राँची | तीसरी धारा न्यूज

झारखंड सरकार राज्य में शराब परोसने की व्यवस्था को पूरी तरह से हाई-टेक और व्यवस्थित करने की तैयारी में है। ‘झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब नियमावली 2026’ का खाका तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे अंतिम संशोधन के साथ राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में शराब परोसने के नए नियम लागू हो जाएंगे।
क्या है नई नियमावली 2026?
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 7 फरवरी को इस नियमावली का प्रारूप सार्वजनिक किया था। 20 फरवरी तक जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। वर्तमान में विभाग प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा कर रहा है।
प्रमुख प्रावधान: 5-स्टार होटलों को बड़ी राहत
प्रस्तावित नियमों में सबसे बड़ा आकर्षण समय सीमा को लेकर है:
- वीआईपी कल्चर: राज्य के 5-स्टार होटलों को विशेष सुविधा देते हुए सुबह 4 बजे तक शराब परोसने की अनुमति दी जा सकती है।
- श्रेणीबद्ध समय: अन्य बार, रेस्टोरेंट और क्लबों के लिए जिलावार और श्रेणीवार समय निर्धारित किया जाएगा।
- पारदर्शिता: लाइसेंस शुल्क और सुरक्षा जमानत राशि (Security Deposit) को नई श्रेणियों के आधार पर तय किया गया है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
व्यवसायियों का विरोध: वैट और भारी शुल्क पर रार
नई नियमावली को लेकर राज्य के होटल और बार संचालकों में भारी नाराजगी भी देखी जा रही है। व्यवसायियों की मुख्य आपत्तियां निम्नलिखित हैं:
- दोहरी मार (VAT vs GST): व्यापारिक संगठनों का कहना है कि जीएसटी के दौर में ‘वैट’ (VAT) लगाना अनुचित है। इससे शराब की कीमतें बढ़ेंगी और पर्यटन उद्योग प्रभावित होगा।
- आर्थिक बोझ: लाइसेंस शुल्क और जमानत राशि में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट संचालकों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
कैबिनेट की मुहर का इंतजार
विभाग अब इन आपत्तियों की समीक्षा कर रहा है। समीक्षा के बाद संशोधित ड्राफ्ट कैबिनेट को भेजा जाएगा। सरकार का तर्क है कि इस नियमावली से अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगेगी और राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज










