भाजयुमो प्रदेश मंत्री अमित अग्रवाल ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में मेडिकल एडमिशन से जुड़ा बड़ा और संगठित घोटाला सामने आया है. उनके अनुसार एसटी और एससी कोटे में झारखंड से बाहर के विद्यार्थियों को फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र बनवाकर दाखिला दिलाया जाना बेहद गंभीर आपराधिक कृत्य है.

अग्रवाल ने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली की एक छात्रा को, दिल्ली की निवासी होने के बावजूद, गिरिडीह निवासी दिखाकर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एसटी श्रेणी के तहत प्रवेश दिलाया गया. यह मामला साबित करता है कि पूरे प्रकरण के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था और राज्य सरकार ने इस गोरखधंधे को जानबूझकर पनपने दिया.
उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऐसे सैकड़ों फर्जी एडमिशन कराए गए हैं, जिनके कारण झारखंड के हकदार आदिवासी और दलित विद्यार्थियों का आरक्षित हक छिन गया है. अग्रवाल के मुताबिक यह न केवल आरक्षण व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है, बल्कि राज्य के मेहनती और योग्य युवाओं के भविष्य पर सीधा प्रहार भी है.
अमित अग्रवाल ने स्पष्ट आरोप लगाया कि यह महज़ अनियमितता नहीं, बल्कि एक बड़ा घोटाला है जिसमें सरकार की शह पर बाहरी छात्रों को लाभ पहुँचाने के लिए पूरे सिस्टम को भ्रष्ट कर दिया गया. उन्होंने मांग की कि इस गंभीर प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि पूरे सच का खुलासा हो सके और दोषी अधिकारियों तथा बिचौलियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो.










