जमशेदपुर : आज विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल बारीडीह नगर की ओर से सावन माह के सोमवारी के शुभ उपलक्ष पर जमशेदपुर स्थित टिनप्लेट काली मंदिर प्रांगण में दूध, बेलपत्र, फूल का वितरण सभी शिव भक्तों के बीच किया गया। जिसमें मुख्य रुप से साकेत भारद्वाज ,रविकांत शर्मा,विक्की झा, विद्यासागर कुशवाहा ,बबली सोनम, सतीश कुमार, मुन्ना मिश्रा, प्रवीण सिंह मौर्य, राहुल श्रीवास्तव, विकास सिंह,मारुत पांडे, हनी परिहार ,राजा अग्रवाल, विवेक शर्मा, सुमित श्रीवास्तव, राजेश कुमार,सुमित कुमार,अमित सिंह,सावन कुमार,आकाश दास, बंटी सिंह,संतोष सिंह,जित्तू सिंह,शेखर राजू, एवं सभी बजरंगी उपस्थित थे।
जमशेदपुर : मानगो में डिमना चौक से एमजीएम मेडिकल कॉलेज तक सड़क का चौड़ीकरण होगा। यहां सड़क के किनारे पैवर्स ब्लॉक लगाया जाएगा। पार्क का निर्माण होगा। साथ ही ओपन जिम खोला जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को मानगो नगर निगम में कार्यपालक पदाधिकारी सुरेश यादव ने टाटा स्टील यूआईएसएल के महाप्रबंधक कैप्टन धनंजय मिश्रा के साथ बैठक की। (जारी..)
इस बैठक में मानगो चौक से डिमना चौक के बीच सेंट्रल वर्ज यानी डिवाइडर में चल रहे निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सड़क के दोनों तरफ नाली निर्माण और पैवर्स ब्लॉक लगाने पर भी मंथन किया गया।
धनबाद : झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह अब जीना नहीं चाहते हैं। नीरज सिंह हत्याकांड में जेल में बंद झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने अदालत से इच्छा मृत्यु की अपील की है। संजीव सिंह ने अदालत को बताया है कि सरकार हमें चैन से जीने नहीं दे सकती है, मरना मेरा मौलिक अधिकार है। इसलिए मुझे इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए। इसके साथ ही पूर्व विधायक ने इच्छा मृत्यु के बाद अपने अंगों को दान करने की भी अपील की है। मृत्यु के बाद शरीर के अंगों को दान करने की कागजी प्रक्रिया पूरी करने को लेकर भी संजीव सिंह ने अदालत में फरियाद लगाई है।
पूर्व विधायक संजीव सिंह के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 अखिलेश कुमार की अदालत में उनकी तरफ से एक अपील की गई है। जिसमें उन्होंने इच्छा मृत्यु के लिए अदालत से मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मृत शरीर के अंगों को दान करने की स्वीकृति अदालत से मांगी है। उनका तर्क है कि सरकार उन्हें जीने नहीं दे रही है। इसलिए वह मरना चाहते हैं। (जारी…)
दरअसल, झारिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह अप्रैल 2017 से धनबाद जेल में बंद हैं। 11 जुलाई 2023 को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें धनबाद मंडल कारा से एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया था। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने भी उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर राहत देने से इंकार कर दिया था। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद संजीव सिंह की याचिका खारिज कर दी थी। अस्पताल में दाखिला कराते वक्त बताया गया था कि संजीव जेल में कुर्सी से गिर कर घायल हो गये हैं।
बता दें कि 1 जुलाई से पूर्व मेडिकल बोर्ड ने जांच में संजीव सिंह की स्थिति सामान्य पायी थी। रिपोर्ट में उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं होने की बात बतायी गयी थी। वहीं, जेल प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि प्रार्थी संजीव सिंह को मेडिकली फिट हैं। जिसके बाद अदालत ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट को देखते हुए संजीव सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया।
जमशेदपुर : भाजपा नेता अभय सिंह को जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आने देने के लिए प्रशासन और सरकार लगी हुई है। जिसके कारण कदमा मामले में जमानत मिलने बाद जुगसलाई थाना में केस दर्ज करा दिया गया और जब जुगसलाई मामले में जमानत मिली तो मानगो थाना में केस दर्ज करके उन्हें जेल से बाहर आने से रोका जा रहा है। इस मामले में कुछ चुनिंदा अखबारों में बिल्डर मो सागिर की जुबानी में समाचार छापा गया जिसमें अभय सिंह एवं उनके भाई निर्भय सिंह और दिलीप सिंह पर रंगदारी और दबंगई दिखाने की बात कही गयी है। जिसका विरोध करते हुए निर्भय सिंह ने आज मीडिया वार्ता में कहा कि एक अखबार का कार्य होता है सच को उजागर करना और सच कभी भी एकतरफा बात से सामने नहीं आता। जिन अखबारों और उनके सम्पादकों ने मो सागिर की झूठी और मनगढ़त कहानी सुनी और छापी उन्हें सच्चाई का पता लगाने के लिए हमारे पास भी आना चाहिए था और तब खबर को चलाना चाहिए था। मेरा उनसे आग्रह है कि एक पक्ष को जान कर समाचार न छापें, हमें भी अपनी बात रखने की आज़ादी और हमारा मानवाधिकार भी है। (जारी..)
निर्भय सिंह ने कहा कि बिल्डर मो सागिर को इस्तेमाल करके प्रशासन झूठा केस दर्ज करके अभय सिंह को जेल से न निकलने देने और परेशान करने की कोशिश कर रही है। हमारे पास पुख्ता साक्ष्य है कि यह केस फ़र्ज़ी है। एक अनैतिक बिल्डर जो मानगो का रहने वाला है वो 2012 से यहाँ बिल्डिंग का कार्य कर रहा है। 2019 में उन्होंने कहा कि उनका कार्य पूरा हुआ। लेकिन समझ से यह परे है कि इतने सालों तक उनका उदय नहीं हुआ किन्तु जब शास्त्री नगर दंगा हो जाता है उसके उपरांत बहुत ही नाटकीय ढंग से साकची के थाना में न होकर मानगो थाना में मामला दर्ज किया गया ताकि हम वहाँ विरोध दर्ज न कर सके। निर्भय सिंह ने बताया कि मकान संख्या 256 जो बन रहा था वह हमारे घर से 2-3 घर छोड़कर बन रहा था, वाजिब है जब हमारे आसपास कोई बिल्डिंग बनता है तो बढ़ते हुए परिवार को देखकर आप उस बिल्डिंग का भागीदार बनना चाहते हैं। उसी के तहत मैनें ट्रांजेक्शन और सप्लाई के माध्यम से एक फ्लैट लिया। जिसका उल्लेख कभी भी स्थानीय पुलिस ने नहीं किया। सन 2020 में जब यहाँ के एसएसपी तमिल साहब थे और सिटी एसपी ने इस मामले की तहकीकात करके दोनों तरफ से एफआईआर किया था। जिसमें चंद्रशेखर की माँ का विरोध था कि आप रेलिंग नहीं लगाने दे रहे और मेरा कहना था कि मामला जब लंबित है और मेरा पैसा फंसा हुआ है तो मेरा अधिकार है कि मैं बिल्डिंग में कोई कार्य न होने दूँ। मो. सागिर चंद्रशेखर का पार्टनर है और मीडिया के माध्यम से यह जानकारी देना चाहता हूं कि पार्वती सिंह द्वारा मुझपर और मेरे भाई दिलीप सिंह पर 10 लाख रंगदारी मांगने का केस दर्ज हुआ था जिसका पटाक्षेप होने के ठीक एक साल बाद कदमा प्रकरण के उपरांत एसएसपी द्वारा सुनियोजित ढंग से सजाकर अभय सिंह को जेल से न निकलने देने और समाज में उनकी प्रतिष्ठा को खत्म करने की कोशिश कर रही है। जिसके पीछे स्थानीय मंत्री बन्ना गुप्ता हैं और अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के साथ उनका साथ दे रहें हैं और यह भी एक जाँच का विषय है। निर्भय सिंह ने बताया कि मो.सागिर और मेरे भाई दिलीप सिंह के बीच एक पार्टनरशिप डीड भी बनी थी जिसमें मो. सागिर का रिलीजन इस्लाम लिखा हुआ है तो क्या हमें उस समय ज्ञात नहीं था जो उन्होंने बयान दर्ज कराया कि उनके कर्मचारियों के कपड़े उतार कर हमने धर्म जांच की। उनकी नियत में खोट है तब ही तो ऐसा हुआ और जब पार्टनरशिप डीड बनी तब ही आप शिकायत लेकर जाते। चूंकि गवाह के तौर पर मेरा हस्ताक्षर है और एक हस्ताक्षर हमारे पड़ोसी बद्रीलाल का हैं। यह जानकारी आप आस पड़ोस से ले सकते हैं और यदि आप पूरे लाइन से भी पूछेंगे तो आपको हमारे विरुद्ध गवाह नहीं मिलेगा, क्योंकि हम गलत नहीं है। (जारी..)
हमने क्या बनने का विरोध किया उसका उल्लेख स्थानीय पुलिस को दिया है और विशेष पदाधिकारी को भी दिया कि काशीडीह में आपके विभाग द्वारा और सरकार द्वारा निर्देशित 1.8 पास करना है लेकिन इन दोनों ने मिलकर 9.8 अफेयर बना दिया और जिसे भी बेचा गया उसका एक रजिस्ट्री दिखा दें। बिल्डर मो. सागिर द्वारा निर्मित बिल्डिंग खुद एक जाँच का विषय है। जिसकी जांच होने पर सच्चाई खुद ब खुद बाहर आ जायेगी। उन्होंने कहा कि मैं विगत 1 साल से सब को मैसेज भेज रहा हूं कि मोहम्मद सागिर नहीं मिल रहा है, इसके आईओ रोहित बाबू से 7 मई से पहले से मेरी व्हाट्सएप में बात हो रही थी, लेकिन एसएससी ने उन्हें आईओ से हटाकर मुसाबनी का थाना इंचार्ज बना दिया। मेरे द्वारा लगातार शिकायत करने पर भी यह लोग मेरी रिसीविंग नहीं लेते हैं। बिल्डर मोहम्मद सागिर के ऊपर एसएसपी तमिल के समय में 420/506/ 504 /406 /201 /120B का केस लगा था, लेकिन यह फाइल आज तक जमशेदपुर न्यायालय में पहुंची नहीं है। इस एसएसपी के आने बाद यह फ़ाइल संदूक में चली गयी। एक आईपीएस अधिकारी को इस तरह का कार्य शोभित नहीं करता है और उन्हें यह समझना चाहिए कि आने वाले दिनों में यह सरकार रहेगी या नहीं इसका पता नहीं है लेकिन द्वेष पूर्ण तरीके से किया गया उनके इस कार्य को जहाँ तक हो पायेगा मैं लेकर जाऊंगा।
जमशेदपुर : मंगलवार सुबह माइकल जॉन ऑडिटोरियम में हिंदुस्तान द्वारा आजोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में श्री राजीव रंजन सिंह (पूर्व डीआईजी) बतौर अतिथि शामिल होकर शहर के स्कूलों से अच्छे अंक से उत्तरीन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किए।
श्री राजीव रंजन सिंह ने इस आयोजन के लिए हिंदुस्तान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से कहा कि प्रतिभा एक ऐसी चीज है जो व्यक्ति से कोई छीन नहीं सकता है, सिर्फ मेहनत के बदौलत ही जीवन को शिखर तक ले जाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा की टाइम मैनेजमेंट और स्ट्रेस को मैनेज करने की जरूरत है और कैरियर का चुनाव करने का सही समय दसवीं और बारहवीं है। इस समय ही अपना गोल सेट करें और नैतिक मूल्यों का हमेशा ध्यान रखें।
बड़ी संख्या में पहुंचकर कर उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जमशेदपुर : मणिपुर हिंसा में महिलाओं की बदसलूकी मामले में सीजीपीसी ने कड़ा विरोध जताते हुए पूर्वी सिंहभूम की डीसी को महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। मंगलवार ज्ञापन सौंपने के उपरांत सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान भगवान सिंह ने मणिपुर की घटना को विभस्त करार देते हुए पूरे देश का सिर शर्म से झुका देने वाला बताया। इससे पूर्व सीजीपीसी का एक दल वाहनों के काफिले में साकची स्थित कार्यालय से प्रस्थान हुआ जिसमे सिख नौजवान सभा और सिख स्त्री सत्संग सभा के नुमाईन्दे भी शामिल थे।
भगवान सिंह ने मांग करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने वालों को तुरंत फांसी दी जानी चाहिए तथा मणिपुर की सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। काफिला सीजीपीसी से प्रारंभ होकर गोलचक्कर होते हुए उपायुक्त के कार्यालय पंहुचा। झारखण्ड राज्य गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष और सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि महिलाओं को निर्वस्त्र करने की जो घटना हुई है बहुत निंदनीय और शर्मसार करने वाली घटना है। लेकिन सरकार इस पर कुछ नहीं कर रही है।
य
ज्ञापन सौंपने में प्रधान भगवान सिंह के अलावा चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष चंचल सिंह, महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला, मुख्य सलाहकार सुजीत सिंह खुशीपुर, परविंदर सिंह सोहल, कुलविंदर सिंह पन्नू, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, ताजवीर कलसी, प्रधान जगजीत सिंह गांधी, रविंदर सिंह, लखविंदर सिंह सुंदरनगर, हरिशरण सिंह, अमरजीत सिंह गांधी, हरदीप सिंह चनिया, अजायब सिंह, महेंद्रपाल सिंह, बलदेव सिंह, अमरीक सिंह, इकबाल सिंह, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, सुखदेव सिंह बिट्टू, हरदीप सिंह दीपी, ताजवीर कलसी, जसवंत सिंह भोमा, गुरुचरण सिंह, बलवंत सिंह, कुलविंदर सिंह, बलबीर सिंह, जगतार सिंह नागी, संतोख सिंह तोकी, जयमल सिंह, रविंदर सिंह, करनैल सिंह, सतविंदर सिंह बब्बू, सुखविंदर सिंह, हरविंदर सिंह जमशेदपुरी, गुरपाल सिंह, सेंट्रल स्त्री सत्संग सभा के चेयरमैन कमलजीत कौर, सुखजीत कौर, सुखजीत कौर, संरक्षक दलबीर कौर, वरीय उपाध्यक्ष परविंदर कौर, महासचिव सुखवंत कौर, बलविंदर कौर, आशा कौर, जसवीर कौर, परविंदर कौर, स्वर्ण कौर, बलजीत कौर आदि भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
मणिपुर में हिंसा के दौरान महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी की भर्त्सना करते हुए सेण्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने कड़ा विरोध जताया है। सोमवार को सीजीपीसी कार्यालय में प्रधान भगवान सिंह और चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने सीजीपीसी के अधीन सभी गुरुद्वारा कमेटियों, स्त्री सत्संग सभाओं और सिख नौजवान सभाओं को आह्वान किया है कि 25 जुलाई (मंगलवार) को विरोध मार्च की शक्ल में उपायुक्त कार्यालय पहुंच कर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीसी विजया जाधव को सौंपेंगे।
सरदार भगवान सिंह ने कहा है कि सोमवार को समयानुसार ठीक 11 बजे विरोध मार्च कार्यालय से प्रस्थान करेगा। भगवान सिंह और शैलेन्द्र सिंह का कहना है मणिपुर हिंसा की आग पूरे देश को जला देगी और महिलाओं के साथ की गई बदसलूकी माफ़ी योग्य नहीं है।
जमशेदपुर : रविवार की सुबह सोनारी थाना क्षेत्र के विभिन्न बस्तियों जैसे निर्मल बस्ती एवं सिद्धू कान्हु बस्ती में भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा नेता राजीव रंजन सिंह (पूर्व डीआईजी) ने दौरा किया और बस्तियों की मूलभूत समस्याओं को जानने की कोशिश की है। बस्ती वासियों के द्वारा बताया गया कि जो मूलभूत समस्याएं हैं जैसे बिजली, पानी, नालियों की साफ सफाई और शौचालय व्यवस्था जैसी सुविधाओं से आज भी वंचित हैं। उनके द्वारा बताया गया कि पानी की पाइप जुस्को के द्वारा बिछाई गई है, लेकिन जुस्को के कनेक्शन के बाद भी विगत दो तीन महीनों से पानी नहीं आया है। बस्तीवासी मजबूर होकर अपने घरों से 500 मीटर दूर एकमात्र अवस्थित टी.ओ.पी से पानी लेने के लिए विवश है। जबकि जुस्को द्वारा नलों के कनेक्शन देने हेतु ₹9000 से लेकर ₹16000 तक बस्तीवासियों से पैसा लिए गया है। पानी कनेक्शन के लिए बस्तीवासी रसीद भी दिखाए। अधिकांश घरों में तो नल ही नहीं है, लेकिन नल हो या ना हो, जिनके घरों में नल है उन्हें भी पानी नहीं मिल रहा है।
नाली में भी बड़े बड़े गड्ढे बने हुए है, जहाँ आए दिन मुसीबतों का सामना स्थानीय लोगों के द्वारा किया जा रहा है। बस्तीवासियों ने यह भी बताया की गड्ढे में गिरने के चलते कई बच्ची का पैर भी टूट गया है। बिजली की समस्या भी बहुत बड़ी समस्या है। लोगों के घरों में बिजली नहीं है।
सभी लोगों ने अपनी अपनी समस्याओं को बताया और राजीव रंजन सिंह के द्वारा आश्वासन दिया गया कि इन समस्याओं को निदान के लिए उचित फोरम पर जरूर उनके द्वारा लिखित में प्रयास किया जाएगा। उनके द्वारा ये भी कहा गया कि बहुत दुखद बात है कि यहाँ के जो जनप्रतिनिधि हैं वो झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भी हैं और उनके मंत्री रहने के बावजूद भी यहाँ के नागरिको को जो मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है। एक शौचालय बना भी तो वह एक बार भी यहां के स्थानीय लोगों द्वारा इस्तमाल भी नहीं किया गया है, क्योंकि वहां पानी नहीं है और दो वर्षो से शौचालय बंद है। शहरी क्षेत्र में भी हमारी माताएं, बहनें और बेटियां बाहर शौच जाने के लिए मजबूर है। ये बहुत ही दुखद समस्या है। हम समझते हैं कि इस पर तुरंत संज्ञान जिला प्रशासन, जुस्को और जेएनएसी को भी लेना चाहिए।
चक्रधरपुर : सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा ने रविवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत प्रस्तावित दो सड़कों, दोकट्टा से हरिला वाया केंजरा – 22.10 किमी एवं बाईहातु से हेस्साबेड़ा वाया बाटिलीसाई, रोमरा (सागरकट्टा से सान झींकपानी) तक 5.50 किमी सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस दौरान विधायक दीपक बिरुआ भी उनके साथ उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने हर्षोल्लास के साथ सांसद गीता कोड़ा का स्वागत किया।
बता दें कि उक्त दोनों सड़कों के निर्माण की काफी लम्बे समय से मांग हो रही थी। सड़क जर्जर हो जाने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। श्रीमती कोड़ा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दोनों सड़कों के निर्माण की स्वीकृत दिलाई। सड़क निर्माण शुरू होने से ग्रामीणों में काफी खुशी देखी जा रही है। मौके पर सांसद ने ग्रामीणों की समस्यायों को सुना एवं उनके समाधान का हर संभव प्रयास करने का आश्वासन भी दिया। शिलान्यास के दौरान मुखिया ललित होनहागा, लेबेया हेस्सा, दशमा बरजो, मुन्डा- सुरेश होनहागा, चोकरो हेस्सा, मारतम मुन्डा, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष इस्माइल दास, अर्जुन दोराइबुरू, जिला परिषद सदस्य राज तुबिद, जयप्रकाश लागुरी, बादुला हेस्सा, मुकेश दास, ज्योति देवी, कमला देवी, मसुम दास, जितेन पान, बिरसा बरजो, शीतल दोराइबुरू, अनिता दोराइबुरू, कोदमा होनहागा, पिंकी देवी, छायारानी देवी आदि एवं काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित होटल अलकोर में शनिवार को पत्रकारों के लिए डाटा एंड वेरिफिकेशन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकारों को फेक खबर को कैसे पहचाना जाये इसके बारे में बताया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जमशेदपुर एसएसपी प्रभात कुमार को आमंत्रण किया गया था। उन्हें पौधा और किताब देकर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। वहीं अन्य सदस्यों में अलकोर होटल के मालिक राजीव दुग्गल, वरिष्ट पत्रकार जयप्रकाश, ब्रजभुषण सिंह, ब्रजेश सिंह, संजीव भारद्वाज, पुतूल समेत अन्य को पौधा देकर सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम की शुरुआत अन्नी अमृता और द वायरल कंपनी की संचालिका अंतरा बोस ने किया। वहीं जमशेदपुर एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि समाज को जो मीडिया दिखाती है, वहीं लोग देखना पसंद करते है। वहीं उन्होंने कहा कि पत्रकारों का काम समाज तक केवल जानकारी पहुंचाना नहीं हैं, उनका काम लोगों को जागरुक और शिक्षित करना भी है। खबर के द्वारा समाज पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी पत्रकारों को ध्यान देना चाहिए।