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बड़ी खबर: महंगाई की आग में झुलसा कारोबार! कमर्शियल LPG में ₹993 का रिकॉर्ड उछाल, छोटे सिलेंडर भी हुए महंगे

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नई दिल्ली/जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज: देश में महंगाई का एक और बड़ा धमाका हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता के कारण तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है। आज से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी वृद्धि की गई है, जिससे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।n7106070101777615334785430e488e94993d5853f6b7e4e2f240bf3b7ac3ea9ad8b6e63b5319c8924a3d3e

छोटे कारोबारियों पर दोहरी मार

​सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और घरेलू उपयोग (बिना सब्सिडी) के लिए इस्तेमाल होने वाले 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर के दामों में भी ₹261 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है। तीसरी धारा न्यूज की टीम द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, यह नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

मेट्रो शहरों में नई कीमतें (19 KG कमर्शियल सिलेंडर):

शहर

पुरानी कीमत (लगभग)

नई कीमत (आज से)

बढ़ोतरी

दिल्ली

₹2,078.50

₹3,071.50

₹993

5 किलो FTL

₹1,493.50

₹1,754.50

₹261

आम आदमी को राहत: घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर

​राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार ने घरेलू उपयोग वाले 14.2 किग्रा के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के करीब 33 करोड़ परिवारों को इस महंगाई से फिलहाल दूर रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी पर सब्सिडी जारी रहेगी ताकि आम जनता के बजट पर सीधा बोझ न पड़े।

क्यों लगी कीमतों में आग?

तीसरी धारा न्यूज के विश्लेषण के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

  • ब्रेंट क्रूड का उछाल: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चा तेल ₹126 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर तक जा पहुँचा था।
  • आयात निर्भरता: भारत अपनी गैस जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय दरों और डॉलर की विनिमय दर का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।

खतरे की घंटी: अब बाहर खाना होगा महंगा

​कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और हलवाई की दुकानों पर पड़ेगा। लागत बढ़ने के कारण आने वाले कुछ हफ्तों में बाहर मिलने वाले भोजन, नाश्ते और मिठाई की कीमतों में 10% से 15% तक की वृद्धि देखी जा सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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