एक नई सोच, एक नई धारा

1002382376
तीसरी धारा न्यूज: चुनावी दंगल

रांची नगर निगम चुनाव: एक तरफ शादी और बीमारी के बहाने ‘ड्यूटी’ से दूरी, दूसरी तरफ वार्डों में ‘आधी आबादी’ की बुलंद आवाज

रांची | मुख्य संवाददाता

रांची नगर निगम चुनाव की रणभेरी बजते ही शहर में दो अलग-अलग तस्वीरें उभर रही हैं। एक ओर जिला प्रशासन चुनावी ड्यूटी के लिए 5500 कर्मियों को साधने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर शहर की गलियों में विकास और बदलाव की बयार बह रही है।

1002382376

कार्मिक कोषांग में आवेदनों की बाढ़: “साहब! शादी है, पैर में दर्द है”

​प्रशासनिक गलियारों में चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए कर्मियों ने अजीबो-गरीब दलीलें दी हैं। कार्मिक कोषांग के पास आए आवेदनों में स्वास्थ्य और निजी कारणों की भरमार है:

  • मेडिकल बहाने: सबसे ज्यादा आवेदन ऑर्थोपेडिक (हड्डी) समस्याओं के हैं। गठिया और जोड़ों के दर्द का हवाला देकर ड्यूटी से छूट मांगी गई है। इसके अलावा न्यूरो और हार्ट पेशेंट होने के दावे भी किए गए हैं।
  • शादी का सीजन: कई कर्मियों ने अपनी स्वयं की शादी का कार्ड संलग्न कर चुनावी जिम्मेदारी से मुक्ति मांगी है।
  • परीक्षा ड्यूटी: लगभग 1000 कर्मियों को परीक्षा ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर छूट दे दी है।

​प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त बैकअप बल मौजूद है और गंभीर मामलों की जांच के बाद ही राहत दी जा रही है।

वार्डों में ‘विमर्श’ और ‘भितरघात’ का डर

​शहर के सभी 53 वार्डों में माहौल गरमा गया है। महापौर (मेयर) पद के प्रत्याशी हर वार्ड में अपना मजबूत आधार तलाश रहे हैं।

  • गुप्त बैठकें: प्रत्याशी अब रणनीतिक हो गए हैं। दिनभर जनसंपर्क के बाद रातों को ‘भितरघातियों’ से बचने के लिए गुप्त बैठकें की जा रही हैं। विश्वसनीय साथियों के साथ वोटों के समीकरणों और आंकड़ों पर चर्चा हो रही है।
  • रणनीति: कई उम्मीदवारों ने संदिग्ध समर्थकों से दूरी बना ली है ताकि उनकी गोपनीय कार्ययोजना लीक न हो।

महिलाओं का संकल्प: “पिछलग्गू नहीं, लीडर बनें”

​इस बार वार्ड पार्षदों की रेस में महिला प्रत्याशियों का दबदबा दिख रहा है। वार्ड की युवतियों और महिलाओं के बीच एक स्पष्ट संदेश है:

“नई पार्षद सिर्फ पुरुषों के पीछे चलने वाली (पिछलग्गू) न हों। वे खुद निर्णय लें, मोहल्ले की समस्याओं पर स्टैंड लें और महिलाओं की आवाज बनकर मिसाल कायम करें।”

1002382369
तीसरी धारा न्यूज: अभेद्य होगी कोर्ट की सुरक्षा

जमशेदपुर कोर्ट अब ‘नो पास, नो एंट्री’: हाईकोर्ट के आदेश पर लागू हुआ डिजिटल सुरक्षा कवच; उपेंद्र सिंह हत्याकांड जैसी घटनाओं पर लगेगा अंकुश

जमशेदपुर | विधि संवाददाता

झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब राज्य के न्यायालय परिसरों को छावनी में बदलने और तकनीक से लैस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जमशेदपुर कोर्ट अब आम लोगों के लिए ‘अभेद्य’ होगा। अब बिना डिजिटल पास के परिसर में परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम (VMS) को धरातल पर उतारा जा रहा है।

1002382369

जैक-आईटी का ‘आरएफआईडी’ कवच

​यह आधुनिक प्रणाली जैप-आईटी (JAP-IT) की टीम द्वारा विकसित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को दो स्तरों पर बांटा गया है:

  1. अधिवक्ता एवं कर्मचारी: कोर्ट आने वाले वकीलों, न्यायिक कर्मियों और स्टाफ के लिए आरएफआईडी (RFID) कार्ड जारी किए जाएंगे। इस कार्ड को स्कैन करते ही गेट स्वतः खुल जाएगा।
  2. आम नागरिक: मुवक्किलों और आम लोगों के लिए ई-पास अनिवार्य होगा। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा रहा है, जहाँ केस की जानकारी देकर पास लिया जा सकेगा।

प्रथम चरण में जमशेदपुर समेत 5 जिले शामिल

​हाईकोर्ट ने पहले चरण में राज्य के पांच संवेदनशील और बड़े जिलों का चयन किया है:

  • ​रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग और देवघर। इन जिलों में सफलता मिलने के बाद इसे पूरे झारखंड में लागू किया जाएगा।

क्यों पड़ी इस कड़े सिस्टम की जरूरत?

​जमशेदपुर कोर्ट परिसर पूर्व में कई रक्तरंजित और डरावनी घटनाओं का गवाह रहा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे:

  • 30 नवंबर 2016: गैंगस्टर उपेंद्र सिंह की बार एसोसिएशन भवन में 14 राउंड फायरिंग कर सरेआम हत्या कर दी गई थी।
  • 28 जनवरी 2023: कुख्यात अखिलेश सिंह गिरोह का गुर्गा अंशु चौहान लोडेड पिस्तौल के साथ परिसर के भीतर पकड़ा गया था।

VMS से क्या बदलेगा?

  • डिजिटल रिकॉर्ड: हर व्यक्ति का प्रवेश और निकास समय सर्वर पर दर्ज होगा।
  • भीड़ पर नियंत्रण: अनावश्यक घूमने वाले और संदिग्ध तत्वों की पहचान आसान होगी।
  • त्वरित निगरानी: सुरक्षा एजेंसियां एक क्लिक पर जान सकेंगी कि वर्तमान में कोर्ट के अंदर कितने और कौन लोग मौजूद हैं।
Tata Steel UISL
जमशेदपुर में ‘नल से जल’ का बड़ा अभियान: टाटा स्टील UISL देगी 12,000 नए कनेक्शन, एक लाख का लक्ष्य

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के बस्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। टाटा स्टील और टाटा स्टील यूआइएसएल (पूर्व में जुस्को) शहर में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने की योजना को गति दे रही है। कंपनी ने वर्तमान में 12,000 नए कनेक्शन देने के लिए पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार कर लिया है।

Tata Steel UISL

इन बस्तियों के निवासियों को मिलेगा लाभ

​शहर के पूर्वी और पश्चिमी दोनों विधानसभा क्षेत्रों की प्रमुख बस्तियों में इस सेवा का विस्तार किया जाएगा। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:

  • पूर्वी जमशेदपुर: सिदगोड़ा (10 नंबर बस्ती), लाल भट्ठा, बाबूडीह, जोजोबेड़ा कॉलोनी, महानंद बस्ती, गोलमुरी नामदा बस्ती और रिफ्यूजी कॉलोनी।
  • पश्चिमी जमशेदपुर: सोनारी (रुप नगर, निर्मल नगर, कपाली बस्ती) और कदमा (ग्रीन पार्क एरिया)।

81 हजार से 1 लाख तक का सफर

​टाटा स्टील यूआइएसएल का लक्ष्य वित्तीय वर्ष के अंत तक कंपनी क्वार्टरों के अलावा निजी कनेक्शनों की संख्या एक लाख तक पहुँचाने का है। वर्तमान में यह संख्या 81 हजार है।

ऑटोमेशन और मोहरदा फेज-2 से मिलेगी मजबूती

​पानी की सप्लाई को समयबद्ध और स्मार्ट बनाने के लिए कंपनी तकनीकी बदलाव कर रही है:

  1. वाटर टावर ऑटोमेशन: सेंट्रल और सोनारी वाटर टावर का ऑटोमेशन पूरा हो चुका है, जिससे सप्लाई की निरंतरता बनी रहेगी।
  2. मोहरदा जलापूर्ति: यहाँ पहले ही 12,500 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अब ‘मोहरदा फेज-2’ के तहत 1500 अतिरिक्त कनेक्शन देने की तैयारी है।
  3. 91% कवरेज: भुइयांडीह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मदद से शहर के 91 फीसदी हिस्से को पेयजल कवरेज के दायरे में लाने का लक्ष्य है।

सीवरेज सिस्टम में भी सुधार

​पीने के पानी के साथ-साथ शहर के सीवरेज सिस्टम को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। जमशेदपुर में अब सीवरेज कवरेज 91% तक पहुँच गया है। इसके लिए:

  • ​6 नए सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
  • ​एक पैकेज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और सेप्टिक टैंक सफाई सेवाओं का विस्तार किया गया है।

कंपनी की अपील: आवेदन करें और उठाएं लाभ

​अधिकारियों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बावजूद लोग कनेक्शन लेने में कम रुचि दिखा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिन बस्तियों में नेटवर्क बिछ चुका है, वहां के लोग सिर्फ आवेदन देकर तुरंत कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु: > * वर्तमान नेटवर्क: 12,000 कनेक्शन के लिए तैयार।

  • आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक निवासी टाटा स्टील यूआइएसएल के कार्यालय या पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
1002368803
कैरव किडनैपिंग केस: मास्टरमाइंड ‘तेजा’ का खौफनाक इतिहास, जेल में बना था अंतरराज्यीय सिंडिकेट का प्लान

जमशेदपुर/लुधियाना: युवा उद्यमी कैरव के अपहरण ने एक ऐसे अपराधी के चेहरे से नकाब हटा दिया है, जो पंजाब से लेकर झारखंड तक अपनी दहशत फैलाने की फिराक में था। इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार तेजिंदरपाल सिंह उर्फ तेजा (निवासी कोटमाना, जगराव) कोई छोटा अपराधी नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल किडनैपिंग सिंडिकेट का सरगना है, जिसका नेटवर्क जेल की सलाखों के पीछे से संचालित होता था।

1002368803

पंजाब का मोस्ट वांटेड ‘प्रोफेशनल किडनैपर’

​तेजिंदरपाल का आपराधिक रिकॉर्ड पंजाब पुलिस की फाइलों में बेहद काला है। उस पर फिरौती के लिए अपहरण, हत्या के प्रयास और लूट के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

  • डॉक्टर के बेटे का अपहरण: लुधियाना के एक नामचीन डॉक्टर के बेटे का अपहरण कर करोड़ों की फिरौती मांगना उसका अब तक का सबसे चर्चित जुर्म रहा है।
  • उद्योगपतियों पर निशाना: वह जगराव और मोगा के कई बड़े औद्योगिक घरानों के सदस्यों के अपहरण की साजिश रचने का मुख्य आरोपी रहा है।

लुधियाना जेल: जहाँ बुना गया अपराध का नया ताना-बाना

​पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तेजिंदरपाल ने लुधियाना सेंट्रल जेल को ही अपना ‘कमांड सेंटर’ बना लिया था।

  • नेटवर्क बिल्डिंग: जेल के भीतर उसने दूसरे राज्यों के अपराधियों और तकनीकी विशेषज्ञों से हाथ मिलाया।
  • जमशेदपुर कनेक्शन: जेल से छूटने के बाद उसने झारखंड का रुख किया और कैरव के अपहरण के लिए स्थानीय अपराधियों का एक ‘स्लीपर सेल’ तैयार किया।

हाई-टेक अपराधी: तकनीक और हथियारों का घातक मेल

​तेजा केवल ताकत के दम पर नहीं, बल्कि दिमाग और तकनीक के सहारे वार करता है। पुलिस को चकमा देने में वह माहिर है:

  • डिजिटल फुटप्रिंट: पुलिस ट्रैकिंग से बचने के लिए वह वर्चुअल नंबर और एन्क्रिप्टेड एप्स का इस्तेमाल करता है।
  • विदेशी हथियार: उसके पास से पहले भी प्रतिबंधित विदेशी हथियार बरामद हो चुके हैं, जो उसके अंतरराष्ट्रीय आर्म्स स्मगलिंग लिंक की ओर इशारा करते हैं।
  • रेकी की कला: कैरव कांड में भी यह बात सामने आई है कि तेजा का गिरोह महीनों तक ‘रेकी’ (जासूसी) करता था और शिकार की पूरी पारिवारिक और वित्तीय जानकारी जुटाने के बाद ही हमला बोलता था।

एक नज़र में तेजिंदरपाल उर्फ तेजा का प्रोफाइल

विवरणजानकारी
निवासकोटमाना, जगराव (लुधियाना)
मुख्य अपराधफिरौती के लिए अपहरण, डकैती (2018-19), आर्म्स एक्ट
विशेषतावर्चुअल नंबरों का उपयोग और महीनों लंबी रेकी
ताजा कांडजमशेदपुर का चर्चित कैरव अपहरण कांड

मौजूदा स्थिति: झारखंड पुलिस अब पंजाब पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर तेजा के पूरे स्लीपर सेल को ध्वस्त करने में जुटी है। आशंका है कि अगर उसे जल्द काबू नहीं किया गया, तो वह राज्य में कुछ और बड़े व्यापारिक घरानों को निशाना बना सकता था।

IMG 20260207 092632
मानगो निकाय चुनाव: करोड़पति ‘महारानियों’ के सामने 16 हजार वाली चुनौती, शिक्षा और संपत्ति का दिलचस्प मुकाबला

जमशेदपुर/मानगो: मानगो की ‘सरकार’ चुनने की घड़ी नजदीक आ रही है। 23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशियों ने अपनी संपत्ति और शिक्षा का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। हलफनामों के अनुसार, चुनावी मैदान में एक ओर जहाँ 3.65 करोड़ की मालकिन हैं, वहीं दूसरी ओर अशिक्षित लेकिन सेवा के जज्बे से भरी महिलाएं भी ताल ठोक रही हैं।

संपत्ति का गणित: सुधा सबसे अमीर, सुशीला की पूंजी सबसे कम

​मानगो मेयर पद की दौड़ में धनबल का पलड़ा सुधा गुप्ता की ओर झुकता दिख रहा है, जबकि सुशीला सिंह सादगी की मिसाल बनी हुई हैं।

  • करोड़पति क्लब: सुधा गुप्ता 3.65 करोड़ की संपत्ति के साथ सूची में शीर्ष पर हैं। उनके बाद संध्या सिंह (2.30 करोड़) और डॉ. वनीता सहाय (1.24 करोड़) का स्थान है।
  • सादगी का चेहरा: सुशीला सिंह ने अपनी कुल पूंजी महज 16,000 रुपये घोषित की है। पार्वती देवी (20 हजार) और इंदिरा मुंडा (70 हजार) भी इसी कतार में हैं, जो दिखाती हैं कि लोकतंत्र में हौसला धन से बड़ा होता है।

शिक्षा का स्तर: डिग्री बनाम जमीनी अनुभव

​उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता में भी भारी अंतर देखने को मिल रहा है:

  1. उच्च शिक्षित: सायस्ता परवीन (MA, B.Ed) और सोनामुनी सोरेन (LLB) जैसी प्रत्याशी अपनी प्रशासनिक और कानूनी समझ के साथ जनता के बीच हैं।
  2. साक्षर और अनुभवी: मैदान में वैसी महिलाएं भी हैं जिन्होंने स्कूल का मुंह नहीं देखा (जैसे इंदिरा मुंडी और सुशीला सिंह), लेकिन वे अपने सामाजिक जुड़ाव और जमीनी संघर्ष को अपनी ताकत मान रही हैं।

मानगो मेयर प्रत्याशी: एक नज़र में (तुलनात्मक चार्ट)

प्रत्याशी का नामशैक्षणिक योग्यताघोषित संपत्ति (₹ में)
सुधा गुप्तामैट्रिक3.65 करोड़
संध्या सिंहइंटर2.30 करोड़
वनीता सहायएमबीए1.24 करोड़
सायस्ता परवीनएमए, बीएड46.46 लाख
कुमकुम श्रीवास्तवस्नातकोत्तर38.48 लाख
सोनामुनी सोरेनएलएलबी6.73 लाख
सुशीला सिंहअनपढ़16 हजार

मतदाताओं के सामने बड़ी चुनौती

​मानगो की जनता अब इस कशमकश में है कि वे डिग्री (सरस्वती) को वोट दें, आर्थिक मजबूती (लक्ष्मी) को चुनें या सादगी और संघर्ष को। चुनावी गलियारों में बहस छिड़ गई है कि क्या भारी-भरकम संपत्ति विकास की गारंटी बनेगी या उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाएगी।

n69997142917704357677433543aa88be66012b1e6bd6bec09e1a5f23ed55e1166a04de913ef9b82642f438
झारखंड की पंचायतों के लिए खुशखबरी: केंद्र से 275.12 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त मंजूर

रांची: झारखंड में ग्रामीण विकास और स्थानीय निकायों के सशक्तीकरण को लेकर एक बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15वें वित्त आयोग की ‘बेसिक ग्रांट’ (Basic Grant) की दूसरी किस्त जारी करने की सिफारिश कर दी है। इसके तहत राज्य को अगले सप्ताह तक 275.12 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

समय पर शर्तें पूरी करने का मिला लाभ

​झारखंड सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग की अनिवार्य शर्तों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के कारण यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य ने निम्नलिखित मानकों पर सफलता प्राप्त की है:

  • ई-ग्राम स्वराज पोर्टल: योजनाओं की समय पर अपलोडिंग।
  • वित्तीय अनुशासन: खातों का समापन, ऑडिट और पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण पत्र।
  • हस्तांतरण: 24 दिसंबर 2025 को मिली पहली किस्त को निर्धारित समय के भीतर पंचायतों को ट्रांसफर किया गया।

फंड का त्रिस्तरीय वितरण ढांचा

​जारी होने वाली अनुदान राशि को राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में पूर्व निर्धारित फार्मूले के अनुसार बांटा जाएगा:

पंचायत स्तरहिस्सेदारी (%)मुख्य उद्देश्य
ग्राम पंचायत75%स्थानीय बुनियादी ढांचा, स्वच्छता और जल संरक्षण
पंचायत समिति (ब्लॉक)15%ब्लॉक स्तर की विकास योजनाएं
जिला परिषद10%जिला स्तरीय समन्वय और बड़े विकास कार्य

ग्रामीण विकास मंत्री का बयान

​झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने सभी वैधानिक और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। उन्होंने बताया:

“हमें केंद्र के व्यय विभाग को की गई अनुशंसा की जानकारी मिली है। राशि प्राप्त होते ही इसे बिना किसी विलंब के सीधे पंचायतों के खातों में हस्तांतरित कर दिया जाएगा ताकि ग्रामीण विकास की योजनाएं प्रभावित न हों।”

विकास कार्यों को मिलेगी गति

​इस ‘अनटाइड ग्रांट’ (Untied Grant) का उपयोग पंचायतें अपनी आवश्यकतानुसार स्थानीय विकास कार्यों के लिए कर सकेंगी। इसमें मुख्य रूप से नालियों का निर्माण, पीसीसी सड़कें, सार्वजनिक भवनों का रखरखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।

1002368741
झारखंड के कोडरमा में बड़ी वारदात: बिरहोर समुदाय के 10 आदिवासी बच्चे लापता, मानव तस्करी की आशंका

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) ‘बिरहोर’ समुदाय के 10 बच्चे पिछले एक सप्ताह से रहस्यमयी ढंग से लापता हैं। 31 जनवरी से गायब इन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

1002368741

श्राद्ध कार्यक्रम में गए थे बच्चे, फिर नहीं लौटे

​घटना जयनगर थाना क्षेत्र के गदियाई बिरहोर टोला (खारियोडीह पंचायत) की है। पुलिस के अनुसार:

  • 31 जनवरी को गांव के लगभग 60-70 लोग 15 किलोमीटर दूर परसाबाद में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
  • ​इन ग्रामीणों के साथ ही ये 10 बच्चे भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे।
  • ​कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वयस्क ग्रामीण तो लौट आए, लेकिन ये बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे।

मानव तस्करी का गहराता साया

​एक साथ 10 बच्चों का गायब होना सामान्य घटना नहीं मानी जा रही है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मानव तस्करी (Human Trafficking) की गंभीर आशंका जताई है। बिरहोर समुदाय अपनी मासूमियत और बाहरी दुनिया से कम संपर्क के लिए जाना जाता है, जिसका फायदा उठाकर तस्करों द्वारा उन्हें निशाना बनाए जाने का डर बना हुआ है।

पुलिस की कार्रवाई: CCTV और सर्विलांस पर टिकी उम्मीद

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है:

  • गठित टीमें: डीएसपी (ट्रेनी) दिवाकर कुमार के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है।
  • CCTV फुटेज: परसाबाद और रेलवे स्टेशन के आसपास के कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है।
  • हाई अलर्ट: बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और नेशनल हाईवे पर चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि बच्चों को जिले से बाहर ले जाने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​बिरहोर टोला में पिछले एक सप्ताह से चूल्हा नहीं जला है। गायब हुए बच्चों के माता-पिता की आंखों के आंसू नहीं सूख रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रिश्तेदारों और नजदीकी गांवों में काफी तलाश की, लेकिन जब कहीं पता नहीं चला तब पुलिस की शरण ली।

थाना प्रभारी का बयान: जयनगर थाना प्रभारी उमा नाथ सिंह ने कहा है कि, “पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों की बरामदगी में जुटी है। हम हर संभव तकनीकी और मानवीय इनपुट का सहारा ले रहे हैं।”

IMG 20260205 WA0019
स्वर्गीय शास्त्री जी को डीसीए के पूर्व छात्रों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि: यादों में जीवित रहेंगे गुरुमाता के जीवनसाथी

जमशेदपुर : शहर की प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और डीबीएमएस कैरियर एकेडमी की फाउंडर मेंबर के. उमा जी के दिवंगत पति स्वर्गीय शास्त्री जी को आज डीसीए के पूर्व छात्रों ने उनके कदमा स्थित निवास पर जाकर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

1001456564

विदित हो कि के. उमा जी का शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान रहा है। वे डीबीएमएस कैरियर एकेडमी की पूर्व प्रिंसिपल के रूप में वर्षों तक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर चुकी हैं और वर्तमान में वह संस्थान की फाउंडर मेंबर के रूप में सक्रिय हैं। उनके पति शास्त्री जी के निधन से शिक्षा जगत और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।

पूर्व छात्रों ने साझा कीं स्मृतियां

श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व छात्रों ने स्वर्गीय शास्त्री जी के सरल स्वभाव और उनके द्वारा दिए गए नैतिक मूल्यों को याद किया। उनके अनुसार, शास्त्री जी न केवल के. उमा जी के संबल थे, बल्कि पूर्व छात्रों के लिए भी एक अभिभावक के समान थे।

1001458022

इस शोकपूर्ण घड़ी में के. उमा जी और उनके परिवार को ढांढस बंधाने वालों में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य और पूर्व छात्र शामिल थे : जगतार नागी, सतवीर सोमू, परविंदर भाटिया, रॉकी, पिनाकी ठक्कर, संजय एवं अन्य।

सभी ने मौन धारण कर पुण्यात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।

1002357544
JMM स्थापना दिवस: धनबाद में हेमंत सोरेन का भव्य स्वागत, ‘दिशोम गुरु’ को भारत रत्न देने की उठी मांग

धनबाद: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) आज बुधवार, 4 फरवरी 2026 को अपना 54वां स्थापना दिवस मना रहा है। इसी ऐतिहासिक दिन (4 फरवरी, 1973) को धनबाद की कोयला नगरी में झामुमो की नींव रखी गई थी। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन समारोह में शिरकत करने धनबाद पहुंचे हैं।

1002357544

मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत

​रांची से धनबाद हवाईपट्टी पहुंचने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भव्य स्वागत किया गया। उनके साथ मंत्री हफीजुल हसन भी मौजूद थे। स्वागत समारोह में धनबाद के पूर्व मेयर और मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। वहां से मुख्यमंत्री सीधे रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड) के लिए रवाना हुए, जहां मुख्य समारोह का आयोजन किया गया है।

शिबू सोरेन को ‘भारत रत्न’ देने की गूँज

​समारोह के दौरान मंच से एक बड़ी राजनीतिक मांग उठी। झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक और टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने केंद्र सरकार से ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है।

मथुरा प्रसाद महतो का वक्तव्य:

“आज पहली बार गुरुजी शारीरिक रूप से हमारे बीच इस मंच पर नहीं हैं। हमने यह शपथ ली है कि उनके संघर्षों को सम्मान दिलाने के लिए हम धनबाद से लेकर विधानसभा और केंद्र सरकार तक आंदोलन करेंगे। उन्हें भारत रत्न मिलना ही चाहिए।”

भावुक हुआ माहौल

​47 वर्षों के इतिहास में यह संभवतः पहला मौका है जब झामुमो अपना स्थापना दिवस अपने संस्थापक अध्यक्ष शिबू सोरेन (गुरुजी) की अनुपस्थिति में मना रहा है। मैदान में मौजूद कार्यकर्ताओं की आँखों में गुरुजी की यादें और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर अटूट विश्वास साफ झलक रहा था। पूरे गोल्फ ग्राउंड को पार्टी के झंडों और बैनरों से पाट दिया गया है।

स्थापना दिवस की मुख्य बातें

  • स्थापना तिथि: 4 फरवरी, 1973
  • स्थान: रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड), धनबाद
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
  • प्रमुख मांग: शिबू सोरेन को भारत रत्न का सम्मान।
IMG 20251213 WA0068 scaled
उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक, सिकुई-दिकुई अभियान एवं विभागीय योजनाओं में प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं एवं अभियानों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सिकुई-दिकुई अभियान, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति, वॉकेशनल एजुकेशन इनरॉलमेंट, निपुण भारत मिशन, सिकुई-दिकुई अभियान, इको क्लब प्लांटेशन, एसएमसी बैठकों का आयोजन, मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना, विद्यार्थियों के बैंक खाते की अद्यतन स्थिति, तथा विद्यालयों में आधारभूत संरचना विकास से संबंधित विषयों पर क्रमवार समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने ई-विद्यावाहिनी में शिक्षकों एवं बच्चों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। U-DISE+ पोर्टल में लगभग 500 विद्यार्थियों का प्रोफाइल अद्यतन नहीं होने पर अप्रसन्नता जताते हुए संबंधित पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर प्रोफाइल अपडेट कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। सिकुई-दिकुई अभियान की समीक्षा में बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में अपेक्षिक सुधार को लेकर उपस्थिति, रिविजन व अन्य जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

1001232089

निपुण भारत मिशन के अंतर्गत कक्षा 2 एवं 3 के बच्चों के बेसलाइन सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक चार चरण पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष दो चरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं डहर योजना के तहत ड्रॉप-आउट बच्चों के सर्वे कार्य को लेकर उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए और वास्तविक डाटा प्राप्त हो।

बैठक में विद्यालयों के आधारभूत संरचना विकास से संबंधित विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने भवनहीन विद्यालयों, जर्जर भवनों, मरम्मतीकरण की आवश्यकता वाले विद्यालय भवनों, तथा पेयजल एवं शौचालय निर्माण से संबंधित अद्यतन सूची शीघ्र समर्पित करने का निर्देश दिया, ताकि समयबद्ध ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

इसके अतिरिक्त एमडीएम स्टीयरिंग कमिटी की बैठक में पटमदा प्रखंड के 45 विद्यालयों में विद्यार्थियों को सेंट्रलाइज्ड किचेन के माध्यम से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि जिले में शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी बीईईओ, बीपीओ व अन्य संबंधित पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित थे।

error: Content is protected !!