़ा बाजार स्थित शराब दुकानों में हुई चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सरायकेला-खरसावां जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो पेशेवर तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

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CCTV फुटेज बना पुलिस का हथियार

​सिदगोड़ा बाजार की शराब दुकान में हुई चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने जब फुटेज की जांच की, तो संदिग्धों के चेहरे स्पष्ट नजर आए। इसी आधार पर अनुसंधान के दौरान 06 फरवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि फुटेज से मिलते-जुलते दो युवक सिदगोड़ा और बिरसानगर की सीमा पर घूम रहे हैं।

बारीडीह के पास से हुई गिरफ्तारी

​सूचना मिलते ही सिदगोड़ा पुलिस की गश्ती दल, टाइगर मोबाइल और पीसीआर ने घेराबंदी शुरू की। बारीडीह बाजार स्थित मनीपाल हॉस्टल के पीछे घोड़ा मंदिर रोड से दो संदिग्धों को पकड़ा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने सिदगोड़ा और अन्य क्षेत्रों की शराब दुकानों में चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।

पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण

​गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सरायकेला-खरसावां जिले के रहने वाले हैं:

  1. कार्तिक लोहार उर्फ चेपा (23 वर्ष): निवासी- आदित्यपुर अलकतरा बस्ती, नियर काली मंदिर। इसके पास से ₹2700 नकद बरामद हुए।
  2. रितिक पाल (25 वर्ष): निवासी- आदित्यपुर-2, नियर हनुमान मंदिर (किरायेदार)। इसके पास से ₹3300 नकद बरामद किए गए।

पुराना है आपराधिक इतिहास

​पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पकड़े गए दोनों युवक आदतन अपराधी हैं। इनके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं:

  • साकची थाना: कांड संख्या 151/24 (धारा 331, 305, 317 BNS)।
  • कदमा थाना: कांड संख्या 148/2023 (धारा 379/461/511/34 भा.द.वि.)।

छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी

​इस सफल उद्भेदन में सिदगोड़ा थाना प्रभारी बीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पु०अ०नि० विकास कुमार, स०अ०नि० संजीव कुमार, स०अ०नि० देवशरण महतो और हवलदार जुवेल होरो की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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जमशेदपुर: बिरसानगर में ‘बेदी टेंट हाउस’ के गोदाम में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

जमशेदपुर: बिरसानगर थाना क्षेत्र के संडे मार्केट स्थित बेदी टेंट हाउस के गोदाम में शनिवार सुबह भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा गोदाम लपटों और धुएं के गुबार से घिर गया। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

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मशक्कत के बाद पाया गया काबू

​सुबह करीब 7 बजे जब गोदाम से आग की लपटें दिखाई दीं, तो स्थानीय लोगों ने तुरंत बिरसानगर पुलिस को सूचित किया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की मदद ली गई:

  • राहत कार्य: टाटा मोटर्स की एक दमकल गाड़ी और एक सरकारी दमकल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
  • दो घंटे का संघर्ष: करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया और इसे रिहायशी इलाके में फैलने से रोका।

लाखों का नुकसान, जानमाल की हानि नहीं

​आग बुझने के बाद जब गोदाम का जायजा लिया गया, तो वहां रखा अधिकांश सामान नष्ट हो चुका था।

  • नुकसान का विवरण: गोदाम में रखे महंगे टेंट, सैकड़ों कुर्सियां, साउंड सिस्टम और सजावटी सामान जलकर राख हो गए हैं।
  • अनुमानित क्षति: संचालक को इस घटना में लाखों रुपये के वित्तीय नुकसान का अनुमान है।
  • राहत: सुखद पहलू यह रहा कि सुबह का समय होने के कारण गोदाम में कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।
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शॉर्ट सर्किट बना काल!

​पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से चिंगारी उठी और टेंट के कपड़ों ने इसे तुरंत पकड़ लिया। फिलहाल बिरसानगर थाना पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि आग लगने के सटीक कारणों और कुल नुकसान का आंकलन किया जा सके।

मुख्य जानकारी एक नज़र में:

| घटना | टेंट हाउस गोदाम में आग |

| स्थान | संडे मार्केट, बिरसानगर, जमशेदपुर |

| समय | शनिवार सुबह, लगभग 07:00 बजे |

| कारण | शॉर्ट सर्किट (संभावित) |

| दमकल | टाटा मोटर्स और सरकारी विभाग की गाड़ियां |

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शादी समारोह में खूनी खेल: रोहतास में बारात के दौरान नाच को लेकर विवाद, दोस्त ने युवक को मंच पर ही मारी गोली

रोहतास (सूर्यपुरा): बिहार के रोहतास जिले के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ढोढनडीह गांव में शनिवार की सुबह एक शादी समारोह मातम में बदल गया। बारात में चल रहे नाच के दौरान हुए मामूली विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना सुबह करीब 5 बजे की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

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मंच पर हुआ विवाद और ताबड़तोड़ फायरिंग

​जानकारी के अनुसार, ढोढनडीह निवासी मिथिलेश सिंह की पुत्री की बारात भोजपुर के यादवपुर गांव से आई थी। विवाह की रस्मों के बीच नाच का कार्यक्रम चल रहा था।

  • विवाद की वजह: गांव का ही वीर बहादुर सिंह (24 वर्ष) मंच पर डांसर के साथ नाच रहा था और उसे पैसे दे रहा था। इसी दौरान उसका एक करीबी मित्र भी मंच पर चढ़ गया।
  • हत्या: वीर बहादुर द्वारा मना किए जाने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते आरोपी मित्र ने रिवॉल्वर निकाली और वीर बहादुर पर तीन गोलियां दाग दीं। वीर बहादुर की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की कार्रवाई और साक्ष्य संकलन

​घटना की सूचना मिलते ही सूर्यपुरा, नटवार, भानस और दावथ थाना की पुलिस डीएसपी सिंधु शेखर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची।

  1. बरामदगी: पुलिस ने मंच से बिखरे हुए नोट, मृतक का मोबाइल और एक खोखा बरामद किया है।
  2. जांच: डीएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आपसी विवाद में हत्या का मामला है। साक्ष्य जुटाने के लिए FSL टीम को भी बुलाया गया है।
  3. शव का पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेज दिया है।

गांव में तनाव, आरोपी फरार

​वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मित्र मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है। इस घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

एक नज़र में मुख्य तथ्य

विवरणजानकारी
मृतकवीर बहादुर सिंह (24 वर्ष), निवासी ढोढनडीह
घटना स्थलढोढनडीह गांव, सूर्यपुरा थाना (रोहतास)
वजहमंच पर नाचने और पैसे देने को लेकर विवाद
पुलिस दल4 थानों की पुलिस और FSL टीम सक्रिय

निष्कर्ष: हर्ष फायरिंग और बारात में हथियारों का प्रदर्शन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास रिवॉल्वर का लाइसेंस था या नहीं।

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MGM अस्पताल की बदहाली: 4 दिनों से पानी की किल्लत, 45 ऑपरेशन टले; विधायक सरयू राय ने व्यवस्था पर उठाए सवाल

जमशेदपुर: कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM), एक बार फिर अपनी अव्यवस्थाओं के कारण सुर्खियों में है। पिछले चार दिनों से अस्पताल गंभीर जल संकट से जूझ रहा है, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। पानी की अनुपलब्धता के कारण अस्पताल में 40 से 45 महत्वपूर्ण ऑपरेशन टालने पड़े हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई है।

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उद्घाटन पर उठे सवाल: ‘वोट के लिए आनन-फानन में शुरू किया अस्पताल’

​जल संकट की सूचना मिलते ही जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर तीखा हमला बोला।

  • राजनीतिक स्टंट का आरोप: सरयू राय ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में वोट बटोरने के लिए तत्कालीन मंत्री ने अधूरी तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री से ओपीडी का उद्घाटन करवा दिया था।
  • चेतावनी को किया अनसुना: विधायक ने दावा किया कि उन्होंने बैठकों में कई बार पानी की समस्या का मुद्दा उठाया था, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर अस्पताल को शिफ्ट कर दिया गया।

डिप बोरिंग फेल, निगम के भरोसे ‘लाइफ सपोर्ट’

​अस्पताल में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘डिप बोरिंग’ कराई गई थी, लेकिन वह लागत के अनुसार पानी देने में विफल रही है। वर्तमान स्थिति यह है:

  1. मानगो नगर निगम पर निर्भरता: अस्पताल को अब मानगो नगर निगम के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
  2. आम जनता पर असर: विधायक ने अंदेशा जताया कि अस्पताल को पानी देने के चक्कर में आने वाले समय में मानगो की आम जनता को भी पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है।

मरीजों की बेबसी: बाहर से पानी खरीदने को मजबूर

​कोल्हान के दूर-दराज इलाकों से आने वाले गरीब मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह संकट दोहरी मार साबित हो रहा है।

  • खरीद रहे पानी: पीने और दैनिक कार्यों के लिए परिजनों को बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है।
  • खूबसूरती पर दाग: करोड़ों की लागत से बने इस खूबसूरत अस्पताल की चमक पानी की कमी ने फीकी कर दी है। मरीजों का कहना है कि “गर्मी शुरू होने से पहले ही यह हाल है, तो मई-जून में क्या होगा?”

प्रबंधन का पक्ष: ‘जल्द सुधरेगी स्थिति’

​अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने स्वीकार किया कि पानी की समस्या के कारण ऑपरेशन टालने पड़े हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि जब से नगर निगम ने कमान संभाली है, स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और जल्द ही संकट दूर कर लिया जाएगा।

मुख्य आंकड़े और स्थिति:

  • प्रभावित ऑपरेशन: 40-45 (पिछले 4 दिनों में)
  • मुख्य समस्या: डिप बोरिंग की विफलता और अपर्याप्त भंडारण।
  • वर्तमान समाधान: नगर निगम द्वारा टैंकर और पाइपलाइन से जलापूर्ति।
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करणडीह ट्रैफिक सिग्नल: उद्घाटन के ‘साइड इफेक्ट्स’, 24 घंटे में ही ‘लाल’ हुआ सिस्टम, टाइमर हुआ गुल

जमशेदपुर: जमशेदपुर के व्यस्त करणडीह चौक को जाम से मुक्ति दिलाने का सपना पहले ही दिन तकनीकी खराबी की भेंट चढ़ गया। गुरुवार को बड़े तामझाम के साथ जिस ट्रैफिक सिग्नल का उद्घाटन हुआ था, शुक्रवार को वह महज एक ‘शो-पीस’ बनकर रह गया। हालत यह है कि सिग्नल की हरी बत्ती ने जलने से इनकार कर दिया है, जिससे वाहन चालक संशय में हैं कि आगे बढ़ें या रुके रहें।

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उद्घाटन के अगले ही दिन जवाब दे गया सिस्टम

​पोटका विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को विधिवत पूजा-अर्चना कर इस सिग्नल का शुभारंभ किया था। उम्मीद थी कि अब चौक पर ट्रैफिक सुगम होगा, लेकिन शुक्रवार सुबह होते-होते सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई।

सिग्नल की अजीबोगरीब स्थिति

​मौके पर मौजूद लोगों और वाहन चालकों ने बताया कि:

  • हरा सिग्नल गायब: लाल और पीली बत्तियां तो जैसे-तैसे जल रही हैं, लेकिन “ग्रीन सिग्नल” पूरी तरह बंद पड़ा है।
  • टाइमर खराब: समय बताने वाली सूचक प्लेट (Timer Plate) भी ठप हो गई है, जिससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि रुकना कितनी देर है।
  • भ्रम का माहौल: हरी बत्ती न जलने के कारण चौक पर अफरा-तफरी का माहौल है। कुछ लोग रुक रहे हैं तो कुछ पुलिस की अनुपस्थिति में नियमों को ताक पर रखकर निकल रहे हैं।

लापरवाही पर उठ रहे सवाल

​करोड़ों के राजस्व वाले इस क्षेत्र में उद्घाटन के अगले ही दिन सिस्टम का खराब होना गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सिस्टम पूरी तरह टेस्ट (Testing) नहीं किया गया था, तो आनन-फानन में उद्घाटन की क्या जरूरत थी? अब यह सिग्नल लोगों की सुविधा के बजाय परेशानी और दुर्घटना का सबब बन रहा है।

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पूर्वी सिंहभूम: 20,000 राशन कार्ड होंगे रद्द! 6 महीने से अनाज नहीं लेने वालों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के खाद्य आपूर्ति विभाग ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ‘सफाई अभियान’ शुरू कर दिया है। विभाग ने जिले के ऐसे 20,000 कार्डधारियों को चिह्नित किया है, जिन्होंने पिछले 6 महीने से एक साल तक अपने हिस्से का मुफ्त राशन नहीं लिया है। अब सत्यापन (Verification) के बाद इन कार्डों को रद्द कर दिया जाएगा।

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शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा ‘लापरवाह’ कार्डधारी

​विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, राशन का उठाव न करने वाले अधिकांश कार्डधारी जमशेदपुर शहर (Jamshedpur Urban) के हैं।

  • शहरी स्थिति: जनवरी 2026 में शहरी क्षेत्रों (JNAC, मानगो, जुगसलाई) में लगभग 15% कार्डधारियों ने राशन नहीं लिया।
  • ग्रामीण स्थिति: ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा करीब 8% रहा।
  • कुल आंकड़ा: जनवरी में जिले के कुल 4.20 लाख कार्डधारियों में से केवल 90.89% ने ही अनाज प्राप्त किया। लगभग 41,000 परिवार राशन लेने नहीं पहुंचे।

क्यों काटे जा रहे हैं नाम?

​जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फिकार अंसारी ने स्पष्ट किया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग सूची में दर्ज हैं जो राशन लेने नहीं आते। इससे वितरण प्रणाली के आंकड़े प्रभावित होते हैं और जरूरतमंदों तक समय पर लाभ पहुँचाने में बाधा आती है। इन 20,000 नामों के हटने से सूची अपडेट होगी और वास्तविक लाभार्थियों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।

रैंकिंग में सुधार: 24वें से 22वें स्थान पर पहुँचा जिला

​प्रशासनिक कड़ाई और वितरण में तेजी का असर अब दिखने लगा है।

  • ​दिसंबर 2025 तक पूर्वी सिंहभूम जिला राशन वितरण के मामले में झारखंड में सबसे निचले पायदान यानी 24वें स्थान पर था।
  • ​जनवरी 2026 के सुधारों के बाद जिला दो पायदान ऊपर चढ़कर 22वें स्थान पर पहुंच गया है।

आगे क्या होगा?

  1. सत्यापन: पीडीएस (PDS) डीलरों से मंगवाई गई रिपोर्ट के आधार पर डोर-टू-डोर या डिजिटल सत्यापन होगा।
  2. नाम विलोपन: जो कार्डधारी वास्तव में अपात्र पाए जाएंगे या निष्क्रिय रहेंगे, उनका नाम डेटाबेस से हटा दिया जाएगा।
  3. वेटिंग लिस्ट: पुराने नाम हटने से नए पात्र आवेदकों के लिए जगह बनेगी।
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सावधान जमशेदपुर! साइबर शिकारियों ने बिछाया डिजिटल जाल, ‘डिजिटल अरेस्ट’ और निवेश के नाम पर ₹1.18 करोड़ की ठगी

जमशेदपुर: 90 के दशक का वह मशहूर विज्ञापन— “शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा, लोभ से उसमें फंसना नहीं”—आज के डिजिटल युग में जमशेदपुर के लिए सबसे बड़ी चेतावनी बन गया है। शहर में पिछले दो महीनों के भीतर साइबर ठगों ने अलग-अलग इलाकों में जाल बिछाकर मासूम नागरिकों से करीब 1.18 करोड़ रुपये की गाढ़ी कमाई लूट ली है।

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केस 1: मानगो में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ, गंवाए ₹56 लाख

​मानगो की हिल बिहार कॉलोनी के प्रमोद शर्मा को ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए अपना शिकार बनाया।

  • साजिश: ठगों ने खुद को IPS विजय खन्ना बताया और पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल किया।
  • धमकी: उन्हें डराया गया कि उनके आधार कार्ड का उपयोग मुंबई में आपराधिक गतिविधियों के लिए हुआ है।
  • नुकसान: डर के मारे पीड़ित ने तीन किस्तों में कुल 56 लाख रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

केस 2: बुजुर्ग की पेंशन पर डकैती, ₹54.95 लाख साफ

​मानगो की ही माधवबाग कॉलोनी में एक बुजुर्ग के जीवन भर की जमापूंजी पर ठगों ने हाथ साफ कर दिया।

  • तरीका: बैंक अधिकारी बनकर ‘पेंशन क्रेडिट कार्ड’ बनाने का झांसा दिया गया।
  • चूक: बुजुर्ग ने झांसे में आकर अपना OTP साझा कर दिया।
  • अंजाम: 25 से 28 जनवरी के बीच ठगों ने बुजुर्ग के खाते से 54.95 लाख रुपये निकाल लिए।

केस 3: निवेश और शेयर ब्रोकिंग का फर्जी लालच

​गोविंदपुर और कदमा के इलाकों में ‘मुनाफे’ का लालच देकर लाखों की ठगी की गई:

  • गोविंदपुर (₹4.49 लाख): आकाश कुमार को ‘आरबीके शेयर ब्रोकिंग’ के नाम पर कम समय में ज्यादा मुनाफे का सपना दिखाया गया और उनके खाते से पैसे उड़ा लिए गए।
  • कदमा (₹2.87 लाख): यहाँ टेलीग्राम ऐप के जरिए ‘इन्वेस्टमेंट टास्क’ का झांसा दिया गया। ठगों द्वारा भेजे गए एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही युवक का खाता खाली हो गया।

साइबर ठगों के ‘हथियार’—जिनसे आपको बचना है:

ठगी का प्रकारपहचानबचाव
डिजिटल अरेस्टपुलिस/CBI बनकर वीडियो कॉल करना।पुलिस कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती।
पेंशन/बैंक फ्रॉडबैंक अधिकारी बनकर OTP मांगना।अपना OTP, PIN या पासवर्ड किसी को न बताएं।
इन्वेस्टमेंट लिंकटेलीग्राम/व्हाट्सएप पर भारी मुनाफे का लिंक।अनजान

क्या करें अगर ठगी हो जाए?

​यदि आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना देर किए:

  1. 1930 (नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर) पर तुरंत कॉल करें।
  2. www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
  3. ​नजदीकी साइबर थाना (बिष्टुपुर, जमशेदपुर) को सूचित करें।
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झारखंड: खुद ‘बीमार’ हुई 108 एम्बुलेंस, बीच रास्ते में डीजल खत्म होने से अटकी डायरिया मरीज की जान

जमशेदपुर/पटमदा: झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा ‘108 एम्बुलेंस’ की बदहाली थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला गुरुवार को पटमदा क्षेत्र में सामने आया, जहाँ एक गंभीर मरीज को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस का बीच सड़क पर डीजल खत्म हो गया। इस लापरवाही के कारण डायरिया पीड़ित महिला करीब एक घंटे तक सड़क पर तड़पती रही।

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धूसरा गांव के पास थमे एम्बुलेंस के पहिए

​आगुईडांगरा गांव की 45 वर्षीय सावित्री सिंह को बुधवार से लगातार उल्टी और दस्त (डायरिया) की शिकायत थी। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने 108 पर कॉल किया। बोड़ाम के लावजोड़ा पीएचसी से एम्बुलेंस (JH01CJ-8238) मरीज को लेकर एमजीएम अस्पताल के लिए निकली, लेकिन महज 8 किमी दूर धूसरा गांव के पास गाड़ी का इंजन अचानक बंद हो गया।

खराब रखरखाव और तकनीकी खामियां

​एम्बुलेंस चालक कामदेव महतो और टेक्नीशियन गणेश कौशल महतो ने जो खुलासे किए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:

  • डीजल की कमी: टंकी खाली होने के कारण गाड़ी बंद हुई और इंजन ने ‘एयर’ ले लिया, जिससे वाहन पूरी तरह ठप हो गया।
  • कबाड़ में तब्दील वाहन: यह एम्बुलेंस पहले जुगसलाई में थी और वहां भी अक्सर खराब रहती थी। 10-15 दिन पहले ही इसे लावजोड़ा भेजा गया है।
  • बैटरी और मरम्मत का अभाव: चालक के अनुसार, वाहन की बैटरी खराब है और नियमित मरम्मत न होने से यह कभी भी बंद हो जाती है।

दूसरी एम्बुलेंस के भरोसे तय हुआ सफर

​मरीज की जान जोखिम में देख आनन-फानन में एमजीएम अस्पताल से दूसरी एम्बुलेंस मंगवाई गई। लगभग एक घंटे की देरी के बाद सावित्री सिंह को एमजीएम अस्पताल पहुंचाया जा सका। परिजनों में इस देरी को लेकर गहरा आक्रोश है।

पुरानी घटनाओं से भी नहीं लिया सबक

​यह पहली बार नहीं है जब बोड़ाम-पटमदा क्षेत्र में 108 सेवा फेल हुई है:

  • 25 दिसंबर की घटना: डांगरडीह गांव में समय पर एम्बुलेंस न पहुंचने के कारण सांस की बीमारी से जूझ रही एक महिला की मौत हो गई थी।
  • ​उसी घटना के बाद लावजोड़ा पीएचसी को यह एम्बुलेंस आवंटित की गई थी, जो अब खुद तकनीकी खराबी और ईंधन की कमी का शिकार है।

उठते सवाल: जिम्मेदार कौन?

​सरकार और विभाग के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा गरीब मरीज भुगत रहे हैं। एम्बुलेंस में तेल न होना और खराब बैटरी के साथ उसे फील्ड में भेजना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।

परिजनों का पक्ष: “हमने समय पर कॉल किया, एम्बुलेंस भी आई, लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने हमारी मरीज की जान खतरे में डाल दी। अगर कुछ अनहोनी हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता?” — रविन्द्र सिंह (रिश्तेदार)

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