जमशेदपुर : भगत सिंह के शहादत दिवस पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री चंचल भाटिया ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के बलिदान को भुला नहीं जा सकता है। शहीदों में अग्रणी श्रेणी में भगत सिंह को इसलिए रखा गया है क्योंकि उनके विचारों में देशप्रेम, मानवता को पूर्ण देखा जाता रहा है। देश की आज़ादी के लिए छोटी सी उम्र में हंसते हंसते फाँसी पर चढ़ जाना कोई आम इंसान नहीं एक महान व्यक्ति ही कर सकता है।
चंचल भाटिया ने कहा कि आजादी के बाद से भगत सिंह के इतिहास को मिटाने या दबाने की जो कोशिश की गई वह पूर्ण रूप असफल हुई क्योंकि भगत सिंह किताबों के पन्नों से ज्यादा लोगों के दिल और जेहन में बसते हैं। श्री भाटिया ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि भगत सिंह के सोच, उनके विचार, उनकी दूरदर्शिता को युवा जाने समझे और आत्मसात करें तो भगत सिंह के सपनों का देश बनने में भारत को समय नहीं लगेगा।
जमशेदपुर : पूंजीपतियों द्वारा अपने कर्मचारियों का शोषण करना कई जमाने से होता आ रहा है, बदलते जमाने में परिस्थितियां बदली भी है और पूंजीपति समाज की सोच भी, लेकिन 21वीं सदी में भी कुछ ऐसे पूंजीपति वर्ग मौजूद है जो अपने कर्मचारी का शोषण करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसा ही मामला एक नामी रेस्टोरेंट का आया है, जहाँ कर्मचारी के काम छोड़ने के बाद उनका बकाया वेतन देने से इनकार कर दिया गया।
यह मामला जमशेदपुर के भालूबासा में स्थित ए. जे. फ्यूज़न रेस्ट्रोरेंट का है। जहाँ कैशियर का काम कर रहे रितेश कुमार को काम छोड़ने के बाद उन्हें लगभग 15 दिनों का वेतन नहीं दिया गया। बकौल रितेश कुमार वह दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में वहाँ जॉइन हुए और उन्हें जनवरी माह में 7 दिन का वेतन दिया गया एवं जनवरी के वेतन भी उन्हें पूरा दिया गया, लेकिन फरवरी माह का वेतन में कटौती की गई और यह कहा गया कि आपका समय 2 बजे से होता है लेकिन आप 2:30 बजे आते हैं जबकि शुरू दिन से ही उनकी बात दोपहर 2:30 से रात्रि 11:00 बजे तक की हुई थी। इसके बावजूद ग्राहक होने की वजह से वह कभी रात्रि 12:30 बजे तक भी रुक जाते थे। इसके बावजूद उनके वेतन में कटौती की गई। जिस कारण उन्होंने काम छोड़ने का फैसला किया और अपना फुल एन्ड फाइनल सेटलमेंट करने को कहा जिस पर वहाँ के एकाउंटेंट ने जवाब दिया कि और कोई पैसा नहीं मिलेगा क्योंकि काम आप छोड़ रहे हैं मैं नहीं हटा रही हूँ।
मामले की जानकारी मिलने पर “तीसरी धारा न्यूज़” ने रेस्ट्रोरेंट के एकाउंटेंट से सम्पर्क साध कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन एकाउंटेंट ने अपने उच्च अधिकारी से समय लेकर बात कराने का कह कर इसे टाल दिया। इसके उपरांत रितेश कुमार को मैसेज के जरिये शुक्रवार को आकर अपना पैसा ले जाने की बात कही गयी।
शुक्रवार को रितेश कुमार के पहुंचने के बाद उन्होंने उनके काम जॉइन करने से लेकर काम छोड़ने के दौरान तक जो भोजन उन्हें दिया गया उसका पैसा काट कर तकरीबन 1400 रुपये उन्हें दिए जा रहे थे। जिसे लेने से उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जॉइनिंग के वक़्त उन्हें खाना के पैसे कटेंगे यह नहीं बताया गया था और यदि काटना ही था तो शुरू के महीने से ही काटना चाहिए था। रितेश कुमार ने यह भी कहा कि उन्हें यदि यह कहा जाता कि दिए जा रहे भोजन का पैसा कटेगा तो वह कभी भोजन वहाँ करते ही नहीं।
अब सवाल यह उठता है कि होटल या रेस्टोरेंट में कार्य करने वाले कर्मचारियों का भोजन की व्यवस्था उनके द्वारा ही की जाती है और यदि इस नामी रेस्ट्रोरेंट में यह प्रावधान नहीं है तो उन्होंने इसे पहले क्यों नहीं बताया। क्या यह एक जरिया है काम छोड़ कर जाने वाले को रोकने या उनकी मजबूरियों का फायदा उठाने का ? आखिर कब तक ऐसे पूंजीपति अपने कर्मचारियों का हक़ मारते रहेंगे और उनकी मजबूरियों का फायदा उठाते रहेंगे।
तीसरी धारा न्यूज़ इस मामले से जुड़े चैट की तस्वीर, कॉल एवं वॉइस रिकॉर्डिंग और वीडियो संकलित करने में लगी है, जल्द ही सारे सबूत जनता के समक्ष होंगे।
जमशेदपुर : शहीद ए आज़म भगत सिंह के शहादत दिवस पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंदर सिंह रिंकू ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर याद करते हुए कहा कि भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के बलिदान के हम भारतवासी ऋणी है। जिस उम्र में हम अपने बारे में सोचने में मशगूल होते हैं ऐसी कच्ची उम्र में ये वीर सपूतों ने देश प्रेम में मातृभूमि की खातिर अपने प्राणों की आहुति दे दी।
रविंदर सिंह ने बताया कि भगत सिंह ने कहा था कि उनके शरीर को मारा जा सकता है लेकिन विचारों को नहीं और यही कारण है आज देश का एक व्यक्ति भी उनके विचारों से असहमत नहीं मिलेगा। उनके विचार देश, देश की जनता, गरीबों के प्रति अलग ही थे। उन्होंने कभी धर्म, जाति की बात नहीं कही। उन्होंने जब भी कहा देश, देशवासी और मानवता की बात कही और यही कारण है कि उन्हें शहीद ए आज़म कहा जाता है। सुखदेव, भगत सिंह और राजगुरु जैसे पुण्य आत्मा के चरणों पर मेरा कोटि कोटि नमन है।
जमशेदपुर : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने जिला प्रशासन एवं पुलिस पदाधिकारियों से आग्रह कि है की धातकीडीह तालाब के इर्द-गिर्द सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। जिससे गरीब लाल के मृत्यु एवं पूर्व में धातकीडीह बस्ती के मुखिया सुरेश मुखी एवं एक धातकीडीह की महिला के भी डुबकर मृत्यु का रहस्य का उद्भेदन अब तक नहीं हो पाया है, लेकिन आगे इस तरह की घटना घटित न हो और यदि दुर्भाग्यवश कोई घटना घटित होती है तो उसका उद्भेदन हो सके।इस तरह के मृत्यु पर विराम लगाने के लिए कमरकस कर प्रशासन को जांच करनी चाहिए। इस मामले का सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जांच पड़ताल की जानी चाहिए।
जमशेदपुर : छत्रपति शिवाजी सेना के अध्यक्ष मनीष कुमार प्रसाद ने शहीद दिवस पर भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव जी के पुण्यतिथि में उन्हें याद कर बताया कि ये तीनों भारत के वे सच्चे सपूत थे, जिन्होंने अपनी देशभक्ति और देशप्रेम को अपने प्राणों से भी अधिक महत्व दिया और मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर कर गए। 23 मार्च यानि, देश के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्यौछावर करने वाले तीन वीर सपूतों का शहीद दिवस।
यह दिवस न केवल देश के प्रति सम्मान और हिंदुस्तानी होने के गौरव का अनुभव कराता है, बल्कि वीर सपूतों के बलिदान को भीगे मन से श्रृद्धांजलि देता है। उन अमर क्रांतिकारियों के बारे में आम मनुष्य की वैचारिक टिप्पणी का कोई अर्थ नहीं है। उनके उज्ज्वल चरित्रों को बस याद किया जा सकता है कि ऐसे मानव भी इस दुनिया में हुए थे, जिनके आचरण किंवदंति थी। इन तीनों अमर बलिदानीयों ने अपने अति संक्षिप्त जीवन में वैचारिक क्रांति की जो मशाल जलाई, उनके बाद अब किसी के लिए संभव न होगी, इनकी कुर्बानियों को नमन है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाजसेवी बच्चे लाल भगत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आज अपराह्न 1:30 बजे उपायुक्त कार्यालय में जमशेदपुर के नए एवं वर्तमान पूर्वी सिंहभूम के माननीय उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल के जमशेदपुर में योगदान देने के उपलक्ष्य पुष्पगुच्छ देते हुए उनका स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया। प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से श्री बच्चे लाल भगत, श्रीमती पद्मिनी हांसदा, श्री राजेश कुमार, मंजू, शामिल रहे।
जमशेदपुर : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षारंगी के कल झामुमो में शामिल होने की खबर आने बाद उन्होंने “तीसरी धारा न्यूज़” से बात करते हुए इस बात का पूर्ण रूप से खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध यह एक भ्रामक प्रचार है। जिसे एक साजिश के तहत प्रचार प्रसार किया जा रहा है। मैं पूरी तरह से भाजपा में हूँ और मैं मोदी का परिवार हूँ। उन्होंने मीडिया से भी कहा है कि उनके बारे में यदि कोई समाचार किसी सूत्र के जरिये से आता है तो उसकी सत्यता के लिए मीडिया एक बार उनसे संपर्क जरूर करें।
कुणाल के विरुद्ध भ्रामक दुष्प्रचार – अंकित आनन्द
कुणाल षारंगी के झामुमो में जाने के संदर्भ में भाजपा नेता अंकित आनंद ने अपने ट्वीटर हैंडल के जरिये इसे भ्रामक दुष्प्रचार बताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि “साजिश के सूत्रधारों को ये मालूम होनी चाहिए कि कुणाल का अर्थ कमल होता है. कुणाल षारंगी अपने वास्तविक दल में है. पहले राज पालीवाल और अब कुणाल के विरुद्ध भ्रामक दुष्प्रचार. आख़िर ब्राह्मण ही निशाने पर क्यों? साजिश के पीछे कौन? अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।”
शाजिश के सूत्रधारों को ये मालूम होनी चाहिए कि कुणाल का अर्थ कमल होता है. @KunalSarangi अपने वास्तविक दल में है. पहले राज पालीवाल और अब कुणाल के विरुद्ध भ्रामक दुष्प्रचार. आख़िर ब्राह्मण ही निशाने पर क्यों? साजिश के पीछे कौन? अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा 🚩 https://t.co/Kx0ZcZiFCi
राँची : कांके थाना क्षेत्र स्थित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एक छात्र की मौत के बाद भारी हंगामा हुआ. यह घटना शनिवार की देर रात हुई है. जहां एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के छात्र की हार्ट अटैक के मौत के उसके साथी छात्रों ने हंगामा किया. छात्रों का आरोप है कि समय पर एम्बुलेंस नहीं मिला, जिससे तड़पते-तड़पते छात्र रूपेश कुमार की जान चली गई.
छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन को सूचना देने के बाद भी तीन घंटे लेट से पहुंचे. इस घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश है. छात्रों का कहना है कि इतने बड़े कैंपस में कोई सुविधा नहीं है. एंबुलेंस भी नहीं है और ना रात में डॉक्टर और ना ही प्रबंधन को इसकी कोई ध्यान है. दरअसल एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के छात्र रूपेश कुमार की मौत हार्ट अटैक से हो गई. बताया जा रहा है कि रूपेश कुमार को जब हार्ट अटैक का दौरा पड़ा, तब प्रबंधन एवं एंबुलेंस दोनों को सूचना दी गई, लेकिन दोनों समय पर नहीं पहुंचे.
एंबुलेंस तकरीबन तीन घंटे बाद पहुंचा, तब तक रूपेश कुमार की मौत हो चुकी थी. वहीं प्रबंधन रूपेश कुमार की मौत होने के दो घंटे बाद पहुंचे. छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला, छात्र प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, छात्रों का कहना है कि इतने बड़े कैंपस में एक एंबुलेंस तक नहीं है ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल समझ जा सकता है. वहीं उन्होंने छात्रों से कहा कि डीन को सबसे पहले सूचना दी गई थी, समय रहते अगर रूपेश कुमार का इलाज हो जाता तो आज उसकी जान बच जाती. ऐसे में सभी छात्र डरे हुए हैं, उनका कहना है कि अगर उनकी तबीयत बिगड़ जाए तो वह क्या करेंगे. भगवान भरोसे इतना बड़ा विश्वविद्यालय चल रहा है.
राँची : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से सात मार्च को दो बहनें लापता हो गईं. दोनों को खोजते हुए उनके परिजन रांची पहुंचे है. दोनों का अंतिम लोकेशन रांची रेलवे स्टेशन बताया जा रहा है. परिजनों को आशंका है कि दोनों लापता बहनें रांची में ही कहीं हैं.
चुटिया थाना में परिजनों ने दोनों के बारे में जानकारी दी है. परिजनों के अनुसार, घर जाने के रास्ते से दोनों गायब हुई थी. साथ ही परिजनों का कहना है कि दोनों रांची रेलवे स्टेशन में लगे सीसीटीवी में 8 मार्च देखी गयी हैं. परिजनों ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि दोनों के बारे में किन्हीं को जानकारी मिले तो इस नम्बर पर 8670611530 या स्थानीय थाना को सूचित करें.
जमशेदपुर : भाजपा नेता विकास सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता लोगों के भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। विकास सिंह ने कहा कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गोपाल मैदान में मानगो में प्रस्तावित फ्लाई ओवर एवं बस टर्मिनल का शिलान्यास किया था, इसके साथ ही मंत्री ने आजाद नगर के मुर्दा मैदान में 100 बेड का अस्पताल बनाने और गांधी मैदान में स्टेडियम बनाने की बात कही थी।
पूरे डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद किसी प्रकार के काम की शुरुआत कही गई उपरोक्त योजनाओं में नहीं की गई। उपरोक्त योजनाएं केवल अखबार की सुर्खियां और मंत्री के भाषण में लोक लुभाने वाली बातें बन कर रह गई हैं। भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा मानगों में बनने वाला फ्लाई ओवर जगह कम रहने के कारण जबरदस्ती बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका दुष्परिणाम यह है की मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने तीन बार भूमि पूजन के कार्यक्रम को टाल दिया क्योंकि वह अच्छी तरह जानते हैं फ्लाई ओवर का निर्माण पूर्ण रूप से जगह के अभाव में संभव नहीं हो सकता।
भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा मानगो की जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मरीन ड्राइव के मुहाने जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगी है वहां से एक फ्लाई ओवर अगर लिट्टी चौक तक बना दिया जाएगा तो मानगों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी और सरकार की मोटी रकम का बचत भी होगा। लंबा चौड़ा लिफाफा मंत्री ने बनवाने का प्रयास किया जिसके कारण योजना खटाई में पड़ते दिख रही है। भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा तीन बार हीरा होटल मैदान में मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के संदर्भ हेतु बनाए गए पंडाल बनते और खुलते रहे जो एक भद्दा मजाक मानगो की जनता के लिए रहा। जिसे उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में आम लोगों के बीच शेयर करने का काम किया था, जिससे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता बौखला गए और उन्होंने आनन फानन में केवल खाना पूर्ति करने के लिए संवेदक और अभियंताओं को बोलकर काम में हरकत लाते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करने का काम किया है, लेकिन जमीनी असलियत कुछ और ही है।
विकास सिंह ने कहा बस टर्मिनल के शिलान्यास किए हुए डेढ़ वर्ष हो गए अभी तक कुछ भी कार्य प्रस्तावित स्थान में आरंभ नहीं हुआ है। मंत्री को आगे आकर बताना चाहिए आखिर बस टर्मिनल का मामला क्यों ठंडे अवस्था में पड़ा हुआ है। मुर्दा मैदान में बनने वाला 100 बेड का अस्पताल का क्या, गांधी मैदान में बनने वाला स्टेडियम का क्या हुआ इसकी भी स्थिति स्वास्थ्य मंत्री को स्पष्ट करनी चाहिए। विकास सिंह ने कहा स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता अपने साढ़े चार वर्षो का कार्यकाल केवल नाबालिक के बलात्कार के आरोपी अपने भाई गुड्डू गुप्ता को जेल जानें से बचाने में बीता है जनता का उन्होंने कुछ भी काम नहीं किया हैं।