जमशेदपुर : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम के नवनियुक्त उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री से डीसी कार्यालय में औपचारिक मुलाकात कर उनका स्वागत और अभिनन्दन किया। सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिले के नये उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री का अभिनन्दन व स्वागत पुष्पगुच्छ देकर और शॉल ओढ़ाकर कर किया गया। (जारी…)
उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि जमशेदपुर-पूर्वी सिंहभूम से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या से उन्हें अवगत जरूर कराया जाए ताकि जल्द से जल्द उसका समाधान किया जा सके। सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यों ने कहा की जिले मे निवास करने वाले सभी समुदाय के लोगों के विकास हेतु तमाम सरकारी योजनाओं को जिले के उपायुक्त धरातल पर उतारे ताकि सभी के विकास के साथ-साथ जिला भी एक खुशहाल जिला बन सके। (जारी…)
प्रतिनिधिमंडल में मुख्यरूप से प्रधान सरदार भगवान सिंह, चेयरमैन सह झारखंड प्रदेश गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह, संरक्षक गुरदीप सिंह पप्पू, वरीय उपाध्यक्ष चंचल सिंह-कुलदीप सिंह बुग्गे, महासचिव अमरजीत सिंह-गुरचरण सिंह बिल्ला, मुख्य सलाहकार परविंदर सिंह सोहल, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, हरजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, सुखविंदर सिंह राजू, ज्ञानी कुलदीप सिंह, सुरजीत सिंह, दर्शन सिंह काले, हरविंदर सिंह, दलबीर सिंह, जसपाल सिंह और दलजीत सिंह शामिल थे।
रांची: झारखंड विधानसभा में मानसून सत्र के पांचवें दिन सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे के बाद शुरू हुई। सदन में प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा विधेयक 2023 विधेयक को पटल पर रखा। जिसपर विधानसभा अध्यक्ष ने अनुमति दी। इसके बाद जिन विधायकों ने इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की बात कही, उन्होंने अपनी बात रखी। इस विधेयक पर विनोद सिंह, अनंत ओझा, डॉ लंबोदर महतो, विधायक अमर बाउरी , विधायक नवीन जायसवाल, विधायक अमित मंडल ने अपना तर्क दिया। इसके बाद विधायक प्रदीप यादव ने भी इसमें संशोधन करने की बात कही। (जारी…)
डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजा जाए और समिति को 30 दिनों में अपना प्रतिवेदन देने को कहा जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में झारखंड परीक्षा संचालन अधिनियम 2001 है तो इसकी आवश्यकता क्यों। यह कानून इसी सदन में बना है. आज भी यह लागू है। सदन में उन्होंने झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा विधेयक 2023 को काला कानून कहते हैं। विधायक अमर बाउरी ने अपना तर्क देते हुए कहा कि कानून बनाने के पीछे की मंशा जरूर अच्छी होगी। लेकिन इसमें जो भी विषय है वह छात्रों को डराने के लिए है। इसमें जो प्रावधान है उसके अनुसार सजा ऐसी है जैसा मर्डर में नहीं होता। यह विधेयक छात्रों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर देगी। इसे ठीक करने की जरूरत है। इसलिए युवाओं के भविष्य को देखते हुए इसमें विचार करने की जरूरत है।
विधायक नवीन जायसवाल ने इसे हड़बड़ी में लाया हुआ विधेयक कहा। उन्होंने कहा कि यह काला कानून है। युवाओं के आवाज दबाने वाला कानून है। नियुक्तयों में चोर दरवाजा खोलने की कोशिश है। अगर विधेयक पास हुआ तो हजारों युवा सड़कों पर आएंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून युवाओं की आवाज दबाने का साधन है। अमित मंडल ने अपनी बात में कहा कि यह विधेयक अंग्रेजों के रोलैट एक्ट की तरह है। इस एक्ट को ईस्ट इंडिया कंपनी ने लाया था। जिस विधेयक की हम चर्चा कर रहे हैं उसे भी इंडिया पार्टी ने लाया है। अगर इस इंडिया के आगे ईस्ट जोड़ दिया जाए तो यह काला कानून वहीं ला रहे हैं। विधायकों की ओर से विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के पीछे तर्क दिया गया। जिसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य के बच्चों को अवसर देने के लिए है। परीक्षा के दौरान जो गलत प्रैक्टिस होता है, उसे इस तरह के कड़े कानून से ही रोका जा सकता है। यह सरकार का सराहनीय कदम है। यह विधेयक केवल स्टूडेंट्स नहीं बल्कि इससे जुड़े तमाम एजेंसियों को ध्यान में रख कर लाया गया है। परीक्षा के दौरान गलत प्रैक्टिस को नहीं रोका गया तो यहां के बच्चों के हितों की रक्षा नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके दायरे में परीक्षा एजेंसी से लेकर कोचिंग संस्थान तक आते हैं. जिन्हें दंड दिया जाएगा। इस विधेयक पर विचार सत्र न्यायालय के द्वारा किया जाएगा। सभी बातों को ध्यान में रखा गया है। संसोधन पर विचार किया जाएगा। प्रदीप यादव के अनुरोध पर सजा को कम करने पर विचार किया जाएगा। ऐसे में इस विधेयक को प्रवर समिति को न भेजकर इसे पास किया जाए। इसके बाद तमाम संसोधनों पर विचार करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने बिल को संशोधन के साथ पास किया। (जारी…)
सदन में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस विधेयक पर सदन की भावना से असहमत नहीं हूं और समझता भी हूं। विधेयक को लेकर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। सरकार की यही सोच है कि यही डर और भय संस्थाओं में हो, छात्रों में हो जो इसमें शामिल होते हैं। किसी एक की वजह से लाखों क्यों परेशान हों। हम कोई भी फैसला लेते हैं साधारण चीजों में भी जैसे अगर हम पुराना कंप्यूटर बदलकर नया लाते हैं तो हमारे मन में कई सवाल होते हैं। नया सॉफ्टवेयर कैसा होगा हम काम कर पायेंगे या नहीं लेकिन समय के साथ आप सामंजस्य बना लेते हैं और काम करते हैं।
यह विधेयक हम सिर्फ लेकर नहीं आये हैं बल्कि दूसरे राज्यों में भी है। यह विधेयक हड़बड़ी में नहीं लाया गया है बल्कि सोच विचार कर लाया गया है। हम नौजवानों के भविष्य को सोच कर बना रहे हैं। विपक्ष सुभाष मुंडा को लेकर विरोध कर रहा है, बार – बार वेल में आ रहे हैं। सभी नौजवान जमीन के कारोबार में जुड़ रहे हैं। इस राज्य में नक्सल कैसे बने, भूखे पेट जो ना कराए। कल हमारे घर से भी परीक्षा देने बच्चे जायेंगे। आज जिस तरह के सेंटर बनते हैं। गुमला के बच्चे दुमका में, धनबाद में परीक्षा देते हैं कौन किससे दुश्मनी मोल लेगा। किसी को कोई पहचानता नहीं होगा। ट्रेन में एक सुरक्षाकर्मी ने चार लोगों की जान ले ली। मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की वजह से कानून बदल देना। इसकी आत्मा को ही निकाल देना ठीक नहीं है। अनुमति की आशा में चीजें बैताल खाते में चली जाती है। अगर इसमें कोई समस्या होगी तो अगले सदन में इसे बदलेंगे। हमें मजबूती से आगे बढ़ना चाहिए। मजबूती से परीक्षा कराना चाहिए। (जारी…)
सदन के दोबारा शुरू होने पर भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने इरफान अंसारी के बयान को लेकर कहा कि यह घटना संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम के सामने हुई है। ऐसे में उन्हें माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद इस मामले पर संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने अपनी बात रखी। उन्होंने सदन में बताया कि इरफान अंसारी ने अपने बयान को लेकर उसी दिन माफी मांग ली है। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इरफान अंसारी ने माफी मांगी है साथ ही उस बयान को तुल दिया जा रहा है। इसके बाद भी भाजपा विधायक हंगामा करते रहे।
भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने सदन को आज शर्मशार किया। मेहता सदन के अंदर इरफान अंसारी को मारने दौड़े। उमाशंकर अकेला ने मेहता को ऐसा करने से रोका। यह सब देख अपने आसन से स्पीकर रबिन्द्रनाथ महतो खड़े हो गए। दरअसल सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इरफान अंसारी के बयान पर बवाल मच गया। मेहता ने कहा कि सदन में कान पकड़कर इरफान अंसारी माफी मांगें। ऐसा नहीं करने पर मैं उनकी ऐसी की तैसी कर दूंगा। मंदिर में जाते हैं, चुनरी ओढ़कर ड्रामा करते हैं, टिका मिटाते हैं। इसके बाद जैसे ही इरफान सदन के अंदर आये, मेहता बांह चढ़ाते हुए इरफान की ओर इशारा करते हुए बोले कि आओ इधर आओ और मारने के लिए दौड़ पड़े।
सदन अखाड़ा है क्या: शशिभूषण मेहता के रवैय्ये को देखते हुए स्पीकर ने गुस्से में कहा कि सदन अखाड़ा है क्या? मार्शल की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्हें बाहर निकालिए. संसदीय मर्यादा नहीं समझते हैं। खुद को पढा लिखा बोलते हैं और बोलने का तरीका नहीं है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर महानगर के भारतीय जनता युवा मोर्चा ने हेमंत सरकार के क्रियाकलापों से नाराज और हताश झारखंडी जनमानस के आक्रोश को स्वर देने के लिए प्रदेश भाजपा के निर्देशानुसार झारखंड सरकार के खिलाफ कल 4 अगस्त 2023, शुक्रवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर जिला कार्यालय साकची से जनाक्रोश मार्च निकाल कर साकची बड़ा गोलचक्कर पर आक्रोश प्रदर्शन करेगी।
इन मुद्दों को लेकर निकाला जाएगा मशाल जुलूस
▪️झारखंड की हेमंत सरकार स्थानीय नीति ,नियोजन नीति और CTET पास झारखंडी युवाओं को भी राज्य सरकार अवसर प्रदान करें, झूठे वादे कर सत्ता में आई इस सरकार ने जल, जंगल, ज़मीन के नाम पर लोगों को ठगने का काम किया है।
▪️प्रदेश में अफसर, मंत्री से लेकर खुद मुख्यमंत्री तक भ्रष्टाचार में लिप्त है। हेमंत सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
युवाओं से इस मशाल जुलूस में शामिल होने की अपील
भाजयुमो ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि झारखंड को बचाना है तो हेमन्त सरकार को हटाना है इसी मूलमंत्र के साथ कल ज्यादा से ज्यादा भाजयुमो जमशेदपुर महानगर के उर्जावान युवा साथी उपस्थित होकर इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस में संघर्ष का शंखनाद करें एवं इस नकारा, निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लें।
धनबाद : अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रेम कुमार तिवारी ने 4 ए पैच भौंरा दक्षिण कोलियरी, पूर्वी झरिया क्षेत्र के 500 मीटर क्षेत्रफल की परिधि में तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निषेधाज्ञा जारी की है।
इस संबंध में उन्होंने कहा कि 4 ए पैच भौंरा दक्षिण कोलियरी, पूर्वी झरिया क्षेत्र में पूर्वी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक के पत्र के माध्यम से आंदोलन की सूचना प्राप्त है। उक्त क्षेत्र भू-धंसान एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। संभावित आंदोलन में भारी भीड़ होने की संभावना है। जिसके फलस्वरूप किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने तथा विधि व्यवस्था भंग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। (जारी…)
उक्त परिप्रेक्ष्य में विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो तथा लोक परिशांति बनी रहे एवं आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने व विधि व्यवस्था संधारण के उद्देश्य से उपरोक्त स्थल पर दं.प्र.सं. की धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लगाया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।
इस निषेधाज्ञा के जारी होने के बाद उक्त क्षेत्र में 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का आंदोलन के उद्देश्य से एकत्रित होना, किसी प्रकार का धरना, रैली, सभा, प्रदर्शन, लाउडस्पीकर का उपयोग करना, हरवे हथियार एवं अग्नियास्त्र के साथ चलने अथवा उसके प्रयोग करने पर प्रतिबंध रहेगा। (जारी…)
यह प्रतिबंध कार्य पर उपस्थित पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस बलों के आने वाले छोटे एवं बड़े वाहन पर लागू नहीं रहेगा। साथ ही विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थान में आने जाने या अन्य व्यक्तियों के क्षेत्र से होकर अन्य कार्यों से आने जाने अथवा उक्त क्षेत्र से शव यात्रा, वैवाहिक एवं धार्मिक कार्य से जाने वाले लोगों पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसी प्रकार से यह प्रतिबंध सिक्खों के कृपाण धारण, नेपालियों के खुखरी धारण करने पर भी लागू नहीं होगा।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के केंद्रीय शांति समिति सदस्य राम बाबू सिंह के विरुद्ध शांति समिति के ही सदस्य अरुण सिंह ने कार्रवाई करने की मांग उपायुक्त से की है और इस बाबत ज्ञापन भी दिया है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर केन्द्रीय शान्ति समिति में जमशेदपुर के अनेकों गणमान लोगों को शामिल किया गया है ताकि जमशेदपुर में शान्ति व्यवस्था बनाने में जिला प्रशासन को मदद मिल सके एंव जनता और प्रशासन में समन्वय बना रहे, किन्तु केन्द्रीय शान्ति समिति के एक सदस्य राम बाबू सिंह इस समन्वय को तोडने में लगे हैं। (जारी…)
अरुण सिंह ने बताया कि राम बाबू सिंह ने जमशेदपुर शहर में एक होडिंग लगा कर केन्द्रीय शान्ति समिति का स्वयं-भू-संरक्षक घोषित कर दिये है। जिससे अन्य सदस्यों मे नराजगी उत्पन्न हुआ है। केन्द्रीय शान्ति समिति के व्हाट्सएप ग्रुप में राम बाबू सिंह एडमिन के रूप में हैं और एडमिन होने का वह गलत फायदा उठाते हैं। अगर कोई सदस्य राम बाबू सिंह के गलत कार्यों का विरोध करता है तो राम बाबू सिंह उसे केन्द्रीय शान्ति समिति के व्हाट्सएप ग्रुप से निकाल देते हैं या निकालने की घमकी देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति केन्द्रीय शान्ति समिति का सदस्य नहीं है उसे भी अपने समर्थन के लिए इस ग्रूप में जोड़ दिये हैं। जो कतई उचित नहीं है। (जारी…)
उन्होंने यह सब जानकारी देते हुए उपायुक्त से आग्रह किया है कि राम बाबू सिंह पर उचित करवाई करें एंव केन्द्रीय समिति के कुछ सदस्यों की मृत्यु हो जाने और अनेकों सदस्य के बुजुर्ग हो जाने के कारण इसकी पुनर्गठन किया जाए। जिसमें सकारात्मकता सोच वाले नौजवानों को केन्द्रीय शान्ति समिति से जोड़ने का पहल किया जाए।
बेरमो : बेरमो के सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने पूर्वी सिंहभूम के विधायक सरयू राय को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरयु राय जी ने जो मुद्दा झारखंड विधानसभा में उठाया है सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बेरमो उसके लिए सरयु राय जी का धन्यवाद करती है। (जारी…)
उन्होंने कहा कि तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब जी में झारखंड कि संगत का प्रतिनिधित्व शुरू से रहा है और हमेशा रहेगा। हम सभी मिलकर अपने हक के लिए लड़ेंगे। गौरतलब हो कि पटना के तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के होने वाले चुनाव में झारखण्ड के सिखों के वोटिंग अधिकार को समाप्त करने की कोशिश हो रही है, जिसके विरुद्ध में झारखण्ड के सिखों ने अपनी आवाज़ बुलंद की।
जमशेदपुर : जमशेदपुर और मानगो नगर निकायों के कचरा डंपिंग साइट सोनारी दोमुहानी के बायो माइनिंग और रिसोर्स रिकवरी को लेकर जमशेदपुर अक्षेस के साथ गुरु रामदास कंस्ट्रक्शन के बीच एक अहम समझौता पर हस्ताक्षर हुआ। जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार और गुरु रामदास कंस्ट्रक्शन के टेक्निकल डायरेक्टर डॉ प्रशांत चेंदके के बीच यह समझौता हुआ। इसके तहत उक्त कचरा स्थल को पार्क के रुप में विकसित किया जायेगा।(जारी…)
वहां का पूरा डंपिंग को ही बंद कर दिया जायेगा। छह माह में करीब 48 हजार मीट्रिक टन कचरा का निष्पादन किया जाना है। वहां के सारे कचरे को हटाकर वहां बायो माइनिंग के जरिये सारे कचरे को साफ कर उसके ऊपर ही पार्क विकसित किया जायेगा ताकि लोग उसका इस्तेमाल कर सके।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के विधायक सरयू राय की पार्टी भारतीय जनतंत्र मोर्चा (भाजमो) के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमित शर्मा ने टेल्को मंडल का विस्तार किया है।(जारी…)
इसके तहत अध्यक्ष आयुष प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज कुमार, महामंत्री रवि सिंह, उपाध्यक्ष सोहित कुमार राकेश कुमार, प्रसाद नायक, चंदन प्रसाद, मंत्री अमन कुमार, स्वर्ण सिंह, राहुल सिंह, कार्यकारिणी सदस्य राहुल कुमार, सूरज कुमार, सौरभ कंसा, विष्णु गोप, आजाद कुमार, संजय कुमार , सौरभ तंटुबाई सहित अन्य बनाये गये है। (जारी…)
घोषणा बारीडीह स्थित विधानसभा कार्यालय में की गई। इस अवसर पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय उपस्थित थे। श्री राय ने सभी पदाधिकारियों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
जमशेदपुर : इंटक की राष्ट्रीय संगठन सचिव देविका सिंह को महिला इंटक का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनित किया गया है। इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी ने देविका सिंह को तत्काल प्रभाव से मनोनित करते हुए केंद्रीय कमेटी का भी गठन करने को कहा है। देविका सिंह ने अपने इस मनोनयन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी और महामंत्री संजय सिंह के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिस आशा और उम्मीद के साथ उनको यह जिम्मेवारी मिली है, उसको वह पूरा करेगी। उन्होंने इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडे और मेटल फेडरेशन के पदाधिकारी रघुनाथ पांडेय के प्रति भी आभार प्रकट किया है। (जारी..)
धनबाद के राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि की देविका सिंह टाटा ग्रुप में इंजीनियर एसके सिंह से विवाह के बाद जमशेदपुर की हो गई। वर्ष 2000 में इंटक में प्रवेश करने के बाद टीआरएफ यूनियन में कोषाध्यक्ष, बीओसी यूनियन में डिप्टी प्रेसिडेंट, आईएनएमएफ में संगठन सचिव, राष्ट्रीय इंटक में संगठन सचिव, महिला इंटक में राष्ट्रीय कमेटी में उपाध्यक्ष के बाद अब महिला इंटक में सर्वोच्च पद राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेवारी संभालेगी।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एम रोड श्रीलेदर्स कंपनी के मालिक शेखर डे के पुत्र सुशांत डे के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में एक केस दायर किया गया है। (जारी…)
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना के सिरुम निवासी मनमोहन महतो की ओर से यह केस दायर किया गया है। इसमें बताया गया है कि सुशांत डे की ओर से श्रीलेदर्स के कर्मचारियों को फ्लैट दिया गया था। बिष्टुपुर में दिये गये इस फ्लैट में ज्वलनशील पदार्थ के रख-रखाव में लापरवाही बरतने के कारण गैस सिलेंडर फटने से कमरे में आग फैलने से तीन लोग आग से झुलस गये, जिनको टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। (जारी…)
कर्मचारी मनमोहन महतो के अलावा सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल के गागोडीह निवासी महाबीर सिंह सरदार और चांडिल गागोडीह निवासी राजकुमार गोराई भी इस घटना में झुलस गये है। बिष्टुपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।