मुम्बई : अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने की माता श्रीमती स्नेहलता दीक्षित का आज सुबह 8.40 बजे निधन हो गया है। इस बात की जानकारी माधुरी दीक्षिक के पारिवारिक सहयोगी रिक्कू राकेश नाथ ने दी। उन्होंने बताया कि स्नेहलता दीक्षित का घर पर ही स्वाभावित तरीके से निधन हुआ है।
वहीं माधुरी दीक्षित ने भी इस बारे में दुखद समाचार साझा किया है। उन्होंने लिखा, ‘हमारी प्यारी प्यारी आई स्नेहलता दीक्षित आज सुबह अपने प्रियजनों के बीच से चली गईं। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे डॉ ई मूसा रोड, जीजामाता नगर, वर्ली मुंबई स्थित वैकुंठ धाम में होगा’।
झारखंड में पूरी तरह से बनी बहुप्रतीक्षित हिंदी फिल्म लोहरदगा आज 10 मार्च को पूरे देश के सिनेमाघरों में रिलीज की जा रही है. इस फिल्म का इंतजार दर्शकों को वर्षों से था. फिल्म के निर्देशक श्री लाल विजय शाहदेव ने बताया कि यह उनकी पहली फिल्म है, जिसे उन्होंने निर्देशित किया है. यह बहुत गर्व की बात है कि इस फिल्म में झारखंड के 100 से अधिक कलाकारों ने काम किया है.
फिल्म में संजय मिश्रा, विजय राज, अखिलेंद्र मिश्रा जैसे प्रतिभाशाली और जाने-माने कलाकार हैं, साथ ही रवि झंकल, दधी पांडे, नीतू पांडे, चारुल मलिक, हंसराज जगताप, सुमित भोक्से, ऋषि ठाकुर, रकीब अरशद, अशोक गोप, मधु रॉय, पंकज सिन्हा, विनोद सोनी, वर्षा लकड़ा, शिशिर पंडित, ओम प्रकाश, काका जी, चंदा कुमारी, प्रिया अंबष्ट प्रमुख भूमिकाओं में हैं. फ़िल्म में मुख्य किरदार को जीवंत किया है सर्वदमन ने जिनकी यह पहली फ़िल्म है. सभी अभिनेताओं ने अपने किरदारों पर कड़ी मेहनत की है और अपने चरित्र को पर्दे पर जीवंत किया है. फ़िल्म का कॉन्सेप्ट बीरेन्द्र पासवान की है जिसे लाल विजय शहदेव ने लिखा है.
लोहरदगा और झारखंड के पड़ोसी क्षेत्रों की सच्ची घटनाओं से प्रेरित, फिल्म 20 वर्ष की आयु के एक युवा देशभक्त लड़के मनु की यात्रा को दर्शाती है, जिसकी जीवन की महत्वाकांक्षा सेना में भर्ती होने की है. लेकिन वह एक गारंटीशुदा सरकारी नौकरी के लालच में एक एजेंट के जाल में फंस जाता है, जो उसे एक नक्सली के रूप में अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद मिलेगा. कहानी इस बात के इर्द-गिर्द घूमती है कि क्या होता है जब मनु अन्य 19 युवा लड़कों के साथ नक्सली बनकर आत्मसमर्पण करने जाता है.
गरीबी और बेरोजगारी से निराश आज का युवा गुमराह होकर नक्सली समूहों में शामिल होने के लिए उनका ब्रेनवाश किया जा रहा है। कुछ एनजीओ और अधिकारी शोहरत और पहचान पाने की उम्मीद में इस तरह के फर्जी सरेंडर करने की साजिश रचकर युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। यह फिल्म उन भटके हुए युवाओं को बचाने और उन्हें समाज की मुख्य धारा में वापस लाने का मिशन है। “लोहरदगा” एक भावनात्मक थ्रिलर है जो न केवल गंभीर सामाजिक मुद्दों को दिखाती है बल्कि दर्शकों का मनोरंजन भी करती है.
फिल्म की निर्माता डॉ. नेहा शांडिल्य ने कहा कि फिल्म की कहानी दिल को छूती है और दर्शक इसकी कहानी से तुरंत जुड़ जाएंगे. देहाती पृष्ठभूमि में पात्रों के यथार्थवादी चित्रण के माध्यम से निर्देशक की दृष्टि जीवित हो गई है क्योंकि कहानी एक मनोरम गति से सामने आती है. संजय मिश्रा और विजय राज की जोड़ी का शानदार प्रदर्शन दर्शकों को खूब रास आने वाला है. सभी कलाकारों ने अपने किरदारों को पूरी शिद्दत से निभाया है. फिल्म का निर्माण रोज क्वार्ट्ज एंटरटेनमेंट के बैनर तले आकृति एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया गया है.
मशहूर अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक के निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री सदमें में है। बताया गया है कि सतीश कौशिक का बुधवार रात निधन हो गया। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के दीनदयाल अस्पताल की मोर्चरी में है। पोस्टमार्टम के बाद उनकी बॉडी परिजनों को सौंप दी जाएगी। निधन से एक दिन पहले ही उन्होंने होली के जश्न को लेकर ट्वीट भी किया था। अनुपम खेर ने बताया कि कौशिक दिल्ली में अपने एक दोस्त के घर पर थे। जब उन्होंने बेचैनी होने की शिकायत की।
अनुपम खेर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”बेचैनी महसूस होने के बाद कौशिक ने ड्राईवर से उन्हें अस्पताल ले जाने को कहा। देर रात करीब एक बजे उन्हें (अस्पताल जाते समय) रास्ते में ही दिल का दौरा पड़ा।” इससे पहले अनुपम खेर ने एक ट्वीट में लिखा था कि वह कौशिक के आकस्मिक निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध हैं। उम्मीद की जा रही है कि दोपहर करीब 3 बजे अभिनेता का शव मुंबई पहुँच जाएगा जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।
अनुपम खेर ने ट्वीट कर दी जानकारी
अनुपम खेर ने अपने ट्वीट के जरिये यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, ”मुझे पता है कि मृत्यु अंतिम सत्य है, लेकिन मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे अपने सबसे अच्छे दोस्त सतीश कौशिक के बारे में ऐसा लिखना होगा। 45 साल की दोस्ती पर अचानक पूर्ण विराम। तुम्हारे बिना जीवन पहले जैसा नहीं रहेगा सतीश। ओम शांति”
कंगना रणौत ने कही ये बात
‘कंगना रणौत ने सतीश कौशिक को याद करते हुए लिखा, “आज मेरी सुबह इस भयानक खबर के साथ हुई। वह मेरे सबसे बड़े चीयरलीडर थे, एक बहुत ही सफल अभिनेता और निर्देशक थे। सतीश कौशिक जी व्यक्तिगत रूप से भी बहुत दयालु और सच्चे इंसान थे, मुझे उनको इमरजेंसी में निर्देशित करना बहुत पसंद था। उनकी कमी खलेगी, ओम शांति।”
मुख्यमंत्री योगी ने दिए श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सतीश कौशिक को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया “प्रख्यात अभिनेता एवं फिल्म निर्देशक श्री सतीश कौशिक जी का निधन अत्यंत दुःखद तथा फिल्म जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों व उनके प्रशंसकों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति!