एक नई सोच, एक नई धारा

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नगर निकाय व्यवस्था: “जागरूक नागरिक ही मजबूत शहर की नींव”, अंकित सिन्हा ने वार्ड पार्षद और मेयर के अधिकारों पर रखी बेबाक राय

जमशेदपुर | 16 फरवरी 2026 शहर में स्थानीय निकाय चुनावों और नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सरगर्मी तेज है। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अंकित सिन्हा ने वार्ड पार्षदों और मेयर के अधिकारों व कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए जनता के बीच जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त की है।

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अधिकारों का गणित: कौन क्या करता है?

​अंकित सिन्हा ने स्पष्ट किया कि अक्सर आम जनता अपनी समस्याओं को लेकर भ्रमित रहती है कि किसे जिम्मेदार ठहराया जाए। उन्होंने कार्यप्रणाली को दो मुख्य स्तरों पर समझाया:

  • वार्ड पार्षद की भूमिका: अपने सीमित क्षेत्र (वार्ड) की बुनियादी समस्याओं जैसे सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई के लिए सीधे जिम्मेदार होते हैं। वे जनता और अधिकारियों के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं।
  • मेयर की जिम्मेदारी: मेयर पूरे शहर का नेतृत्व करते हैं। नगर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करना, शहर का बजट पास करना और बड़ी विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करना उनकी मुख्य भूमिका है।

“भ्रम से विकास में आती है बाधा”

​प्रेस को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा, “जब तक जनता को यह नहीं पता होगा कि उनके प्रतिनिधि के अधिकार क्या हैं, तब तक जवाबदेही तय करना मुश्किल है। बिना जानकारी के विकास कार्यों को लेकर हमेशा भ्रम बना रहेगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एक जागरूक नागरिक ही प्रशासन को पारदर्शी बना सकता है।

“जागरूक नागरिक ही मजबूत नगर की नींव होते हैं। अधिकारों की स्पष्ट जानकारी ही पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगी।” — अंकित सिन्हा

जल्द शुरू होगा जागरूकता अभियान

​अंकित सिन्हा ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नगर प्रशासन की जटिल संरचना को सरल भाषा में समझाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना है।

​स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि वार्ड स्तर पर अटके हुए कार्यों में भी तेजी आएगी।

तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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सरायकेला: उपद्रवियों ने फूंका कचरा चुनने वाली महिला का आशियाना, मंगलम सिटी सर्विस रोड पर मची अफरा-तफरी

सरायकेला (रिपोर्टर): सरायकेला-खरसावां जिले के मंगलम सिटी सर्विस रोड के समीप बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक झोपड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। इस आगजनी में कचरा चुनकर अपना गुजर-बसर करने वाली एक गरीब महिला का आशियाना जलकर पूरी तरह राख हो गया।

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पानी लेने गई थी पीड़िता, पीछे से धधक उठी झोपड़ी

​पीड़िता मोनिका गोप ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह और उसके पति कुछ देर के लिए पीने का पानी लाने गए थे। इसी बीच अज्ञात उपद्रवियों ने उनकी झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया। जब तक वे वापस लौटे, आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि घर के भीतर रखा सारा सामान, जमा पूंजी और गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो चुका था।

फायर ब्रिगेड की मशक्कत और स्थानीय लोगों की तत्परता

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इसे आसपास फैलने से रोका। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, मोनिका का घर पूरी तरह नष्ट हो चुका था।

साजिश की आशंका: असामाजिक तत्वों पर निशाना

​स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में आगजनी की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि:

  • ​कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
  • ​क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
  • ​बेसहारा लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

न्याय और मुआवजे की गुहार

​सर्वस्व खो चुकी मोनिका गोप और उनके परिवार ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि:

  1. ​अज्ञात दोषियों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  2. ​पीड़ित परिवार को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे फिर से सिर छिपाने की जगह बना सकें।

तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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जमशेदपुर: “मकान मालिक और भाड़ेदार की है ये जंग”, कांग्रेस नेता जितेन्द्र सिंह का बन्ना गुप्ता पर तीखा हमला

जमशेदपुर (रिपोर्ट: सुब्रतो सिंह): जमशेदपुर के मानगो में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस नेता जितेन्द्र सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जितेन्द्र सिंह ने इसे ‘असली कांग्रेसी’ बनाम ‘नकली कांग्रेसी’ की लड़ाई करार दिया है।

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“हार के डर से मुस्लिम जनता को कर रहे गुमराह”

​जितेन्द्र सिंह ने दावा किया कि बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी की संभावित हार से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा, “बन्ना गुप्ता को अपनी पत्नी की हार का डर सता रहा है। इसी बौखलाहट में वे अपने प्यादों के जरिए मेरे निष्कासन की चिट्ठी का प्रोपगेंडा फैला रहे हैं ताकि मुस्लिम मतदाताओं को गुमराह किया जा सके।”

मकान मालिक बनाम भाड़ेदार

​प्रेस वार्ता के दौरान जितेन्द्र सिंह ने एक दिलचस्प उपमा देते हुए कहा कि यह लड़ाई ‘मकान मालिक’ और ‘भाड़ेदार’ की है।

​”मैं कांग्रेस का पुराना वफादार यानी ‘मकान मालिक’ हूं और बन्ना गुप्ता सिर्फ एक ‘भाड़ेदार’ हैं। आज एक भाड़ेदार, मकान मालिक को ही बेदखल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन चुनाव के बाद स्थिति बदल जाएगी और बन्ना गुप्ता को पार्टी छोड़कर भागना पड़ेगा।”

“मानगो को आतंक से मिलेगी मुक्ति”

​जितेन्द्र सिंह ने इस चुनाव को बन्ना गुप्ता के राजनीतिक ‘विसर्जन’ का चुनाव बताया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा:

  • ​यह चुनाव मानगो की जनता को बन्ना गुप्ता के ‘आतंक’ से मुक्ति दिलाएगा।
  • ​कांग्रेस मेरी पैतृक पार्टी है, मैं किसी फर्जी चिट्ठी से डरने वाला नहीं हूं।
  • ​मैं अपनी पूरी ताकत से चुनाव लड़ूंगा और जीत हासिल करूंगा।
  • ​इस मामले को कांग्रेस के ‘दिल्ली दरबार’ (हाईकमान) तक ले जाया जाएगा।

​जितेन्द्र सिंह ने अंत में विश्वास जताते हुए कहा कि मानगो की जनता ने अपना मन बना लिया है और 23 फरवरी को ‘वोट की चोट’ से इसका करारा जवाब दिया जाएगा।

तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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जुगसलाई नगर परिषद चुनाव: कांग्रेस ने कसी कमर, 22 वार्डों के लिए पर्यवेक्षकों की फौज तैनात; जीत का बनाया ‘मास्टर प्लान’

जमशेदपुर:

आगामी जुगसलाई नगर परिषद चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने वार्ड संख्या 1 से 22 तक के लिए वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं।

डोर-टू-डोर अभियान और चुनाव प्रबंधन पर जोर

​जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह के अनुसार, इन पर्यवेक्षकों का मुख्य कार्य न केवल चुनाव प्रबंधन संभालना होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ‘डोर-टू-डोर’ (घर-घर) संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं को पार्टी की विचारधारा और विकास कार्यों से जोड़ना भी होगा।

अनुभवी नेताओं की लंबी सूची

​पार्टी ने अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाते हुए निम्नलिखित नेताओं को मैदान में उतारा है:

  • प्रमुख नाम: रविन्द्र कुमार झा, कमलेश कुमार पाण्डेय, अमरजीत नाथ मिश्र, रामलाल प्रसाद, सुनील प्रसाद, अशोक सिंह, संजय यादव, रईस रिजवी छब्बन और राकेश साहू।
  • महिला नेतृत्व: अपर्णा गुहा, गीता सिंह, नलिनी सिन्हा, सीमा मोहंती, नमिता सिंह और ज्योति मिश्रा।
  • युवा एवं अन्य वरिष्ठ नेता: सत्यम सिंह, मो शब्बीर (लालबाबू), धर्मेन्द्र सोनकर, नवनीत मिश्र, शेखर कुमार, राजेश चौधरी, राजा ओझा, अंकुश बनर्जी, मनीष चन्द्रबंशी, राहुल गोस्वामी, नीरज साहू, बिजय पाण्डेय और संतोष कुमार सिन्हा।

क्षेत्रीय और विभागीय सहयोग

​पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पर्यवेक्षकों के साथ-साथ कांग्रेस के सभी विभागों के चेयरमैन और अन्य सक्रिय सदस्य जैसे इरशाद हैदर, राजू गद्दी, अजय मंडल, राजेन्द्र सिंह, रमन खान, राजनारायण यादव, रंजन सिंह, जोगी मिश्र, मो नौशाद, मो आलम, शाहनवाज खान, अबुबकर सिद्दिकी, मो आबिद, रमेश पाण्डेय, संजय कुमार झा, शमशेर आलम, सोमेन मंडल, सैयद जबिह उल्लाह, जयराम हॉसदा, सौरभ चटर्जी, सुरज मुण्डा और पी दामोदर पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे।

कांग्रेस की रणनीति के मुख्य बिंदु:

रणनीतिउद्देश्य
समन्वय समितिवार्ड स्तर पर उम्मीदवारों और संगठन के बीच बेहतर तालमेल।
पर्यवेक्षक प्रणालीचुनाव प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना।
संपर्क अभियानवार्ड 1 से 22 तक हर मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करना।

राजनीतिक गलियारों की चर्चा: कांग्रेस द्वारा इतनी बड़ी संख्या में पर्यवेक्षकों की तैनाती यह दर्शाती है कि पार्टी जुगसलाई नगर परिषद चुनाव को विधानसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट के रूप में देख रही है।

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जुगसलाई नगर परिषद चुनाव 2026: चुनावी रंजिश में हमला? प्रत्याशी इन्दु देवी के प्रचार वाहन पर हमला, पोस्टर-बैनर फाड़े; समर्थकों में आक्रोश

जमशेदपुर (जुगसलाई):

जैसे-जैसे 23 फरवरी की तारीख नजदीक आ रही है, जुगसलाई नगर परिषद चुनाव का सियासी पारा अब खतरनाक मोड़ लेने लगा है। मंगलवार को जुगसलाई में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार श्रीमती इन्दु देवी के चुनाव प्रचार वाहन को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

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क्या है पूरी घटना?

​जानकारी के अनुसार, इन्दु देवी का प्रचार वाहन रोजाना की तरह वार्डों में घूमकर मतदाताओं को जागरूक कर रहा था। इसी दौरान, कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने वाहन को रोककर उस पर लगे मुख्य बैनर और पोस्टरों को बेरहमी से फाड़ दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर सुनियोजित तरीके से आए थे और वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए।

समर्थकों का फूटा गुस्सा, निष्पक्ष जांच की मांग

​घटना की खबर फैलते ही इन्दु देवी के समर्थक बड़ी संख्या में जमा हो गए और इस कृत्य की कड़ी निंदा की। समर्थकों का आरोप है कि उनकी प्रत्याशी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर विपक्षी खेमे के कुछ लोग अब ओछी हरकतों और हिंसा पर उतर आए हैं।

  • मांग: समर्थकों ने स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग से मांग की है कि दोषियों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  • आरोप: यह न केवल एक गाड़ी पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव की शुचिता पर प्रहार है।

प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल

​23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर शहर में पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में दिनदहाड़े एक प्रत्याशी के प्रचार वाहन पर हमला होना, पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करता है। जुगसलाई की जनता अब यह देख रही है कि क्या पुलिस इन असामाजिक तत्वों पर नकेल कस पाएगी?

विशेष टिप्पणी: जुगसलाई में चुनावी प्रतिस्पर्धा अब वैचारिक न होकर व्यक्तिगत टकराव की ओर बढ़ती दिख रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाए ताकि मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें।

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तीसरी धारा विशेष: जमशेदपुर में ‘चुनावी महाकुंभ’ की दस्तक; 23 फरवरी को मतदान, अशोक गुलाटी की अनूठी अपील ने जीता शहरवासियों का दिल

जमशेदपुर (लौहनगरी):

झारखंड में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है और इसी के साथ जमशेदपुर की गलियों में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। 23 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान को लेकर जहाँ प्रशासन मुस्तैद है, वहीं शहर के जागरूक नागरिक और समाजसेवी भी लोकतंत्र के इस उत्सव को सफल बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

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दीवारों पर उकेरी गई लोकतंत्र की आवाज

​शहर की दीवारों पर लगे पोस्टर इन दिनों राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। इन पोस्टरों में मतदान की अनिवार्यता को बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली ढंग से समझाया गया है:

“महत्वपूर्ण है आपका योगदान, जरूर करने जाएं मतदान… नहीं करेंगे यदि मतदान, होगा बहुत बड़ा नुकसान।”

​यह नारा शहरवासियों को यह याद दिला रहा है कि एक दिन का आलस अगले 5 साल के विकास को प्रभावित कर सकता है। पोस्टर में 23.02.2026 की तारीख को बड़े अक्षरों में दर्शाया गया है ताकि किसी भी मतदाता से यह महत्वपूर्ण तिथि चूक न जाए।

समाजसेवी अशोक गुलाटी की सराहनीय पहल

​जागरूकता के इस महाभियान के पीछे शहर के जाने-माने समाजसेवी श्री अशोक गुलाटी (कुलर वाले) का नाम प्रमुखता से सामने आया है। ‘निवेदक’ के रूप में उनकी इस पहल की पूरे शहर में सराहना हो रही है। अक्सर व्यापारिक गतिविधियों में व्यस्त रहने वाले अशोक गुलाटी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए व्यक्तिगत स्तर पर यह कैंपेन चलाया है।

वीडियो बाइट ने पकड़ा जोर

​पोस्टर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो बाइट भी तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में संदेश दिया गया है कि:

  • ​लोकतंत्र केवल भाषणों से नहीं, आपके एक वोट से मजबूत होता है।
  • ​घर से निकलना और कतार में खड़ा होना ही एक जिम्मेदार नागरिक की असली पहचान है।
  • ​वोट डालना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि शहर के भविष्य के प्रति हमारा कर्तव्य है।

23 फरवरी: जमशेदपुर के लिए बड़ा दिन

​बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 23 फरवरी को जमशेदपुर सहित राज्य के विभिन्न निकायों में मतदान होना है। शहर के प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि इस तरह के गैर-राजनीतिक जागरूकता अभियानों से मतदान प्रतिशत में बड़ी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

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ओला इलेक्ट्रिक को बड़ा झटका: फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ जमानती वारंट जारी, 23 फरवरी को पेशी का आदेश

नई दिल्ली/गोवा:

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट की दिग्गज कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के फाउंडर और सीईओ भाविश अग्रवाल की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दक्षिण गोवा स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बार-बार नोटिस के बावजूद पेश न होने पर भाविश अग्रवाल के खिलाफ जमानती वारंट (Bailable Warrant) जारी किया है।

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क्या है आयोग का आदेश?

​आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बेंगलुरु पुलिस को निर्देश दिया है कि भाविश अग्रवाल को 23 फरवरी 2023 को सुबह 10:30 बजे आयोग के समक्ष पेश किया जाए।

  • मुचलका: चूंकि यह जमानती वारंट है, इसलिए उन्हें ₹1.47 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पर रिहाई मिल सकती है।
  • कारण: 4 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश के बावजूद भाविश अग्रवाल आयोग के सामने पेश नहीं हुए थे।

मामले की जड़: खराब स्कूटर और गायब सर्विस

​यह पूरा विवाद गोवा के निवासी प्रीतेश चंद्रकांत घड़ी की शिकायत से शुरू हुआ। मामला कुछ इस प्रकार है:

  1. खरीद: अगस्त 2023 में प्रीतेश ने ₹1.47 लाख में Ola S1 Pro (Second Gen) स्कूटर खरीदा था।
  2. समस्या: कुछ ही समय बाद स्कूटर के मोटर से अजीब आवाजें आने लगीं और टचस्क्रीन ने काम करना बंद कर दिया।
  3. लापरवाही: उपभोक्ता ने वाहन मरम्मत के लिए वास्को (गोवा) स्थित डीलर को दिया, लेकिन लंबे समय तक न तो वाहन ठीक हुआ और न ही कंपनी ने यह बताया कि वाहन वर्तमान में कहाँ है।

आयोग ने व्यक्तिगत पेशी क्यों मांगी?

​20 जनवरी को हुई पिछली सुनवाई में आयोग ने कड़ी टिप्पणी की थी। आयोग का कहना है कि चूंकि वाहन की वर्तमान स्थिति (Location) स्पष्ट नहीं है और कंपनी उपभोक्ता को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है, इसलिए सीईओ भाविश अग्रवाल को खुद आकर यह स्पष्ट करना होगा कि ग्राहक का वाहन कहाँ है और उसे अब तक वापस क्यों नहीं किया गया।

ओला के लिए बढ़ता संकट

​यह पहली बार नहीं है जब ओला इलेक्ट्रिक अपनी आफ्टर-सेल्स सर्विस (After-sales Service) को लेकर विवादों में है। सोशल मीडिया से लेकर उपभोक्ता अदालतों तक, कंपनी के खिलाफ सर्विस और रिपेयरिंग में देरी की हजारों शिकायतें लंबित हैं। अब सीधे फाउंडर के खिलाफ वारंट जारी होना कंपनी की ब्रांड इमेज के लिए बड़ा सेटबैक माना जा रहा है।

अगली सुनवाई: अब सबकी नजरें 23 फरवरी पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या भाविश अग्रवाल आयोग के समक्ष उपस्थित होते हैं या कंपनी इस मामले में कोई अन्य कानूनी रास्ता अपनाती है।

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बॉलीवुड में शोक की लहर: सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन, दिल्ली पहुंचे सिद्धार्थ और कियारा

नई दिल्ली/मुंबई:

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के सिर से पिता का साया उठ गया है। उनके पिता, सुनील मल्होत्रा का हाल ही में निधन हो गया, जिससे पूरे मल्होत्रा और आडवाणी परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। दुख की इस घड़ी में सिद्धार्थ अपनी पत्नी और अभिनेत्री कियारा आडवाणी के साथ तुरंत दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता को अंतिम विदाई दी।

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भावुक क्षण: पिता को दी अंतिम विदाई

​सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में सुनील मल्होत्रा का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। सिद्धार्थ अपने पिता के बेहद करीब थे, इसलिए यह समय उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है। अंतिम रस्में पूरी होने के बाद भी सिद्धार्थ और कियारा दिल्ली में ही रुके हुए हैं ताकि वे अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों को इस कठिन समय में सहारा दे सकें।

“मेरे पापा ही मेरे असली हीरो हैं”

​सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अक्सर सार्वजनिक मंचों और इंटरव्यू में अपने पिता के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया है। उन्होंने एक बार बेहद भावुक होकर कहा था, “मेरे पापा ही मेरे असली हीरो हैं, मेरे सबसे पसंदीदा हीरो।” * अनुशासन की सीख: सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कैप्टन रह चुके थे। उन्होंने सिद्धार्थ को बचपन से ही अनुशासन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत का महत्व सिखाया।

  • जमीन से जुड़ाव: सिद्धार्थ के अनुसार, उनके माता-पिता ने ही उन्हें सिखाया कि सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी इंसान को अपनी जड़ों और जमीन से जुड़े रहना चाहिए।

करियर और व्यक्तिगत जीवन

​सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 2012 में फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘एक विलेन’, ‘मिशन मजनू’ और विशेष रूप से ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई। साल 2023 में उन्होंने कियारा आडवाणी के साथ शादी की थी, जो इस दुखद समय में उनके साथ ढाल बनकर खड़ी हैं।

श्रद्धांजलि: सोशल मीडिया पर सिद्धार्थ के प्रशंसकों और बॉलीवुड की कई हस्तियों ने सुनील मल्होत्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मल्होत्रा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

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तीसरी धारा विशेष: जुगसलाई की चुनावी जंग हुई तेज, डॉली मल्लिक ने फूंका बिगुल; ‘चूड़ी छाप’ के लिए घर-घर जाकर मांगा समर्थन

जमशेदपुर (जुगसलाई):

नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच अध्यक्ष पद की सशक्त दावेदार डॉली मल्लिक ने मंगलवार को जुगसलाई के विभिन्न क्षेत्रों में तूफानी जनसंपर्क कर चुनावी माहौल को गरमा दिया है। गौशाला चौक से लेकर पुरानी बस्ती तक, डॉली मल्लिक ने न सिर्फ घर-घर जाकर वोट मांगे, बल्कि विरोधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए जनता को “डर के साये” से बाहर आने का आह्वान किया।

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“डर के आगे जीत है”: डॉली मल्लिक का हुंकार

​विभिन्न मोहल्लों में आयोजित नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए डॉली मल्लिक ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को किसी भी प्रकार के दबाव या डर में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “जुगसलाई की जनता सच्चाई को जानती है। डर के आगे ही जीत होती है। मेरा रिश्ता चुनाव का नहीं, बल्कि पिछले 15 वर्षों के सुख-दुख का है।”

चुनावी मेंढकों से सावधान रहने की अपील

​डॉली मल्लिक ने मतदाताओं को उन प्रत्याशियों से सावधान रहने की सलाह दी जो केवल चुनाव के समय नजर आते हैं। उन्होंने कहा:

  • मौसमी राजनीति: कई लोग चुनाव आते ही बड़े-बड़े वादे करते हैं और फिर 5 साल के लिए गायब हो जाते हैं।
  • विभाजनकारी राजनीति: समाज को बांटकर वोट लेने वालों को जुगसलाई की जनता इस बार सबक सिखाएगी।
  • लक्ष्य: मेरा एकमात्र लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि हर वर्ग और समाज को साथ लेकर जुगसलाई का सर्वांगीण विकास करना है।

‘चूड़ी छाप’ पर मुहर लगाने की अपील

​जनसंपर्क के दौरान उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे क्रम संख्या 3 पर अंकित ‘चूड़ी छाप’ का बटन दबाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि क्षेत्र के रुके हुए विकास कार्यों को नई गति दी जा सके।

समर्थकों का भारी हुजूम

​इस अभियान में डॉली मल्लिक को भारी जनसमर्थन मिलता दिखा। उनके साथ मुख्य रूप से:

  • ​जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक एवं गीतांजलि महतो (बोड़ाम)
  • ​वरिष्ठ नेता माणिक महतो, दिनेश जायसवाल और विक्की सोनकर
  • ​ममता, रिमा, अंकुश साहनी, मुकेश शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं शामिल रहीं।
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जुगसलाई नगर परिषद: वार्ड संख्या 8 में निताई चंद्र सासमल का तूफानी जनसंपर्क, ‘साइकिल पंप’ के लिए मांगा समर्थन

जमशेदपुर (जुगसलाई):

नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच वार्ड संख्या 8 से प्रत्याशी और प्रमुख समाजसेवी निताई चंद्र सासमल ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं के बीच चुनाव पर्चियों का वितरण किया और अपने चुनाव चिन्ह ‘साइकिल पंप छाप’ पर मुहर लगाकर भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

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प्रमुख क्षेत्रों में किया दौरा

​निताई सासमल ने अपने समर्थकों की भारी फौज के साथ वार्ड के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • एम.ई. स्कूल रोड
  • हरिजन बस्ती
  • राजस्थान सेवा सदन अस्पताल परिसर
  • कुम्हारपाड़ा

विकास का ‘संकल्प पत्र’: क्या हैं वादे?

​जनसंपर्क के दौरान मतदाताओं को संबोधित करते हुए निताई सासमल ने वार्ड के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने वादा किया कि यदि जनता का आशीर्वाद मिला तो वे निम्नलिखित कार्यों पर विशेष ध्यान देंगे:

  1. महिला सम्मान और सुरक्षा: महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ पूरे वार्ड में सुरक्षा हेतु CCTV कैमरा लगवाना।
  2. शिक्षा और रोजगार: युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा की व्यवस्था और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
  3. बुनियादी सुविधाएं: नालियों की नियमित सफाई, गलियों में स्ट्रीट लाइट और संक्रामक रोगों से बचाव हेतु नियमित दवा का छिड़काव।
  4. दिव्यांग सहायता: विकलांगों के लिए उनकी जरूरत के सहायक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करना।

समाज सेवा ही मुख्य आधार

​निताई सासमल ने कहा कि वे राजनीति में पद के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए आए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वे वर्षों से समाज के वंचित वर्गों की सेवा करते आ रहे हैं और जुगसलाई की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा, “मैं आपका प्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक भाई बनकर वार्ड की सेवा की मिसाल पेश करूँगा।”

समर्थकों का भारी हुजूम

​आज के जनसंपर्क अभियान में युवाओं और स्थानीय लोगों का भारी समर्थन देखने को मिला। उनके साथ मुख्य रूप से लिप्पू शर्मा, नारायण सिंह, सतीश जायसवाल, अमर सिंह, सतीश गोयल, मंगलू प्रजापति, गणेश रविदास, श्याम बिहारी और अनूप खान सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल थे।

चुनावी चर्चा: वार्ड नंबर 8 के मतदाताओं के बीच निताई सासमल की स्वच्छ छवि और उनके पुराने सेवा कार्यों को लेकर काफी सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।

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