प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बिरसानगर में बन रहे आवासों का आवंटन बुधवार को लॉटरी के माध्यम से किया गया. 9532 आवास में तीसरे चरण में 696 लाभुकों को किफायती आवास आवंटित किए गए हैं
हालांकि आवास का निर्माण अभी चल रहा है. आवंटन के संबंध में जानकारी देते हुए जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक-3 अन्तर्गत बिरसानगर में जी+8 भवन का निर्माण कराया जा रहा है. जिसमें 32 ब्लॉक में कुल 9592 आवासों का निर्माण किया जाना है. तीसरे चरण में 696 सक्षम लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटित किए गए.
इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से रैंडमाइजेशन के माध्यम से लॉटरी निकाली गई. उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको को भूतल में 65 तथा समान्य वर्ग के 631 लाभुकों को प्रथम से छठा तल्ला में आवास आवंटित हुआ. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि जमशेदपुर पूर्वी के विधायक, प्रतिनिधि, डीआरडीए निदेशक सौरभ सिंहा , एडीसी, एडीएम, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी, जेएनएसी के नगर प्रबंधक, प्रधानमंत्री आवास (शहरी) के विशेषज्ञ समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
टाटा वर्कर्स यूनियन हाई स्कूल के सभाकक्ष में सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी, एमआईएस को ऑर्डिनेटर की बैठक आहूत की गई। बैठक में सभी बच्चों का खाता पोस्ट ऑफिस में खोलने हेतु निर्देश दिए गए। इस बैठक में पोस्ट ऑफिस के सीनियर पदाधिकारी उपस्थित थे जिन्होंने खाता खोलने से संबंधित पूरी प्रक्रिया एवं फॉर्म का वितरण किया । साथ ही 2023 -24 में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई जिसमें 100% बच्चों का खाता खोलना, आधार में रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्ण करना, ज्ञान सेतु कार्यक्रम चलाना, सभी विद्यालय के लाइब्रेरी में सड़क सुरक्षा संबंधित पुस्तिका रखना, ई विद्या वाहिनी में सीआरपी, बीआरपी का प्रतिदिन मॉनिटरिंग प्रतिवेदन अपलोड करना इत्यादि विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित हुए।
झारखंड विधानसभा की आंतरिक संसाधन एवं केन्द्रीय सहायता समिति ने समापति माननीय विधायक श्री इरफान अंसारी की अध्यक्षता में परिसदन में जिले के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। समिति सदस्य के रूप में माननीय विधायक श्री सोनाराम सिंकू बैठक में मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, राजस्व संग्रहण की स्थिति व विकास योजनाओं की समीक्षा तथा केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में प्रगति की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए । सभापति श्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने तथा सभी जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे इस दिशा में कृतसंकल्पित है । उन्होने गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में किसी प्रकार से पेयजल की समस्या उत्पन्न नहीं हो इसपर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विभागीय पदाधिकारी ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में विशेष टीम गठित कर खराब पड़े चापाकल, जलमीनार के मरम्मती का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रखंडवार टीम गठित की गई है जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पेयजल स्रोत के मरम्मती का कार्य करती है। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम एक्टिव है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों से भी खराब पड़े चापाकल, जलमीनार का फीडबैक लिया जा रहा । प्रदूषण बोर्ड के पदाधिकारी से जिले में संचालित उद्योगों के प्रदूषण सर्टिफिकेट, नदियों के पानी की क्वालिटी की जानकारी ली गई। विभिन्न विभागों में आंतरिक संसाधन से प्राप्त राजस्व की समीक्षा की गई। माननीय सभापति ने कहा कि विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन में सरकार को प्राप्त होने वाले राजस्व की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में गत वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए राजस्व संग्रह की समीक्षा समिति द्वारा की गई। सभी विभागों से रिपोर्ट प्राप्त किया गया है, जिसका अध्ययन करने के बाद समिति द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे ताकि राज्य में विकास कार्य और तेज गति से क्रियान्वित हो । समिति ने योजनाओं को ससमय पूर्ण करने पर बल दिया । पेयजल, सड़क निर्माण व विकास से जुड़ी अन्य योजनाएं जो 2 वर्ष या इससे पहले स्वीकृत हुईं लेकिन अबतक पूर्ण नहीं हो पाई हैं इसपर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों से कारण पूछा गया तथा जल्द से जल्द पूर्ण करने का निदेश दिया गया । बैठक में निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी श्रीमती ज्योत्सना सिंह, अपर उपायुक्त श्री जयदीप तिग्गा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राजीव रजंन, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री दीपू कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री दिनेश रंजन समेत अन्य सभी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर ग्रामीण के खेमाशुली में बुधवार की सुबह से कुड़मी समाज का रेल चक्का जाम आंदोलन शुरू हो गया I इसके चलते रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों जाम हो गए।
जानकारी के अनुसार, अब तक दक्षिण पूर्व रेलवे की 48 ट्रेनों के रद्द होने की सूचना है।
कुड़मी समाज की अनुसूचित जनजाति में शामिल होने की मांग
कुड़मी समाज अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। कुर्मी समुदाय के सदस्यों का दावा है कि उन्हें 1931 तक अनुसूचित जनजाति के रूप में पंजीकृत किया गया था, लेकिन देश आजाद होने के बाद कुछ अज्ञात कारणों से उन्हें एसटी सूची से बाहर रखा गया। उनका कहना है कि वे ओबीसी सूची में शामिल हैं, जबकि एसटी समुदाय की सुविधाओं के पात्र हैं।
बंंगाल व झारंखड में कुर्मी के वोट हैं बेहद अहम
एक आंकड़े में तो इस बात तक का खुलासा हुआ है कि बंगाल में लगभग 50 लाख कुर्मी हैं। जंगलमहल के चार जिलों में कम से कम 35 विधानसभा सीटों पर इनके वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यानि इन सीटों पर इस समुदाय के लोगों के वोट से उम्मीदवारों की हार-जीत-हार तय होती है। कुर्मी संगठनों के दावे के मुताबिक, झारखंड में उनकी आबादी 25 प्रतिशत है।
आंदोलन की भनक लगते ही रेलवे ने कई ट्रेनों को किया रद्द
समाज ने इससे पहले दिन राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की कोशिश की थी। अब कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों ने खेमाशुली में रेल ट्रैक पर उतर कर रेलवे परिचालन सेवा को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। इस आंदोलन की पूर्व में भनक लगते ही रेलवे ने इस डिवीजन से चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
आरपीएफ व पुलिस बल ने संभाला मोर्चा
खेमाशुली में कुड़मी समाज के आंदोलन के मद्देनजर रेलवे ने भी बड़े स्तर पर तैयारी की है। रेलवे के द्वारा काफी संख्या में आरपीएफ के जवानों को खेमाशुली में प्रतिनियुक्त किया गया। वहीं विधि व्यवस्था के लिए राज्य पुलिस बल भी अलर्ट पर हैं। इस कुड़मी आंदोलन पर रेलवे व जिला प्रशासन की कड़ी नजर हैं।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के गुरुद्वारों में इन दिनों चुनावी माहौल बना हुआ है। 2023 की अप्रैल से पूर्व नई कमेटियों की घोषणा की जा रही है। पिछले दिनों मानगो गुरुद्वारा में भगवान सिंह को तीसरी बार प्रधान चुना गया था, जिसका विरोध भी हुआ था। इसी क्रम में बुधवार को टेल्को गुरुद्वारा का चुनाव कराया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से बलविंदर सिंह को नया प्रधान चुना गया। वहीं गुरशरण सिंह को महासचिव की सेवा सौंपी गई। नए प्रधान का कार्यकाल 2023 से 2026 तक के लिए तीन साल का होगा। शांतिपूर्ण ढंग से लॉटरी के द्वारा हुई चुनावी प्रक्रिया को लोग सराह रहे हैं। इधर, चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते ने अपनी कमेटी भंग की। उसके बाद प्रधान पद के लिए बलविंदर सिंह और गुरशरण सिंह के नाम सामने आये। तब लॉटरी के माध्यम से नया प्रधान चुना गया। ग्रंथी कश्मीर सिंह ने लॉटरी निकाली, जिसमें बलविंदर सिंह का नाम सामने आया। उसके बाद उन्हें प्रधान चुन लिया गया। दूसरे दावेदार को महासचिव बनाया गया। इस दौरान काफी संख्या में संगत, सिख स्त्री सत्संग सभा, नौजवान सभा और कमेटी के पदाधिकारी मौजूद थे। बता दें की पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते ने प्रधान पद के दो कार्यकाल में अच्छी सेवा निभाई है। इन छह सालों में विवाद उनसे कोसों दूर रहें। नए प्रधान बलविंदर सिंह अकाली दल जमशेदपुर के रामकिशन सिंह के बड़े पुत्र हैं। वह तोते की कमेटी में भी जॉइन्ट सेक्रेटरी के पद पर थे। रामकिशन सिंह भी इससे पूर्व छह सालों तक गुरुद्वारा के प्रधान रह चुके हैं।
ये थे मौजूद
चुनावी प्रक्रिया के दौरान टेल्को गुरुद्वारा में पूर्व प्रधान तोते के अलावा रामकिशन सिंह, सुखदेव सिंह खालसा, अजीत सिंह, कुलदीप सिंह, कुलवंत सिंह, राजेंद्र सिंह, बलकार सिंह, सुखदेव सिंह ग्रेवाल, हीरा सिंह, निरंजन सिंह, जगजीत सिंह, मनरूप सिंह, जसरूप सिंह, स्त्री सभा की अमृता कौर, कुलविंदर कौर, रानी कौर, नौजवान सभा के प्रधान मनिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह काके आदि उपस्थित थे।
दिल्ली सरकार कीआबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत अवधि समाप्त होने पर आज बुधवार को ईडी की टीम ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया।
ताजा मामले में कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 17 अप्रैल, 2023 तक बढ़ा दी है।
इससे पहले 22 मार्च को अदालत ने रिमांड की अवधि समाप्त होने पर सिसोदिया को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सिसोदिया इसके साथ ही सीबीआई मामले में भी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
सिसोदिया के वकील ने कोर्ट में दी थी ये दलीलें-
सिसोदिया की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विवेक जैन ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। जहां तक रिश्वत लेने का मामला है तो सिसोदिया व उनके परिवार के किसी सदस्य के खाते में कोई पैसा नहीं आया है। यह नीति कई विभागों के साथ उपराज्यपाल के पास और हर स्तर पर मंजूर हुई।
विवेक जैन ने कहा कि न तो कोई आरोप है और न ही ऐसा साक्ष्य है कि सिसोदिया ने रुपये लिए हैं। इतना ही नहीं नीति के लागू होने के बाद सरकार को बीते दस सालों में सबसे ज्यादा राजस्व मिला।
विवेक जैन ने कहा कि ऐसी कोई सामग्री नहीं पेश गई कि मनी लांड्रिंग अपराध करने में विजय नायर सिसोदिया के प्रतिनिधि थे। ऐसा भी नहीं है कि सिसोदिया ने किसी को बोला है कि ये नियम छोड़ दें या इसे लाइसेंस दे दें।
विवेक जैन ने कहा कि अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मैंने कैबिनेट फाइल से छेड़छाड़ की, लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि इस तरह का नोट कैबिनेट के पास गया था।
वहीं, ईडी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने कहा कि हम कुछ नए साक्ष्य जुटा रहे हैं, जोकि हवाला ऑपरेटर से जुड़ा है। ऐसे में हमें जिरह पेश करने के लिए 10 या 11 अप्रैल तक का समय चाहिए। ईडी की अपील स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई 12 अप्रैल के लिए स्थगित कर दी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले, 3 अप्रैल को सीबीआई से जुड़े मामले में मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 17 अप्रैल तक बढ़ा दिया। 31 मार्च को अदालत ने इसी मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
वहीं, बीते शुक्रवार को सीबीआई के मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए राउज एवेन्यू की विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि पूरे मामले में आपराधिक साजिश रचने का सिसोदिया को प्रथम दृष्टया सूत्रधार माना जा सकता है।
गौरतलब है कि आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने 26 फरवरी को आठ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें छह मार्च को न्यायिक हिरासत में जेल में भेज दिया था। ईडी के मनी लांड्रिंग मामले में भी न्यायिक हिरासत में हैं।
गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती की तैयारी को लेकर सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत राज्य सरकारों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, त्योहार का शांतिपूर्ण पालन करने और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाले किसी भी कारक की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
दरअसल, रामनवमी पर बिहार और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसा के बाद से केंद्र सरकार पहले से ही अलर्ट मोड पर है। इसलिए पहले ही सभी राज्यों को त्योहार के दौरान कड़ी निगरानी के निर्देश दे दिए गए हैं। इस बार केंद्र किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं करेगी। रामनवमी पर शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब तक थमने का नाम नहीं ले रही है। इसका सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल के हुगली में देखने को मिला। अब भी पश्चिम बंगाल और बिहार के शहरों में हिंसा की आग रह-रहकर दोबारा भड़क रही है।
उधर कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी हनुमान जयंती को लेकर बुधवार (5 अप्रैल) को आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार से कहा कि आप केंद्र सरकार से फोर्स मांगिए। अगर राज्य में पुलिस बल पर्याप्त नहीं है तो आप पैरामिलिट्री फोर्स की मदद ले सकते हैं। आखिरकार हम अपने नागरिकों की सुरक्षा चाहते हैं।
वहीं, दिल्ली में भी हनुमान जयंती से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी में फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने 6 अप्रैल को हनुमान जयंती पर जहांगीरपुरी इलाके में जुलूस निकालने के लिए विश्व हिंदू परिषद और एक अन्य समूह को अनुमति देने से मना कर दिया।
झारखंड : लगातार पांच बार बोरियो विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे विधायक लोबिन हेम्ब्रम अपने बेबाक रवैये और बयानबाजियों से कारण चर्चा में बने रहते हैं। कई बार वे अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लिए गए फैसलों के खिलाफ होते हैं और उनके खिलाफ मीडिया में खुलकर बयानबाजी करते हैं। हेम्ब्रम का ऐसा ही एक बयान इस वक्त सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें वे सीएम हेमंत सोरेन के रास्ते से भटकने की बातें कहते नजर आ रहे हैं।
‘आदिवासियों को गुमराह कर रहे सोरेन’
हेम्ब्रम ने खुलकर कहा है कि, ‘सीएम सोरेन उनके नेता नहीं, बल्कि नेता सिर्फ एक है जो गुरुजी शिबू सोरेन है। उनका मानना है कि गुरुजी ने जो मार्ग बताया वही सही है। मगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उस मार्ग से भटक चुके हैं। गुरुजी शुरू से आदिवासियों के लिए लड़ते आए हैं, इसलिए आदिवासी उनको अपना नेता मानते हैं। मगर हेमंत सोरेन आदिवासी को गुमराह कर रहे हैं। खुद को आदिवासी का चेहरा बताते हैं, मगर फायदा बाहरियों को दिलाने का काम करते हैं।’ उन्होंने खुलकर कहा है कि, ‘वे सदन के नेता हो सकते हैं, मगर वे हेमंत को अपना नेता नहीं मानते हैं।’
झामुमो तलाश रहा लोबिन का विकल्प?
दरअसल, 2024 का चुनाव अब निकट आ चुका है और सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को लुभाने में लग चुकी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए लोबिन स्पीड ब्रेकर का काम कर रहे हैं। इधर लोबिन ने झारखंड बचाव मोर्चा के गठन कर लिया है। उन्होंने इसके गठन के पीछे झारखंड में हो रही जल, जंगल, जमीन की लूट बताया है। हालांकि बनाए गय मोर्चा को अभी राजनीतिक रूप नहीं दिया गया है। मगर विशेषज्ञों की मानें तो अगर लोबिन का झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ ऐसे ही नोक झोंक चलती रही तो हो सकता है लोबिन 2024 के लिए इस मोर्चा को राजनीतिक दल में तब्दील कर दे। हालांकि ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि जेएमएम ने भी लोबिन के बगावत को भांपते हुए उनका विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है।
कार्रवाई हुई तो भाजपा ज्वाइन करेंगे लोबिन?
लगातार झामुमों के साथ बगावत करते लोबिन पर अब भाजपा मेहरबान होती दिख रही है। भाजपा के कई बड़े नेता अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोबिन का समर्थन करते देखे जा सकते हैं। लोबिन ने सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जो भाषण दिए हैं उस क्लिप को भाजपा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री और सरकार को घेरने में लग गई है। कहा ये भी जाने लगा है कि कहीं झामुमो द्वारा लोबिन पर कार्रवाई की गई तो लोबिन कहीं भाजपा में शामिल होकर संस्थान के लिए भाजपा का चेहरा न बन जाएं। हालांकि लोबिन हेम्ब्रम को आदिवासियों का साथ और भरोसा हमेशा मिलता रहा है। अगर ऐसी परिस्थिति बन भी जाती है तो निर्दलीय वे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज बुधवार को रिम्स ऑडिटोरियम में कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वाले 173 चिकित्सा पदाधिकारी एवं 297 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी के कंधों पर राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। आज से आप सभी लोग सरकार के अभिन्न अंग के रूप में कार्य करते हुए राज्य में स्वास्थ्य सेवा को और मजबूती प्रदान करेंगे। ग्रामीण क्षेत्र की जनता हो या शहरी क्षेत्र की जनता उनके स्वास्थ्य की रक्षा का जिम्मा अब आपके हाथों में है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में उन्होंने ये बातें कहीं।
गरीब-गुरबा लोगों के स्वास्थ्य रक्षा की जिम्मेदारी आपके कंधों पर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों से कहा कि आज से सरकार आपकी जिम्मेदारी ले रही है और आज से ही इस राज्य के गरीब-गुरबा लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की जिम्मेदारी आपको लेनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार आज के इस तकनीकी युग में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, उसी प्रकार स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र के साथ-साथ रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) परिसर में नवनिर्मित अकादमी भवन का उद्घाटन एवं कार्डियोलॉजी एवं रेडियोलॉजी विभाग के चार महत्वपूर्ण मशीनों का लोकार्पण किया गया है। इन आधुनिक तकनीकों से लैस मशीनों के लगने से यहां इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराया जा सकेगा। वैसे तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने-अपने स्तर पर कई संस्थाएं कार्य कर रही हैं, लेकिन झारखंड की बात करें तो यहां 70 से 80% लोग ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं और इन ग्रामीण लोगों को आज भी सरकारी व्यवस्थाओं पर विश्वास है।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना लक्ष्य
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार कल्याणकारी सोच के साथ सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को समान नजर से देखने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। आज हम रिम्स परिसर के अलग-अलग विभागों में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मशीनें लगा रहे हैं ताकि जरूरतमंद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा दे सकें। वैसे सुदूर क्षेत्र, जहां के ग्रामीणों को रिम्स पहुंचने में समय लगता है अथवा वे रिम्स नहीं पहुंच पाते हैं, उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी अब आप सभी नवनियुक्त चिकित्सा पदाधिकारियों के कंधों पर है। आने वाले समय में भी स्वास्थ्य क्षेत्र में कई और महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ेंगी। आज तो बस शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले भी हमारी सरकार ने बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिया था और आज भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां दी जा रही हैं। आने वाले समय में भी बड़ी संख्या में चिकित्सकों, नर्सों सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
स्वस्थ झारखंड समृद्ध झारखंड के सपने को साकार करेगी सरकार
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 के समय धैर्यपूर्वक ऐतिहासिक कार्य कर झारखंड में लोगों की जान बचाने का कार्य कर दिखाया है। आज राज्य सरकार की ओर से 173 चिकित्सा पदाधिकारी एवं 297 आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिला है। लोग चिकित्सकों को भगवान का दूसरा रूप मानते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी नवनियुक्त चिकित्सा पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करेंगे। मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड निरंतर समृद्धि की ओर आगे बढ़ रहा है। आगे भी बेहतर कार्य करते हुए हमारी सरकार स्वस्थ झारखंड और समृद्ध झारखंड के सपने को साकार करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता सहित अन्य अतिथियों ने राज्य से एनीमिया मिटाने के संकल्प के साथ एनीमिया किट का लोकार्पण किया। मौके पर नवनियुक्त चिकित्सा पदाधिकारियों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। मौके पर विधायक समरी लाल, विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव वंदना डाडेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, रिम्स निदेशक कामेश्वर प्रसाद, निदेशक आयुष फजलुस शमी सहित अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जमशेदपुर : कुड़मी समाज की ओर से अनिश्चितकालीन रेल चक्का जाम की घोषणा की गई है। इसके तहत टाटानगर और खड़गपुर के बीच खेमाशोली स्टेशन के पास और टाटानगर आद्रा स्टेशन के बीच कुस्तौर स्टेशन के पास कुड़मी समाज रेल ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करेगा। कुड़मी समाज द्वारा आंदोलन के कारण रेलवे ने स्टील एक्सप्रेस समेत 35 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके अलावा 10 ट्रेन शॉर्ट टार्मिनेट और एक ट्रेन के रूट में बदलाव किया है। इसको लेकर रेलवे ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
इन ट्रेनों को किया गया रद्द
ट्रेन नंबर 08641 आद्रा-बरकाखाना मेमो पैसेंजर स्पेशल ट्रेन नंबर 12828 पोरबंदर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08649 आद्रा-पुरुलिया मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 03595 बरकाखाना-आसनसोल मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 03598 आसनसोल-रांची मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर13301 धनबाद-टाटानगर स्वर्णरेखा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18183 टाटानगर-दानापुर सुपर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08650 पुरुलिया-आद्रा मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 18085 खड़गपुर-रांची मेमो एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18116 चक्रधरपुर-गोमो मेमो एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08054 टाटा-खड़गपुर मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08055 खड़गपुर-टाटा मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08015 खड़गपुर-झारग्रम मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08060 टाटा-खड़गपुर मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 03592 आसनसोल-बड़काखाना मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 18184 दानापुर-टाटा सुपर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08173 आसनसोल-टाटा मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08174 टाटा-आसनसोल मेमू स्पेशल ट्रेन नंबर 03594 आसनसोल-पुरुलिया मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 18036 हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18035 खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 03593 पुरुलिया-आसनसोल मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 08647 आद्रा-बड़ाभूम मेमो स्पेशल ट्रेन नंबर 08049 खड़गपुर-झारग्राम मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 12814 टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08069 संतरागाछी-झारग्राम मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर12021 हावड़ा-बड़बील जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12871 हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08070 झारग्राम-संतरागाछी मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 08160 टाटा-खड़गपुर मेमू स्पेशल ट्रेन नंबर 08071 खड़गपुर-टाटा मेमू स्पेशल ट्रेन नंबर 22892 रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18033 हावड़ा-घाटशिला मेमो एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 08050 झारग्राम-खड़गपुर मेमो पैसेंजर ट्रेन नंबर 22891 हावड़ा-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस