एक नई सोच, एक नई धारा

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चाईबासा: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आखिरी सांस तक उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

चाईबासा/जगन्नाथपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को “अंतिम सांस तक” आजीवन कारावास की सजा सुनाकर समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है।chaibasa court

क्या था पूरा मामला?

​यह मामला जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के कंसलापोस रुगुड़साई गांव का है। घटना 8 सितंबर 2023 की है, जब आरोपी सुरेश सिंकु ने एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया भी था कि यदि उसने किसी को बताया, तो वह उसके परिवार को जान से मार देगा।1002518072

साहस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

​धमकी के बावजूद पीड़िता ने साहस दिखाया और घर पहुंचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एक मजबूत चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की।

अदालत का फैसला: आजीवन कारावास और जुर्माना

​सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए सुरेश सिंकु को दोषी पाया। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए निम्नलिखित सजा मुकर्रर की:

  • सजा: पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास (मरते दम तक)
  • आर्थिक दंड: दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

​कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के त्वरित और कठोर फैसले से अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा होगा। साथ ही, यह पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की जीत है, जिन्होंने न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

तीसरी धारा न्यूज के लिए पश्चिमी सिंहभूम से रिपोर्ट।

Ghaghidih Jail
जमशेदपुर: घाघीडीह सेंट्रल जेल के 1600 बंदियों की होगी टीबी जांच, स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर

जमशेदपुर: शहर की घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंदियों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जेल में बंद करीब 1600 बंदियों में तपेदिक (टीबी) की आशंका को देखते हुए विभाग ने एक व्यापक जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा एक विशेष चिकित्सकीय टीम का गठन भी कर दिया गया है।Ghaghidih Jail

भीड़भाड़ वाले वातावरण में संक्रमण का खतरा

​जिला सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि जेल जैसे बंद और सीमित वातावरण में संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं। विशेषकर टीबी जैसी बीमारी, जो हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती है, जेल परिसर में बड़ा खतरा बन सकती है। इसी सतर्कता के मद्देनजर सभी 1600 बंदियों की चरणबद्ध तरीके से स्क्रीनिंग की जाएगी।1002518072

जांच और इलाज की पुख्ता व्यवस्था

​इस अभियान की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • एक्स-रे सुविधा: सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर जेल परिसर में ही एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • तत्काल उपचार: टीबी के लक्षण पाए जाने पर बंदियों का इलाज तुरंत शुरू किया जाएगा। इसके लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
  • रिम्स रेफरल: जो कैदी गंभीर रूप से बीमार पाए जाएंगे, उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) भेजा जाएगा।
  • साप्ताहिक शिविर: जेल में अब हर सप्ताह स्वास्थ्य शिविर लगेगा, जिसमें जांच के साथ-साथ बंदियों को बीमारी के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।

जेल प्रशासन का सहयोग

​घाघीडीह जेल अधीक्षक ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा है कि जेल प्रशासन स्वास्थ्य टीम को पूरा सहयोग देगा। बंदियों की सूची तैयार कर ली गई है ताकि बिना किसी अव्यवस्था के व्यवस्थित ढंग से जांच प्रक्रिया पूरी की जा सके। अक्सर जागरूकता की कमी के कारण बंदी बीमारी छिपाते हैं, जिसे दूर करने के लिए विशेष काउंसलिंग भी की जाएगी।

क्यों जरूरी है यह कदम?

​विशेषज्ञों के अनुसार, टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। जेल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एक भी संक्रमित व्यक्ति पूरी बैरक के लिए खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग का यह समयोचित निर्णय न केवल कैदियों की जान बचाएगा, बल्कि जेल परिसर के भीतर संक्रमण की श्रृंखला को भी तोड़ेगा।

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।

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झारखंड के युवाओं के लिए बड़ी खबर: उत्पाद सिपाही परीक्षा के एडमिट कार्ड 9 अप्रैल से, JTET के लिए आवेदन 21 अप्रैल से शुरू

रांची/जमशेदपुर: झारखंड के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सोमवार का दिन दो महत्वपूर्ण सूचनाएं लेकर आया। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने जहाँ उत्पाद सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड की तिथि घोषित कर दी है, वहीं झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 का रास्ता भी साफ हो गया है।n70737911717754780912160600110a48344e3fcfa42a5c0fc6cef665f530f563b91f0f076b5ae48eb57264

JTET 2026: शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, 21 अप्रैल से भरें फॉर्म

​झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक पात्रता के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

  • आवेदन की तिथि: ऑनलाइन आवेदन 21 अप्रैल से 21 मई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
  • पुराने अभ्यर्थियों के लिए निर्देश: जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व की विज्ञप्ति (30/2024) के आलोक में आवेदन किया था, उन्हें भी दोबारा आवेदन करना अनिवार्य होगा। हालांकि, इन आवेदकों को कोई नया शुल्क नहीं देना होगा।
  • नियमों में बदलाव: नए आवेदन में अभ्यर्थियों को नियमावली 2026 के अनुसार नई भाषा और अनुसूची-1 के अनुरूप भाषा-2 का चयन करना होगा। योग्यता और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।1002518072

उत्पाद सिपाही भर्ती: 12 अप्रैल को परीक्षा, 9 से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

​झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के अगले चरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसकी लिखित परीक्षा 12 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।

  • एडमिट कार्ड: परीक्षार्थी 9 अप्रैल से आयोग की वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। स्पष्ट किया गया है कि डाक के माध्यम से कोई एडमिट कार्ड नहीं भेजा जाएगा।
  • परीक्षा केंद्र: यह परीक्षा राज्य के 8 जिलों—रांची, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), बोकारो, धनबाद, देवघर और दुमका में आयोजित होगी।
  • शहर की सूचना: अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्र वाले शहर की जानकारी का लिंक वेबसाइट पर पहले ही सक्रिय कर दिया गया है।

प्रशासन की तैयारी तेज

​इन दोनों बड़ी परीक्षाओं को लेकर आयोग और परिषद ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जेएसएससी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा केंद्र की स्थिति जान लें।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

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झारखंड के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी: 11 मई से चलेगी ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’, 6 ज्योतिर्लिंगों के होंगे दर्शन

बोकारो: धार्मिक यात्रा की इच्छा रखने वाले झारखंड के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) एक शानदार अवसर लेकर आया है। आगामी 11 मई से ‘भारत गौरव टूरिस्ट स्पेशल ट्रेन’ का संचालन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को देश के छह प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिरडी धाम के दर्शन कराएगी।n70743955317754773412662439d10db43fcda35c251b77651524a7c0dfc6e78d6e2c32c5ec5003e38931d3

​सोमवार को बोकारो में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान IRCTC रांची के पर्यटन अधिकारी अरविंद चौधरी ने इस विशेष पैकेज की विस्तृत जानकारी साझा की।

12 दिनों की होगी यात्रा, इन प्रमुख स्थलों के होंगे दर्शन

​यह धार्मिक यात्रा 11 रात और 12 दिनों की होगी, जो 11 मई 2026 से शुरू होकर 22 मई तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निम्नलिखित स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा:

  • उज्जैन: महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग।
  • द्वारका: द्वारकाधीश मंदिर और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग।
  • सोमनाथ: सोमनाथ ज्योतिर्लिंग।
  • शिरडी: साईं बाबा धाम।
  • नासिक: त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग।
  • औरंगाबाद: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग।

बोकारो समेत इन स्टेशनों से मिल सकेगी ट्रेन

​ट्रेन का मुख्य संचालन झारसुगुड़ा से होगा। यह ट्रेन झारखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए बोकारो स्टील सिटी पहुंचेगी, जहाँ से स्थानीय यात्री इसमें सवार हो सकेंगे। इसके बाद यह ट्रेन गया, राजगीर, पटना, बक्सर और प्रयागराज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ेगी।1002518072

किफायती दर और विशेष रियायत

​पर्यटन अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत यात्रियों को लगभग 33 प्रतिशत तक की रियायत दी जा रही है। पैकेज की दरें इस प्रकार तय की गई हैं:n70743955317754773919573e90af003d6525f95591b92366aeb48843a89f29157031fe7b4ae153258634a1

श्रेणी (Category)

प्रति यात्री शुल्क (₹)

स्लीपर क्लास

23,315

थर्ड एसी (3AC)

41,570

सेकंड एसी (2AC)

50,410

सुविधाओं का रखा गया है खास ख्याल

​आईआरसीटीसी के अनुसार, यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं:

  • भोजन: प्रतिदिन नाश्ता और दो समय का शुद्ध शाकाहारी भोजन।
  • आवास: प्रमुख तीर्थ स्थलों पर ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था।
  • परिवहन: स्थानीय भ्रमण के लिए बसों/वाहनों की सुविधा।
  • गाइड: दर्शन और जानकारी के लिए अनुभवी गाइड की उपलब्धता।

​मौके पर आईआरसीटीसी के मंटू कुमार व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या रांची/बोकारो स्थित कार्यालयों से बुकिंग करा सकते हैं।

तीसरी धारा न्यूज के लिए बोकारो से रिपोर्ट।

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जमशेदपुर: मानगो में एटीएम ठगों का नया पैंतरा, कार्ड फंसाकर खाते से उड़ाए 11 हजार रुपये

जमशेदपुर: लौह नगरी में एटीएम ठग गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। साइबर अपराधियों ने अब सीधे एटीएम बूथों के भीतर फर्जी हेल्पलाइन नंबरों का जाल बिछाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला मानगो थाना क्षेत्र का है, जहां गुरुद्वारा बस्ती निवासी सुरजीत सिंह ठगी का शिकार बन गए।1775476925160

मदद के नाम पर बिछाया जाल

​जानकारी के अनुसार, पीड़ित सुरजीत सिंह मानगो गोलचक्कर स्थित एसबीआई (SBI) के एटीएम से नकदी निकालने गए थे। जैसे ही उन्होंने अपना कार्ड मशीन में डाला, वह अंदर ही फंस गया। उस वक्त बूथ पर कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। घबराहट में सुरजीत की नजर एटीएम की दीवार पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर पड़ी। उन्होंने उसे आधिकारिक हेल्पलाइन समझकर डायल कर दिया।1002518072

बातों में उलझाकर पेट्रोल पंप बुलाया

​फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का सहायक बताते हुए सुरजीत को भरोसे में लिया। शातिर ठग ने उन्हें बातों में उलझाया और कहा कि तकनीकी सुधार के लिए उन्हें पास के पेट्रोल पंप पर आना होगा। जब सुरजीत वहां पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर वे तुरंत वापस एटीएम पहुंचे, लेकिन तब तक उनका कार्ड गायब हो चुका था।

​हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही मिनटों के भीतर उनके मोबाइल पर 11,000 रुपये की निकासी का मैसेज आ गया।

गार्ड के व्यवहार पर हंगामा

​घटना के बाद जब पीड़ित ने शोर मचाया तो वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच मौके पर पहुंचे सुरक्षा गार्ड का व्यवहार भी संदिग्ध और विवादित रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों ने एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था और बैंक प्रबंधन की लापरवाही पर कड़े सवाल उठाए हैं।

पुलिस की कार्रवाई जारी

​पीड़ित सुरजीत सिंह ने मामले की लिखित शिकायत मानगो थाना में दर्ज करा दी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एटीएम केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।

सावधानी बरतें: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में किसी भी दीवार पर लिखे नंबरों पर भरोसा न करें। कार्ड फंसने की स्थिति में केवल बैंक के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर या सीधे शाखा से संपर्क करें।

 

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।

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झारखंड में जाम छलकाने के बदलेंगे नियम: 1 मई से लागू होगी नई बार नियमावली, रात 12 बजे की पाबंदी होगी खत्म

रांची: झारखंड में बार, रेस्टोरेंट और होटलों में शराब परोसने के शौकीनों और संचालकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 1 मई 2026 से नई नियमावली लागू करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत अब रात 12 बजे तक बार बंद करने की अनिवार्य बाध्यता समाप्त हो जाएगी, जिससे नाइटलाइफ और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।n7072459791775470414366d456b724581688383f8339b4ec1db46b69648f1603421c62011fa30667b888b9

मई से बदल जाएगी व्यवस्था

​उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग वर्तमान में ‘झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026’ के अंतिम प्रारूप पर काम कर रहा है। हालांकि इसे 1 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन खुदरा शराब दुकानों की नियमावली में संशोधनों के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई है। अब इसे अप्रैल के अंत तक अधिसूचित कर दिया जाएगा।1002518072

नई नियमावली की मुख्य बातें:

  • समय सीमा में ढील: 5 सितारा होटलों में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने का प्रावधान किया गया है।
  • क्षेत्रवार नियम: अलग-अलग जिलों के लिए लाइसेंस शुल्क और समय का निर्धारण अलग-अलग होगा।
  • लाइसेंस शुल्क: बार संचालकों को नए लाइसेंस शुल्क और संशोधित नियम-शर्तों का पालन करना होगा।

इन बिंदुओं पर फंसा है पेंच (व्यवसायियों का विरोध)

​नई नियमावली के प्रारूप पर स्टेकहोल्डर्स और बार एसोसिएशन ने कुछ गंभीर आपत्तियां जताई हैं, जिन पर विभाग विचार कर रहा है:

  1. टैक्स की दोहरी मार: एसोसिएशन का कहना है कि जीएसटी (GST) के ऊपर वैट (VAT) लगाना व्यापार के खिलाफ है। इससे शराब की कीमतें बढ़ेंगी और पर्यटन पर बुरा असर पड़ेगा।
  2. लाइसेंस शुल्क में वृद्धि: जमानत राशि और सालाना लाइसेंस फीस में भारी बढ़ोतरी का विरोध किया जा रहा है।
  3. लाइसेंस प्रक्रिया: नियमों को सरल बनाने की मांग की गई है ताकि छोटे व्यापारियों को परेशानी न हो।

विभागीय कार्रवाई और फीडबैक

​विभाग ने पूर्व में ही आम जनता और हितधारकों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त फीडबैक और आपत्तियों पर उच्च स्तरीय अधिकारी मंथन कर रहे हैं। विभाग का लक्ष्य एक ऐसी संतुलित नियमावली तैयार करना है जिससे राजस्व में भी वृद्धि हो और उपभोक्ताओं व पर्यटन क्षेत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

निष्कर्ष: यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 1 मई से झारखंड के बार और क्लब नए रंग-रूप और नए समय के साथ संचालित होते नजर आएंगे।

 

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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चुनावी रण: बंगाल और असम के चुनावों में दिखा ‘झारखंड कनेक्शन’, आमने-सामने आए हेमंत सोरेन और हिमंता बिस्वा सरमा

रांची/कोलकाता: पड़ोसी राज्यों के विधानसभा चुनावों में झारखंड की सियासत का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। चाहे वह असम का चुनाव हो या पश्चिम बंगाल का, झारखंड के दिग्गज नेता अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जहां अपनी सरकार के मंत्रियों के साथ कैंप कर रहे हैं, वहीं भाजपा ने भी अपने स्टार प्रचारकों की पूरी फौज मैदान में उतार दी है। यूn70740662317754700882866866ddbf8665dbfececa57f63feff248f5d3ed47e33d58a5ba6075297a38900d

असम में ‘आदिवासी कार्ड’ बनाम ‘झारखंड मॉडल’

​असम के चुनावी मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आदिवासी समाज के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए 15 दिनों तक सघन अभियान चलाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद वहां मोर्चा संभाले रहे।

  • भाजपा का प्रहार: झामुमो के कैंप के जवाब में झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुवाहाटी, जोरहाट और दिसपुर में सभाएं कीं। उन्होंने अपनी जनसभाओं में झारखंड की गठबंधन सरकार की विफलताओं को गिनाया।
  • हिमंता का पलटवार: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सीधे तौर पर हेमंत सोरेन को घेरते हुए कहा कि उन्हें दूसरों के राज्य में आने से पहले अपने राज्य (झारखंड) के विकास की स्थिति देखनी चाहिए।

बंगाल में झारखंड भाजपा का ‘महाजुटान’

​पश्चिम बंगाल के चुनावों में भाजपा ने झारखंड के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य के 100 से अधिक नेता और कार्यकर्ता पिछले तीन महीनों से बंगाल में सक्रिय हैं।1002518072

  • स्टार प्रचारकों की तिकड़ी: भाजपा की 40 स्टार प्रचारकों की सूची में झारखंड से तीन बड़े चेहरे शामिल हैं— अन्नपूर्णा देवी, बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा।
  • हेल्पसेंटर की भूमिका: चुनाव प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए भाजपा ने रांची, धनबाद और दुमका में विशेष हेल्पसेंटर भी बनाए हैं।
  • जमीनी स्तर पर सक्रियता: झारखंड भाजपा के उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, पूर्व विधायक अनंत ओझा और सत्यानंद झा बाटुल जैसे नेता महीनों से वहां कैंप कर रहे हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा का ‘झारखंड अनुभव’ आ रहा काम

​झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बतौर सह-प्रभारी करीब तीन महीने यहां बिताए थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

सीधा कनेक्शन: हिमंता को झारखंड के कई कार्यकर्ताओं के नाम तक याद हैं। यही वजह है कि जब झारखंड के भाजपा कार्यकर्ता असम या बंगाल में प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन्हें हिमंता के साथ सीधे समन्वय का बड़ा लाभ मिल रहा है।

 

निष्कर्ष

​साफ है कि झारखंड की राजनीति अब केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रही। आदिवासियों के मुद्दे और पड़ोसी राज्यों की भौगोलिक निकटता ने झारखंड के नेताओं को बंगाल और असम के चुनावों में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में ला खड़ा किया है।

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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पतरातू में हाई-वोल्टेज ड्रामा: हेसला आवासीय परिसर खाली कराने पहुंची टीम का भारी विरोध, सड़कों पर उतरे लोग

पतरातू (रामगढ़): झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में सोमवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब पीटीपीएस (PTPS) की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। प्रशासन द्वारा 6 अप्रैल (सोमवार) को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में स्थानीय निवासी सड़कों और गलियों में उतर आए।n707417428177546995448741d7f8146782a8718dd83cd657e8bac50db5e086474f1de24d85c18525bfc357

पटेल चौक बना आंदोलन का केंद्र

​जैसे ही बेदखली की आहट हुई, कॉलोनी के निवासी अपने घरों से निकलकर मुख्य स्थल पटेल चौक पर जमा हो गए। प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दो-टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियाने खाली नहीं करेंगे।1002518072

क्यों शुरू हुआ यह विवाद? (जमीन का गणित)

​विवाद की जड़ पीटीपीएस पावर प्लांट के बंद होने के बाद जमीन का हस्तांतरण है:

  • जियाडा को हस्तांतरण: पावर प्लांट बंद होने के बाद सरकार ने यह जमीन जियाडा (झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को सौंप दी थी।
  • निजी कंपनियों को आवंटन: जियाडा ने इस भूमि को विभिन्न निजी कंपनियों को उद्योग लगाने के लिए आवंटित कर दिया है।
  • बेदखली की कोशिश: इसी आवंटन के आधार पर प्रशासन लंबे समय से इन आवासों को खाली कराने का प्रयास कर रहा है।

कोर्ट का स्टे या प्रशासनिक आदेश? भ्रम बरकरार

​इस पूरे मामले में कानूनी दांव-पेंच को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं:

  • निवासियों का पक्ष: स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और अदालत ने फिलहाल किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक (Stay) लगा दी है।
  • प्रशासन का पक्ष: अंचल अधिकारी का कहना है कि प्रशासन को अभी तक अदालत की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक ‘स्थगन आदेश’ प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए वे नियमानुसार जमीन खाली कराने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

टकराव की आशंका, प्रशासन अलर्ट

​समाचार लिखे जाने तक हालांकि कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, लेकिन पटेल चौक पर ग्रामीणों का हुजूम डटा हुआ है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती और किसी भी संभावित टकराव को देखते हुए स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीण एकजुट होकर किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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रामगढ़: झारखंड इस्पात प्लांट में भीषण ब्लास्ट, 9 मजदूर झुलसे; 7 की हालत बेहद नाजुक

रामगढ़/हेसला: झारखंड के रामगढ़ जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। हेसला स्थित ‘झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड’ में सोमवार तड़के फर्नेस फटने से एक भीषण विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात 9 मजदूर आग और पिघले हुए लोहे की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों में से 7 मजदूरों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है।n70741534817754696253799d6fd9526d20016546779e72568e2ff0ed926f0a37824068dc2982f60eae35a3

तड़के 4 बजे धमाके से दहला इलाका

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 4:00 बजे जब प्लांट में सामान्य रूप से काम चल रहा था, तभी अचानक फर्नेस में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। फर्नेस के पास काम कर रहे मजदूर गर्म पिघले लोहे और आग की लपटों की सीधी चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई और उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया।1002518072

7 मजदूर 90% तक झुलसे, रांची रेफर

​हादसे के फौरन बाद सभी 9 घायलों को रांची रोड स्थित ‘द होप हॉस्पिटल’ ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक:

  • गंभीर स्थिति: 7 मजदूर 60 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं।
  • बेहतर इलाज: प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को रांची के देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
  • घायलों की पहचान: झुलसे मजदूरों में अखिल राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, पंडित जी (राजू झा), छोटू साव और सुरेश बेदिया शामिल हैं।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, जांच शुरू

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई: प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही प्रबंधन को घायलों के समुचित इलाज का सख्त निर्देश दिया गया है।

 

स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश

​इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और मजदूर संगठनों में प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष है। लोगों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण निर्दोष मजदूरों की जान जोखिम में पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और घायलों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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बिहार को बड़ी सौगात: जून तक शुरू होगा मोकामा का नया डबल ट्रैक रेल पुल, खत्म होगा बरौनी का ‘जाम’

मोकामा/बरौनी: बिहार में उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा कहे जाने वाले मोकामा के राजेंद्र सेतु को अब एक नया साथी मिलने जा रहा है। राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा नया डबल ट्रैक रेल पुल अब अपने अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि मई या जून 2026 तक इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह शुरू हो जाएगा।n7073738751775469352253b805dfb2b9679a02d2f9bcd1da47a8e6a50a351324c8a69beadd6e51f1f785f2


110 किमी की रफ्तार और घंटों की बचत

​मोकामा-बरौनी रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक पुराने राजेंद्र सेतु पर अत्यधिक दबाव के कारण ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ा रहना पड़ता था।

  • लागत: करीब 1700 करोड़ रुपये।
  • लंबाई: मुख्य पुल 1.86 किलोमीटर (एप्रोच रोड सहित कुल 14 किमी)।
  • रफ्तार: पुल चालू होते ही ट्रेनों की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी।

निर्माण कार्य: पटरियां तैयार, बिजली का काम अंतिम चरण में

​प्रोजेक्ट का सिविल स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है और पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। वर्तमान में सुरक्षा की दृष्टि से पटरियों का बारीक निरीक्षण किया जा रहा है। पुल पर बिजली के पोल लगाए जा चुके हैं और हाई-टेंशन तारों को बिछाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।1002518072

अगला कदम: बिजली का काम पूरा होते ही कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा फाइनल निरीक्षण किया जाएगा। उनकी हरी झंडी मिलते ही जून 2026 तक इस रूट पर ट्रेनों की सीटियां गूंजने लगेंगी।

 

व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई ऊंचाई

​इस डबल रेल लाइन के शुरू होने से न केवल एक्सप्रेस ट्रेनों का सफर आसान होगा, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से बिहार के व्यापारिक रूट को भी नई गति मिलेगी। यात्रियों को अब ट्रेनों की ‘कछुआ चाल’ और घंटों के इंतजार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

​गंगा पर बना यह आधुनिक पुल न केवल बिहार की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा, बल्कि राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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